मुख्य सामग्री पर जाएँ

नवंबर 2025 — सत्यापित मासिक अंक

उत्तराखंड Current Affairs — नवंबर 2025

सरल अकादमिक हिंदी में सत्यापित, परीक्षा-केंद्रित उत्तराखंड समसामयिकी नोट्स और UKPSC/UKSSSC शैली के MCQs।

16 टॉपिक 6 Categories 32 MCQs
01

शासन, नीति एवं विधि

आध्यात्मिक आर्थिक क्षेत्र — कुमाऊँ और गढ़वाल के चार क्षेत्र

मुख्य तथ्य

  • मुख्य घोषणा: कुमाऊँ और गढ़वाल के चार क्षेत्रों को आध्यात्मिक आर्थिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • घोषणा: 7 नवंबर 2025, राज्य स्थापना रजत जयंती समारोह के दौरान।
  • योजना: कुमाऊँ और गढ़वाल के चार क्षेत्रों को आध्यात्मिक आर्थिक क्षेत्र (Spiritual Economic Zones) के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • क्षेत्र–मंडल–जनपद मिलान
    • कुमाऊँ — शारदा कॉरिडोर (चंपावत) और आदि कैलाश (पिथौरागढ़)।
    • गढ़वाल — अंजनीसैंण (टिहरी गढ़वाल) और बेलाकेडा/बिलकेदार (पौड़ी गढ़वाल)।
  • रजत जयंती समारोह की अन्य परीक्षा-योग्य घोषणाएँ
    • मानसखण्ड माला मिशन की तर्ज पर केदारखण्ड माला मिशन विकसित किया जाएगा।
    • आदर्श चंपावत की तर्ज पर रुद्रप्रयाग को मॉडल जनपद बनाया जाएगा।
    • राज्य साइबर अपराध समन्वय केंद्र की स्थापना और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का विस्तार किया जाएगा।
    • धारों और नौलों जैसे पारंपरिक जलस्रोतों के संरक्षण, पुनर्जीवन और सौंदर्यीकरण के लिए विशेष संवर्धन योजना शुरू की जाएगी।
    • प्रत्येक जिला अस्पताल में टाइप-1 मधुमेह के लिए विशेष क्लिनिक और 15 वर्ष तक के बच्चों की निःशुल्क स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जाएगी।
अतिरिक्त नोट्स

आदि कैलाश (छोटा कैलाश) — क्विक रिवीजन

समाचार से जुड़े स्थैतिक उत्तराखंड GK तथ्य

01

सामान्य परिचय

अन्य नामछोटा कैलाश (तिब्बत स्थित कैलाश पर्वत का प्रतिरूप)।
स्थानपिथौरागढ़, व्यास घाटी।
ऊँचाई5,945 मीटर।
02

प्रमुख स्थल एवं भूगोल

जोलिंगकोंगआदि कैलाश का बेस कैंप — ऊँचाई ~4400 मी.।
कुटी गाँवमार्ग का अंतिम सीमांत गाँव (ऊँचाई ~3830 मी.)। यह रं (Rang) समुदाय से जुड़ा है।
प्रमुख झीलें/कुंड
  • पार्वती कुंड / सरोवर: यहाँ आदि कैलाश का प्रतिबिंब दिखता है (शिव मंदिर स्थित है)।
  • गौरी कुंड: आदि कैलाश की तलहटी में स्थित।
नदीकुटी यांगती (काली नदी तंत्र का हिस्सा)। यह कुटी और जोलिंगकोंग के पास से बहती है।
03

पर्यावरण एवं दर्रे (Passes)

वन्यजीव विहारयह ट्रेकिंग रूट अस्कोट वन्यजीव विहार (Askot WLS) से होकर गुजरता है।
संबंधित दर्रे
  • लम्पिया धुरा और मंगशा धुरा (तिब्बत जाने वाले पुराने मार्ग)।
  • सिन ला दर्रा (Sin La Pass): आदि कैलाश क्षेत्र को दारमा/बिदांग क्षेत्र से जोड़ता है।
04

ॐ पर्वत और आदि कैलाश में अंतर (Exam Trap)

