शासन, नीति एवं विधि
पिथौरागढ़ जिला जेल में उत्तराखंड की पहली इंटरकॉम मुलाकात व्यवस्था
मुख्य तथ्य
- मुख्य उपलब्धि: पिथौरागढ़ जिला जेल इंटरकॉम मुलाकात व्यवस्था लागू करने वाली उत्तराखंड की पहली जेल बनी।
- स्थान: जिला जेल, पिथौरागढ़।
- उपलब्धि: इंटरकॉम प्रणाली लागू करने वाली उत्तराखंड की पहली जेल।
- व्यवस्था: बंदी और परिजन काँच के अलग-अलग ओर बैठकर टेलीफोन/इंटरकॉम से बातचीत करते हैं।
- मुख्य उद्देश्य: मुलाकात को व्यवस्थित बनाना और प्रत्यक्ष शारीरिक संपर्क को सीमित रखते हुए सुरक्षा बढ़ाना।
कृषि, पर्यावरण एवं आपदा
उदयपुरी बकरी को भारत की 43वीं पंजीकृत बकरी नस्ल के रूप में मान्यता
पंजीकरण और मूल क्षेत्र
- मुख्य मान्यता: उदयपुरी बकरी को भारत की 43वीं पंजीकृत बकरी नस्ल के रूप में मान्यता मिली।
- मान्यता देने वाली संस्था: ICAR–National Bureau of Animal Genetic Resources (NBAGR), करनाल।
- Breed Registration Committee की 13वीं बैठक: 12 नवंबर 2025, नई दिल्ली।
- उदयपुरी के पंजीकरण के बाद भारत में पंजीकृत स्वदेशी बकरी नस्लों की संख्या: 43।
- मूल प्रजनन क्षेत्र:
- पौड़ी गढ़वाल का पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र।
- उदयपुरी एवं अजमेरी पट्टी।
- दुगड्डा से यमकेश्वर तक का क्षेत्र।
पहचान और उपयोग
- मध्यम आकार, भूरा/हल्का भूरा शरीर और पीठ पर विशिष्ट काली धार।
- मुख्यतः मांस उत्पादन के लिए पाली जाती है।
- नस्ल के वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण में G.B. Pant University of Agriculture and Technology, Pantnagar की टीम की प्रमुख भूमिका रही।
पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय—महत्वपूर्ण तथ्य
- पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना 17 नवंबर 1960 को हुई थी।
- इसका नाम वर्ष 1972 में बदलकर गोविंद बल्लभ पंत विश्वविद्यालय किया गया।
- पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति डॉ. एंथनी रसूल स्टीवेन्सन थे।
कृषि, पर्यावरण एवं आपदा
मंडुवा खरीद में चमोली जनपद उत्तराखंड में प्रथम
परीक्षा-योग्य आँकड़े
- मुख्य उपलब्धि: मंडुवा खरीद में चमोली जनपद उत्तराखंड में प्रथम रहा।
- फसल: मंडुवा — Finger Millet / Ragi।
- राज्य में रिपोर्ट की गई कुल खरीद: लगभग 4,500 मीट्रिक टन।
- प्रथम जनपद: चमोली — 1,503 मीट्रिक टन।
- द्वितीय जनपद: पौड़ी गढ़वाल।
उत्तराखंड: कृषि एवं बागवानी की प्रमुख योजनाएँ/नीतियाँ
योजनाएँ, नीतियाँ और कृषि सहायता—तिथि, लक्ष्य व प्रमुख प्रावधान एक साथ।
1. मुख्यमंत्री एकीकृत बागवानी विकास योजना
- प्रारम्भ: 2020–21; COVID-19 के दौरान reverse migration के बाद स्वरोजगार एवं आय-सृजन इसका उद्देश्य था।
- कुल प्रावधान: ₹14 करोड़।
- प्रमुख सहायता
- फल-पौध तथा सब्जी, मसाला और पुष्प बीज पर 50% सहायता।
- Cool House और Refrigerated Van की स्थापना पर 50% सहायता।
- कीट एवं व्याधिनाशक रसायनों पर 60% सहायता।
- 2024–25 में लगभग 2.70 लाख फल-पौध वितरित किए गए और 9 नई फल पौधशालाएँ स्थापित की गईं।
2. Apple Mission 2030 — UTPADAC
- UTPADAC: Uttarakhand Program for Advanced Development of Apple Cultivation।
- अवधि: 2023–2030; लक्ष्य: 5,000 हेक्टेयर में High-Density Apple Orchards विकसित करना।
- उद्देश्य: राज्य में सेब का उत्पादन व उत्पादकता बढ़ाना; High-Density बागानों में लगभग तीसरे वर्ष से उत्पादन शुरू हो सकता है।
High-Density बनाम Traditional Apple Orchard
