📊 Master Cheat Sheet

जॉन एडम्स & लॉर्ड एमहर्स्ट — त्वरित संदर्भ

दोनों GG के सभी facts एक जगह — परीक्षा से पहले की अंतिम revision।
🪪 पहचान एवं Timeline
जॉन एडम्स (Acting GG)
कार्यकाल1823 (कुछ महीने)
पदकार्यवाहक (Acting) GG
मुख्य कार्यLicensing Regulation 1823
पत्रिका बंद कीमिरात-उल-अखबार
पत्रिका के मालिकराजा राममोहन राय
विरोध थाहेस्टिंग्स की 1818 Press नीति का
लॉर्ड एमहर्स्ट
कार्यकाल1823–1828
पूर्वनामWilliam Pitt Amherst
पूर्ववर्तीलॉर्ड हेस्टिंग्स
उत्तरवर्तीलॉर्ड विलियम बेंटिंक
मुख्य युद्धप्रथम आंग्ल-बर्मा (1824–26)
मुख्य संधियंडाबू (24 Feb 1826)
📰 जॉन एडम्स — Key Facts
विषयतथ्यTag
Licensing Regulation1823 — Press को License लेना अनिवार्य कियाTRAP
मिरात-उल-अखबारराजा राममोहन राय की फ़ारसी पत्रिका — बंद करवाईPYQ
विरोधाभासहेस्टिंग्स ने 1818 में Pre-censorship हटाई → एडम्स ने 1823 में नई पाबंदी लगाईTRAP
आगे क्या?1835 में चार्ल्स मेटकाफ ने Licensing Regulation हटाया → "Liberator of Press"Link
⚓ एमहर्स्ट चरण 1 — आंग्ल-बर्मा युद्ध Key Facts
विषयतथ्यTag
बर्मा का विस्तार1813 में मणिपुर और 1822 में असम पर कब्ज़ाPYQ
Trigger Pointशहापुरी द्वीप (Shapuree Island) — नाफ नदी के पास — 1823 में बर्मी कब्ज़ाTRAP
युद्ध घोषणा1824Fact
ब्रिटिश जनरलआर्चीबाल्ड कैंपबेल (Archibald Campbell)PYQ
पहला कब्ज़ारंगून (Rangoon) बंदरगाह — समुद्री मार्ग सेFact
बर्मी सेनापतिमहा बंडूला (Maha Bandula)PYQ
बंडूला की मृत्युअप्रैल 1825, दानाब्यू का युद्ध (Battle of Danubyu) — तोप का गोलाTRAP
Deep Factगोलियों से नहीं, मलेरिया और पेचिश से ज्यादा सैनिक मरेDeep
संधि नामयंडाबू की संधि (Treaty of Yandabo)PYQ
संधि तारीख24 फरवरी 1826TRAP
संधि स्थानयंडाबू गाँव — बर्मी राजधानी अवा (Ava) से 45 मील दूरFact
बर्मी राजाबागीदॉ (Bagyidaw)Fact
क्षेत्र मिलेअराकान + तेनासेरिम (तटीय प्रांत)PYQ
दावा छोड़ाअसम + कछार + जयंतिया पर बर्मी दावा समाप्तPYQ
युद्ध हर्जाना1 करोड़ रुपये (1 मिलियन पाउंड)PYQ
Resident कहाँबर्मी राजधानी अवा (Ava) मेंFact
असम का भविष्ययहीं से असम ब्रिटिश प्रभाव में → चाय बागानों की नींवMains
🔥 एमहर्स्ट चरण 2 — बैरकपुर & भरतपुर Key Facts
विषयतथ्यTag
विद्रोह वर्षनवंबर 1824PYQ
स्थानबैरकपुर छावनी, कलकत्ता के पासPYQ
विद्रोही रेजीमेंट47वीं नेटिव इन्फैंट्री (47th Native Infantry)TRAP
धार्मिक कारणसमुद्र पार = कालापानी → धर्म/जाति भ्रष्टPYQ
आर्थिक कारणभत्ता (Bhatta) नहीं मिलाFact
दमनकर्ताजनरल पैगेट (General Paget)Fact
दमन की क्रूरतानिहत्थे सिपाहियों पर तोपखाने से गोलाबारी + फाँसीDeep
रेजीमेंट का हश्र47वीं रेजीमेंट हमेशा के लिए भंग (Disband)PYQ
1857 Linkमंगल पांडे ने इसी बैरकपुर छावनी से 1857 क्रांति का बिगुल बजायाTRAP
भरतपुर — पहला हमला1805 में जनरल लेक (Lord Lake) — 4 महीने बाद भी असफलPYQ
भरतपुर — विवाद 1825दुर्जन शाल ने गद्दी पर कब्ज़ा → ब्रिटिश ने बलवंत सिंह का पक्ष लियाFact
भरतपुर विजेतालॉर्ड कॉम्बरमेयर (Lord Combermere) — बारूदी सुरंगेंPYQ
भरतपुर विजय वर्षजनवरी 1826Fact
महत्वबर्मा युद्ध से गई ब्रिटिश Military Prestige पुनः स्थापितMains
⏳ Press Timeline — एक नज़र में
1799वेलेज़ली — Pre-censorship लागू
  • नेपोलियन के डर से कठोर Pre-censorship — छापने से पहले सरकार को दिखाना।
1818हेस्टिंग्स — Pre-censorship हटाई
  • Pre-censorship समाप्त। Vernacular पत्रिकाओं को समर्थन।
1823जॉन एडम्स — Licensing Regulation
  • Licensing Regulation 1823 — Press को License लेना अनिवार्य।
  • राजा राममोहन राय की मिरात-उल-अखबार (फ़ारसी) बंद।
1835चार्ल्स मेटकाफ — पूर्ण Press स्वतंत्रता
  • Licensing Regulation हटाया।
  • मेटकाफ को "Liberator of Press" कहा जाता है।
📰 जॉन एडम्स (John Adam)

