अफ्रीका महाद्वीप · World Geography
वर्तमान सेक्शन
0% पूर्ण (0/0)
विश्व भूगोल · अध्याय नोट्स

अफ्रीका महाद्वीप

नामकरण से लेकर अक्षांश रेखाओं, जलसंधियों, द्वीपों, पर्वतों और भ्रंश घाटी तक — अफ्रीका महाद्वीप के हर उस बिंदु का संकलन जो सरकारी परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाता है।

12 सेक्शन ~41 मिनट 11 V.V. IMP तथ्य

01 बेसिक जानकारी एवं विभिन्न नाम (Basic Info & Nicknames)

  • अफ्रीका, एशिया के बाद विश्व का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है।
    • यह क्षेत्रफल और जनसंख्या — दोनों ही दृष्टि से दूसरे स्थान पर है।

उपनाम

  • अंध महाद्वीप (Dark Continent): इसके दुर्गम मरुस्थलों, घने जंगलों और बीमारियों के कारण 19वीं सदी तक बाहरी दुनिया (विशेषकर यूरोप) के लिए इसका भीतरी भाग अज्ञात था।
  • पठारी महाद्वीप (Plateau Continent): इसका अधिकांश भू-भाग एक विशाल पठार है।
  • मानव जाति का पालना (Cradle of Humankind): जीवाश्म विज्ञानियों के अनुसार, सबसे पहले मानव (होमो सेपियंस) की उत्पत्ति और विकास इसी महाद्वीप पर हुआ था।

02 राजनैतिक स्थिति — क्षेत्रफल और जनसंख्या (Political Status)

  • अफ्रीका में कुल 54 मान्यता प्राप्त देश हैं, जो किसी भी महाद्वीप में सबसे अधिक हैं।
  • क्षेत्रफल में सबसे बड़ा देश: अल्जीरिया (Algeria)।
    • 2011 में सूडान के विभाजन से पहले, सूडान सबसे बड़ा देश था।
  • जनसंख्या में सबसे बड़ा देश: नाइजीरिया (Nigeria)।
    • नाइजीरिया को 'तेल ताड़ का देश' (Land of Oil Palm) भी कहा जाता है।
अफ्रीका का राजनैतिक मानचित्र — सभी 54 देशों की सीमाएं, राजधानियां व प्रमुख शहर सहित
अफ्रीका राजनैतिक मानचित्र — सभी 54 देशों की सीमाएं, राजधानियां व प्रमुख शहर

03 भौगोलिक स्थिति एवं महत्वपूर्ण अक्षांश (Geographical Location & Latitudes)

अफ्रीका विश्व का एकमात्र ऐसा महाद्वीप है जिससे होकर पृथ्वी की तीन सबसे प्रमुख अक्षांश रेखाएँ गुजरती हैं।

कर्क रेखा (Tropic of Cancer — 23½° N)

यह उत्तरी अफ्रीका (सहारा मरुस्थल) के 7 देशों से गुजरती है। पश्चिम से पूर्व क्रम:

  1. पश्चिमी सहारा
  2. मॉरिटानिया
  3. माली
  4. अल्जीरिया
  5. नाइजर
  6. लीबिया
  7. मिस्र

भूमध्य रेखा (Equator — 0°)

यह महाद्वीप के लगभग मध्य (कांगो बेसिन, विक्टोरिया झील) के 7 देशों से गुजरती है। पश्चिम से पूर्व क्रम:

  1. साओ टोम और प्रिंसिपे
  2. गैबॉन
  3. कांगो गणराज्य
  4. डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC)
  5. युगांडा
  6. केन्या
  7. सोमालिया

मकर रेखा (Tropic of Capricorn — 23½° S)

यह दक्षिणी अफ्रीका (कालाहारी मरुस्थल) के 5 देशों से गुजरती है। पश्चिम से पूर्व क्रम:

  1. नामीबिया
  2. बोत्सवाना
  3. दक्षिण अफ्रीका
  4. मोजाम्बिक
  5. मेडागास्कर

प्रधान याम्योत्तर / ग्रीनविच रेखा (Prime Meridian — 0° Longitude)

यह रेखा पश्चिमी अफ्रीका के 5 देशों से होकर गुजरती है। उत्तर से दक्षिण क्रम:

  1. अल्जीरिया
  2. माली
  3. बुर्किना फासो
  4. टोगो
  5. घाना
V.V. IMP:
  • भूमध्य रेखा (0° अक्षांश) और ग्रीनविच रेखा (0° देशांतर) दोनों एक-दूसरे को अफ्रीका के पश्चिमी तट पर गिनी की खाड़ी (Gulf of Guinea — अटलांटिक महासागर) में काटती हैं।

04 प्रमुख जलसंधियां (Important Straits)

जलसंधिकिन्हें अलग करती हैकिन्हें जोड़ती है
जिब्राल्टर
(Gibraltar)
अफ्रीका (मोरक्को) एवं यूरोप (स्पेन) कोभूमध्य सागर एवं अटलांटिक महासागर को
बाब-अल-मंडेब
(Bab-el-Mandeb)
अफ्रीका (जिबूती/इरिट्रिया) एवं एशिया (यमन) कोलाल सागर एवं अदन की खाड़ी को
मोजाम्बिक चैनल
(Mozambique Channel)
मेडागास्कर एवं मुख्य भूमि (मोजाम्बिक) कोहिंद महासागर के दो हिस्सों को
ध्यान दें:
  • बाब-अल-मंडेब को अरबी में 'आंसुओं का द्वार' (Gate of Tears) कहा जाता है, क्योंकि यहाँ समुद्री यात्रा बहुत खतरनाक होती थी।

05 प्रमुख द्वीप (Major Islands)

यहाँ महासागर और देश के अधिकार के आधार पर बाँटकर आपके टू-द-पॉइंट (To-the-point) नोट्स दिए गए हैं। यह बिना टेबल के बिल्कुल स्पष्ट फॉर्मेट है:

हिंद महासागर (Indian Ocean) के द्वीप

स्वतंत्र द्वीप देश (Independent Island Nations)

  • मेडागास्कर (Madagascar): अफ्रीका का सबसे बड़ा और विश्व का चौथा सबसे बड़ा द्वीप है। मकर रेखा (Tropic of Capricorn) इसके दक्षिणी भाग से गुजरती है। यह मुख्य भूमि से मोजाम्बिक चैनल द्वारा अलग होता है।
  • सेशेल्स (Seychelles): क्षेत्रफल और जनसंख्या—दोनों में यह अफ्रीका का सबसे छोटा देश है।
  • मॉरीशस (Mauritius): यह विलुप्त हो चुके प्रसिद्ध 'डोडो' (Dodo) पक्षी का एकमात्र प्राकृतिक आवास था।
  • कोमोरोस (Comoros): सुगंधित पौधों की खेती के कारण इसे 'इत्र के द्वीप' (Perfume Islands) भी कहा जाता है।

