शासन, नीति एवं विधि
उत्तराखंड उच्च न्यायालय — हल्द्वानी स्थानांतरण का मार्ग प्रशस्त
परीक्षा के लिए मुख्य तथ्य
- निर्णय: 15 जुलाई 2026 — सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय के 2024 के उस आदेश को निरस्त किया जिसने हल्द्वानी में वैकल्पिक भूमि संबंधी राज्य प्रस्ताव को अस्वीकार किया था।
- प्रस्तावित स्थानांतरण: नैनीताल से हल्द्वानी।
- सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय की स्थापना या स्थानांतरण का विषय न्यायिक नहीं, प्रशासनिक पक्ष पर तय किया जाना चाहिए।
- पीठ: भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना।
- राज्य को आवश्यक स्वीकृतियाँ पूरी कर चिन्हित भूमि उच्च न्यायालय को सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा गया; जुलाई निर्णय से तत्काल स्थानांतरण नहीं हुआ और न्यायालय फिलहाल नैनीताल से ही कार्यरत रहा।
वर्तमान उच्च न्यायालय भवन — इतिहास एवं स्थापत्य
- निर्माण वर्ष: 1900 ई.; भवन मूल रूप से Old Secretariat के रूप में उपयोग हुआ।
- निर्माण काल: North-Western Provinces के लेफ्टिनेंट गवर्नर सर एंटनी पैट्रिक मैकडोनाल्ड के कार्यकाल से जुड़ा।
- स्थापत्य शैली: गौथिक (Gothic) शैली।
- भवन का ऐतिहासिक उपयोग — समयरेखा
- 1862 — नैनीताल North-Western Provinces की ग्रीष्मकालीन राजधानी/ग्रीष्मकालीन प्रशासनिक केंद्र बना।
- 1900 — मैकडोनाल्ड काल में Gothic शैली का Old Secretariat भवन तैयार हुआ।
- 1963 — इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार का नैनीताल में नियमित ग्रीष्मकालीन सचिवालय स्थानांतरण बंद हो गया।
- 9 नवंबर 2000 — राज्य गठन के साथ इसी Old Secretariat भवन में उत्तराखंड उच्च न्यायालय स्थापित हुआ।
उत्तराखंड उच्च न्यायालय — अतिरिक्त परीक्षा-योग्य तथ्य
- स्थापना: 9 नवंबर 2000; देश का 18वाँ उच्च न्यायालय।
- स्थान: नैनीताल।
- न्यायाधीश संख्या: स्थापना के समय स्वीकृत संख्या 7; वर्तमान स्वीकृत संख्या 11।
- प्रथम मुख्य न्यायाधीश: न्यायमूर्ति अशोक ए. देसाई।
- वर्तमान मुख्य न्यायाधीश: न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता — उत्तराखंड उच्च न्यायालय के 15वें मुख्य न्यायाधीश।
- प्रथम महिला मुख्य न्यायाधीश: न्यायमूर्ति ऋतु बाहरी — फरवरी 2024 से अक्टूबर 2024।
- रजिस्ट्रार जनरल
- प्रथम: जे.सी.एस. रावत।
- जुलाई 2026 में वर्तमान: योगेश कुमार गुप्ता — 7 जून 2025 से।
- उत्तराखंड के महाधिवक्ता
- अंतरिम सरकार के प्रथम महाधिवक्ता: एल.पी. नैथानी।
- प्रथम निर्वाचित सरकार के प्रथम महाधिवक्ता: मेहरबान सिंह नेगी।
- जुलाई 2026 में वर्तमान महाधिवक्ता: सूर्य नारायण बाबुलकर (एस.एन. बाबुलकर)।
कृषि, पर्यावरण एवं आपदा
‘द डिवाइन मदर’ — जर्मनी के Green Screen Film Festival के लिए चयनित
मुख्य तथ्य
- अंतरराष्ट्रीय चयन: ‘द डिवाइन मदर’ सितंबर 2026 में जर्मनी के Green Screen International Film Festival में प्रदर्शित की जाएगी।
- फिल्म का विषय: यह डॉक्यूमेंट्री उत्तराखंड के जंगलों में किंग कोबरा के जीवन, व्यवहार और संरक्षण-महत्व को दिखाती है।