आदि कैलाशयह व्यास घाटी (जोलिंगकोंग क्षेत्र) में स्थित है और इसकी ऊँचाई 5,945 मीटर है। पार्वती कुंड यहीं है।
ॐ पर्वतयह नाभीढांग-कालापानी क्षेत्र में स्थित है और इसकी ऊँचाई 5,590 मीटर है। यहाँ बर्फ से प्राकृतिक 'ॐ' की आकृति बनती है।
05

महत्त्वपूर्ण करेंट अफेयर्स (2023)

12 अक्टूबर 2023प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जोलिंगकोंग पहुँचकर पार्वती कुंड में पूजा की, आदि कैलाश के दर्शन किए और गुंजी गाँव का दौरा किया।
पिथौरागढ़ में आदि कैलाश और ॐ पर्वत क्षेत्र का मानचित्र जिसमें व्यास घाटी, कुटी, कालापानी, प्रमुख दर्रे और अस्कोट वन्यजीव विहार दिखाए गए हैं
आदि कैलाश–ॐ पर्वत क्षेत्र: व्यास घाटी, कुटी, छोटा कैलाश, कालापानी, ॐ पर्वत, प्रमुख दर्रे और अस्कोट वन्यजीव विहार।
02

शासन, नीति एवं विधि

देवभूमि परिवार योजना — प्रत्येक परिवार को विशिष्ट परिवार पहचान संख्या

मुख्य तथ्य

  • योजना: देवभूमि परिवार योजना के तहत पात्र परिवारों को विशिष्ट परिवार पहचान संख्या दी जाएगी।
  • मंत्रिमंडल की मंजूरी: 12 नवंबर 2025।
  • मुख्य प्रावधान: प्रत्येक पात्र परिवार को एक विशिष्ट परिवार पहचान संख्या (Family ID) दी जाएगी।
  • मॉडल: हरियाणा की परिवार पहचान पत्र व्यवस्था से प्रेरित।

बाद की प्रगति — 2026

  • देवभूमि परिवार अधिनियम, 2026 राज्य में 14 जून 2026 से लागू हुआ।
  • Family ID में परिवार की 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की वरिष्ठतम महिला सदस्य को मुखिया के रूप में दर्ज किया जाएगा।
  • पात्रता के लिए उत्तराखंड में लगातार 15 वर्ष या उससे अधिक निवास का प्रावधान रखा गया है।
तिथि–योजना पुनरावृत्ति

उत्तराखंड की 41 प्रमुख योजनाएँ

केवल योजना का नाम और संबंधित तिथि।

01

2002–2009

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना1 जून 2002
राज्य शैक्षिक पुरस्कार योजना2009
अटल आदर्श ग्राम योजना9 नवंबर 2009
02

2013–2017

किसान प्रोत्साहन पेंशन योजना5 जून 2013
मेरा गाँव मेरी सड़क योजना31 जनवरी 2015
महिला उद्यमी विशेष प्रोत्साहन योजना15 अगस्त 2015
इंदिरा अम्मा भोजनालय25 अगस्त 2015
औद्योगिक विकास योजना1 अप्रैल 2017
नंदा गौरा योजना1 जुलाई 2017
दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना1 अक्टूबर 2017
03

2018–2019

दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास विकास योजना20 अप्रैल 2018
अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना25 दिसंबर 2018
मुख्यमंत्री आँचल अमृत योजना7 मार्च 2019
04

2020

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना9 मई 2020 (शासनादेश); 28 मई 2020 (शुभारंभ)
मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम (MBADP)21 जुलाई 2020
मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना11 सितंबर 2020
मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना8 अक्टूबर 2020
मुख्यमंत्री सौभाग्यवती योजना2020
05

2021

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजनाअप्रैल 2021
मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना22 मई 2021 (घोषणा)
मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना7 जून 2021
मिशन गौरा शक्तिसितंबर 2021
एक जनपद दो उत्पाद (ODTP)25 अक्टूबर 2021
मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना28 अक्टूबर 2021 (कैबिनेट स्वीकृति)
मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना30 अक्टूबर 2021
06

2022

मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना29 अगस्त 2022
ईजा-बोई शगुन योजना9 नवंबर 2022
लखपति दीदी योजना4 नवंबर 2022
पोल्ट्री वैली योजना15 नवंबर 2022
बकरी घाटी योजना16 नवंबर 2022
07

