सार-पत्र · Folio 0

1-मिनट मास्टर सार-पत्र

वारेन हेस्टिंग्स — भारत में ब्रिटिश प्रशासन का वास्तविक निर्माता। रेगुलेटिंग एक्ट 1773 के तहत प्रथम गवर्नर-जनरल। कार्यकाल: 1772–1785

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वर्ष नाम / घटना कार्य / विवरण
① प्रशासनिक एवं राजनीतिक सुधार
1772वारेन हेस्टिंग्सबंगाल का गवर्नर नियुक्त; द्वैध शासन (Dual Government) समाप्त किया
1773रेगुलेटिंग एक्टपद उन्नत — 'गवर्नर' से 'गवर्नर-जनरल'; हेस्टिंग्स प्रथम गवर्नर-जनरल बने
② आर्थिक एवं भू-राजस्व सुधार
1772कलेक्टर पदप्रत्येक जिले में राजस्व संग्रहण हेतु सृजित (शुरुआत में कोई न्यायिक शक्ति नहीं)
1772इजारेदारी प्रथापंचवर्षीय बंदोबस्त — नीलामी द्वारा राजस्व ठेका (विफल रहा)
1777एकवर्षीय बंदोबस्तवार्षिक नीलामी लागू; पुराने जमींदारों को बोली में प्राथमिकता
③ न्यायिक सुधार एवं कानूनों का संकलन
1774कलकत्ता सुप्रीम कोर्टस्थापना; प्रथम मुख्य न्यायाधीश सर एलीजाह इम्पे
1775नंद कुमार की फाँसी'प्रथम न्यायिक हत्या' — जालसाजी के झूठे मुकदमे में फाँसी
1776A Code of Gentoo LawsN.B. हालहेड द्वारा हिंदू कानूनों का अंग्रेजी अनुवाद
1781Act of SettlementGG व परिषद को आधिकारिक कार्यों में सुप्रीम कोर्ट के अधिकार-क्षेत्र से मुक्ति
④ सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं बौद्धिक विकास
1778प्रथम बांग्ला व्याकरणN.B. हालहेड द्वारा रचित
1780हिक्कीज़ बंगाल गज़ेटजेम्स ऑगस्टस हिक्की द्वारा शुरू; भारत-एशिया का पहला मुद्रित समाचार पत्र (29 जनवरी)
1781कलकत्ता मदरसाहेस्टिंग्स द्वारा स्थापित — ब्रिटिश भारत का पहला शैक्षणिक संस्थान
1782मैप ऑफ हिंदुस्तानमेजर जेम्स रेनेल द्वारा प्रकाशित — भारत का पहला प्रामाणिक नक्शा
1784एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगालसर विलियम जोंस द्वारा स्थापित (15 जनवरी); हेस्टिंग्स ने अध्यक्ष पद ठुकराया
1785गीता का अंग्रेजी अनुवादचार्ल्स विल्किंस द्वारा; भूमिका स्वयं हेस्टिंग्स ने लिखी
1787हितोपदेश का अनुवादचार्ल्स विल्किंस द्वारा
1789अभिज्ञान शाकुंतलमसर विलियम जोंस — संस्कृत नाटक का यूरोपीय भाषा में पहला अनुवाद
1794मनुस्मृति (A Digest of Hindu Law)सर विलियम जोंस द्वारा संकलित
⑤ विदेश नीति, युद्ध एवं कूटनीति
1773बनारस की संधिअवध नवाब शुजा-उद-दौला के साथ; 'रिंग फेंस नीति' की शुरुआत
1774रुहेला युद्धकर्नल चैंपियन का आक्रमण; हाफिज रहमत खान युद्ध में मारा गया
1775फैज़ाबाद की संधिबनारस की ज़मींदारी नवाब से छीन कंपनी को सौंपी गई
1775सूरत की संधिराघोबा-बंबई गठबंधन; प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध की शुरुआत
1776पुरंदर की संधिहेस्टिंग्स ने सूरत संधि रद्द की; राघोबा को पेंशन पर किनारे किया
1779बड़गाँव की संधिअंग्रेजों की सबसे अपमानजनक हार; महादजी सिंधिया की Scorched-Earth रणनीति
1779माहे पर ब्रिटिश अधिकारद्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध का तात्कालिक कारण
1780पोलिलूर का युद्धहैदर अली ने कर्नल बेली को हराया; Mysorean Rockets का प्रथम बड़ा प्रयोग
1780गोडार्ड व पोफम का मार्चअहमदाबाद (गोडार्ड) व ग्वालियर किले (पोफम) की जीत
1781त्रिगुट विभाजन कूटनीतिगुंटूर लौटाकर निज़ाम को महागठबंधन (Triple Alliance) से तोड़ा
1781पोर्टो नोवो का युद्धसर आयर कूट द्वारा हैदर अली की निर्णायक पराजय
1782साल्बाई की संधिमराठों से 20 साल की शांति; मध्यस्थ महादजी सिंधिया
1782कुम्बकोणमटीपू सुल्तान द्वारा कर्नल ब्रेथवेट की पराजय
1782हैदर अली की मृत्यु7 दिसंबर — कैंसर से मृत्यु; पुत्र टीपू सुल्तान ने नेतृत्व संभाला
1784मंगलौर की संधिटीपू सुल्तान व लॉर्ड मैकार्टनी के मध्य; द्वितीय मैसूर युद्ध समाप्त
1785हेस्टिंग्स का प्रत्यागमनभारत से लंदन वापसी; संसद में महाभियोग की शुरुआत
1795महाभियोग में बरी (Acquitted)एडमंड बर्क द्वारा चलाए 7 वर्षीय मुकदमे का अंत
अध्याय १ · Folio I