- पुरस्कार: मंडी, हिमाचल प्रदेश में 3–5 जुलाई 2026 को आयोजित Devbhoomi International Film Festival में इसे सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का पुरस्कार मिला।
- निर्माण: पद्मश्री वन्यजीव फोटोग्राफर अनूप साह और वन्यजीव संरक्षणकर्ता पार्थ शर्मा; निर्देशन: अजय सूरी।
कृषि, पर्यावरण एवं आपदा
गरुड़ गंगा और पश्चिमी नयार के पुनर्जीवन हेतु ₹60 करोड़
परीक्षा के लिए मुख्य तथ्य
- बागेश्वर की गरुड़ गंगा और पौड़ी की पश्चिमी नयार नदी के जलस्तर में सुधार एवं पुनर्जीवन के लिए लगभग ₹60 करोड़ की परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई।
- यह निर्णय जलागम सचिव दिलीप जावलकर की अध्यक्षता में आयोजित स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवेनेशन अथॉरिटी (SARRA) की राज्यस्तरीय कार्यकारी समिति की सातवीं बैठक में लिया गया।
अतिरिक्त तथ्य — संबंधित नदी तंत्र
उद्गम, सहायक नदियाँ और प्रमुख संगम एक साथ समझें।
1. गरुड़ गंगा–सरयू नदी तंत्र
- गरुड़ गंगा: बागेश्वर जिले की छोटी नदी है, जो बैजनाथ में गोमती नदी से मिलती है।
- गोमती: इसका उद्गम डेबरा श्रेणी से होता है। यह बागेश्वर में सरयू से मिलती है; इसी संगम पर प्रसिद्ध बागनाथ मंदिर स्थित है।
- सरयू (सरजू): इसका उद्गम बागेश्वर के सरमूल (सहस्रधारा) से होता है। इसकी लंबाई 146 किमी है और यह पंचेश्वर में काली नदी से मिलती है।
- सरयू को कुमाऊँ की सबसे पवित्र नदी तथा काली नदी को सर्वाधिक जल देने वाली नदी माना जाता है।
- सरयू की प्रमुख सहायक नदियाँ
- गोमती: बागेश्वर में सरयू से संगम।
- पूर्वी रामगंगा: नामिक एवं पोंटिंग हिमनदों से निकलकर रामेश्वर में सरयू से मिलती है। यह सरयू की सबसे बड़ी सहायक नदी है। अधिक जल लाने के बावजूद संगम के बाद संयुक्त धारा सरयू नाम से ही बहती है।
- पनार: मोरनौला श्रेणी की उत्तरी ढाल से निकलकर काकरीघाट में सरयू से मिलती है।
2. नयार नदी तंत्र
- पूर्वी नयार: दूधातोली श्रेणी की दक्षिण-पूर्वी ढाल से निकलती है। लंबाई 109 किमी; प्रमुख सहायक धाराएँ—कैन्यूर गाड़ और स्यूंसी गाड़।
- पश्चिमी नयार: दूधातोली श्रेणी की उत्तर-पश्चिमी ढाल से निकलती है। लंबाई 78 किमी; प्रमुख सहायक धाराएँ—डाईण्ड्यूला गाड़ और स्यौनी गाड़।
- पूर्वी और पश्चिमी नयार का संगम सतपुली में होता है। इसके बाद नयार नदी व्यासघाट–फूलचट्टी में गंगा से मिलती है।
3. दूधातोली का पंच-नदी तंत्र
- पश्चिमी रामगंगा
- दूधातोली से निकलने वाली सबसे लंबी और प्रमुख नदी।
- अल्मोड़ा और पौड़ी से होते हुए कॉर्बेट नेशनल पार्क के बीच से बहती है।
- बिनो/बिनी नदी
- पश्चिमी रामगंगा की प्रमुख सहायक नदी; स्याल्दे के पास मिलती है।
- दूधातोली की दक्षिण-पश्चिमी ढाल से निकलती है।
- आटागाड़
- पिंडर नदी की प्रमुख सहायक नदी।
- दूधातोली की उत्तरी ढाल (चमोली की ओर) से निकलती है।
- पूर्वी नयार
- पश्चिमी नयार
शिक्षा, विज्ञान एवं स्वास्थ्य
‘आखर’ पॉकेट शब्दकोश ऐप — उत्तराखंड की लोकभाषाओं का डिजिटल संरक्षण
परीक्षा के लिए मुख्य तथ्य
- ऐप: ‘आखर’ (Aakhar) — app-based instant pocket dictionary।