2023–2024

मुख्यमंत्री उत्थान योजना20 फरवरी 2023 (घोषणा)
मुख्यमंत्री ज्ञानकोष योजना20 फरवरी 2023 (घोषणा)
मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना24 अगस्त 2023
मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना25 अगस्त 2023
मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना29 अगस्त 2023
उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना18 सितंबर 2023
हाउस ऑफ हिमालयाज8 दिसंबर 2023
मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति योजना14 मार्च 2024
पिरूल लाओ–पैसे पाओ अभियान2024
08

2025–2026

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0जून 2025
मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना10 फरवरी 2026
03

शासन, नीति एवं विधि

‘एक जिला–एक मेला’ कार्यक्रम — पारंपरिक मेलों को बढ़ावा

मुख्य तथ्य

  • कार्यक्रम: ‘एक जिला–एक मेला’।
  • नवंबर 2025 में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को कार्यक्रम प्रारंभ करने और प्रमुख मेलों को व्यवस्थित रूप से विकसित/प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
  • उद्देश्य: पारंपरिक मेलों व स्थानीय संस्कृति का संरक्षण-प्रचार तथा पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना।
04

शासन, नीति एवं विधि

उत्तराखंड विधानसभा के रजत जयंती विशेष सत्र को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संबोधन

मुख्य तथ्य

  • मुख्य घटना: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उत्तराखंड विधानसभा के रजत जयंती विशेष सत्र को संबोधित किया।
  • कार्यक्रम: उत्तराखंड विधानसभा का रजत जयंती विशेष सत्र।
  • तिथि: 3 नवंबर 2025।
  • संबोधनकर्ता: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु।
  • स्थान: उत्तराखंड विधानसभा, देहरादून।
  • अवसर: उत्तराखंड राज्य गठन की रजत जयंती (25 वर्ष)।
  • इसी दिन राष्ट्रपति ने नैनीताल राज भवन की स्थापना के 125 वर्ष पूरे होने के समारोह में भी भाग लिया।

अतिरिक्त तथ्य

  • राज्य गठन: 9 नवंबर 2000 — भारत का 27वाँ राज्य और 11वाँ हिमालयी राज्य।
उत्तराखंड का क्षेत्रीय मानचित्र जिसमें गढ़वाल और कुमाऊँ का क्षेत्रफल, प्रतिशत, कुल क्षेत्रफल तथा उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम विस्तार दिखाया गया है
उत्तराखंड का क्षेत्रीय वितरण: गढ़वाल 32,448 वर्ग किमी (60.67%), कुमाऊँ 21,035 वर्ग किमी (39.33%); कुल क्षेत्रफल 53,483 वर्ग किमी।

हिमालयी राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश — क्षेत्रफल

हिमालयी राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश — क्षेत्रफल
क्रमराज्य / केंद्रशासित प्रदेशक्षेत्रफल (वर्ग किमी)
1अरुणाचल प्रदेश83,743
2असम (आंशिक हिमालयी)78,438
3लद्दाख (केंद्रशासित प्रदेश)59,146
4जम्मू और कश्मीर (केंद्रशासित प्रदेश)55,538
5हिमाचल प्रदेश55,673
6उत्तराखंड53,483
05

कृषि, पर्यावरण एवं आपदा

द्वितीय उत्तराखंड पक्षी गणना 2025 — 15–16 नवंबर

मुख्य तथ्य

  • आयोजन: द्वितीय उत्तराखंड पक्षी गणना (Uttarakhand Bird Count—UBC) 2025।
  • तिथि: 15–16 नवंबर 2025।
  • दायरा: पूरे राज्य में; वन विभाग और उत्तराखंड राज्य जैव विविधता बोर्ड सहित विभिन्न समूहों का सहयोग।
  • पहली राज्यव्यापी पक्षी गणना (2024) में उत्तराखंड की 731 ज्ञात पक्षी प्रजातियों में से 399 प्रजातियाँ दर्ज की गई थीं।
  • प्रतिभागियों ने अपनी पूर्ण चेकलिस्ट eBird मोबाइल ऐप या वेब इंटरफेस पर अपलोड कीं।
  • उद्देश्य वार्षिक आधार-रेखा बनाकर पक्षियों के वितरण और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों में समयानुसार बदलाव समझना है।