1823 — Licensing Regulation & मिरात-उल-अखबार

लॉर्ड हेस्टिंग्स के जाने के बाद कुछ महीनों के लिए जॉन एडम्स (John Adam) कार्यवाहक GG बने। उनका कार्यकाल छोटा था लेकिन Press के लिए अत्यंत खतरनाक।
📋 पृष्ठभूमि — Press की स्थिति 1818-1823

✅ 1818 की स्थिति (हेस्टिंग्स के बाद)

हेस्टिंग्स ने 1818 में Pre-censorship समाप्त की थी।
संपादकों को छापने से पहले सरकार को दिखाने की बाध्यता खत्म।
Vernacular (स्थानीय भाषा) पत्रिकाओं को समर्थन।

❌ 1823 में जॉन एडम्स ने पलटा

Licensing Regulation 1823 लागू किया।
हर अखबार/पत्रिका को License लेना अनिवार्य।
सरकार को पसंद न आए → License रद्द।
यह हेस्टिंग्स की नीति का पूर्ण विरोधाभास था।

📵 मिरात-उल-अखबार — बंद
पत्रिकामिरात-उल-अखबार क्या थी?
  • नाम का अर्थ: "समाचारों का दर्पण" (Mirror of News)
  • भाषा: फ़ारसी (Persian)
  • संस्थापक: राजा राममोहन राय — भारतीय सामाजिक सुधार आंदोलन के जनक।
  • यह भारत में प्रकाशित होने वाली प्रथम प्रमुख फ़ारसी पत्रिकाओं में से एक थी।
1823Licensing Regulation से बंद
  • जॉन एडम्स के Licensing Regulation के तहत मिरात-उल-अखबार को बंद करवाया गया।
  • राजा राममोहन राय ने License लेने से इनकार किया — सिद्धांत पर अडिग रहे।
  • उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में Petition दाखिल की — इतिहास की पहली Press freedom petition।
🎯 Mains Angle: राजा राममोहन राय न केवल सती प्रथा विरोधी बल्कि Press freedom के भी प्रथम सेनानी थे। 1823 का यह संघर्ष आधुनिक भारत में नागरिक स्वतंत्रता की नींव है।

⏳ Press Timeline — याद रखो

1799: वेलेज़ली → Pre-censorship लागू
1818: हेस्टिंग्स → Pre-censorship हटाई
1823: जॉन एडम्स → Licensing Regulation → मिरात-उल-अखबार बंद
1835: चार्ल्स मेटकाफ → Licensing Reg. हटाई → "Liberator of Press"

एमहर्स्ट ⚓ चरण 1

प्रथम आंग्ल-बर्मा युद्ध (1824–1826) और यंडाबू की संधि

दो साम्राज्यों का टकराव — ब्रिटिश भारत पूर्व की ओर फैल रहा था, बर्मा पश्चिम की ओर। टकराव अनिवार्य था। यह युद्ध अंग्रेजों के लिए एक दुःस्वप्न साबित हुआ।
🗺️ पृष्ठभूमि — Geopolitical Clash
1813बर्मा ने मणिपुर पर कब्ज़ा किया
  • बर्मी साम्राज्य पश्चिम की ओर फैल रहा था।
  • मणिपुर (1813) बर्मा के अधीन।
1822असम पर बर्मी कब्ज़ा
  • बर्मी सेना ने असम (1822) पर भी अधिकार किया।
  • अब बर्मा की सीमा सीधे ब्रिटिश बंगाल प्रेसीडेंसी (सिलहट) से टकराने लगी।
1823Trigger — शहापुरी द्वीप
  • 🚨 Trigger Point: बर्मी सेना ने शहापुरी द्वीप (Shapuree Island) पर कब्ज़ा किया।
  • यह द्वीप नाफ नदी (Naf River) के पास — चटगाँव (बंगाल) और अराकान (बर्मा) की सीमा पर।
  • ब्रिटिश गार्ड्स को भगाया → एमहर्स्ट ने इसे बर्दाश्त नहीं किया।
  • 1824 में युद्ध की घोषणा।
⚔️ युद्ध का घटनाक्रम — A Nightmare