| मानक | High-Density | Traditional |
|---|---|---|
| पौधों की संख्या | 2,000+ पौधे/हेक्टेयर | लगभग 250 पौधे/हेक्टेयर |
| उत्पादन क्षमता | लगभग 60 MT/हेक्टेयर | लगभग 12 MT/हेक्टेयर |
High-Density orchard में सामान्यतः तीसरे वर्ष से फल उत्पादन शुरू हो सकता है।
2A. SUPHAL — Apple Post-Harvest Support
- SUPHAL: Scheme for Upgradation of Post-Harvest Apple Logistics।
- उद्देश्य: sorting, grading, storage और परिवहन जैसे post-harvest infrastructure को मजबूत करना।
- Sorting एवं Grading Unit/Packhouse, Controlled Atmosphere Store और Goods Ropeway पर 75% credit-linked back-ended subsidy का प्रावधान।
3. उत्तराखंड State Millet Mission
- कैबिनेट स्वीकृति: 15 फरवरी 2023; अवधि: 2023–24 से 2027–28।
- उद्देश्य: मिलेट उत्पादन व विपणन बढ़ाना तथा किसानों की आय में वृद्धि।
- प्रमुख मिलेट: मंडुवा, झंगोरा/सांवा, रामदाना, कौणी और चीना।
- वित्तीय वर्ष 2023–24 में ₹15 करोड़ का बजट प्रावधान; सहकारी समितियों के माध्यम से MSP पर खरीद।
4. उत्तराखंड Kiwi Policy — 2025
- कैबिनेट स्वीकृति: 15 अप्रैल 2025; शुभारंभ: 17 मई 2025।
- अवधि: 6 वर्ष; लागू क्षेत्र: 11 पर्वतीय जिले; कुल लागत: ₹894 करोड़।
- लक्ष्य: 3,500 हेक्टेयर क्षेत्र और लगभग 14,000 मीट्रिक टन वार्षिक उत्पादन।
- Kiwi orchards की स्थापना पर 70% राज्य सहायता; New Zealand के सहयोग से Kiwi Centre of Excellence स्थापित करने की पहल।
5. उत्तराखंड State Millet Policy — 2025
- कैबिनेट स्वीकृति: 15 अप्रैल 2025; औपचारिक शुभारंभ: 17 मई 2025।
- अवधि: 2025–26 से 2030–31; लागू क्षेत्र: 11 पर्वतीय जिले और 68 विकासखंड।
- कुल लक्ष्य: 70,000 हेक्टेयर; अनुमानित लागत: लगभग ₹134.9 करोड़।
- चरणवार विस्तार
- Phase-I: 24 विकासखंड → 30,000 हेक्टेयर।
- Phase-II: 44 विकासखंड → 40,000 हेक्टेयर।
- बीज और जैव उर्वरक आदि पर 80% अनुदान; प्रत्येक विकासखंड में Millet Processing Unit और राज्य में Shri Anna Park का प्रावधान।
- बुआई प्रोत्साहन: पंक्ति बुआई ₹4,000/हेक्टेयर, सामान्य बुआई ₹2,000/हेक्टेयर और संग्रह/खरीद प्रोत्साहन ₹300/कुंतल।
6. उत्तराखंड Dragon Fruit Policy — 2025
- शुभारंभ: 17 मई 2025; कुल लागत: ₹15 करोड़।
- Dragon Fruit: 7 जिले — बागेश्वर, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार और देहरादून; 80% subsidy।
- लक्ष्य: 228 एकड़ क्षेत्र में विस्तार और 350 मीट्रिक टन उत्पादन।
- फोकस: छोटे और मध्यम किसानों को लाभ पहुँचाना।
7. कृषि e-RUPI
- कृषि क्षेत्र के लिए शुभारंभ: 17 मई 2025।
- उद्देश्य: किसानों को subsidy के लिए purpose-specific digital voucher देना।
- e-RUPI डिजिटल करेंसी/CBDC नहीं है; इसका उपयोग केवल निर्धारित कृषि उपकरण, खाद या बीज जैसे उद्देश्यों के लिए होता है।
कृषि व बागवानी — त्वरित Chronology
| तिथि/अवधि | पहल | मुख्य cue |
|---|---|---|
| 2020–21 | एकीकृत बागवानी विकास योजना | Reverse migration के बाद स्वरोजगार |
| 15 फरवरी 2023 | State Millet Mission | MSP पर खरीद; अवधि 2023–28 |
| 2023–2030 | Apple Mission / UTPADAC | 5,000 ha High-Density orchard |
| 15 अप्रैल 2025 | Kiwi + State Millet Policy | कैबिनेट स्वीकृति |
| 17 मई 2025 | कृषि cluster launch | Kiwi, Millet, Dragon Fruit, Apple post-harvest और e-RUPI |
शिक्षा, विज्ञान एवं स्वास्थ्य
हल्द्वानी से छात्र-भागीदारी वाला Pico-Satellite Near-Space Mission