संबंधित स्थिर तथ्य

  • राज्य पक्षी — हिमालयी मोनाल (Lophophorus impejanus)।
    • ऊँचाई: 2,500–4,500 मीटर।
    • उत्तराखंड वन्यजीव संरक्षण बोर्ड द्वारा 2008 में कराई गई गणना में राज्य में कुल 919 मोनाल दर्ज किए गए।
    • सर्वाधिक 367 मोनाल केदार घाटी में दर्ज किए गए।
  • आसन संरक्षण आरक्षित क्षेत्र (Asan Conservation Reserve)
    • 5 अगस्त 2005 को आसन और यमुना नदियों के संगम पर घोषित।
    • भारत का पहला Conservation Reserve।
    • Ramsar designation: 21 जुलाई 2020।
    • उत्तराखंड का पहला और वर्तमान में एकमात्र Ramsar Site।
  • उत्तराखंड जैव विविधता बोर्ड (Uttarakhand Biodiversity Board)
    • गठन: 1 अप्रैल 2006।
06

कृषि, पर्यावरण एवं आपदा

मसूरी में बहु-मापदण्डीय भू-भौतिकीय वेधशाला (MPGO)

मुख्य तथ्य

  • परियोजना: मसूरी में बहु-मापदण्डीय भू-भौतिकीय वेधशाला (Multi-Parametric Geophysical Observatory—MPGO) की स्थापना।
  • संस्था: भारतीय भू-चुंबकत्व संस्थान (IIG) — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत स्वायत्त संस्थान।
  • स्थान: भारतीय सर्वेक्षण (Survey of India) परिसर, लंढौर रोड, मसूरी (देहरादून)।
  • शिलान्यास: नवंबर 2025।
  • उद्देश्य: भू-भौतिकीय और भू-चुंबकीय परिवर्तनों की दीर्घकालिक निगरानी तथा हिमालयी भू-जोखिम और आपदा-अध्ययन के लिए वैज्ञानिक आँकड़े जुटाना।

भारतीय सर्वेक्षण (Survey of India) — अतिरिक्त तथ्य

  • स्थापना: 1767, कोलकाता (मेजर जेम्स रेनेल)
  • मुख्यालय स्थानांतरण: 1942, देहरादून
07

शिक्षा, विज्ञान एवं स्वास्थ्य

भाषा डेटा संग्रह पोर्टल — गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी को कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जोड़ने की पहल

मुख्य तथ्य

  • पहल: भाषा डेटा संग्रह पोर्टल (Bhasha Data Collection Portal)।
  • मुख्य भाषाएँ: गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी।
  • शुभारंभ: 29 अक्टूबर 2025; सिएटल (अमेरिका) और सरे–वैंकूवर (कनाडा) से जुड़ी पहल।
  • लक्ष्य: लगभग 10 लाख शब्द, वाक्य, कहावतें और कहानियाँ एकत्र कर स्थानीय भाषाओं का डिजिटल भाषा-डेटा तैयार करना।
  • पहल से जुड़े कृत्रिम बुद्धिमत्ता विशेषज्ञ (AI Architect): सचिदानंद सेमवाल।
08

शिक्षा, विज्ञान एवं स्वास्थ्य

चंपावत में पैरामेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा

मुख्य तथ्य

  • मुख्य घोषणा: चंपावत जनपद में पैरामेडिकल कॉलेज खोला जाएगा।
  • घोषणा: 14 नवंबर 2025।
  • स्थान/जनपद: चंपावत।
  • घोषणा करने वाले: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

अतिरिक्त तथ्य

  • IIM Kashipur की स्थापना 2011 में हुई थी।
  • AIIMS Rishikesh की स्थापना 2012 में हुई थी।
    • 2025 UKPSC PYQ: भारत की पहली Heli Ambulance Service — AIIMS Rishikesh।
  • भवाली TB सैनिटोरियम
    • स्थापना — 1912।
    • स्थान — भवाली, नैनीताल।
    • क्षय रोग के उपचार के लिए स्थापित किया गया।
  • मलेरिया शोध एवं उन्मूलन केंद्र — भवाली, नैनीताल।
09