🇬🇧 ब्रिटिश पक्ष

सेनापति: जनरल आर्चीबाल्ड कैंपबेल (Archibald Campbell)

रणनीति: समुद्री मार्ग से हमला → रंगून पर कब्ज़ा।

बड़ी समस्या: बीमारियाँ — मलेरिया और पेचिश (Dysentery) से गोलियों से ज्यादा सैनिक मरे।

🇲🇲 बर्मी पक्ष

महान सेनापति: महा बंडूला (Maha Bandula)

युद्धकौशल: अंग्रेजों को कड़ी टक्कर दी।

मृत्यु: अप्रैल 1825, दानाब्यू के युद्ध (Battle of Danubyu) में — तोप का गोला लगा।

💀 Deep Fact — बीमारी ने जीती लड़ाई

इस युद्ध में अंग्रेज सैनिकों की मृत्यु गोलियों से कम, मलेरिया और पेचिश से ज्यादा हुई। उष्णकटिबंधीय (Tropical) जंगलों में ब्रिटिश सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा। यह युद्ध ब्रिटिश इतिहास के सबसे मँहगे और विनाशकारी युद्धों में से एक था।

📜 यंडाबू की संधि (Treaty of Yandabo — 24 फरवरी 1826)

📍 संधि क्यों और कहाँ?

ब्रिटिश सेना बर्मी राजधानी अवा (Ava) से मात्र 45 मील दूर यंडाबू गाँव पहुँच गई। घबराकर बर्मा के राजा बागीदॉ (Bagyidaw) ने यह अपमानजनक संधि स्वीकार की।

🚨 Date TRAP: संधि की सटीक तारीख = 24 फरवरी 1826

शर्त 1अराकान और तेनासेरिम का विलय
  • बर्मा ने अपने दो महत्वपूर्ण तटीय प्रांत — अराकान (Arakan) और तेनासेरिम (Tenasserim) — ब्रिटिश को सौंपे।
  • ये बर्मा के लिए रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से अत्यंत मूल्यवान थे।
शर्त 2पूर्वोत्तर भारत पर दावा समाप्त
  • बर्मा ने असम, कछार (Cachar) और जयंतिया (Jaintia) पर से दावा हमेशा के लिए छोड़ा।
  • 🚨 Mains Fact: यहीं से असम आधिकारिक रूप से ब्रिटिश प्रभाव में आया → बाद में चाय बागान (Tea Plantations) की नींव पड़ी।
शर्त 3युद्ध हर्जाना
  • बर्मा को 1 करोड़ रुपये (उस समय 1 मिलियन पाउंड) की भारी राशि हर्जाने में देनी पड़ी।
शर्त 4ब्रिटिश Resident — अवा में
  • बर्मी राजधानी अवा (Ava) में एक ब्रिटिश Resident की नियुक्ति स्वीकार की।
  • ताकि अंग्रेजों की सदा नज़र बनी रहे।
🎯 यंडाबू संधि Quick Mnemonic — ATRI:
Arakan + Tenasserim (तटीय प्रांत दिए) → Three states dawa choda (असम+कछार+जयंतिया) → Rupee indemnity (1 crore) → Indore… नहीं — India Resident in Ava
🌿 यंडाबू संधि के दूरगामी परिणाम

🍵 असम → चाय बागान

यंडाबू से असम ब्रिटिश हाथ में → 1840s में चाय बागानों की शुरुआत। आज भी असम भारत का सबसे बड़ा चाय उत्पादक।

🌊 तटीय प्रांत

अराकान + तेनासेरिम = बंगाल की खाड़ी पर रणनीतिक नियंत्रण। व्यापार और नौसेना दोनों के लिए।

💸 भारी कीमत

इस युद्ध पर अंग्रेजों का खर्च बर्मा से मिले हर्जाने से कहीं ज्यादा था। बीमारियों से जन-धन हानि।

एमहर्स्ट - 🔥 चरण 2

बैरकपुर का विद्रोह (1824) और भरतपुर की विजय (1826)

बर्मा युद्ध के दौरान घर में आग भड़की — बैरकपुर विद्रोह (1824)। और एक 20 साल पुरानी हार का बदला लिया — भरतपुर की विजय (1826)
🔥 बैरकपुर का सैन्य विद्रोह — 1824