- उद्देश्य: गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी जैसी उत्तराखंड की लोकभाषाओं के संरक्षण, प्रचार और दैनिक प्रयोग को बढ़ावा देना।
- भाषाएँ: हिंदी, अंग्रेजी, गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी।
- विकासकर्ता: कर्नल (डॉ.) डी. पी. डिमरी और उनकी टीम; लोकार्पण महंत देवेंद्र दास ने देहरादून में किया।
अन्य चर्चित डिजिटल पहल — त्वरित मिलान
- भाषा डेटा संग्रह पोर्टल (नवंबर 2025) — गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी का AI-उपयोग योग्य डिजिटल भाषा-डेटा तैयार करने की पहल।
- ई-वन राहत ऐप (फरवरी 2026) — मानव–वन्यजीव संघर्ष की tracking और अनुग्रह राशि प्रक्रिया।
- ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल (मार्च 2026) — चारधाम यात्रियों की real-time स्वास्थ्य निगरानी।
- प्रज्ञानम् AI Chatbot (मार्च 2026) — श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय; भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित।
- NAINA-AI (अप्रैल 2026) — भीड़ व सार्वजनिक स्थलों में संदिग्ध व्यक्ति/वस्तु की पहचान और real-time alert।
- श्रमिक सेवा मोबाइल एप (अप्रैल 2026) — UKBOCW; श्रमिक कल्याण और अनुदान प्रक्रिया में पारदर्शिता।
- Tourist Care Uttarakhand — चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा पंजीकरण; अपुणि सरकार — नागरिक-केंद्रित ई-सेवाओं का एकीकृत मंच।
- हिमकाष्ठ ऐप (मई 2026) — उत्तराखंड वन विकास निगम; लकड़ी की ऑनलाइन बिक्री और e-auction।
- फिन बोध (मई 2026) — उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय; वित्तीय साक्षरता।
- उत्तरावाणी (मई 2026) — उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय; Multi-Community Radio Platform।
शिक्षा, विज्ञान एवं स्वास्थ्य
मदरसा बोर्ड समाप्त — राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण लागू
परीक्षा के लिए मुख्य तथ्य
- 1 जुलाई 2026 — उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण (USMEA) प्रभावी हुआ और मदरसा बोर्ड का स्थान लिया।
- नई व्यवस्था में मान्यता प्राप्त मदरसे प्राधिकरण के अधीन आए तथा शैक्षणिक संबद्धता उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड (UBSE) से जोड़ी गई।
- व्यवस्था केवल मुस्लिम संस्थानों तक सीमित नहीं; सिख, जैन, बौद्ध, ईसाई और पारसी अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान भी इसके दायरे में हैं।
पहले पढ़े तथ्य — त्वरित पुनरावृत्ति
- प्राधिकरण का गठन: फरवरी 2026; अध्यक्ष — डॉ. सुरजीत सिंह गांधी।
- संरचना: अध्यक्ष सहित कुल 12 सदस्य।
- कानूनी आधार: उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम, 2025।
- 1 जुलाई 2026 से उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम, 2016 और संबंधित 2019 मान्यता नियमों की जगह नई व्यवस्था प्रभावी हुई।
जुलाई 2026 — लागू व्यवस्था
- राज्य में 456 मदरसों को नई व्यवस्था के तहत लाया गया।
- कक्षा 1–8 तक संचालित 400 मदरसों की संबद्धता जिला मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय से और कक्षा 12 तक के 56 मदरसों की संबद्धता UBSE, रामनगर से की जानी है।