मुख्य तथ्य
- मिशन: छात्र-भागीदारी वाला Pico-Satellite / Near-Space Mission।
- लॉन्च स्थल: BLM Academy, हल्द्वानी।
- लॉन्च माध्यम: High-Altitude Helium Balloon (HAB)।
- Payload: छात्रों द्वारा तैयार CubeSat payload।
- मुख्य मापन: ऊँचाई के साथ वायुदाब, तापमान और आर्द्रता में परिवर्तन।
उत्तराखंड की प्रमुख खगोलीय वेधशालाएँ
ARIES की स्थापना, परिसर और प्रमुख दूरबीनों के साथ देवप्रयाग की नक्षत्र वेधशाला।
आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIES), नैनीताल
- पूरा नाम: Aryabhatta Research Institute of Observational Sciences (ARIES)।
- मूल स्थापना: 20 अप्रैल 1954 को वाराणसी में U.P. State Observatory के रूप में।
- 1955: संस्थान को नैनीताल स्थानांतरित किया गया।
- 1961: वर्तमान परिसर मनोरापीक (Manora Peak) में स्थापित हुआ।
- 22 मार्च 2004: पुनर्गठन के बाद इसका नाम ARIES रखा गया।
- प्रशासनिक स्थिति: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Science & Technology—DST), भारत सरकार के अधीन स्वायत्त संस्थान।
प्रमुख परिसर
- मनोरापीक (Manora Peak): नैनीताल।
- ऊँचाई — लगभग 1951 मीटर।
- देवस्थल (Devasthal): नैनीताल जनपद।
- ऊँचाई — लगभग 2450 मीटर।
- आधुनिक खगोलीय दूरबीनों का प्रमुख केंद्र।
प्रमुख दूरबीनें
- 104 cm सम्पूर्णानंद दूरबीन (Sampurnanand Telescope): 1972, मनोरापीक।
- 1.3 m DFOT (Devasthal Fast Optical Telescope): 2010, देवस्थल।
- 3.6 m DOT (Devasthal Optical Telescope): 2016; भारत-बेल्जियम सहयोग।
- 4 m ILMT (International Liquid Mirror Telescope): देवस्थल; दर्पण में तरल पारा (Liquid Mercury) का प्रयोग।
- सहयोग: भारत, बेल्जियम, कनाडा, पोलैंड और उज्बेकिस्तान।
- प्रथम प्रकाश (First Light) — 29 अप्रैल 2022।
- उद्घाटन — 21 मार्च 2023।
नक्षत्र वेधशाला, देवप्रयाग
- स्थापना: 1946।
- संस्थापक: आचार्य चक्रधर जोशी।
संस्कृति, साहित्य एवं पर्यटन
भारत पर्व 2026 में “आत्मनिर्भर उत्तराखंड” झांकी

मुख्य तथ्य
- झांकी: “आत्मनिर्भर उत्तराखंड” — भारत पर्व 2026 में लाल किले, नई दिल्ली में प्रदर्शित की गई।
- थीम: “आत्मनिर्भर उत्तराखंड”।
- प्रदर्शन: Bharat Parv 2026, Red Fort, New Delhi।
- अवधि: 26 से 31 जनवरी 2026।
- मुख्य विषय: उत्तराखंड की पारंपरिक तांबे की शिल्पकला, शिल्पियों की आजीविका, सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भरता।
- प्रमुख दृश्य: तांबे से निर्मित ढोल और रणसिंघा की प्रतिकृतियाँ तथा कुमाऊँ क्षेत्र, विशेषकर अल्मोड़ा के ताम्र शिल्प की झलक।
उत्तराखंड की हाल की झांकियाँ — परीक्षा पुनरावृत्ति
| वर्ष | थीम/मुख्य प्रस्तुति | उपलब्धि/स्थान |
|---|---|---|
| 2026 | आत्मनिर्भर उत्तराखंड — ताम्र शिल्प | भारत पर्व, लाल किला; Kartavya Path parade नहीं |
| 2025 | Cultural Heritage and Adventure Sports | Popular Choice में तीसरा स्थान |
| 2024 | विकसित उत्तराखंड | गणतंत्र दिवस झांकी |
| 2023 | मानसखंड | Judges’ Choice में प्रथम |
| 2022 | बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब, टिहरी बांध, डोबरा-चांठी पुल | गणतंत्र दिवस झांकी |
| 2021 | केदारखंड | तीसरा स्थान |
संस्कृति, साहित्य एवं पर्यटन
लॉर्ड कर्जन रोड का नया नाम—नंदा–सुनंदा मार्ग/परिपथ
नाम परिवर्तन
- नाम परिवर्तन: लॉर्ड कर्जन रोड/ट्रेल का नया नाम नंदा–सुनंदा मार्ग/परिपथ रखा गया।