प्रशासनिक एवं राजनीतिक सुधार

👤 गवर्नर-जनरल: वारेन हेस्टिंग्स (1772–1785)
🌍 पृष्ठभूमि: रॉबर्ट क्लाइव का द्वैध शासन (Dual Government) 1765 से चल रहा था। नवाब के पास उत्तरदायित्व था किंतु राजस्व नहीं; कंपनी के पास राजस्व था किंतु उत्तरदायित्व नहीं। इसके परिणामस्वरूप 1770 का बंगाल अकाल हुआ जिसमें बंगाल की लगभग एक-तिहाई जनसंख्या मृत्यु को प्राप्त हुई।

🗑️ द्वैध शासन की समाप्ति (1772)

कार्रवाई: कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स के निर्देशानुसार हेस्टिंग्स ने द्वैध शासन को तत्काल समाप्त किया।

प्रभाव: कंपनी ने बंगाल, बिहार और उड़ीसा के प्रशासन (निजामत) और राजस्व (दीवानी) दोनों का प्रत्यक्ष उत्तरदायित्व ले लिया।

महत्वपूर्ण: बंगाल के उप-दीवान मोहम्मद रजा खान और बिहार के उप-दीवान राजा शिताब राय को पद से हटा दिया गया।

🏙️ राजधानी और सत्ता का केंद्रीकरण

राजकीय कोषागार (Treasury) को मुर्शिदाबाद से स्थानांतरित कर कलकत्ता लाया गया। कलकत्ता आधिकारिक रूप से ब्रिटिश शक्ति की राजधानी बन गया।

नवाब की पेंशन: बंगाल के नवाब मुबारक-उद-दौला की वार्षिक पेंशन 32 लाख से घटाकर 16 लाख रुपये कर दी गई। नवाब के संरक्षण हेतु मुन्नी बेगम नियुक्त की गई।

📜 रेगुलेटिंग एक्ट 1773 (The Regulating Act)