- मदरसों के लिए मान्यता अनिवार्य तथा प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई।
संस्कृति, साहित्य एवं पर्यटन
‘ढोली’ — 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ गढ़वाली फिल्म
परीक्षा के लिए मुख्य तथ्य
- पुरस्कार: 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार — वर्ष 2024 की फिल्मों के लिए; परिणाम 18 जुलाई 2026 को घोषित।
- फिल्म: ‘ढोली’ (Dholi) — Best Garhwali Film।
- सम्मान: रजत कमल।
- निर्माता (आधिकारिक पुरस्कार अभिलेख): SC Pharmachem Pvt. Ltd.; निर्देशक: दिनेश पी. भोंसले।
- विशेष: राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार पाने वाली पहली गढ़वाली फिल्म के रूप में ‘ढोली’ ने इतिहास रचा।
अतिरिक्त परीक्षा-योग्य तथ्य
- संगीत: उत्तराखंड के लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी।
- पुरस्कार श्रेणी: संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं के अतिरिक्त भाषाओं की Feature Film श्रेणी के अंतर्गत Best Garhwali Film।
- Best Feature Film: Article 370।
- Best Actor: Mammootty — Bramayugam; Kartik Aaryan — Chandu Champion।
- Best Actress: Yami Gautam — Article 370।
- Best Hindi Feature Film: Srikanth।
संस्कृति, साहित्य एवं पर्यटन
सीता सर्किट परियोजना — पौड़ी के धार्मिक स्थलों का एकीकृत विकास
परीक्षा के लिए मुख्य तथ्य
- स्थान: फलस्वाड़ी गांव, कोट विकासखंड, पौड़ी गढ़वाल — सीता सर्किट परियोजना के विकास की प्रक्रिया शुरू की गई।
- सर्किट में सीता मंदिर, रघुनाथ मंदिर, वाल्मीकि मंदिर और लक्ष्मण मंदिर को जोड़कर आध्यात्मिक एवं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।
अतिरिक्त नोट — मानसखंड मंदिर माला मिशन
- शुरुआत: 12 अक्टूबर 2023 — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिथौरागढ़ में मिशन की आधारशिला रखी।
- उद्देश्य: कुमाऊँ के पौराणिक मंदिरों को एक धार्मिक पर्यटन सर्किट से जोड़ते हुए संपर्क मार्ग, आधारभूत सुविधाएँ और श्रद्धालु सुविधाएँ बेहतर करना।
- कुल मंदिर: 48; प्रथम चरण में 16 मंदिरों का विकास किया जा रहा है।
- प्रथम चरण के मंदिर — जिलेवार:
- अल्मोड़ा: जागेश्वर महादेव मंदिर, चितई गोलू मंदिर, सूर्यदेव मंदिर कटारमल, कसार देवी मंदिर और नंदा देवी मंदिर।
- पिथौरागढ़: पाताल भुवनेश्वर मंदिर और हाट कालिका मंदिर।
- बागेश्वर: बागनाथ मंदिर और बैजनाथ मंदिर।
- चंपावत: पाताल रुद्रेश्वर, मां पूर्णागिरि मंदिर, मां बाराही देवी मंदिर और बालेश्वर मंदिर।
- नैनीताल: नैना देवी मंदिर और कैंची धाम मंदिर।
- ऊधमसिंह नगर: चैतीधाम मंदिर।
संस्कृति, साहित्य एवं पर्यटन
कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 — प्रथम दल टनकपुर से रवाना
परीक्षा के लिए मुख्य तथ्य
- 5 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर (चम्पावत) से कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के प्रथम दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