अन्य देशों के अधीन द्वीप (Islands Under Other Nations)

  • ज़ंजीबार और पेंबा (Zanzibar & Pemba): यह तंजानिया के अधीन हैं। यह विश्व के 90% लौंग (Clove) उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं, इसलिए इन्हें "स्पाइस आइलैंड्स" (Spice Islands) कहा जाता है।
  • रियूनियन (Réunion): यह फ्रांस के अधीन है (फ्रांस का ओवरसीज़ टेरिटरी)।

अटलांटिक महासागर (Atlantic Ocean) के द्वीप

स्वतंत्र द्वीप देश (Independent Island Nations)

  • साओ टोमे और प्रिंसिपे (Sao Tome & Principe): परीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि भूमध्य रेखा (Equator) इसके ठीक ऊपर से गुजरती है।
  • केप वर्डे (Cape Verde): यह अफ्रीका के पश्चिमी तट (सेनेगल के पास) स्थित एक ज्वालामुखीय द्वीपसमूह है।

अन्य देशों के अधीन द्वीप (Islands Under Other Nations)

  • सेंट हेलेना (St. Helena): यह ब्रिटेन (UK) के अधीन है। इतिहास में इसे इसलिए जाना जाता है क्योंकि नेपोलियन बोनापार्ट को यहीं निर्वासित किया गया था।
  • कैनरी द्वीप (Canary Islands): यह स्पेन के अधीन है (मोरक्को के पश्चिमी तट के पास)।
  • मडेइरा द्वीप (Madeira): यह पुर्तगाल के अधीन है।
  • बायोको द्वीप (Bioko): यह अफ्रीकी देश इक्वेटोरियल गिनी के अधीन है। सबसे खास बात यह है कि देश की राजधानी मलाबो (Malabo) मुख्य अफ्रीकी भूमि पर न होकर इसी द्वीप पर स्थित है।

06 भौगोलिक सीमांत — सीमाएं, हॉर्न ऑफ अफ्रीका एवं प्रमुख केप

महाद्वीप की सीमाएं (Boundaries)

  • उत्तर (North): भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) — यह अफ्रीका को यूरोप से अलग करता है।
  • उत्तर-पूर्व (North-East): लाल सागर (Red Sea), स्वेज नहर (Suez Canal) और अदन की खाड़ी (Gulf of Aden) — ये अफ्रीका को एशिया से अलग करते हैं।
  • पूर्व (East): हिंद महासागर (Indian Ocean)।
  • पश्चिम (West): अटलांटिक महासागर (Atlantic Ocean)।
  • दक्षिण (South): दक्षिणी महासागर (Southern Ocean) — जहाँ हिंद और अटलांटिक महासागर का जल मिलता है।
एग्जाम पॉइंट
  • अफ्रीका चार ओर से जल से घिरा है, लेकिन यह उत्तर-पूर्व में स्वेज स्थलडमरूमध्य (Isthmus of Suez) के माध्यम से एशिया (सिनाई प्रायद्वीप) से भौतिक रूप से जुड़ा हुआ था, जिसे काटकर स्वेज नहर बनाई गई।

हॉर्न ऑफ अफ्रीका (Horn of Africa)

  • यह अफ्रीका का सबसे पूर्वी विस्तार (सींग के आकार का) है।
  • इसमें 4 देश शामिल हैं — याद रखने की ट्रिक: SEED
  • S — Somalia (सोमालिया)
  • E — Ethiopia (इथियोपिया)
  • E — Eritrea (इरिट्रिया)
  • D — Djibouti (जिबूती)

केप ऑफ गुड होप (Cape of Good Hope / आशा अंतरीप)

  • यह अफ्रीका के सुदूर दक्षिण (दक्षिण अफ्रीका देश) में स्थित एक चट्टानी हेडलैंड है।
  • इसकी खोज बार्टोलोमु डियाज़ ने की थी।
  • वास्को डी गामा भारत आने के लिए इसी मार्ग से होकर गुजरा था।

केप अगुलहास (Cape Agulhas)

  • यह अफ्रीका महाद्वीप का सबसे दक्षिणी बिंदु है।
    • यह अटलांटिक और हिंद महासागर की सीमा निर्धारित करता है।

07 प्रमुख पर्वत, ज्वालामुखी, पठार, भ्रंश घाटी व मरुस्थल (Mountains, Plateaus & Deserts)

प्रमुख पर्वत (Mountains)

  • एटलस पर्वत (Atlas Mountains): यह अफ्रीका का एकमात्र प्रमुख वलित पर्वत (Fold Mountain) है।
    • स्थिति — उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका (मोरक्को, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया)।
    • सबसे ऊँची चोटी — माउंट टूबकल (Mt. Toubkal)
  • ड्रेकेंसबर्ग पर्वत (Drakensberg Mountains): यह दक्षिण अफ्रीका के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित एक विशाल कगार (Escarpment) है।
  • माउंट केन्या (Mt. Kenya): यह केन्या में स्थित है।
    • यह अफ्रीका की दूसरी सबसे ऊँची चोटी है।

प्रमुख ज्वालामुखी (Volcanoes)

  • माउंट किलिमंजारो (Mt. Kilimanjaro): यह तंजानिया (Tanzania) में स्थित है।
    • यह एक मृत ज्वालामुखी (Extinct Volcano) है।
    • यह अफ्रीका की सबसे ऊँची चोटी (5,895 मी.) है।
    • भूमध्य रेखा के बहुत करीब होने के बावजूद इसकी चोटी हमेशा बर्फ से ढकी रहती है।
  • माउंट कैमरून (Mt. Cameroon): यह पश्चिमी अफ्रीका का एकमात्र सक्रिय (Active) ज्वालामुखी है।
  • माउंट नीरागोंगो (Mt. Nyiragongo): यह DRC में स्थित अत्यधिक सक्रिय ज्वालामुखी है।
    • यह अपनी विशाल 'लावा झील' (Lava Lake) के लिए जाना जाता है।

प्रमुख पठार (Plateaus)

  • इथियोपियन उच्चभूमि (Ethiopian Highlands): अफ्रीका का पूर्वी हिस्सा, जिसे 'रूफ ऑफ अफ्रीका' कहा जाता है।
    • यहीं से ब्लू नील नदी निकलती है।
  • कटंगा का पठार (Katanga Plateau): डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में स्थित है।
    • यह अपने विशाल तांबा (Copper) और यूरेनियम (Uranium) भंडारों के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
  • जोस का पठार (Jos Plateau): नाइजीरिया के मध्य में स्थित है।
    • यह टिन (Tin) खनन के लिए जाना जाता है।
  • करू का पठार (Karoo): दक्षिण अफ्रीका में स्थित एक अर्ध-मरुस्थलीय पठार है।

महान भ्रंश घाटी (The Great Rift Valley)

