अलंकार क्या है?
काव्य या भाषा की शोभा, प्रभाव और अभिव्यक्ति को बढ़ाने वाले विशेष ढंग को अलंकार कहते हैं। इसके दो मुख्य वर्ग हैं: शब्दालंकार, जिसमें शब्द या ध्वनि से सौंदर्य उत्पन्न होता है; और अर्थालंकार, जिसमें अर्थ या भाव से चमत्कार पैदा होता है। इस पेज में 4 शब्दालंकार और 14 अर्थालंकार की परिभाषा, पहचान तथा उदाहरण दिए गए हैं।
शब्दालंकार (Shabdalankar)
शब्दों की ध्वनि या संरचना से सौंदर्य — पर्यायवाची रखने से अलंकार नष्ट हो जाता है
अर्थालंकार (Arthalankar)
अर्थ (meaning) से सौंदर्य — पर्यायवाची रखने पर भी अलंकार का सौंदर्य बना रहता है
- उपमा अलंकारउपमा अलंकार की परिभाषा, चार अंग, भेद और उदाहरण
- रूपक अलंकाररूपक अलंकार की परिभाषा, पहचान और उपमा से अंतर
- उत्प्रेक्षा अलंकारउत्प्रेक्षा अलंकार की परिभाषा, वाचक शब्द और उदाहरण
- अतिशयोक्ति अलंकारअतिशयोक्ति अलंकार की परिभाषा, पहचान और उदाहरण
- भ्रांतिमान अलंकारभ्रांतिमान अलंकार की परिभाषा, पहचान और संदेह से अंतर
- संदेह अलंकारसंदेह अलंकार की परिभाषा, पहचान और भ्रांतिमान से अंतर
- विरोधाभास अलंकारविरोधाभास अलंकार की परिभाषा, पहचान और उदाहरण
- विभावना अलंकारविभावना अलंकार की परिभाषा, पहचान और विशेषोक्ति से अंतर
- विशेषोक्ति अलंकारविशेषोक्ति अलंकार की परिभाषा, पहचान और विभावना से अंतर
- मानवीकरण अलंकारमानवीकरण अलंकार की परिभाषा, पहचान और उदाहरण
- अपह्नुति अलंकारअपह्नुति अलंकार की परिभाषा, पहचान और रूपक से अंतर
- प्रतीप अलंकारप्रतीप अलंकार की परिभाषा, भेद और उदाहरण
- व्यतिरेक अलंकारव्यतिरेक अलंकार की परिभाषा, पहचान और प्रतीप से अंतर
- दृष्टांत अलंकारदृष्टांत अलंकार की परिभाषा, पहचान और उदाहरण