1773 पद का उन्नयन
  • 'गवर्नर ऑफ बंगाल' को अपग्रेड कर 'गवर्नर-जनरल ऑफ बंगाल' किया गया।
  • वारेन हेस्टिंग्स इस पद पर आसीन होने वाले प्रथम अधिकारी बने।
  • बॉम्बे और मद्रास प्रेसीडेंसी को युद्ध, शांति और विदेशी संधियों में बंगाल के अधीन किया गया।

👥 कार्यकारी परिषद (Executive Council) — 4 सदस्य

सदस्यभूमिका
फिलिप फ्रांसिसगवर्नर-जनरल का प्रमुख आलोचक एवं विरोधी
जॉन क्लेवरिंगविरोधी गुट
जॉर्ज मॉनसनविरोधी गुट
रिचर्ड बारवेलपरिषद में हेस्टिंग्स का एकमात्र समर्थक

वीटो बनाम कास्टिंग वोट

हेस्टिंग्स के पास परिषद के निर्णयों को निरस्त करने की वीटो शक्ति नहीं थी। निर्णय बहुमत से होते थे। केवल मतों की बराबरी (Tie) की स्थिति में उसे निर्णायक मत (Casting Vote) का अधिकार था।

अध्याय २ · Folio II

आर्थिक एवं भू-राजस्व सुधार

💰 भू-राजस्व प्रयोग — 1772 से 1785
🎯 हेस्टिंग्स का मुख्य लक्ष्य: राजस्व वसूली की एक निश्चित और अधिकतम लाभ वाली व्यवस्था। ईस्ट इंडिया कंपनी को युद्धों और व्यापार के लिए भारी धन चाहिए था।

🏦 राजस्व बोर्ड की स्थापना (Board of Revenue)

राजस्व मामलों की सर्वोच्च देखरेख के लिए कलकत्ता में 'राजस्व बोर्ड' (Board of Revenue) का गठन किया गया। पूरा राजस्व प्रशासन अब सीधे कंपनी के ब्रिटिश अधिकारियों के नियंत्रण में आ गया।

1772कलेक्टर पद का सृजन

  • प्रत्येक जिले में राजस्व संग्रहण हेतु ब्रिटिश अधिकारी नियुक्त — नाम: कलेक्टर
  • ⚠️ शुरुआत में कलेक्टर का एकमात्र काम राजस्व संग्रहण था — कोई न्यायिक शक्ति नहीं।

🔨 भू-राजस्व व्यवस्था के तीन प्रयोग

1772 पंचवर्षीय बंदोबस्त / इजारेदारी प्रथा
  • तरीका: भू-राजस्व वसूलने के लिए नीलामी (Auction) की व्यवस्था। सबसे ऊंची बोली लगाने वाले को 5 साल के लिए उस क्षेत्र से लगान वसूलने का ठेका (Ijaradari)।
  • परिणाम (विफलता): ठेकेदारों ने जमीन के लिए अवास्तविक बोलियां लगाईं, किसानों का भयानक शोषण किया।
परीक्षा प्रश्न: इजारेदारी (ठेकेदारी) प्रथा किसने शुरू की? → वारेन हेस्टिंग्स (1772)
1777 एकवर्षीय बंदोबस्त (Annual Settlement)
  • पंचवर्षीय व्यवस्था के फेल होने के बाद बदलाव।
  • अब ठेके हर साल नीलाम किए जाने लगे।
  • पुराने जमींदारों को बोली लगाने में प्राथमिकता (Preference) दी जाने लगी।
महत्व: यह कॉर्नवालिस के स्थायी बंदोबस्त की ओर पहला कदम था।

ज़मींदार की स्थिति

हेस्टिंग्स की राजस्व व्यवस्था में जमींदारों को भूमि का 'मालिक' नहीं माना गया था। वे केवल कर वसूलने वाले 'ठेकेदार' (Tax Collectors) थे। यह कॉर्नवालिस ने 1793 में बदला।