  • यह सीरिया (एशिया) से शुरू होकर लाल सागर होते हुए मोजाम्बिक (अफ्रीका) तक फैली है।
  • इसकी कुल लंबाई लगभग 6,000 किमी है।
  • पृथ्वी की प्लेटों के खिसकने (Divergence) से इसका निर्माण हुआ है।
  • अफ्रीका की अधिकांश लंबी और गहरी झीलें (जैसे तांगानिका, मलावी) इसी भ्रंश घाटी के अंदर स्थित हैं।
विशेष अपवाद:
  • विक्टोरिया झील इस महान भ्रंश घाटी का हिस्सा नहीं है।
अफ्रीका का भौतिक मानचित्र — मरुस्थल, पठार, पर्वत, नदी-तंत्र व भ्रंश घाटी सहित
अफ्रीका भौतिक मानचित्र — मरुस्थल, पठार, पर्वत, नदी-तंत्र व भ्रंश घाटी (ऊंचाई सहित)

प्रमुख मरुस्थल एवं सहेल (Major Deserts)

अफ्रीका के तीनों प्रमुख मरुस्थल अलग-अलग भौगोलिक कारणों से बने हैं — परीक्षा में इनका 'निर्माण का कारण' सबसे ज़्यादा पूछा जाता है।

1. सहारा मरुस्थल (Sahara)

  • स्थिति: उत्तरी अफ्रीका (लगभग 11 देशों में विस्तार)। यह विश्व का सबसे बड़ा गर्म मरुस्थल है।
  • सहेल (Sahel): सहारा के ठीक दक्षिण में एक अर्द्ध-शुष्क (Semi-arid) संक्रमण पट्टी है, जो मरुस्थल को सवाना से अलग करती है।
  • निर्माण का कारण: उत्तर-पश्चिमी तट पर बहने वाली 'कनारी ठंडी जलधारा' (Canary Current) हवा की नमी खत्म कर देती है, जो इस मरुस्थल के निर्माण का मुख्य भौगोलिक कारण है।
  • जनजातियां: यहाँ 'तुआरेग' और 'बद्दू' (Bedouin) जैसी खानाबदोश जनजातियां पाई जाती हैं।

2. कालाहारी मरुस्थल (Kalahari)

  • स्थिति: दक्षिणी अफ्रीका (मुख्यतः बोत्सवाना, और कुछ हिस्सा नामीबिया व दक्षिण अफ्रीका)।
  • विशेषता: यह पूर्ण मरुस्थल न होकर एक अर्द्ध-मरुस्थल है। यहाँ की मूल जनजाति 'बुशमैन' (Bushmen) है। यह क्षेत्र शुतुरमुर्ग के लिए भी प्रसिद्ध है।
  • ओकावांगो डेल्टा: इसी मरुस्थल के किनारे बोत्सवाना में ओकावांगो नदी पानी फैलाकर एक विशाल दलदल बनाती है, जो विश्व का सबसे बड़ा अंतर्देशीय डेल्टा (Inland Delta) है।

3. नामिब मरुस्थल (Namib)

  • स्थिति: नामीबिया का पश्चिमी तट। इसे विश्व का सबसे पुराना मरुस्थल माना जाता है।
  • निर्माण का कारण: दक्षिण-पश्चिमी तट पर बहने वाली 'बेंगुएला ठंडी जलधारा' (Benguela Current) के कारण यह तटीय मरुस्थल (Coastal Desert) बना है।

08 अफ्रीका की प्रमुख नदियाँ (Rivers of Africa)

अफ्रीका महाद्वीप की अधिकांश बड़ी नदियाँ मध्य अफ्रीका की उच्चभूमियों और झील-क्षेत्रों से निकलती हैं तथा अलग-अलग दिशाओं में बहकर तीन अलग-अलग महासागरों में गिरती हैं। इनमें से कई नदियाँ अपने जल-विद्युत भंडार, अक्षांश रेखाओं से जुड़े रोचक तथ्यों और भू-राजनीतिक विवादों के कारण परीक्षाओं में बार-बार पूछी जाती हैं।

लंबाई के आधार पर क्रम

  1. नील नदी (Nile) — विश्व की सबसे लंबी नदी (लगभग 6,650 किमी)।
  2. कांगो नदी (Congo) — नील के बाद अफ्रीका की दूसरी सबसे लंबी नदी।
  3. नाइजर नदी (Niger) — अफ्रीका की तीसरी सबसे लंबी नदी।
  4. जांबेजी नदी (Zambezi) — अफ्रीका की चौथी सबसे लंबी नदी।

एक नज़र में तुलना

नदीउद्गमलंबाईगिरती हैप्रमुख विशेषताएं
नील विक्टोरिया झील (श्वेत नील) व ताना झील (नील नील) ~6,650 किमी भूमध्य सागर • विश्व की सबसे लंबी नदी
• खारतूम (सूडान) में श्वेत व नील नील का संगम
• 11 देशों से होकर बहती है
• असवान बांध — लेक नासर (मिस्र)
कांगो लुलाबा-चम्बेसी (जाम्बिया–DRC सीमा) ~4,700 किमी अटलांटिक महासागर • भूमध्य रेखा को दो बार पार करने वाली एकमात्र नदी
• विश्व की सबसे गहरी नदी
• अफ्रीका की दूसरी सबसे लंबी नदी
• पहले 'जायरे नदी' कहलाती थी
नाइजर फूटा जलॉन पठार (गिनी) ~4,180 किमी गिनी की खाड़ी (अटलांटिक) • 'तेल नदी' के नाम से प्रसिद्ध (पाम ऑयल व पेट्रोलियम)
• अफ्रीका की तीसरी सबसे लंबी नदी
• बूमरैंग आकार में बहती है
• माली में 'अंतर्देशीय डेल्टा' (Macina) बनाती है
वोल्टा ब्लैक-व्हाइट-रेड वोल्टा का संगम (बुर्किना फासो) ~1,600 किमी गिनी की खाड़ी (अटलांटिक) • वोल्टा झील — क्षेत्रफल में विश्व की सबसे बड़ी कृत्रिम झील
• अकोसोम्बो बांध (घाना) से झील बनी
• मुख्यतः घाना व बुर्किना फासो में प्रवाहित
जांबेजी जाम्बिया (कालेने पहाड़ियाँ) ~2,700 किमी हिंद महासागर (मोजाम्बिक चैनल) • विक्टोरिया जलप्रपात (जाम्बिया-जिम्बाब्वे सीमा)
• कारीबा बांध — लेक करीबा (जल आयतन में सबसे बड़ी कृत्रिम झील)
• काहोरा बासा बांध व झील (मोजाम्बिक)
लिम्पोपो हाईवेल्ड (दक्षिण अफ्रीका) ~1,750 किमी हिंद महासागर • मकर रेखा (Tropic of Capricorn) को दो बार पार करने वाली एकमात्र नदी
• दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना व जिम्बाब्वे की सीमा बनाती है