शिक्षा, विज्ञान एवं स्वास्थ्य

कौशल जनगणना — आंध्र प्रदेश के बाद उत्तराखंड दूसरा राज्य

मुख्य परीक्षा तथ्य

  • उत्तराखंड इस प्रकार की कौशल जनगणना कराने वाला देश का दूसरा राज्य होगा; पहला राज्य आंध्र प्रदेश है।
  • जनगणना में युवाओं की शिक्षा व कौशल तथा उद्योगों की कौशल-आवश्यकताओं का आँकड़ा लिया जाएगा।
  • प्रत्येक व्यक्ति को कौशल पहचान संख्या (Skill ID) दी जाएगी, जो उसके हुनर और प्रशिक्षण की पहचान होगी।
  • उद्देश्य: कौशल-अंतर की पहचान करना और रोजगार-उन्मुख प्रशिक्षण व नीति-निर्माण को बेहतर बनाना।
10

शिक्षा, विज्ञान एवं स्वास्थ्य

सांस अभियान 2025–26 — बाल निमोनिया रोकथाम अभियान

परीक्षा के लिए मुख्य तथ्य

  • अभियान: सांस (SAANS) 2025–26; पूरा नाम — Social Awareness and Action to Neutralize Pneumonia Successfully।
  • संचालन: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत।
  • राज्यस्तरीय शुभारंभ: 12 नवंबर 2025, विश्व निमोनिया दिवस; सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, डोईवाला (देहरादून)।
  • अवधि: 12 नवंबर 2025 से 28 फरवरी 2026; पूरे उत्तराखंड में।
  • मुख्य लक्ष्य: पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों को निमोनिया से बचाना तथा खतरे के लक्षणों की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित करना।
  • चार प्रमुख स्तंभ: जागरूकता, शीघ्र पहचान, समय पर उपचार और टीकाकरण।
  • बच्चों में तेज साँस चलना और छाती का भीतर धँसना निमोनिया के प्रमुख चेतावनी संकेतों में शामिल हैं।
11

संस्कृति, साहित्य एवं पर्यटन

रम्माण लोक-उत्सव — राष्ट्रपति को स्मृति-चिह्न और पुस्तक विमोचन

नवंबर 2025 का वर्तमान तथ्य

  • 3 नवंबर 2025: उत्तराखंड विधानसभा के रजत जयंती विशेष सत्र में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को रम्माण कला पर आधारित स्मृति-चिह्न भेंट किया; राष्ट्रपति ने रम्माण पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया।

रम्माण — परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  • स्थान: उत्तराखंड के चमोली जिले के सलूड़–डुंग्रा, बरोशी और सेलंग गांवों में रम्माण का आयोजन होता है; इनमें सलूड़–डुंग्रा का रम्माण सर्वाधिक प्रसिद्ध है।
  • समय: आयोजन अप्रैल के उत्तरार्ध में होता है और लगभग 11 से 13 दिन तक चलता है।
  • आराध्य देवता: भूम्याल देवता, जिन्हें गांव का रक्षक देवता माना जाता है; रम्माण के प्रमुख अनुष्ठान उनके मंदिर प्रांगण में होते हैं।

मुखौटा नृत्य शैली

  • रात्रि में भूम्याल देवता के मंदिर प्रांगण में मुखौटे पहनकर नृत्य किया जाता है।
  • रम्माण नृत्य में 18 मुखौटे, 18 ताल, 12 ढोल, 12 दमाऊं और 8 भंकोरे का प्रयोग होता है।
  • रम्माण के मुखौटे भोजपत्र से बने होते हैं।
  • मुखौटों के दो प्रमुख प्रकार:
    1. द्यो पत्तर — देवता अथवा दैवी पात्रों से संबंधित मुखौटे।
    2. ख्यलारी पत्तर — हास्य और मनोरंजन से जुड़े पात्रों के मुखौटे।

रम्माण के विशेष नृत्य

  • प्रमुख नृत्य:
    1. बण्या–बण्याण — तिब्बती व्यापारियों से जुड़ी कथा; व्यापार के दौरान चोरी और लूट की घटना का चित्रण।
    2. म्योर–मुरैण — पहाड़ी जीवन की कठिनाइयों, विशेषकर घास-लकड़ी लाते समय जंगली जानवरों के हमले का चित्रण।
    3. माल–मल्ल — स्थानीय लोगों और गोरखाओं के संघर्ष को नृत्य-नाट्य के रूप में प्रस्तुत करता है।
    4. कुरू जोगी — हास्य नृत्य; पात्र शरीर पर चिपकने वाली ‘कुरू’ घास लगाकर दर्शकों का मनोरंजन करता है।