- प्रथम दल में 49 यात्री थे—34 पुरुष, 15 महिलाएँ; दल के साथ एक चिकित्सक भी शामिल था।
- उत्तराखंड वाला सरकारी मार्ग लिपुलेख दर्रे (पिथौरागढ़) से होकर तिब्बत में प्रवेश करता है।
- 2026 की यात्रा विदेश मंत्रालय द्वारा जून–अगस्त के दौरान लिपुलेख (उत्तराखंड) और नाथू ला (सिक्किम) मार्गों से आयोजित की गई।
कैलाश मानसरोवर यात्रा — परीक्षा उपयोगी शॉर्ट नोट्स
इतिहास, प्रशासन, लिपुलेख मार्ग, प्रमुख पड़ाव, कैलाश परिक्रमा और 2026 अपडेट्स।
1. इतिहास एवं पृष्ठभूमि
- पुनः शुरुआत: 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद बंद हुई यात्रा 1981 में लिपुलेख मार्ग से पुनः शुरू हुई।
- हालिया बहाली: कोविड-19 और सीमा संबंधी परिस्थितियों के कारण 2020 से 2024 तक स्थगित रहने के बाद 2025 में पाँच वर्ष के अंतराल पर यात्रा फिर शुरू हुई।
2. प्रशासन एवं नोडल एजेंसियां
- मुख्य आयोजक: विदेश मंत्रालय (MEA), भारत सरकार।
- उत्तराखंड में नोडल एजेंसी: कुमाऊँ मंडल विकास निगम (KMVN) — स्थापना: 31 मार्च 1976।
- सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सहायता: भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराती है।
- आधिकारिक मार्ग (भारत सरकार द्वारा स्वीकृत)
- लिपुलेख दर्रा — पिथौरागढ़, उत्तराखंड।
- नाथू ला दर्रा — सिक्किम।
3. लिपुलेख मार्ग (उत्तराखंड) के प्रमुख पड़ाव
- गुंजी: मार्ग का प्रमुख जंक्शन; यात्रियों का High Altitude Acclimatization और अंतिम Medical Check-up यहीं किया जाता है।
- कालापानी: गुंजी और नाभीढांग के बीच स्थित महत्वपूर्ण पड़ाव; काली नदी के उद्गम क्षेत्र से संबंधित और भारत-नेपाल सीमा संदर्भ में सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण।
- नाभीढांग (Navidhang): लिपुलेख दर्रे से पहले अंतिम प्रमुख भारतीय पड़ाव; यहीं से ओम पर्वत के दर्शन होते हैं।
- सड़क संपर्क: BRO द्वारा निर्मित घटियाबगड़–लिपुलेख सड़क से मार्ग की दुर्गम पदयात्रा काफी कम हुई है।
- लिपुलेख दर्रा: पिथौरागढ़ का सामरिक दर्रा, भारत-चीन सीमा पर और नेपाल सीमा क्षेत्र के निकट स्थित।
4. तिब्बत (चीन) क्षेत्र में प्रवेश और परिक्रमा
- दारचेन: कैलाश पर्वत की परिक्रमा का मुख्य Base Camp माना जाता है।
- यम द्वार: यहीं से कैलाश की वास्तविक पैदल परिक्रमा शुरू होती है; तिब्बती परंपरा में इसे 'कोरा' कहा जाता है।
- कैलाश परिक्रमा: लगभग 52–53 किमी
- दिरापुक/झिरपु।
- डोल्मा ला दर्रा।
- जुथुलपुक।
- डोल्मा ला दर्रा: कैलाश परिक्रमा का सबसे ऊँचा बिंदु; 2026 यात्रा कार्यक्रम में ऊँचाई लगभग 5,600 मीटर।
5. भौगोलिक एवं सांस्कृतिक तथ्य
- कैलाश पर्वत: ऊँचाई लगभग 6,638 मीटर; हिंदू, बौद्ध, जैन (अष्टपद) और बोन परंपराओं में पवित्र।
- प्रमुख नदी तंत्र: कैलाश-मानसरोवर क्षेत्र सिंधु, सतलज, ब्रह्मपुत्र/यारलुंग सांगपो और करनाली (घाघरा) जैसी चार प्रमुख नदी प्रणालियों से जुड़ा है।
- मानसरोवर झील: लगभग 4,530 मीटर की ऊँचाई पर मीठे पानी की झील; पिथौरागढ़ जिला प्रशासन के अनुसार क्षेत्रफल लगभग 320 वर्ग किमी और परिधि लगभग 90 किमी।