लंबाई के आंकड़े अनुमानित (approximate) हैं — परीक्षा में क्रम याद रखना महत्वपूर्ण है, सटीक आंकड़ा नहीं।

याद रखने की ट्रिक
  • अक्षांश रेखा को दो बार काटने वाली नदियाँ — भूमध्य रेखा को "कांगो" और मकर रेखा को "लिम्पोपो" पार करती है।

नील नदी तंत्र (Nile River System)

नील नदी विश्व की सबसे लंबी नदी (लगभग 6,650 किमी) है। इसका अपवाह तंत्र (Drainage Basin) 11 अफ्रीकी देशों में फैला है। यह मुख्य रूप से दो प्रमुख धाराओं — श्वेत नील और नीली नील — के मिलने से बनती है।

नील नदी तंत्र का मानचित्र — श्वेत नील, नीली नील, खारतूम व सिकंदरिया
नील नदी तंत्र — विक्टोरिया झील से भूमध्य सागर तक का मार्ग, खारतूम पर श्वेत व नीली नील का संगम

उद्गम और प्रमुख धाराएँ (Origin & Main Streams)

श्वेत नील (White Nile)

  • उद्गम: इसका उद्गम अफ्रीका की सबसे बड़ी विक्टोरिया झील (Lake Victoria) से होता है।
  • यह दक्षिण से उत्तर की ओर युगांडा और दक्षिण सूडान होते हुए बहती है।
परीक्षा विशेष — विक्टोरिया झील
  • आकार: यह अफ्रीका की सबसे बड़ी तथा उत्तरी अमेरिका की 'सुपीरियर झील' के बाद विश्व की दूसरी सबसे बड़ी मीठे पानी (Freshwater) की झील है।
  • सीमावर्ती देश: इसकी सीमा तीन देशों से लगती है — तंजानिया, युगांडा और केन्या (याद रखने की ट्रिक: TUK)।
  • महत्वपूर्ण अक्षांश: भूमध्य रेखा (Equator — 0°) इस झील के मध्य से होकर गुजरती है।
  • भौगोलिक अपवाद: अफ्रीका की अधिकांश झीलों (जैसे तांगानिका, मलावी) के विपरीत, विक्टोरिया झील महान भ्रंश घाटी (Great Rift Valley) का हिस्सा नहीं है — यह दो भ्रंश घाटियों के बीच एक उथले बेसिन में स्थित है।

नीली नील (Blue Nile)

  • उद्गम: इसका उद्गम इथियोपिया की उच्चभूमि में स्थित ताना झील (Lake Tana) से होता है।
  • जल की मात्रा: नील नदी में 80% से अधिक जल और उपजाऊ गाद (Silt) नीली नील द्वारा ही लाई जाती है।

संगम (Confluence)

श्वेत नील और नीली नील दोनों नदियाँ सूडान की राजधानी खारतूम (Khartoum) में आपस में मिलती हैं। इसी संगम के बाद संयुक्त धारा को 'नील नदी' कहा जाता है।

बहाव की दिशा और मुहाना (Flow Direction & Mouth)

  • दिशा: यह नदी विषुवतीय क्षेत्र (दक्षिण) से शुरू होकर सहारा मरुस्थल को पार करते हुए उत्तर की ओर बहती है।
  • मुहाना: यह मिस्र (Egypt) में भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) में गिरती है।
  • डेल्टा: मुहाने पर यह एक विशाल चापाकार डेल्टा (Arcuate Delta) बनाती है — विश्व प्रसिद्ध बंदरगाह सिकंदरिया (Alexandria) इसी डेल्टा पर स्थित है।

प्रमुख बांध और कृत्रिम झीलें (Major Dams & Lakes)

UKPSC परीक्षाओं में इन जलविद्युत परियोजनाओं और उनसे जुड़े भू-राजनीतिक विवादों से सीधे प्रश्न बनते हैं:

आसवान बांध (Aswan High Dam)

  • यह मिस्र में नील नदी पर स्थित सबसे महत्वपूर्ण बांध है।
    • यह मिस्र की कृषि और बिजली का मुख्य आधार है।
  • नासेर झील (Lake Nasser): आसवान बांध के पीछे बनी यह एक विशाल कृत्रिम झील है, जो मिस्र और सूडान की सीमा पर स्थित है।
    • कर्क रेखा (Tropic of Cancer — 23½° N) नासेर झील से होकर गुजरती है।

ग्रैंड इथियोपियन रेनेसां डैम (GERD)

  • यह बांध इथियोपिया में नीली नील नदी पर निर्माणाधीन/संचालित है।
  • यह अफ्रीका की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना है।
  • इसके कारण इथियोपिया, सूडान और मिस्र के बीच नील नदी के जल बँटवारे को लेकर भारी विवाद है।

परीक्षा उपयोगी अन्य उच्च-उपज (High-Yield) तथ्य

  • हेरोडोटस का कथन: प्रसिद्ध यूनानी इतिहासकार हेरोडोटस ने कहा था — "मिस्र नील नदी का वरदान है" (Egypt is the gift of the Nile), क्योंकि नील नदी के अभाव में मिस्र पूर्णतः एक बंजर मरुस्थल होता।
  • तटीय शहर: मिस्र की राजधानी काहिरा (Cairo) और सूडान की राजधानी खारतूम (Khartoum) नील नदी के तट पर ही बसे हैं।
  • लंबाई बनाम आयतन: नील नदी लंबाई के आधार पर विश्व में प्रथम स्थान पर है, परंतु जल के आयतन और चौड़ाई के आधार पर दक्षिण अमेरिका की अमेज़ॅन नदी (Amazon) विश्व की सबसे बड़ी नदी है।

कांगो (ज़ैरे) नदी तंत्र (Congo / Zaire River System)

कांगो नदी अफ्रीका की सबसे महत्वपूर्ण नदियों में से एक है। इसकी भौगोलिक स्थिति और विशेषताओं से परीक्षाओं में सीधे और बहुत सटीक प्रश्न बनते हैं।

कांगो नदी बेसिन का मानचित्र — सहायक नदियाँ व DRC के प्रमुख शहर
कांगो नदी बेसिन — उबंगी, कसाई व लुआलाबा सहित प्रमुख सहायक नदियाँ

बेसिक एवं सबसे महत्वपूर्ण तथ्य

  • पुराना नाम: इसका ऐतिहासिक नाम ज़ैरे नदी (Zaire River) है।
  • भूमध्य रेखा (Equator): यह विश्व की एकमात्र नदी है जो भूमध्य रेखा (0° अक्षांश) को दो बार पार करती है — यह प्रश्न परीक्षाओं में सबसे ज्यादा पूछा जाता है।
  • गहराई: यह विश्व की सबसे गहरी नदी है (कुछ स्थानों पर इसकी गहराई 220 मीटर से अधिक है)।
  • आयतन और चौड़ाई: जल के आयतन (Volume of discharge) के हिसाब से अमेज़ॅन नदी के बाद यह विश्व की दूसरी सबसे बड़ी नदी है।
  • लंबाई: नील नदी के बाद यह अफ्रीका की दूसरी सबसे लंबी नदी है।