दस्तावेजीकरण एवं यूनेस्को पहचान

  • रम्माण के दस्तावेजीकरण और व्यापक पहचान में डॉ. कुशल सिंह भंडारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
  • 2 अक्टूबर 2009 को रम्माण को यूनेस्को की “मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची” में शामिल किया गया।
12

रैंकिंग, रिपोर्ट एवं सूचकांक

राज्य खनन तत्परता सूचकांक (SMRI) — श्रेणी C में उत्तराखंड द्वितीय

मुख्य तथ्य

  • मुख्य उपलब्धि: राज्य खनन तत्परता सूचकांक (SMRI) 2025 की श्रेणी C में उत्तराखंड द्वितीय रहा।
  • सूचकांक: राज्य खनन तत्परता सूचकांक (State Mining Readiness Index—SMRI), 2025।
  • जारीकर्ता: केंद्रीय खान मंत्रालय।
  • जारी तिथि: 16 अक्टूबर 2025।
  • राज्यों को खनिज संपदा के आधार पर श्रेणी A, B और C में बाँटा गया।
  • उत्तराखंड: श्रेणी C में द्वितीय स्थान।

SMRI 2025 — श्रेणी A, B और C के शीर्ष तीन

SMRI 2025 — श्रेणी A, B और C के शीर्ष तीन
श्रेणीप्रथमद्वितीयतृतीय
Aमध्य प्रदेशराजस्थानगुजरात
Bगोवाउत्तर प्रदेशअसम
Cपंजाबउत्तराखंडत्रिपुरा
13

रैंकिंग, रिपोर्ट एवं सूचकांक

व्यापार सुधार कार्य योजना (BRAP) 2024 — उत्तराखंड पाँच सुधार क्षेत्रों में शीर्ष प्रदर्शनकर्ता

मुख्य तथ्य

  • मुख्य उपलब्धि: व्यापार सुधार कार्य योजना (BRAP) 2024 में उत्तराखंड पाँच सुधार क्षेत्रों में शीर्ष प्रदर्शनकर्ता रहा।
  • सम्मान/घोषणा: 11 नवंबर 2025, उद्योग समागम 2025, नई दिल्ली।
  • योजना: व्यापार सुधार कार्य योजना (Business Reforms Action Plan—BRAP) 2024।
  • नोडल विभाग: उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय।
  • उत्तराखंड के पाँच “Top Achiever” सुधार क्षेत्र
    • व्यवसाय प्रवेश (Business Entry)।
    • निर्माण परमिट सक्षमता (Construction Permit Enablers)।
    • पर्यावरण पंजीकरण (Environment Registration)।
    • निवेश सक्षमता (Investment Enablers)।
    • श्रम विनियमन सक्षमता (Labour Regulation Enablers)।
  • BRAP 2024 में ‘Top Achiever’ के लिए 90 प्रतिशत से अधिक स्कोर आवश्यक था।
  • मूल्यांकन में उपयोगकर्ता प्रतिक्रिया को 70 प्रतिशत और साक्ष्य-आधारित सत्यापन को 30 प्रतिशत भार दिया गया।
  • 2015 की व्यापार सुगमता रैंकिंग में उत्तराखंड 23वें स्थान पर था।
14

पुरस्कार एवं व्यक्तित्व

डॉ. धन सिंह रावत — सिल्वर एलिफेंट अवॉर्ड

मुख्य तथ्य

  • मुख्य सम्मान: डॉ. धन सिंह रावत को भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान “सिल्वर एलिफेंट अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया।
  • सम्मानित: डॉ. धन सिंह रावत।
  • सम्मान: “सिल्वर एलिफेंट अवॉर्ड” — भारत स्काउट्स एंड गाइड्स का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान।
15

पुरस्कार एवं व्यक्तित्व

घेस गांव — ‘जड़ी-बूटी ग्राम के उत्कृष्ट गांव’ सम्मान

परीक्षा के लिए इतना याद करें

  • मुख्य सम्मान: घेस गांव को ‘जड़ी-बूटी ग्राम के उत्कृष्ट गांव’ सम्मान के लिए चुना गया।
  • गांव: घेस — देवाल विकासखंड, चमोली; पिंडर घाटी क्षेत्र।
  • सम्मान: ‘जड़ी-बूटी ग्राम के उत्कृष्ट गांव’।
  • अवसर: उत्तराखंड राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ/रजत जयंती।
  • घेस औषधीय पौधों, विशेषकर कुटकी की खेती/संरक्षण से जुड़ा प्रमुख हिमालयी गांव है।

