लॉर्ड हेस्टिंग्स — सम्पूर्ण त्वरित संदर्भ
| विषय | तथ्य | Tag |
|---|---|---|
| तात्कालिक कारण | बुटवल (Butwal) और शिवराज (Sheoraj) पर गोरखा हमला — मई 1814 | TRAP |
| नालापानी — गोरखा नेता | बलभद्र कुंवर | PYQ |
| नालापानी — British मृत्यु | जनरल रोलो गिलेस्पी (वही जिसने वेल्लोर 1806 दबाया) | Deep Fact |
| मुख्य गोरखा सेनापति | अमर सिंह थापा — पश्चिमी मोर्चा | PYQ |
| विजयी ब्रिटिश जनरल | डेविड ऑक्टरलोनी (मलौन + मकवानपुर) | PYQ |
| संधि Draft | 2 दिसंबर 1815 | TRAP |
| संधि Ratify | 4 मार्च 1816 — ऑक्टरलोनी के काठमांडू मार्च के डर से | TRAP |
| पश्चिमी सीमा नदी | काली नदी (महाकाली/शारदा) — कालापानी विवाद की जड़ | PYQ |
| कुमाऊं & गढ़वाल | ब्रिटिश कंपनी को मिले → वर्तमान उत्तराखंड | PYQ |
| सिक्किम संधि | तितलिया की संधि — 1817 | Fact |
| प्रथम काठमांडू Resident | एडवर्ड गार्डनर | PYQ |
| विषय | तथ्य | Tag |
|---|---|---|
| उत्तरी सेना नेतृत्व | स्वयं लॉर्ड हेस्टिंग्स | PYQ |
| दक्षिणी सेना नेतृत्व | जनरल थॉमस हिस्लोप | Fact |
| पिंडारी — टोंक नवाब | अमीर खान | PYQ |
| पिंडारी — गौसगढ़ जागीर | करीम खान (सरेंडर किया) | Fact |
| पिंडारी — बाघ ने मारा | चीतू — जंगल में भागा, बाघ ने मारा | TRAP |
| पिंडारी — आत्महत्या | वासिल मुहम्मद — ज़हर खाकर मरा | Fact |
| पूना की संधि (1817) | पेशवा बाजीराव द्वितीय ने Maratha Confederacy का प्रमुख पद छोड़ा | PYQ |
| ग्वालियर संधि (1817) | सिंधिया ने राजपूताना दावा छोड़ा | Fact |
| खड़की का युद्ध | पेशवा बाजीराव द्वितीय पराजित — नवंबर 1817 | PYQ |
| सीताबर्डी का युद्ध | भोंसले (अप्पा साहिब) पराजित | Fact |
| महीदपुर का युद्ध | 21 दिसंबर 1817 — होलकर पराजित (जनरल हिस्लोप) | PYQ |
| मंदसौर की संधि | जनवरी 1818 — होलकर ने कंपनी अधीनता स्वीकारी | PYQ |
| पेशवा पद समाप्ति | 1818 — हेस्टिंग्स ने हमेशा के लिए खत्म किया | TRAP |
| बाजीराव निर्वासन | बिठूर (कानपुर के पास) — 8 लाख रु. पेंशन | PYQ |
| 1857 connection | नाना साहेब (बाजीराव के दत्तक पुत्र) ने कानपुर से विद्रोह किया | Deep Fact |
| सतारा | शिवाजी वंशज प्रताप सिंह को राजा बनाया — मराठा भावना शांत करने को | TRAP |
| राजपूताना — पहला राज्य | करौली (1817) — प्रथम Subordinate Isolation संधि | Fact |
| राजपूताना दूत | चार्ल्स मेटकाफ | PYQ |
| विषय | तथ्य | Tag |
|---|---|---|
| रैयतवाड़ी — पहला प्रयोग | कैप्टन अलेक्जेंडर रीड — 1792, बारा महल, मद्रास | TRAP |
| रैयतवाड़ी — विधिवत जनक | थॉमस मुनरो — मद्रास, 1820 | PYQ |
| रैयतवाड़ी — क्षेत्र | मद्रास, बंबई, असम, कूर्ग — 51% भूमि | PYQ |
| रैयतवाड़ी — कर दर | ~50-60% उपज | Fact |
| महालवाड़ी — ड्राफ्टर | होल्ट मैकेंजी — 1819 | PYQ |
| महालवाड़ी — कानून | Regulation VII, 1822 | TRAP |
| महालवाड़ी — क्षेत्र | NW Province (UP), मध्य प्रांत, पंजाब — 30% भूमि | PYQ |
| हिंदू कॉलेज स्थापना | 1817 — राजा राममोहन राय + डेविड हेयर + एडवर्ड हाइड ईस्ट | PYQ |