प्रमुख सहायक नदियाँ (Major Tributaries)

  • कसाई नदी (Kasai River): यह कांगो की सबसे महत्वपूर्ण सहायक नदी है।
    • परीक्षा बिंदु: कसाई नदी का बेसिन अपने हीरे (Diamond) के विशाल भंडारों के लिए विश्व प्रसिद्ध है।

प्रमुख जलप्रपात और बांध (Waterfalls & Dams)

जलप्रपात (Waterfalls)

  • लिविंगस्टोन जलप्रपात (Livingstone Falls): नदी के निचले हिस्से में स्थित विश्व के सबसे विशाल और तेज़ जलप्रपातों की एक श्रृंखला है।
  • बोयोमा जलप्रपात (Boyoma Falls): इसका पुराना नाम 'स्टेनली जलप्रपात' (Stanley Falls) था — यह नदी के ऊपरी हिस्से में स्थित है।

बांध (Dams)

  • इंगा बांध (Inga Dams): यह DRC में कांगो नदी पर स्थित है।
    • यहाँ 'ग्रैंड इंगा प्रोजेक्ट' प्रस्तावित है, जिसके पूरा होने पर यह विश्व का सबसे बड़ा जलविद्युत संयंत्र बन जाएगा (चीन के थ्री गॉर्जेस डैम से भी बड़ा)।

मानव भूगोल एवं पर्यावरण (Human Geography & Environment)

  • कांगो वर्षावन (Congo Rainforest): अमेज़ॅन के बाद यह विश्व का दूसरा सबसे बड़ा उष्णकटिबंधीय वर्षावन (Tropical Rainforest) है — इसे 'पृथ्वी का दूसरा फेफड़ा' भी कहा जाता है।

पिग्मी जनजाति (Pygmy Tribe)

  • कांगो बेसिन के घने जंगलों में पिग्मी नामक शिकारी-संग्राहक जनजाति निवास करती है।
  • इनका कद बहुत छोटा होता है।
    • जंगली जानवरों और कीचड़ से बचने के लिए ये अपने घर पेड़ों पर (Treehouses) बनाते हैं।

नाइजर नदी (Niger River)

नाइजर नदी नील और कांगो के बाद अफ्रीका की तीसरी सबसे लंबी नदी है। यह पश्चिमी अफ्रीका की सबसे प्रमुख नदी है।

  • उद्गम (Source): इसका उद्गम गिनी (Guinea) देश में स्थित फूटा जलॉन पठार (Fouta Djallon Plateau) से होता है।
  • बहाव और मुहाना: यह गिनी, माली, नाइजर और नाइजीरिया से होते हुए गिनी की खाड़ी (Gulf of Guinea — अटलांटिक महासागर) में गिरती है।
  • उपनाम: इसे 'तेल नदी' (Oil River) कहा जाता है।
    • इसके मुहाने (नाइजर डेल्टा) के पास पाम ऑयल (Palm Oil) का भारी व्यापार होता है।
    • यहाँ पेट्रोलियम के भी विशाल भंडार हैं।
  • अंतर्देशीय डेल्टा (Inland Delta): माली देश में यह नदी मरुस्थलीय क्षेत्र में एक विशाल 'अंतर्देशीय डेल्टा' (Macina) का निर्माण करती है।
पश्चिम अफ्रीका का मानचित्र — नाइजर, ब्लैक वोल्टा, वोल्टा व बेन्यू नदियों सहित देशों की सीमाएं
पश्चिम अफ्रीका — नाइजर नदी व वोल्टा नदी तंत्र सहित प्रमुख देश व राजधानियां

वोल्टा नदी (Volta River)

यह पश्चिमी अफ्रीका (मुख्यतः घाना) की एक बहुत महत्वपूर्ण नदी प्रणाली है।

वोल्टा नदी बेसिन का मानचित्र — ब्लैक, व्हाइट व रेड वोल्टा तथा वोल्टा झील
वोल्टा नदी बेसिन — ब्लैक/व्हाइट/रेड वोल्टा का संगम एवं अकोसोम्बो बांध से बनी वोल्टा झील

निर्माण एवं बहाव (Formation & Flow)

  • निर्माण: यह बुर्किना फासो से निकलने वाली तीन नदियों — ब्लैक वोल्टा, व्हाइट वोल्टा और रेड वोल्टा — के संगम से बनती है।
  • मुहाना: यह दक्षिण की ओर बहकर गिनी की खाड़ी में गिरती है।

अकोसोम्बो बांध एवं वोल्टा झील

  • अकोसोम्बो बांध (Akosombo Dam): घाना में वोल्टा नदी पर बनाया गया यह प्रसिद्ध बांध है।
  • वोल्टा झील (Lake Volta): अकोसोम्बो बांध के कारण बनी यह झील पृष्ठीय क्षेत्रफल (Surface Area) के आधार पर विश्व की सबसे बड़ी कृत्रिम झील (Artificial Lake) है।
    • यह घाना के एक बहुत बड़े हिस्से को कवर करती है।

जांबेजी नदी (Zambezi River)

यह अफ्रीका की चौथी सबसे लंबी नदी और हिंद महासागर में गिरने वाली अफ्रीका की सबसे बड़ी नदी है।

जांबेजी नदी का मानचित्र — विक्टोरिया जलप्रपात, लेक करीबा व लेक काहोरा बासा
जांबेजी नदी — विक्टोरिया जलप्रपात से लेकर मोजाम्बिक चैनल तक का मार्ग

उद्गम और बहाव (Origin & Flow)

यह जाम्बिया से निकलती है और जाम्बिया-जिम्बाब्वे के बीच एक लंबी प्राकृतिक सीमा बनाते हुए, मोजाम्बिक देश से होकर हिंद महासागर (मोजाम्बिक चैनल) में गिरती है।

विक्टोरिया जलप्रपात (Victoria Falls)

  • यह जांबेजी नदी पर (जाम्बिया और जिम्बाब्वे की सीमा पर) स्थित विश्व का सबसे चौड़ा और प्रसिद्ध जलप्रपात है।
  • स्थानीय भाषा में इसे 'मोसी-ओवा-तुन्या' (Mosi-oa-Tunya) कहा जाता है, जिसका अर्थ है "धुआँ जो गरजता है" (The Smoke that Thunders)।

प्रमुख बांध (Major Dams)

करीबा बांध (Kariba Dam)

  • यह जाम्बिया और जिम्बाब्वे की सीमा पर स्थित है।
  • इसके पीछे बनी करीबा झील, जल के आयतन (Volume of water) के आधार पर विश्व की सबसे बड़ी कृत्रिम झील है।
याद रखें
  • वोल्टा झील — क्षेत्रफल में सबसे बड़ी कृत्रिम झील; करीबा झील — जल आयतन में सबसे बड़ी कृत्रिम झील। दोनों को गड़बड़ाएं नहीं।