कृषि — त्वरित तथ्य

  • कृषि एवं सहवर्ती क्षेत्र: GSDP में योगदान 8.45% (2024–25); लगभग 70% ग्रामीण आबादी कृषि एवं सहवर्ती गतिविधियों पर निर्भर।
  • कृषि गणना 2021–22: कुल 9,94,163 क्रियात्मक जोतें; इनमें 7,92,037 सीमांत जोतें (लगभग 79.7%) — सर्वाधिक।
  • उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड: गठन 11 फरवरी 2004; वर्तमान में 9 पर्वतीय जिलों में चाय विकास कार्यक्रम संचालित।
  • e-NAM: उत्तराखंड की 20 मंडी समितियाँ e-NAM से जुड़ी हैं।
  • चीनी मिलें: कुल 8 — 2 सहकारी, 2 सार्वजनिक और 4 निजी।

कृषि एवं बागवानी — त्वरित तथ्य

  • प्रमुख फसलें (क्षेत्रफल हिस्सेदारी): गेहूँ 30% > धान 25% > गन्ना 11% > मंडुवा 7% > फल–सब्जियाँ 6% > दालें 5%।
  • मशरूम उत्पादन में उत्तराखंड: 5वाँ स्थान।
  • शहद उत्पादन में उत्तराखंड: 8वाँ स्थान।
  • बागवानी में उत्तराखंड: 3रा स्थान।

राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF)

  • 25 नवम्बर 2024: उत्तराखंड के 11 जिलों में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन लागू किया गया; रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल इसमें शामिल नहीं हैं।

फसल वर्ग — सर्वाधिक क्षेत्रफल और उत्पादन

फसल वर्ग — सर्वाधिक क्षेत्रफल और उत्पादन
फसल वर्गसर्वाधिक क्षेत्रफलसर्वाधिक उत्पादन
फलनैनीताल — 9,748 हे.नैनीताल — 85,850 MT
सब्जियाँउत्तरकाशी — 11,084 हे.ऊधमसिंह नगर — 1,03,554 MT
आलूउत्तरकाशी — 4,024 हे.ऊधमसिंह नगर — 50,779 MT
मसालेनैनीताल — 2,346 हे.टिहरी — 15,043 MT
16

पुरस्कार एवं व्यक्तित्व

उत्तराखंड गौरव सम्मान 2025 — आठ सम्मानित विभूतियाँ

समारोह — मुख्य तथ्य

  • सम्मान: उत्तराखंड गौरव सम्मान 2025।
  • अवसर: उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस का रजत जयंती समारोह।
  • तिथि एवं स्थान: 7 नवंबर 2025, पुलिस लाइन, देहरादून।
  • कुल सम्मानित विभूतियाँ: 8 — पुरुष 5 और महिला 3।
  • सम्मान राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदान किए; अनुपस्थित अथवा दिवंगत विभूतियों के सम्मान उनके परिजनों ने ग्रहण किए।

पुरुष सम्मानित — 5

  • पद्मश्री जसपाल राणा — निशानेबाज।
  • देव रतूड़ी — उद्यमी एवं समाजसेवी।
  • स्व. टॉम ऑल्टर — अभिनेता एवं लेखक।
  • स्व. खड़क सिंह वल्दिया — भूवैज्ञानिक।
  • स्व. शैलेश मटियानी — लेखक।

महिला सम्मानित — 3

  • स्व. सुशीला बलूनी — उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी।
  • स्व. गौरा देवी — चिपको आंदोलन की प्रणेता।
  • स्व. तीलू रौतेली — वीरांगना।

नवंबर 2025 मासिक क्विज़

16 सत्यापित विषयों से 32 परीक्षा-उपयोगी प्रश्न उपलब्ध हैं। 10, 20 या पूरा 32-प्रश्न mock चुनें। प्रश्न और विकल्प हर प्रयास में क्रम बदल सकते हैं।