| हिंदू कॉलेज अब | प्रेसीडेंसी कॉलेज, कलकत्ता | Fact |
| प्रेस सेंसरशिप हटाई | 1818 — 1799 वेलेज़ली का Pre-censorship हटा | PYQ |
आंग्ल-नेपाल युद्ध (1814–1816) और संगौली की संधि
- पृथ्वी नारायण शाह ने नेपाल को शक्तिशाली सैन्य राज्य बनाया।
- आसपास के छोटे पहाड़ी राज्यों को जीत कर गोरखा साम्राज्य खड़ा किया।
- गोरखाओं ने तिब्बत पर हमला किया → चीन की Qing Dynasty ने हरा दिया।
- उत्तर (तिब्बत/चीन) की ओर विस्तार हमेशा के लिए बंद।
- एकमात्र रास्ता: दक्षिण → तराई के मैदान और अवध।
- लॉर्ड वेलेज़ली ने अवध के नवाब से गोरखपुर छीन लिया।
- ब्रिटिश साम्राज्य की सीमा सीधे नेपाल से जा टकराई।
- तराई में सीमा विवाद बढ़ता रहा → युद्ध अपरिहार्य।
🗺️ बुटवल और शिवराज पर हमला
मई 1814: गोरखाओं ने तराई की दो ब्रिटिश पुलिस चौकियों — बुटवल (Butwal) और शिवराज (Sheoraj) — पर कब्ज़ा कर लिया।
हेस्टिंग्स ने इसे ब्रिटिश संप्रभुता पर हमला माना और नवंबर 1814 में युद्ध घोषित किया।
- गोरखा सेनापति बलभद्र कुंवर ने अत्यंत बहादुरी से ब्रिटिश को रोका।
- 🚨 UPSC Deep Fact: इसी युद्ध में जनरल रोलो गिलेस्पी मारे गए — वही जिन्होंने 1806 के वेल्लोर विद्रोह को कुचला था।
- अंग्रेजों को पहाड़ी युद्ध का कोई अनुभव नहीं → शुरुआती करारी हार।
- मुख्य गोरखा सेनापति अमर सिंह थापा — पश्चिमी मोर्चा।
- पहाड़ी रणनीति में माहिर — 4 में से 3 ब्रिटिश टुकड़ियाँ हारीं।
- जनरल डेविड ऑक्टरलोनी ने कमान संभाली।
- मलौन का युद्ध (Battle of Malaun): अमर सिंह थापा पराजित।
- मकवानपुर का युद्ध: पूर्वी मोर्चे पर गोरखा हारे।
- काठमांडू की ओर कूच → डरकर नेपाल ने संधि माँगी।
| व्यक्तित्व | पक्ष | भूमिका | परिणाम |
|---|---|---|---|
| बलभद्र कुंवर | नेपाल | नालापानी रक्षक | वीरगति — ब्रिटिश ने भी सराहा |
| अमर सिंह थापा | नेपाल | मुख्य सेनापति (पश्चिम) | मलौन में पराजित |
| रोलो गिलेस्पी | ब्रिटिश | नालापानी अभियान | युद्ध में मृत्यु (1814) |
| डेविड ऑक्टरलोनी | ब्रिटिश | निर्णायक अभियान | युद्ध विजेता |
| एडवर्ड गार्डनर | ब्रिटिश | — | काठमांडू के प्रथम Resident |
🚨 सबसे बड़ा TRAP — दो तारीखें
Draft: 2 दिसंबर 1815
नेपाल के राजा ने हस्ताक्षर से इनकार किया।
Ratify: 4 मार्च 1816
ऑक्टरलोनी के काठमांडू मार्च से डरकर।
💡 याद करने की trick
TKSRB Mnemonic:
Terai छोड़ा → Kumaon-Garhwal दिया → Sikkim खाली किया → Resident (Gardner) → Boundary = काली नदी
- नेपाल ने विवादित तराई (Terai) पर दावा छोड़ा।
- बाद में अंग्रेजों ने कुछ हिस्सा अवध को दे दिया।
- कुमाऊं (Kumaon) और गढ़वाल (Garhwal) के पूरे पहाड़ी क्षेत्र → ब्रिटिश कंपनी को।
- यही क्षेत्र है वर्तमान उत्तराखंड।
- मिले: नैनीताल, मसूरी, अल्मोड़ा, रानीखेत, शिमला।
- काली नदी (महाकाली / शारदा नदी) = नेपाल की पश्चिमी सीमा।
- 🚨 यही आज के भारत-नेपाल कालापानी विवाद (2020) की जड़ है।
- नेपाल ने सिक्किम से सेना हटाई → ब्रिटिश संरक्षण में।
- अंग्रेजों ने 1817 में सिक्किम से तितलिया की संधि की।