📦 अन्य आर्थिक सुधार

✅ दस्तक (Dastak) का अंत

कंपनी के अधिकारियों द्वारा निजी व्यापार के लिए इस्तेमाल होने वाले 'फ्री पास' (दस्तक) पर पूरी तरह रोक — भ्रष्टाचार कम हुआ।

✅ कस्टम हाउसों का पुनर्गठन

छोटे जमींदारी चुंगी नाकों को बंद कर केवल 5 प्रमुख कस्टम हाउस — कलकत्ता, हुगली, मुर्शिदाबाद, ढाका और पटना। सभी वस्तुओं पर 2.5% एकसमान कर।

अध्याय ३ · Folio III

न्यायिक सुधार एवं कानूनों का संकलन

⚖️ न्याय प्रणाली का निर्माण — 1772 से 1785
🎯 मूल समस्या: हेस्टिंग्स से पहले कोई समान न्याय प्रणाली नहीं थी। न्याय का अधिकार स्थानीय ज़मींदारों के पास था जो भ्रष्ट और मनमाने थे। हेस्टिंग्स का लक्ष्य था — मुग़ल न्याय प्रणाली को हटाकर ब्रिटिश-नियंत्रित व्यवस्था।

🏛️ 1772 का न्यायिक प्लान — जिला स्तरीय अदालतें

अदालत अधिकार क्षेत्र पीठासीन न्यायाधीश लागू कानून
जिला दीवानी अदालत (Civil Court) संपत्ति, विवाह, उत्तराधिकार, कर्ज़ अंग्रेज़ कलेक्टर हिंदुओं → हिंदू कानून; मुसलमानों → मुस्लिम कानून
जिला फौजदारी अदालत (Criminal Court) हत्या, चोरी, डकैती भारतीय काज़ी और मुफ्ती (कलेक्टर की निगरानी में) सभी पर (हिंदू/मुस्लिम) मुस्लिम आपराधिक कानून

आपराधिक न्याय

हेस्टिंग्स ने फौजदारी मामलों में ब्रिटिश कानून नहीं थोपा। उसने इस्लामिक क्रिमिनल लॉ जारी रखा — जिसे बाद में कॉर्नवालिस ने बदला।

🏙️ अपीलीय अदालतें — कलकत्ता (Appellate Courts)

सदर दीवानी अदालत

नागरिक मामलों की अपील। प्रमुख: गवर्नर-जनरल और उसकी परिषद

सदर निजामत अदालत

आपराधिक मामलों की अपील। एक भारतीय अधिकारी 'दरोगा-ए-अदालत' के अधीन, नवाब द्वारा नियुक्त।

⚡ सुप्रीम कोर्ट और विवाद

1774 कलकत्ता सुप्रीम कोर्ट की स्थापना
  • रेगुलेटिंग एक्ट 1773 के तहत स्थापना।
  • प्रथम मुख्य न्यायाधीश: सर एलीजाह इम्पे (Sir Elijah Impey)
  • 3 अन्य जज: चैंबर्स, लेमेस्टर, हाइड
ट्रैप: सुप्रीम कोर्ट का अधिकार केवल कलकत्ता नगर और कंपनी के ब्रिटिश कर्मचारियों तक सीमित था — पूरे बंगाल पर नहीं।
1775 नंद कुमार की फाँसी — 'प्रथम न्यायिक हत्या'
  • नंद कुमार ने हेस्टिंग्स पर रिश्वत का आरोप लगाया था।
  • हेस्टिंग्स ने मुख्य न्यायाधीश एलीजाह इम्पे (अपने दोस्त) के साथ मिलकर नंद कुमार पर जालसाजी (Forgery) का झूठा मुकदमा चलवाया और उसे फाँसी दे दी।
इतिहास में नाम: 'प्रथम न्यायिक हत्या' (Judicial Murder)
1781 Act of Settlement — GG बनाम सुप्रीम कोर्ट विवाद का अंत
  • समस्या: GG और सुप्रीम कोर्ट में 'असली बॉस कौन' पर झगड़ा।
  • समाधान: संसद ने GG और परिषद को उनके 'आधिकारिक कार्यों' के लिए सुप्रीम कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से मुक्त कर दिया।