लिम्पोपो नदी (Limpopo River)

दक्षिणी अफ्रीका की यह नदी अपनी एक विशेष भौगोलिक विशेषता के कारण परीक्षाओं का सबसे पसंदीदा प्रश्न है।

लिम्पोपो नदी का मानचित्र — दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना व जिम्बाब्वे के बीच सीमा
लिम्पोपो नदी — दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना, ज़िम्बाब्वे व मोजाम्बिक से होकर 'U' आकार में बहाव

उद्गम एवं बहाव (Origin & Flow)

  • उद्गम: यह दक्षिण अफ्रीका के 'हाईवेल्ड' (Highveld) क्षेत्र से निकलती है।
  • आकार: यह नदी अंग्रेजी के 'U' अक्षर के आकार में बहती है।
  • सीमाएं: यह पहले दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना के बीच, और फिर दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे के बीच प्राकृतिक सीमा (Natural Border) बनाती है।
  • मुहाना: यह मोजाम्बिक से होते हुए हिंद महासागर में गिरती है।
मकर रेखा — V.V. IMP
  • लिम्पोपो विश्व की एकमात्र ऐसी नदी है जो मकर रेखा (Tropic of Capricorn — 23½° S) को दो बार पार करती है (काटती है)।
  • याद रखने का तरीका — भूमध्य रेखा को "कांगो" और मकर रेखा को "लिम्पोपो" पार करती है।

उपनाम

इस नदी में मगरमच्छों की विशाल आबादी पाई जाती है, इसलिए इसे 'घड़ियाल नदी' (Crocodile River) भी कहा जाता है।

09 अफ्रीका की प्रमुख झीलें (Major Lakes of Africa)

अफ्रीका की अधिकतर बड़ी झीलें महान भ्रंश घाटी (Great Rift Valley) से जुड़ी हैं, सिवाय विक्टोरिया झील के। परीक्षाओं में इन झीलों का उत्तर से दक्षिण क्रम, उनकी सीमाएं और उनसे जुड़े 'V.V. IMP' तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं।

पूर्वी अफ्रीका की झीलों का मानचित्र — तुर्काना, अल्बर्ट, एडवर्ड, किवु, विक्टोरिया, तांगानिका व मलावी झील
पूर्वी अफ्रीका की भ्रंश घाटी झीलें — उत्तर (तुर्काना) से दक्षिण (मलावी) तक

महान भ्रंश घाटी की झीलें (उत्तर से दक्षिण का सटीक क्रम)

महान भ्रंश घाटी की झीलों को उत्तर से दक्षिण (North to South) के क्रम में याद रखने के लिए यह सूची एकदम सटीक है:

  1. तुर्काना झील (Lake Turkana):
    • स्थिति: यह भ्रंश घाटी की सबसे उत्तरी प्रमुख झील है (मुख्य रूप से केन्या और इथियोपिया की सीमा पर)।
    • इसे 'रुडोल्फ झील' भी कहा जाता है।
    • यह विश्व की सबसे बड़ी स्थायी मरुस्थलीय झील (Permanent Desert Lake) है।
    • यह विश्व की सबसे बड़ी क्षारीय झील (Alkaline Lake) भी है।
  2. अल्बर्ट झील (Lake Albert): युगांडा और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) की सीमा पर स्थित है।
  3. एडवर्ड झील (Lake Edward): युगांडा और DRC की सीमा पर स्थित है।
  4. किवु झील (Lake Kivu):
    • स्थिति: रवांडा और DRC की सीमा पर।
    • यह झील अपनी सतह के नीचे मौजूद 'मीथेन गैस (Methane Gas)' के विशाल भंडारों के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
    • इसे 'विस्फोटक झील' भी माना जाता है।
  5. तांगानिका झील (Lake Tanganyika):
    • स्थिति: तंजानिया, DRC, बुरुंडी और जाम्बिया की सीमाओं पर।
    • यह विश्व की सबसे लंबी झील है।
    • यह बैकाल झील (रूस) के बाद विश्व की दूसरी सबसे गहरी झील भी है।
  6. मलावी या न्यासा झील (Lake Malawi / Nyasa):
    • स्थिति: यह महान भ्रंश घाटी की सबसे दक्षिणी (Southernmost) प्रमुख झील है (मलावी, मोजाम्बिक और तंजानिया के बीच)।
    • इसे 'कैलेंडर झील' (Calendar Lake) कहा जाता है क्योंकि इसकी लंबाई लगभग 365 मील और चौड़ाई 52 मील है।
परीक्षा चेतावनी
  • विक्टोरिया झील इन दो भ्रंश घाटियों (पूर्वी व पश्चिमी शाखा) के बीच स्थित है — यह भ्रंश घाटी का हिस्सा नहीं है।

विक्टोरिया झील (Lake Victoria) — परीक्षा उपयोगी तथ्य

  • यह अफ्रीका महाद्वीप की सबसे बड़ी झील है।
  • यह विश्व की सबसे बड़ी उष्णकटिबंधीय (Tropical) झील भी है।
  • कुल क्षेत्रफल के आधार पर यह विश्व की तीसरी सबसे बड़ी झील है।

क्षेत्रफल के आधार पर विश्व की शीर्ष 3 झीलें

क्रमझीलटिप्पणी
1कैस्पियन सागरविश्व की सबसे बड़ी झील (खारे पानी की)
2सुपीरियर झीलविश्व की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील
3विक्टोरिया झीलविश्व की सबसे बड़ी उष्णकटिबंधीय झील
  • मीठे पानी (Freshwater) की झीलों में, 'सुपीरियर झील' के बाद यह विश्व में दूसरे स्थान पर आती है।
  • इसकी सीमा केवल तीन अफ्रीकी देशों से लगती है — तंजानिया, युगांडा और केन्या
  • अफ्रीका की अन्य प्रमुख झीलों के विपरीत, विक्टोरिया झील महान भ्रंश घाटी (Great Rift Valley) का हिस्सा नहीं है।
  • यह विश्व की सबसे लंबी नदी प्रणाली की मुख्य धारा, 'श्वेत नील' (White Nile) का उद्गम स्थल है।
साइडनोट — विश्व की प्रमुख झीलें (Master List)

कुल क्षेत्रफल (Total Area) के आधार पर

  • रैंक 1: कैस्पियन सागर (Caspian Sea) — विश्व की सबसे बड़ी झील (लगभग 371,000 वर्ग किमी)।
    • खारे पानी और विशाल आकार के कारण इसे 'सागर' कहा जाता है।
  • रैंक 2: सुपीरियर झील (Lake Superior) — कुल क्षेत्रफल के मामले में विश्व की दूसरी सबसे बड़ी झील।