- काठमांडू में ब्रिटिश Resident की नियुक्ति।
- प्रथम Resident: एडवर्ड गार्डनर (Edward Gardner)।
🏖️ हिल स्टेशन्स
शिमला, मसूरी, नैनीताल, अल्मोड़ा, रानीखेत — ब्रिटिश सेना की छावनी + गर्मियों की राजधानी।
💂 गोरखा रेजीमेंट
गोरखाओं की वीरता से प्रभावित → ब्रिटिश सेना में गोरखा रेजीमेंट। 1857 में अंग्रेजों के तारणहार।
🛤️ हिमालयी मार्ग
मध्य एशिया + तिब्बत व्यापार के लिए लिपुलेख दर्रे समेत हिमालयी रास्ते मिले।
पिंडारियों का दमन और मराठा साम्राज्य का पूर्ण विनाश
📌 परिभाषा
पिंडारी कोई जाति/धर्म नहीं — लुटेरों और अनियमित घुड़सवारों का समूह (हिंदू+मुस्लिम दोनों)।
मराठा सेनाओं के साथ बिना वेतन लड़ते थे; बदले में लूट का हिस्सा मिलता था।
मराठों के पतन के बाद बेरोज़गार → मध्य भारत में भारी लूटपाट।
👤 प्रमुख पिंडारी नेता
चीतू — जंगल भागा, बाघ ने मारा 🐯
वासिल मुहम्मद — सिंधिया के यहाँ शरण, ज़हर खाकर आत्महत्या
करीम खान — सरेंडर, गौसगढ़ की जागीर
अमीर खान — सरेंडर, टोंक का नवाब बनाया
🪖 सैन्य अभियान — Grand Army (1 लाख+ सैनिक)
उत्तरी सेना: स्वयं लॉर्ड हेस्टिंग्स — उत्तर से घेरा
दक्षिणी सेना (Deccan Force): जनरल थॉमस हिस्लोप (Thomas Hislop) — दक्षिण से घेरा
पिंडारियों को चारों तरफ से घेर लिया।
| संधि | समय | किसके साथ | शर्त (अपमान) |
|---|---|---|---|
| ग्वालियर की संधि | नवंबर 1817 | सिंधिया | राजपूताना दावा छोड़ा + पिंडारियों के खिलाफ सहयोग |
| पूना की संधि | जून 1817 | पेशवा बाजीराव द्वितीय | Maratha Confederacy का प्रमुख पद छोड़ना |
- पेशवा बाजीराव द्वितीय ने पूना में ब्रिटिश Residency पर हमला कर जला दिया।
- ब्रिटिश सेना ने खड़की (Kirkee) और कोरेगाँव (Koregaon) में बुरी तरह हराया।
- 🚨 Extra Fact: कोरेगाँव विजय को महार रेजीमेंट की जीत के रूप में याद किया जाता है — आज भी विवाद में।
- नागपुर के अप्पा साहिब भोंसले ने विद्रोह किया।
- सीताबर्डी का युद्ध (Battle of Sitabuldi) — अंग्रेजों ने हराया।
- मल्हार राव होलकर द्वितीय ने अंतिम प्रयास किया।
- महीदपुर का युद्ध (Battle of Mahidpur): जनरल थॉमस हिस्लोप ने होलकर की सेना पूरी तरह नष्ट की।
- इसके बाद मंदसौर की संधि (जनवरी 1818) — होलकर ब्रिटिश अधीन।
- हेस्टिंग्स ने पेशवा का पद हमेशा के लिए समाप्त किया।
- बाजीराव द्वितीय को 8 लाख रु. पेंशन → बिठूर (कानपुर के पास) निर्वासित।
- 🚨 1857 Connection: बाजीराव के दत्तक पुत्र नाना साहेब ने कानपुर से 1857 विद्रोह किया।
- मराठा भावना शांत करने को छत्रपति शिवाजी के वंशज प्रताप सिंह को खोज निकाला।
- उसे महाराष्ट्र के एक छोटे हिस्से सतारा (Satara) का राजा बनाया।
- मराठा खात्मे के बाद मध्य भारत में Power Vacuum।
- हेस्टिंग्स ने चार्ल्स मेटकाफ को राजपूताना संधियाँ करने भेजा।
- मेवाड़, मारवाड़, जयपुर, कोटा आदि → ब्रिटिश संरक्षण।
- प्रथम राज्य: करौली (Karauli, 1817) — पहला Subordinate Isolation राज्य।
🎯 UPSC Mains Angle — तृतीय मराठा युद्ध का महत्व