- पुराना नाम: Lord Curzon Road/Trail।
- नया नाम: नंदा–सुनंदा रोड/मार्ग; कई स्थानीय current-affairs स्रोत इसे “नंदा–सुनंदा परिपथ” लिखते हैं।
- मुख्य मार्ग: ग्वालदम से तपोवन, ज्योतिर्मठ के निकट, जनपद चमोली।
परीक्षा-योग्य भौगोलिक तथ्य
- यह मार्ग गढ़वाल और कुमाऊँ क्षेत्रों के बीच ऐतिहासिक संपर्क से जुड़ा है।
- स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार इसकी लंबाई लगभग 200 किमी है और यह 50 से अधिक गाँवों से होकर गुजरता है।
- स्थानीय रिपोर्ट इसे नंदा देवी राजजात के पारंपरिक मार्ग से भी जोड़ती हैं।
संस्कृति, साहित्य एवं पर्यटन
उत्तराखंड पर्यटन का पहला Pan-India Roadshow नई दिल्ली से शुरू
मुख्य तथ्य
- अभियान: Uttarakhand Tourism का पहला nationwide integrated / Pan-India Roadshow।
- शुरुआत: नई दिल्ली — 10 जनवरी 2026।
- मुख्य अतिथि: पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज।
- मुख्य उद्देश्य: उत्तराखंड को केवल मौसमी नहीं, बल्कि 365-दिवसीय पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करना।
रैंकिंग, रिपोर्ट एवं सूचकांक
ICJS 2.0 राष्ट्रीय प्रदर्शन में उत्तराखंड प्रथम
मुख्य तथ्य
- मुख्य उपलब्धि: ICJS 2.0 के राष्ट्रीय प्रदर्शन में उत्तराखंड 93.46 अंक के साथ प्रथम रहा।
- रैंकिंग/डैशबोर्ड: Inter-Operable Criminal Justice System (ICJS) 2.0 का राष्ट्रीय प्रदर्शन।
- उत्तराखंड का स्कोर: 93.46 — प्रथम स्थान।
- अगले स्थान: हरियाणा 93.41, असम 93.16, सिक्किम 91.82 और मध्य प्रदेश 90.55।
- नोडल एजेंसी: National Crime Records Bureau (NCRB)।
ICJS 2.0 क्या जोड़ता है?
- ICJS 2.0 के पाँच मुख्य pillars:
- Police/CCTNS
- e-Courts
- e-Prisons
- e-Prosecution
- e-Forensics
- इन सभी pillars को एक interoperable digital platform पर जोड़ा जाता है।
- मुख्य सिद्धांत: “One Data, Once Entry” — एक pillar में दर्ज डेटा अन्य pillars के लिए उपलब्ध कराया जाता है।
- उद्देश्य: बार-बार data entry कम करना, data quality सुधारना, जांच और trial में समय बचाना तथा paper records पर निर्भरता घटाना।
रैंकिंग, रिपोर्ट एवं सूचकांक
Export Preparedness Index 2024 में उत्तराखंड अपनी श्रेणी में प्रथम
मुख्य तथ्य
- मुख्य उपलब्धि: Export Preparedness Index 2024 में उत्तराखंड अपनी श्रेणी में प्रथम रहा।
- रिपोर्ट: Export Preparedness Index (EPI) 2024।
- जारीकर्ता: NITI Aayog।
- जारी होने की तिथि: जनवरी 2026।
- उत्तराखंड का स्कोर: 52.07।
- श्रेणी रैंक: Small States, North Eastern States & Union Territories में प्रथम।
- समग्र रैंक: 13वाँ स्थान।
- प्रदर्शन श्रेणी: Leader।
उत्तराखंड का निर्यात — वित्तीय वर्ष 2023–24
- कुल निर्यात: ₹15,062 करोड़।
- वार्षिक वृद्धि दर: 1.1%।
सूचकांक की संरचना
- चार pillars:
- Business Ecosystem
- Policy & Governance
- Export Infrastructure
- Export Performance
- 13 sub-pillars और 70 indicators/parameters के आधार पर मूल्यांकन किया गया।
- बड़े राज्यों में शीर्ष तीन: महाराष्ट्र, तमिलनाडु और गुजरात।
- Small States, North Eastern States & UTs में उत्तराखंड के बाद जम्मू-कश्मीर और नागालैंड रहे।
रैंकिंग, रिपोर्ट एवं सूचकांक
States’ Startup Ecosystem Ranking 5.0 में उत्तराखंड ‘Leader’
उत्तराखंड का प्रदर्शन
- मुख्य उपलब्धि: States’ Startup Ecosystem Ranking 5.0 में उत्तराखंड को “Leader” श्रेणी की Category A2 में रखा गया।