मीठे पानी का क्षेत्रफल (Freshwater Area) के आधार पर

  • रैंक 1: सुपीरियर झील (Lake Superior) — विश्व की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील (क्षेत्रफल के अनुसार)।
    • स्थिति: अमेरिका और कनाडा की सीमा पर।
  • रैंक 2: विक्टोरिया झील (Lake Victoria) — विश्व की दूसरी सबसे बड़ी मीठे पानी की झील (क्षेत्रफल के अनुसार)।
    • स्थिति: अफ्रीका (भूमध्य रेखा इस झील के बीच से गुजरती है)।

कुल आयतन (Total Volume) के आधार पर

  • रैंक 1: कैस्पियन सागर (Caspian Sea) — पानी के कुल आयतन के अनुसार विश्व की सबसे बड़ी झील।
  • रैंक 2: बैकाल झील (Lake Baikal) — कुल आयतन के अनुसार विश्व की दूसरी सबसे बड़ी झील।

मीठे पानी का आयतन (Freshwater Volume) के आधार पर

  • रैंक 1: बैकाल झील (Lake Baikal) — मीठे पानी के आयतन के अनुसार विश्व की सबसे बड़ी झील।
    • स्थिति: रूस।
    • विश्व का लगभग 20–22% मीठा पानी अकेले इसी झील में है।
  • रैंक 2: तांगानिका झील (Lake Tanganyika) — मीठे पानी के आयतन के अनुसार विश्व की दूसरी सबसे बड़ी झील।

गहराई (Depth) के आधार पर

  • रैंक 1: बैकाल झील (Lake Baikal) — विश्व की सबसे गहरी (Deepest) झील।
    • इसकी अधिकतम गहराई लगभग 1,642 मीटर है।
  • रैंक 2: तांगानिका झील (Lake Tanganyika) — विश्व की दूसरी सबसे गहरी झील।
    • इसकी अधिकतम गहराई लगभग 1,470 मीटर है।

लंबाई (Length) के आधार पर

  • रैंक 1: तांगानिका झील (Lake Tanganyika) — विश्व की सबसे लंबी (Longest) मीठे पानी की झील।
    • यह लगभग 673 किमी लंबी है।
    • स्थिति: चार अफ्रीकी देशों — तंजानिया, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, बुरुंडी और जाम्बिया — की सीमाओं पर।
  • रैंक 2: बैकाल झील (Lake Baikal) — विश्व की दूसरी सबसे लंबी मीठे पानी की झील।
    • यह लगभग 636 किमी लंबी है।

लवणता (Salinity) के आधार पर

  • रैंक 1 (परीक्षा उत्तर): वॉन झील (Lake Van, तुर्की) — प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे Lucent/NCERT) में इसे विश्व की सर्वाधिक लवणता वाली झील (330‰) माना जाता है।
    • परीक्षा में यही उत्तर सही माना जाता है।
    • सत्यापित वैज्ञानिक अपडेट: वर्तमान में अंटार्कटिका का 'डॉन जुआन पॉन्ड' और इथियोपिया का 'गैतले तालाब' 430‰+ लवणता के साथ सबसे नमकीन जल निकाय हैं।
    • फिर भी, पारंपरिक परीक्षाओं में आज भी वॉन झील ही सही उत्तर माना जाता है।
  • रैंक 2: मृत सागर (Dead Sea) — पारंपरिक डेटा के अनुसार 238‰ लवणता के साथ दूसरी सबसे अधिक लवणता वाली झील है।
    • स्थिति: जॉर्डन और इज़राइल के बीच।

ऊंचाई और निचाई (Elevation) के आधार पर विशेष श्रेणियां

  • उच्चतम नौगम्य (Highest Navigable): टिटिकाका झील (Lake Titicaca) — यह विश्व में सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित झील है जहाँ बड़ी नावें (नौकायन) चलाई जा सकती हैं।
    • स्थिति: पेरू और बोलीविया की सीमा पर, एंडीज़ पर्वत में।
  • निम्नतम (Lowest Elevation): मृत सागर (Dead Sea) — यह विश्व की सबसे निचली झील है।
    • इसका तट पृथ्वी पर भूमि का सबसे निचला बिंदु है — समुद्र तल से लगभग 430 मीटर नीचे।

10 अफ्रीका के घास के मैदान (Grasslands)

अफ्रीका के घास के मैदानों को कांगो बेसिन के घने वर्षावन दो स्पष्ट हिस्सों में बांटते हैं — भूमध्य रेखा के उत्तर व दक्षिण में उष्णकटिबंधीय सवाना, और सुदूर दक्षिण में शीतोष्ण वेल्ड।

विश्व के घास के मैदानों का मानचित्र — अफ्रीकी सवाना और वेल्ड सहित प्रेयरी, पम्पास, स्टेप्स व डाउंस
विश्व के घास के मैदान — अफ्रीका में सवाना (उष्णकटिबंधीय) व वेल्ड (शीतोष्ण) | Image: Drishti IAS

1. सवाना (Savanna)

  • प्रकार: उष्णकटिबंधीय (Tropical) घास के मैदान — भूमध्य रेखा के पास, कांगो बेसिन के बाहरी घेरे में।
  • जलवायु: इसकी सबसे बड़ी विशेषता 'स्पष्ट शुष्क और आर्द्र ऋतु' (Distinct dry and wet season) है। यहाँ केवल गर्मियों में बारिश होती है।
  • पारिस्थितिकी: यहाँ की घास लंबी और मोटी (हाथी घास) होती है। विशाल जानवरों (शेर, हाथी, जिराफ) की अधिकता के कारण इसे "विश्व का चिड़ियाघर" या 'Land of Big Game' कहा जाता है। मसाई (Maasai) जनजाति यहीं निवास करती है।

2. वेल्ड (Veld)

  • प्रकार: शीतोष्ण (Temperate) घास के मैदान — मकर रेखा के दक्षिण में, बिल्कुल दक्षिण अफ्रीका में।
  • आर्थिक महत्व: यह क्षेत्र अपनी उन्नत ऊन वाली 'मेरिनो भेड़' (Merino Sheep) के पालन के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
  • खनिज संपदा: यह क्षेत्र खनिजों से समृद्ध है। सोने की खदानों के लिए प्रसिद्ध जोहान्सबर्ग और हीरे के लिए प्रसिद्ध किम्बरले इसी वेल्ड क्षेत्र में आते हैं। लिम्पोपो और ऑरेंज नदियां यहीं से बहती हैं।

11 अफ्रीका महाद्वीप: प्रमुख महासागरीय जलधाराएँ (Ocean Currents)

सबसे महत्वपूर्ण भौगोलिक कॉन्सेप्ट

महाद्वीपों के पश्चिमी तटों पर बहने वाली ठंडी जलधाराएँ हवा की नमी को सोख लेती हैं (Desiccation Effect), जिससे बारिश नहीं होती। यही कारण है कि दुनिया के बड़े मरुस्थल महाद्वीपों के पश्चिमी तटों पर ही मिलते हैं।