- राक्षसताल: मानसरोवर के निकट स्थित खारे पानी की झील।
- गंगा-छू (Gangachhu): लगभग 6 किमी लंबी प्राकृतिक जलधारा/चैनल, जो मानसरोवर और राक्षसताल को जोड़ती है।
6. करेंट अफेयर्स — 2026 अपडेट्स
- कुल यात्री क्षमता: 2026 में 1,000 यात्रियों का चयन—लिपुलेख और नाथू ला दोनों मार्गों पर 10-10 जत्थे, प्रत्येक में अधिकतम 50 यात्री।
- उत्तराखंड मार्ग से प्रथम दल की रवानगी: 5 जुलाई 2026 को टनकपुर (चम्पावत) से।
रैंकिंग, रिपोर्ट एवं सूचकांक
Investment Friendliness Index 2026 — पर्वतीय एवं पूर्वोत्तर राज्यों में उत्तराखंड प्रथम
परीक्षा के लिए मुख्य तथ्य
- Investment Friendliness Index (IFI) 2026 नीति आयोग द्वारा जारी इसका प्रथम संस्करण है; इसे 17 जुलाई 2026 को जारी किया गया।
- उत्तराखंड ने 47.5 अंक प्राप्त किए और Hilly & North-Eastern States में प्रथम तथा समग्र रैंकिंग में 11वाँ स्थान हासिल किया।
- 47.5 स्कोर के आधार पर उत्तराखंड Frontrunner श्रेणी में रहा।
IFI 2026 — Top 3 Ranking
| समूह | प्रथम | द्वितीय | तृतीय |
|---|---|---|---|
| Hilly & North-Eastern States | उत्तराखंड — 47.5 | असम — 47.3 | हिमाचल प्रदेश — 46.1 |
| समग्र Top 3 | गुजरात — 56.6 | महाराष्ट्र — 53.7 | तमिलनाडु — 53.3 |
सूचकांक की संरचना
- IFI में 28 राज्य और 8 केंद्रशासित प्रदेश शामिल हैं।
- मूल्यांकन 8 Pillars और 84 Indicators पर आधारित है; इसमें Secondary Data और Investor Perception Survey दोनों का उपयोग किया गया।
- 8 Pillars
- Infrastructure
- Business Climate
- Resources
- Government Policy
- Regulatory Ease
- Institutional Environment
- Financial Health
- Environmental Resilience
Performance Categories
- Top Performers — 50 से अधिक
- Frontrunners — 45–50
- Emerging Performers — 40 से कम 45
- Aspiring States — 40 से कम
उत्तराखंड — रिपोर्ट के प्रमुख संकेत
- प्रमुख मजबूती: Human Resources तथा graduates का workforce में मजबूत inflow।
- सुधार की आवश्यकता: Infrastructure और Government Policy।
खेल एवं साहसिक उपलब्धियाँ
चेतन भट्ट — South Asian Karate Championship 2026 में स्वर्ण
परीक्षा के लिए मुख्य तथ्य
- खिलाड़ी: चेतन भट्ट — उत्तराखंड।
- उपलब्धि: Senior Kumite −84 kg वर्ग में स्वर्ण पदक।
- प्रतियोगिता: Senior South Asian Karate Championship 2026 — ढाका, बांग्लादेश।
प्रतियोगिता का परिणाम
- नेपाल टीम चैंपियन बना।
- भारत 17 स्वर्ण, 16 रजत और 17 कांस्य सहित कुल 50 पदकों के साथ उपविजेता रहा।
- मेजबान बांग्लादेश तीसरे स्थान पर रहा।
प्रमुख Karate, Judo एवं Taekwondo खिलाड़ी — त्वरित पुनरावृत्ति
- Karate
- अनामिका बिष्ट — चम्पावत; South Asian Karate Championship, Colombo 2025 में रजत।
- शिवानी गुप्ता — देहरादून; अंतरराष्ट्रीय Karate खिलाड़ी, तीलू रौतेली पुरस्कार 2025।
- चेतन भट्ट — हल्द्वानी, नैनीताल; Senior South Asian Karate Championship 2026 में Senior Kumite −84 kg स्वर्ण।
- Judo
- उन्नति शर्मा — Commonwealth Games 2026 में Women’s 63 kg कांस्य।
- Taekwondo