इस युद्ध के बाद भारत में कोई भी शक्ति ब्रिटिश साम्राज्य को चुनौती देने में सक्षम नहीं रही। पेशवा पद की समाप्ति + राजपूताना अधीनता = पूरे भारत पर ब्रिटिश वर्चस्व। यही 'Paramountcy' का व्यावहारिक क्रियान्वयन था।
प्रशासनिक सुधार, भू-राजस्व प्रणालियां और प्रेस नीति
| विषय | स्थायी बंदोबस्त | रैयतवाड़ी | महालवाड़ी |
|---|---|---|---|
| वर्ष | 1793 | 1820 | 1822 |
| GG/Architect | कॉर्नवालिस | थॉमस मुनरो | होल्ट मैकेंजी |
| कर किसे दिया | ज़मींदार | सीधे किसान | गाँव/समुदाय |
| क्षेत्र | बंगाल, बिहार, उड़ीसा | मद्रास, बंबई, असम | UP, मध्य प्रांत, पंजाब |
| % भूमि | ~19% | ~51% | ~30% |
| कर कितना | Fixed (ज़मींदार तय) | ~50-60% उपज | गाँव से collective |
- 🚨 TRAP: पहला प्रयोग कैप्टन अलेक्जेंडर रीड (Alexander Read) ने किया।
- स्थान: बारा महल (Baramahal) जिला, मद्रास।
- सम्पूर्ण मद्रास प्रेसीडेंसी में लागू करने का श्रेय: थॉमस मुनरो।
- रैयत = किसान। ज़मींदार (बिचौलिए) पूरी तरह हटाए गए।
- किसान को ज़मीन का मालिकाना हक — शर्त: समय पर कर चुकाओ।
- कर दर: लगभग 50-60% — अत्यंत ऊँची।
- क्षेत्र: मद्रास, बंबई, पूर्वी बंगाल, असम, कूर्ग → 51% भूमि।
- होल्ट मैकेंजी (Holt Mackenzie) ने 1819 में ड्राफ्ट तैयार किया।
- कानूनी रूप: Regulation VII, 1822।
- महाल = गाँव या जागीर। कर का समझौता पूरे गाँव के समुदाय या लंबरदार (Lambardar) से।
- उत्तर भारत में व्यक्ति नहीं, पूरा गाँव ज़मीन का मालिक होता था।
- क्षेत्र: NW Province (वर्तमान UP), मध्य प्रांत, पंजाब → 30% भूमि।
🚨 TRAP — महालवाड़ी को किसने सुधारा?
महालवाड़ी को बाद में लॉर्ड विलियम बेंटिंक के समय (1833) में रेगुलेशन IX से संशोधित किया गया। हेस्टिंग्स ने 1822 में शुरू किया, Bentinck ने 1833 में सुधारा।
- स्थापना: 1817, कलकत्ता।
- संस्थापक: राजा राममोहन राय + डेविड हेयर + सर एडवर्ड हाइड ईस्ट।
- हेस्टिंग्स ने संरक्षण दिया।
- यही बाद में प्रेसीडेंसी कॉलेज (Presidency College) बना।
- 1813 Charter Act के 1 लाख रु. शिक्षा बजट का प्रभाव।
- 1799 में लॉर्ड वेलेज़ली ने नेपोलियन के डर से कठोर Pre-censorship लगाई थी।
- हेस्टिंग्स ने 1818 में यह Pre-censorship समाप्त की।
- नए नियम: संपादकों को सामान्य नियम पालन → छापने से पहले अनुमति नहीं।
- भारत में पहली बार vernacular (स्थानीय भाषा) पत्रिकाओं का समर्थन।
1799: वेलेज़ली → Pre-censorship लागू | 1818: हेस्टिंग्स → Pre-censorship हटाई | 1835: मेटकाफ → प्रेस को पूर्ण स्वतंत्रता (Liberator of Press) | 1857 के बाद: फिर पाबंदियाँ।
✅ उपलब्धियाँ
• Paramountcy नीति → भारत पर पूर्ण ब्रिटिश वर्चस्व
• नेपाल युद्ध → उत्तराखंड + हिल स्टेशन + गोरखा रेजीमेंट
• पिंडारी + मराठा — एक ही अभियान में दोनों खत्म
• रैयतवाड़ी + महालवाड़ी → नई भू-राजस्व प्रणालियाँ
• प्रेस Pre-censorship हटाई
❌ आलोचना
• सर्वोच्चता नीति ने भारतीय राजाओं की संप्रभुता पूरी तरह नष्ट की
• रैयतवाड़ी में कर दर (50-60%) अत्यधिक — किसान तबाह
• भारत में ब्रिटिश साम्राज्यवाद को पूर्ण स्थायित्व दिया
• बाजीराव का बिठूर निर्वासन → 1857 का बीज