- जारीकर्ता: Department for Promotion of Industry and Internal Trade (DPIIT), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय।
- परिणाम: उत्तराखंड को “Leader” श्रेणी में रखा गया।
- जनसंख्या वर्ग: Category A2 — 1 करोड़ से अधिक और 5 करोड़ से कम जनसंख्या वाले राज्य/केंद्रशासित प्रदेश।
रैंकिंग का आधार
- भागीदारी: 34 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश।
- मूल्यांकन अवधि: 1 जनवरी 2023 से 30 नवंबर 2024।
- मूल्यांकन ढाँचा: 6 Reform Areas और 19 Action Points।
- प्रदर्शन श्रेणियाँ — उच्च से निम्न क्रम:
- Best Performers
- Top Performers
- Leader
- Aspiring Leader
- Emerging Startup Ecosystems
शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य
- Best Performers:
- Category A1 — गुजरात।
- Category B — अरुणाचल प्रदेश और गोवा।
- Top Performers:
- Category A1 — कर्नाटक, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश।
- Category A2 — पंजाब।
- Category B — हिमाचल प्रदेश।
Uttarakhand Startup Policy 2023
- अधिसूचना: 17 मार्च 2023।
- स्वरूप: Uttarakhand Startup Policy 2018 का उन्नत संस्करण।
- लक्ष्य: 30 नए incubation centres स्थापित करना।
- जिला कवरेज: प्रत्येक जिले में कम-से-कम एक incubation centre।
- मासिक भत्ता — आइडिएशन चरण में, अधिकतम 12 महीने:
- मान्यता प्राप्त startup: ₹15,000 प्रति माह तक।
- महिला, SC/ST, दिव्यांगजन या transgender founders वाले startups: ₹20,000 प्रति माह तक।
- Seed Fund:
- सामान्य सीमा: ₹10 लाख तक।
- विशेष श्रेणियों के लिए: ₹12.5 लाख तक।
- Patent सहायता — वास्तविक लागत की 100% प्रतिपूर्ति:
- भारतीय patent: ₹1 लाख तक।
- अंतरराष्ट्रीय patent: ₹5 लाख तक।
- Incubation सहायता: अधिकतम 12 महीने तक निःशुल्क; disruptive startups को अतिरिक्त 6 महीने मिल सकते हैं।
खेल एवं साहसिक उपलब्धियाँ
Khelo India Beach Games 2026 में उत्तराखंड के दो पदक
आयोजन संबंधी तथ्य
- मुख्य उपलब्धि: Khelo India Beach Games 2026 में उत्तराखंड ने 1 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 2 पदक जीते।
- संस्करण: दूसरा Khelo India Beach Games।
- तिथि: 5 से 10 जनवरी 2026 — 11 जनवरी नहीं।
- मुख्य स्थल: घोघला समुद्र तट, दीव।
- शुभंकर: पर्ल — डॉल्फिन।
मेडल टैली के परीक्षा-योग्य तथ्य
| स्थान | राज्य | स्वर्ण | रजत | कांस्य | कुल |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | कर्नाटक | 3 | 2 | 6 | 11 |
| 2 | तमिलनाडु | 3 | 2 | 3 | 8 |
| 20 | उत्तराखंड | 0 | 1 | 1 | 2 |
समान स्वर्ण होने पर आधिकारिक रैंकिंग में अन्य निर्णायक मानदंड लागू होते हैं।
उत्तराखंड के पदक विजेता
- चेतन प्रजापति — Pencak Silat, 70–75 kg वर्ग — रजत पदक।
- ईशु भारती — Pencak Silat, 50–55 kg वर्ग — कांस्य पदक।
- उत्तराखंड के दोनों पदक Pencak Silat से आए।
खेल एवं साहसिक उपलब्धियाँ
9वीं फेडरेशन कप वुशु चैंपियनशिप में हिमानी बिष्ट को कांस्य
मुख्य तथ्य
- मुख्य उपलब्धि: 9वीं फेडरेशन कप वुशु चैंपियनशिप में उत्तराखंड की हिमानी बिष्ट ने कांस्य पदक जीता।
- प्रतियोगिता: 9th Federation Cup Wushu Championship 2025।
- आयोजन: राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ — दिसंबर 2025।
- हिमानी बिष्ट: महिला सीनियर सांडा, 48 किग्रा — कांस्य पदक।
- पीहू रावत: महिला Sub-Junior U-14 सांडा, 39 किग्रा — कांस्य पदक।