📖 कानूनों का संकलन (Codification of Laws)

ग्रंथवर्षअनुवादक / कार्य
A Code of Gentoo Laws 1776 11 हिंदू पंडितों के संस्कृत कानूनों का अंग्रेजी अनुवाद — नथानिएल ब्रासी हालहेड (N.B. Halhed)
मुस्लिम आपराधिक कानून का आधार औरंगज़ेब के समय का फतवा-ए-आलमगिरी
अध्याय ४ · Folio IV

सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं बौद्धिक विकास

📚 प्राच्यवादी नीति (Orientalist Policy)
💡 हेस्टिंग्स की विचारधारा: "भारत पर शासन करने के लिए भारतीयों के धर्म, कानूनों और संस्कृति को समझना अनिवार्य है।" वह स्वयं अरबी और फारसी भाषा का विद्वान था और बांग्ला भी समझता था।

🏫 प्रमुख शैक्षणिक संस्थान

1781 कलकत्ता मदरसा (Calcutta Madrasa)
  • संस्थापक: वारेन हेस्टिंग्स
  • ब्रिटिश सरकार द्वारा भारत में स्थापित पहला शैक्षणिक संस्थान
  • उद्देश्य: अरबी, फारसी और मुस्लिम कानूनों का अध्ययन ताकि ब्रिटिश फौजदारी अदालतों के लिए योग्य मुफ्ती/काज़ी मिल सकें।
  • प्रथम प्रमुख (Head): मुजा-उद-दीन
1784 एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल (15 जनवरी)
  • संस्थापक: सर विलियम जोंस (Sir William Jones)
  • हेस्टिंग्स ने पूर्ण संरक्षण दिया किंतु अध्यक्ष पद अस्वीकार कर दिया।
  • प्रकाशन: 'एशियाटिक रिसर्चेस' (Asiatic Researches)

संस्कृत कॉलेज

बनारस संस्कृत कॉलेज (1791) की स्थापना जोनाथन डंकन (Jonathan Duncan) ने की थी। उस समय गवर्नर-जनरल लॉर्ड कॉर्नवालिस था, हेस्टिंग्स नहीं।

📜 भारतीय साहित्य के अनुवाद (Translations)

ग्रंथवर्षअनुवादकविशेष तथ्य
श्रीमद्भगवद्गीता 1785 Charles Wilkins गीता का प्रथम अंग्रेजी अनुवाद। प्रस्तावना स्वयं हेस्टिंग्स ने लिखी।
हितोपदेश 1787 Charles Wilkins
अभिज्ञान शाकुंतलम 1789 Sir William Jones संस्कृत नाटक का यूरोपीय भाषा में पहला अनुवाद
मनुस्मृति (A Digest of Hindu Law) 1794 Sir William Jones प्राचीन भारतीय कानूनी प्रणाली का व्यवस्थित संकलन
आईन-ए-अकबरी फ्रांसिस ग्लैडविन (Francis Gladwin) अबुल फज़ल की प्रसिद्ध पुस्तक
प्रथम बांग्ला व्याकरण 1778 N.B. Halhed आधुनिक बांग्ला भाषा अध्ययन की नींव

"भारतीयों की भाषा, धर्म और रीति-रिवाज़ों को जाने बिना उन पर शासन करना असंभव है — यह ज्ञान ही स्थायी प्रभुत्व की कुंजी है।"

📰 भारत का पहला समाचार पत्र

आयरिश नागरिक जेम्स ऑगस्टस हिक्की (James Augustus Hicky) ने कलकत्ता से देश के पहले अखबार की शुरुआत की। हिक्की ने 29 जनवरी 1780 को "हिक्कीज़ बंगाल गज़ेट" प्रकाशित किया — भारत और एशिया का पहला मुद्रित समाचार पत्र