विश्व की महासागरीय जलधाराओं का मानचित्र — बेंगुएला, कनारी, सोमाली, अगुलहास, मोजांबिक व गिनी जलधारा सहित
विश्व की महासागरीय जलधाराएँ — लाल: गर्म जलधारा, नीला: ठंडी जलधारा | Image: MapsforUPSC (mapsforupsc.com)

ठंडी जलधाराएँ (Cold Currents) — ध्रुवों से भूमध्य रेखा की ओर

  • बेंगुएला की जलधारा (Benguela Current):
    • स्थिति: दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका (नामीबिया व दक्षिण अफ्रीका) के तट पर, दक्षिण अटलांटिक महासागर में।
    • इसी के कारण अफ्रीका के पश्चिमी तट पर नामिब मरुस्थल और अंदरूनी हिस्से में कालाहारी मरुस्थल का निर्माण हुआ है।
  • कनारी की जलधारा (Canary Current):
    • स्थिति: उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका (मोरक्को, पश्चिमी सहारा) के तट पर, उत्तरी अटलांटिक महासागर में।
    • यह सहारा मरुस्थल के निर्माण और उसके पश्चिमी तट तक विस्तार का सबसे बड़ा भौगोलिक कारण है।
  • सोमाली जलधारा (Somali Current):
    • स्थिति: पूर्वी अफ्रीका ('हॉर्न ऑफ अफ्रीका' / सोमालिया) के तट पर हिंद महासागर में।
    • विशेषता: यह एक अनोखी जलधारा है जो मानसून के अनुसार अपनी दिशा बदलती है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान ठंडे पानी का 'अपवेलिंग' (Upwelling) होता है, जिससे यह ठंडी जलधारा बन जाती है और सोमालिया के तट को शुष्क (Arid) बना देती है।

गर्म जलधाराएँ (Warm Currents) — भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर

  • अगुलहास की जलधारा (Agulhas Current):
    • स्थिति: अफ्रीका के दक्षिण-पूर्वी तट पर हिंद महासागर में।
    • यह दक्षिणी गोलार्ध की सबसे तेज़ बहने वाली पश्चिमी सीमावर्ती जलधारा (Western boundary current) है।
  • मोजांबिक की जलधारा (Mozambique Current): अफ्रीका की मुख्य भूमि और मेडागास्कर द्वीप के बीच 'मोजांबिक चैनल' से बहने वाली हिंद महासागर की गर्म जलधारा है। (यही आगे चलकर अगुलहास जलधारा में मिल जाती है।)
  • गिनी की जलधारा (Guinea Current): पश्चिमी अफ्रीका में 'गिनी की खाड़ी' (Gulf of Guinea) के पास बहने वाली भूमध्यरेखीय अटलांटिक महासागर की गर्म जलधारा है।

12 अफ्रीका की प्रमुख जनजातियां (Important Tribes)

अफ्रीका की जनजातियों को उनके निवास क्षेत्र (मरुस्थल / वर्षावन / सवाना) से जोड़कर याद रखना परीक्षा में सबसे उपयोगी रहता है।

  • बुशमैन (Bushmen / San):
    • स्थान: कालाहारी मरुस्थल (मुख्यतः बोत्सवाना)।
    • ये लोग मुख्य रूप से आखेटक (Hunter-gatherers) हैं। दीमक (Termite) को बड़े चाव से खाते हैं, जिसे "बुशमैन का चावल" (Rice of Bushmen) कहा जाता है।
  • पिग्मी (Pygmy):
    • स्थान: कांगो बेसिन (मध्य अफ्रीका के घने विषुवतीय वर्षावन)।
    • इनका कद बहुत छोटा (बौना) होता है। जंगली जानवरों और दलदल से बचने के लिए ये अपना घर पेड़ों के ऊपर (Tree-houses) बनाते हैं।
  • मसाई (Maasai):
    • स्थान: पूर्वी अफ्रीका के सवाना घास के मैदान (मुख्य रूप से केन्या और तंजानिया)।
    • ये एक लड़ाकू और पशुपालक (Pastoralists) जनजाति हैं। गाय इनके जीवन का केंद्र है। (इनके घर को 'क्रॉल' कहा जाता है।)
  • तुआरेग (Tuareg):
    • स्थान: सहारा मरुस्थल (उत्तरी अफ्रीका)।
    • ये खानाबदोश (Nomadic) लोग हैं। मरुस्थल के कठिन रास्तों की अच्छी जानकारी होने के कारण ये सहारा में व्यापारिक कारवां के मार्गदर्शक (Guides) के रूप में काम करते हैं।
  • बद्दू (Bedouin): उत्तरी अफ्रीका (सहारा) और अरब प्रायद्वीप में पाए जाने वाले, मुख्य रूप से ऊंट पालने वाले खानाबदोश लोग।
  • ज़ुलु (Zulu):
    • स्थान: दक्षिण अफ्रीका (क्वाज़ुलु-नटाल प्रांत)।
    • यह दक्षिण अफ्रीका का सबसे बड़ा जातीय समूह है। ऐतिहासिक 'ज़ुलु युद्ध' (Zulu War) के कारण ये अक्सर इतिहास और भूगोल दोनों में पूछे जाते हैं।
  • फुलानी और हौसा (Fulani & Hausa):
    • स्थान: पश्चिमी अफ्रीका (मुख्यतः नाइजीरिया)।
    • फुलानी लोग मुख्य रूप से पशुपालक (Cattle herders) हैं, जबकि हौसा लोग कृषक (Farmers) हैं। नाइजीरिया की राजनीति में इनका बड़ा प्रभाव है।
  • हूतू और तुत्सी (Hutu & Tutsi):
    • स्थान: रवांडा और बुरुंडी (मध्य-पूर्वी अफ्रीका)।
    • इन दोनों जनजातियों के बीच हुए ऐतिहासिक जातीय संघर्ष (रवांडा नरसंहार) के कारण आयोग अक्सर इनकी लोकेशन पूछता है।

त्वरित सारणी — जनजाति व निवास क्षेत्र

जनजातिनिवास क्षेत्रमुख्य पहचान
बुशमैनकालाहारी मरुस्थलआखेटक, दीमक भक्षी
पिग्मीकांगो बेसिनबौना कद, वृक्ष-गृह
मसाईपूर्वी अफ्रीकी सवानापशुपालक, लड़ाकू
तुआरेगसहारा मरुस्थलव्यापारिक मार्गदर्शक
बद्दूसहारा व अरब प्रायद्वीपऊंट पालक
ज़ुलुदक्षिण अफ्रीकासबसे बड़ा जातीय समूह
फुलानी व हौसापश्चिमी अफ्रीका (नाइजीरिया)पशुपालक व कृषक
हूतू व तुत्सीरवांडा व बुरुंडीऐतिहासिक जातीय संघर्ष