खेल एवं साहसिक उपलब्धियाँ
National Para Powerlifting Championship 2025–26 का आयोजन रुड़की में
आयोजन संबंधी तथ्य
- प्रतियोगिता: National Para Powerlifting Championship 2025–26।
- स्थान: COER University, रुड़की, हरिद्वार जनपद।
पुरस्कार एवं व्यक्तित्व
संतोषी सोलंकी: गणतंत्र दिवस 2026 की विशेष अतिथि “लखपति दीदी”
मुख्य तथ्य
- मुख्य तथ्य: देहरादून की संतोषी सोलंकी “लखपति दीदी” के रूप में 77वीं गणतंत्र दिवस परेड 2026 की विशेष अतिथि बनीं।
- निवास: शंकरपुर गाँव, सहसपुर विकासखंड, देहरादून।
- वर्ष 2018 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत एकता स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं।
- सेलाकुई में प्रिंटिंग प्रेस स्थापित कर सफल महिला उद्यमी और ‘लखपति दीदी’ बनीं।
- 26 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित की गईं।
पुरस्कार एवं व्यक्तित्व
न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता बने उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
मुख्य समाचार
- न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता ने 10 जनवरी 2026 को उत्तराखंड उच्च न्यायालय के 15वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।
- उन्हें राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने शपथ दिलाई।
उत्तराखंड उच्च न्यायालय: परीक्षा-योग्य तथ्य
- स्थापना: 9 नवंबर 2000।
- देश का 18वाँ उच्च न्यायालय।
- प्रारंभिक नाम: उत्तरांचल उच्च न्यायालय।
- स्थान: नैनीताल।
- वर्तमान उच्च न्यायालय भवन: Old Secretariat।
- शिलान्यास: 27 अप्रैल 1897।
- निर्माण वर्ष: 1900 ई.।
- निर्माण काल: North-Western Provinces के लेफ्टिनेंट गवर्नर सर एंटनी पैट्रिक मैकडोनाल्ड के कार्यकाल से संबंधित।
- डिजाइनर: वास्तुकार स्टीवन्स (Stevens) और कार्यकारी अभियंता FOW Ortel।
- स्थापत्य शैली: गौथिक (Gothic)।
- भवन का ऐतिहासिक उपयोग — समयरेखा
- 1862 — नैनीताल North-Western Provinces की ग्रीष्मकालीन राजधानी/ग्रीष्मकालीन प्रशासनिक केंद्र बना।
- 1900 — मैकडोनाल्ड काल में Gothic शैली का Old Secretariat भवन तैयार हुआ।
- 1963 — इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार का नैनीताल में नियमित ग्रीष्मकालीन सचिवालय स्थानांतरण बंद हो गया।
- 9 नवंबर 2000 — राज्य गठन के साथ इसी Old Secretariat भवन में उत्तराखंड उच्च न्यायालय स्थापित हुआ।
- प्रथम मुख्य न्यायाधीश: न्यायमूर्ति अशोक ए. देसाई।
- 15वें मुख्य न्यायाधीश: न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता।
- स्वीकृत न्यायाधीश संख्या: 11।
- स्थापना के समय स्वीकृत संख्या: 7।
- प्रथम महिला मुख्य न्यायाधीश: न्यायमूर्ति ऋतु बाहरी।
- कार्यकाल: फरवरी 2024 से अक्टूबर 2024।
उत्तराखंड उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल
- प्रथम रजिस्ट्रार जनरल: श्री जे.सी.एस. रावत।
- द्वितीय रजिस्ट्रार जनरल: श्री प्रफुल्ल सी. पंत।
- वर्तमान रजिस्ट्रार जनरल: श्री योगेश कुमार गुप्ता।
- कार्यभार: 7 जून 2025 से।
उत्तराखंड के महाधिवक्ता
- अंतरिम सरकार के प्रथम महाधिवक्ता: एल.पी. नैथानी।
- प्रथम निर्वाचित सरकार के प्रथम महाधिवक्ता: मेहरबान सिंह नेगी।
- वर्तमान महाधिवक्ता: सूर्य नारायण बाबुलकर (एस.एन. बाबुलकर)।
सर्वोच्च न्यायालय: संबंधित तथ्य
- स्वीकृत न्यायाधीश संख्या: 38 — मई 2026 से।
- इस संख्या में भारत के मुख्य न्यायाधीश भी शामिल हैं।