📌 स्थान और संदर्भ

स्थान: बैरकपुर छावनी (Barrackpore Cantonment) — कलकत्ता के पास।

समय: नवंबर 1824

यह वेल्लोर विद्रोह (1806) के बाद दूसरा सबसे बड़ा सिपाही विद्रोह था।

📌 विद्रोही रेजीमेंट

47वीं नेटिव इन्फैंट्री (47th Native Infantry)

आदेश: समुद्री मार्ग से बर्मा जाओ।

जवाब: इनकार! — परेड ग्राउंड पर हथियार डाल दिए।

💢 विद्रोह के कारण
कारण 1कालापानी (धार्मिक कारण)
  • उस समय हिंदू धर्म में मान्यता: समुद्र पार करना = कालापानी = धर्म और जाति भ्रष्ट।
  • सिपाहियों ने समुद्री मार्ग से बर्मा जाने को धर्म के विरुद्ध माना।
कारण 2भत्ता न मिलना (आर्थिक कारण)
  • विदेशी धरती पर लड़ने के लिए अतिरिक्त भत्ता (Bhatta/Allowance) मिलना चाहिए था।
  • अंग्रेज सरकार ने यह देने से इनकार किया।

💀 क्रूर दमन — जनरल पैगेट

जनरल पैगेट (General Paget) ने सिपाहियों की बात सुनने के बजाय तोपखाने से गोलाबारी का आदेश दिया।

परिणाम: सैकड़ों निहत्थे सिपाही मारे गए + अनेकों को फाँसी पर लटकाया + 47वीं रेजीमेंट हमेशा के लिए भंग (Disband)

🎯 1857 से सीधा Connection — UPSC Mains का पसंदीदा:
बैरकपुर छावनी ने 1824 का ज़ख्म नहीं भूला। 33 साल बाद — 1857 में मंगल पांडे ने इसी बैरकपुर छावनी से ब्रिटिश अफ़सर पर हमला करके प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का बिगुल बजाया।

1806 (वेल्लोर) → 1824 (बैरकपुर) → 1857 (बैरकपुर/मेरठ) — तीनों की श्रृंखला परीक्षा में बहुत पूछी जाती है।
⚔️ भरतपुर ⚔️
🏰 भरतपुर के अजेय दुर्ग की विजय — 1826
1805पहली विफलता — जनरल लेक
  • लॉर्ड वेलेज़ली के समय में जनरल लेक (Lord Lake) ने भरतपुर किले पर 4 महीने हमला किया।
  • परिणाम: पूर्णतः विफल। किला जीता नहीं जा सका।
  • मिथक बना: "भरतपुर का किला अजेय (Impregnable) है!" — पूरे भारत में।
1825उत्तराधिकार विवाद — बहाना मिला
  • भरतपुर में उत्तराधिकार संकट: दुर्जन शाल ने गद्दी पर कब्ज़ा किया।
  • वैध उत्तराधिकारी: बलवंत सिंह।
  • अंग्रेजों ने बलवंत सिंह के पक्ष में हस्तक्षेप का निर्णय लिया — यही बहाना था।
Jan 1826लॉर्ड कॉम्बरमेयर की विजय
  • एमहर्स्ट ने Commander-in-Chief लॉर्ड कॉम्बरमेयर (Lord Combermere) को भेजा।
  • हथियार: भारी तोपखाना + बारूदी सुरंगें (mines)।
  • परिणाम: जनवरी 1826 में "अजेय" दुर्ग की दीवारें उड़ा दी गईं → किला जीत लिया।
🎯 Mains Viewpoint: भरतपुर का पतन दो काम कर गया —
(1) भारतीय राजाओं की आखिरी उम्मीद टूटी — कोई किला अंग्रेजी तोपखाने से सुरक्षित नहीं।
(2) बर्मा युद्ध से जो ब्रिटिश Military Prestige गई थी, वह फिर से स्थापित हो गई।
📊 बैरकपुर vs भरतपुर — Contrast Table
पहलूबैरकपुर (1824)भरतपुर (1826)
प्रकारसिपाही विद्रोह — दमनभारतीय किले पर विजय
GGलॉर्ड एमहर्स्टलॉर्ड एमहर्स्ट
ब्रिटिश नेताजनरल पैगेटलॉर्ड कॉम्बरमेयर
परिणाम British के लिएInternal Military trust खोयाMilitary Prestige पुनः स्थापित
1857 linkमंगल पांडे — बैरकपुरमिथक टूटा → राजा हताश
पहले भी हुआ था?हाँ — वेल्लोर 1806हाँ — लेक 1805 में हारे
🎯 MCQs & PYQs

जॉन एडम्स & लॉर्ड एमहर्स्ट — 18 प्रश्न

UPSC, UPPSC, UKPSC, UKSSSC, SSC — सभी से PYQ + Practice।
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शेष