- अलिशा मनराल — बागेश्वर; तीलू रौतेली पुरस्कार 2025।
- लतिका भंडारी — नैनीताल; तीलू रौतेली पुरस्कार 2026।
खेल एवं साहसिक उपलब्धियाँ
आरती धारियाल — Golden Belt Boxing Tournament 2026 में स्वर्ण
परीक्षा के लिए मुख्य तथ्य
- खिलाड़ी: आरती धारियाल — गौरीहाट, मूनाकोट, पिथौरागढ़।
- प्रतियोगिता: Golden Belt International Boxing Tournament 2026 — ब्रायला (Brăila), रोमानिया।
- उपलब्धि: महिला 54 किग्रा भार वर्ग में स्वर्ण पदक।
उत्तराखंड के प्रमुख बॉक्सर — त्वरित पुनरावृत्ति
- निकिता चंद — पिथौरागढ़; Asian U-23 Boxing Championships 2026 में 60 kg रजत।
- काजल फरस्वाण — पिथौरागढ़; Asian U-23 Boxing Championships 2026 में 65 kg रजत।
- निवेदिता कार्की — पिथौरागढ़; 38th National Games 2025 में स्वर्ण।
- आरती धारियाल — पिथौरागढ़; Golden Belt Tournament, Romania 2026 में 54 kg स्वर्ण।
- पवन बर्थवाल — उत्तराखंड; World Boxing Championships 2025 में भारत का प्रतिनिधित्व, 9 Garhwal Rifles।
खेल एवं साहसिक उपलब्धियाँ
मंजू नयाल — भारत की पहली महिला 3-स्टार अंतरराष्ट्रीय कुराश रेफरी
मुख्य तथ्य
- उपलब्धि: मंजू नयाल भारत की पहली महिला 3-स्टार अंतरराष्ट्रीय कुराश रेफरी बनीं।
- परीक्षा: उज्बेकिस्तान में 19–21 अप्रैल 2026 को आयोजित अंतरराष्ट्रीय रेफरी परीक्षा उत्तीर्ण की।
पुरस्कार एवं व्यक्तित्व
अजीत डोभाल — लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026
परीक्षा के लिए मुख्य तथ्य
- सम्मान: लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 — अजीत डोभाल।
- कारण: भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा में उल्लेखनीय योगदान।
- प्रदान: 1 अगस्त 2026, पुणे — केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा; पुरस्कार Tilak Smarak Mandir Trust द्वारा दिया जाता है।
- उत्तराखंड संबंध: अजीत डोभाल का जन्म 20 जनवरी 1945 को घीड़ी-बनेलस्यूं, पौड़ी गढ़वाल में हुआ।
पुरस्कार एवं व्यक्तित्व
ले. जनरल (से.नि.) गजेन्द्र जोशी — UKPSC के नए अध्यक्ष
परीक्षा के लिए मुख्य तथ्य
- नियुक्ति: जुलाई 2026 — लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गजेन्द्र जोशी, उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष।
- नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 316(1) के तहत राज्यपाल द्वारा की गई।
UKPSC एवं UKSSSC — त्वरित पुनरावृत्ति
- उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC)
- स्थापना/अस्तित्व में: 15 मई 2001।
- मुख्यालय: हरिद्वार।
- प्रथम अध्यक्ष: एन. पी. नवानी।
- उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC)
- गठन: 17 सितंबर 2014।
- मुख्यालय: देहरादून।
- प्रथम अध्यक्ष: डॉ. आर. बी. एस. रावत (IFS, सेवानिवृत्त)।
- जुलाई 2026 में अध्यक्ष: जी. एस. मर्तोलिया (IPS, सेवानिवृत्त) — 13 अक्टूबर 2022 से।
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अभ्यास
जुलाई 2026 मासिक क्विज़
14 विषयों से 14 परीक्षा-उपयोगी प्रश्न उपलब्ध हैं। प्रश्न और विकल्प हर प्रयास में क्रम बदल सकते हैं।