- जनवरी 2026 में भारत के मुख्य न्यायाधीश: न्यायमूर्ति सूर्यकांत।
- क्रम: भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश।
- पदभार ग्रहण: 24 नवंबर 2025।
संबंधित संवैधानिक अनुच्छेद
- अनुच्छेद 214: प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय।
- अनुच्छेद 216: उच्च न्यायालय का गठन—एक मुख्य न्यायाधीश और राष्ट्रपति द्वारा आवश्यक समझे गए अन्य न्यायाधीश।
- अनुच्छेद 217: उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति और सेवा-शर्तें।
- अनुच्छेद 219: उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की शपथ।
- अनुच्छेद 124: सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना और गठन।
पुरस्कार एवं व्यक्तित्व
सी.पी. रतूड़ी नियुक्त हुए उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के सचिव
नियुक्ति संबंधी तथ्य
- नियुक्ति: सी.पी. रतूड़ी को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद का सचिव नियुक्त किया गया।
- नियुक्त व्यक्ति: सी.पी. रतूड़ी।
- पद: सचिव, उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद (UBSE)।
- मुख्यालय: रामनगर, जनपद नैनीताल।
उत्तराखंड: प्रमुख शिक्षा संस्थान
स्थापना वर्ष और मुख्यालय—एक साथ त्वरित पुनरावृत्ति।
प्रमुख शिक्षा संस्थान — स्थापना व मुख्यालय
| संस्थान | स्थापना | मुख्यालय |
|---|---|---|
| उच्च शिक्षा निदेशालय | 2001 | गौलापार, हल्द्वानी |
| विद्यालयी शिक्षा परिषद (UBSE) | 2001 | रामनगर, नैनीताल |
| उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद (UBTER) | 2004 | रुड़की, हरिद्वार |
| उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (UOU) | 2005 | हल्द्वानी, नैनीताल |
| श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय | 2012 | बादशाहीथौल, टिहरी गढ़वाल |
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय (HNBGU)
- 1973: गढ़वाल विश्वविद्यालय के नाम से स्थापना; मुख्यालय श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल।
- 1989: नाम बदलकर हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय किया गया।
- 15 जनवरी 2009: केंद्रीय विश्वविद्यालय (Central University) का दर्जा मिला।
पुरस्कार एवं व्यक्तित्व
पद्म पुरस्कार 2026 और उत्तराखंड से जुड़े सम्मानित व्यक्ति
पद्म पुरस्कार 2026 — कुल संख्या
- मुख्य तथ्य: पद्म पुरस्कार 2026 में उत्तराखंड से जुड़े सम्मानित व्यक्तियों में भगत सिंह कोश्यारी, कैलाश चंद्र पंत और खेमराज सुंद्रियाल शामिल रहे; आधिकारिक State/UT वर्गीकरण अलग-अलग है।
- घोषणा: 25 जनवरी 2026, गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या।
- कुल Padma Awards: 131।
- Duo cases: 2।
- प्रत्येक duo को एक award माना गया।
- पुरस्कारों का विभाजन:
- 5 Padma Vibhushan
- 13 Padma Bhushan
- 113 Padma Shri
- अन्य परीक्षा-योग्य तथ्य:
- 19 महिलाएँ
- 6 Foreigners/NRI/PIO/OCI
- 16 मरणोपरांत awardees
उत्तराखंड से जुड़े तीन नाम — सही वर्गीकरण
| व्यक्ति | पुरस्कार | क्षेत्र | आधिकारिक State/UT | उत्तराखंड संबंध |
|---|---|---|---|---|
| भगत सिंह कोश्यारी | Padma Bhushan | Public Affairs | Uttarakhand | पूर्व मुख्यमंत्री; पिथौरागढ़ से संबंध |
| कैलाश चंद्र पंत | Padma Shri | Literature & Education | Madhya Pradesh | पारिवारिक मूल खंतोली, कांडा, बागेश्वर; कार्यक्षेत्र MP |
| खेमराज सुंद्रियाल | Padma Shri | Art | Haryana | जन्म/मूल सुमाड़ी, पौड़ी गढ़वाल; कार्यक्षेत्र Haryana |
आधिकारिक सूची के State/UT कॉलम और “उत्तराखंड मूल” को अलग रखें।
उत्तराखंड के पद्म पुरस्कार विजेता: 2020–2025
| वर्ष | पुरस्कार प्राप्तकर्ता | पुरस्कार एवं क्षेत्र |
|---|---|---|
| 2020 | Dr. Anil Prakash Joshi | Padma Bhushan — Social Work |
| 2020 | Dr. Yogi Aeron | Padma Shri — Medicine |
| 2020 | Shri Kalyan Singh Rawat | Padma Shri — Social Work |
| 2021 | Dr. Bhupendra Kumar Singh Sanjay | Padma Shri — Medicine |
| 2021 | Shri Prem Chand Sharma | Padma Shri — Others: Agriculture |
| 2022 | General Bipin Rawat (Posthumous) | Padma Vibhushan — Civil Service |
| 2022 | Dr. Madhuri Barthwal | Padma Shri — Art |
| 2022 | Smt. Basanti Devi | Padma Shri — Social Work |
| 2022 | Ms. Vandana Kataria | Padma Shri — Sports |
| 2023 | — | आधिकारिक State/UT कॉलम में Uttarakhand की कोई प्रविष्टि नहीं |
| 2024 | Dr. Yashwant Singh Kathoch | Padma Shri — Literature & Education |
| 2025 | Shri Hugh and Colleen Gantzer (Posthumous, Duo) | Padma Shri — Literature & Education–Journalism |
| 2025 | Smt. Radha Bahin Bhatt | Padma Shri — Social Work |
पुरस्कार एवं व्यक्तित्व
गणतंत्र दिवस 2026 सेवा पदक: उत्तराखंड के 11 कर्मी सम्मानित
मुख्य तथ्य
- गणतंत्र दिवस 2026 पर उत्तराखंड के कुल 11 कर्मियों को सेवा पदक मिले।
- President’s Medal for Distinguished Service (PSM): 1।
- PSM प्राप्तकर्ता: पुलिस महानिरीक्षक योगेंद्र सिंह रावत।
- Medal for Meritorious Service (MSM): 10। सेवा-वार विभाजन:
- पुलिस — 5
- अग्निशमन सेवा — 2
- होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा — 2
- कारागार सेवा — 1
- Gallantry Medal (GM): उत्तराखंड से किसी कर्मी का चयन नहीं हुआ।
पुरस्कार एवं व्यक्तित्व
डॉ. राधा वाल्मीकि को मॉरीशस में हिंदी सम्मान
रिपोर्टेड उपलब्धि
- मुख्य सम्मान: डॉ. राधा वाल्मीकि को मॉरीशस में “विश्व हिंदी गौरव सम्मान 2026” से सम्मानित किया गया।
- डॉ. राधा वाल्मीकि उत्तराखंड की साहित्यकार एवं समाजसेविका हैं।
- उन्हें मॉरीशस स्थित विश्व हिंदी सचिवालय में “विश्व हिंदी गौरव सम्मान 2026” से सम्मानित किया गया।
- विश्व हिंदी दिवस — 10 जनवरी।
- राष्ट्रीय हिंदी दिवस — 14 सितंबर।
राजभाषा — Quick Notes
हिंदी दिवस, संवैधानिक अनुच्छेद और राजभाषा अधिनियम की त्वरित पुनरावृत्ति।
हिंदी दिवस और संवैधानिक प्रावधान
- 14 सितंबर 1949: संविधान सभा ने हिंदी (देवनागरी लिपि) को संघ की राजभाषा स्वीकार किया; इसी कारण 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया जाता है।
- भाग XVII, अनुच्छेद 343–351: राजभाषा संबंधी संवैधानिक प्रावधान।
अनुच्छेद 343–351 — त्वरित वर्गीकरण
| अनुच्छेद | विषय |
|---|---|
| 343–344 | संघ की राजभाषा |
| 345–347 | राज्यों की राजभाषा |
| 348–349 | न्यायालय एवं विधायी भाषा |
| 350–351 | भाषायी अल्पसंख्यक एवं हिंदी का विकास |
राजभाषा अधिनियम, 1963
- अधिनियम: 10 मई 1963।
- धारा 3: 26 जनवरी 1965 से प्रभावी; हिंदी के साथ अंग्रेज़ी का प्रयोग जारी रखा गया।
दूसरे शब्द से खोजें या सक्रिय फिल्टर हटाएँ।
जनवरी 2026 मासिक क्विज़
19 सत्यापित विषयों से 30 चुने हुए परीक्षा-उपयोगी प्रश्न उपलब्ध हैं। 10, 20 या पूरा 30-प्रश्न mock चुनें। प्रश्न और विकल्प हर प्रयास में क्रम बदल सकते हैं।