🗺️ भौगोलिक सर्वेक्षण

हेस्टिंग्स ने मेजर जेम्स रेनेल (Major James Rennell) को बंगाल का 'सर्वेयर जनरल' नियुक्त किया। रेनेल ने 1782 में "मैप ऑफ हिंदुस्तान" प्रकाशित किया — भारत का पहला प्रामाणिक भौगोलिक नक्शा

अध्याय ५ · Folio V

विदेशी नीति, युद्ध और कूटनीति

⚔️ रिंग फेंस नीति — कंपनी को बचाना, दुश्मन को दूर रखना
🎯 मुख्य लक्ष्य: कंपनी को बचाना, पैसों का इंतज़ाम करना, मराठों और मैसूर को बंगाल से दूर रखना।

🏙️ बनारस की संधि (1773) — पैसों और सुरक्षा का जुगाड़

पृष्ठभूमि शाह आलम से अलगाव
  • रॉबर्ट क्लाइव ने मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय को 'इलाहाबाद' और 'कड़ा' और 26 लाख पेंशन दी थी।
  • 1771 में शाह आलम मराठा सरदार महादजी सिंधिया की शरण में चला गया।
  • हेस्टिंग्स ने 26 लाख पेंशन रोकी और इलाहाबाद/कड़ा वापस छीने।
1773 अवध के नवाब से संधि
  • हेस्टिंग्स ने अवध के नवाब शुजा-उद-दौला के साथ बनारस में बैठक की।
  • इलाहाबाद और कड़ा नवाब को 50 लाख रुपये में बेचे।
  • ब्रिटिश सेना अवध में रखी जाएगी (नवाब की रक्षा के लिए) — पर पूरा खर्च नवाब उठाएगा। → रिंग फेंस नीति की शुरुआत।

⚔️ रुहेला युद्ध (1774) — भाड़े पर ब्रिटिश सेना

रुहेला सरदार हाफिज रहमत खान ने अवध के नवाब से मदद मांगी और 40 लाख रुपये देने का वादा किया (मराठों के विरुद्ध)। मराठे वापस गए लेकिन हाफिज ने पैसे नहीं दिए।

हेस्टिंग्स का एक्शन: 40 लाख के लालच में कर्नल चैंपियन को ब्रिटिश सेना लेकर रुहेलखंड पर हमला करने भेजा। हाफिज रहमत खान लड़ते हुए मारा गया। रुहेलखंड अवध में मिला दिया गया।

ब्रिटेन में आलोचना

हेस्टिंग्स की ब्रिटेन में आलोचना हुई कि उसने ब्रिटिश सेना को 'भाड़े के गुंडों' की तरह इस्तेमाल किया।

📜 फैज़ाबाद की संधि (1775) — बनारस पर कब्ज़ा

1775 में अवध के नवाब शुजा-उद-दौला की मौत। नए नवाब आसफ-उद-दौला पर दबाव डालकर नई संधि थोपी गई।

सबसे बड़ी बात: 'बनारस की ज़मींदारी' नवाब से छीनकर ईस्ट इंडिया कंपनी को सौंप दी गई। यहीं से बनारस का ज़मींदार राजा चेत सिंह सीधे अंग्रेजों के अधीन आया।

⚔️ प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध (1775-1782) — 7 साल का फसाद

🌍 वैश्विक संदर्भ: इसी दौरान अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम (1775-1783) चल रहा था, जिससे अंग्रेजों पर भारी दबाव था। हेस्टिंग्स एक साथ दो मोर्चों पर फंसा था — एक तरफ शक्तिशाली मराठे और दूसरी तरफ मैसूर का शेर हैदर अली।
📜 याद रखने की ट्रिक — चार संधियों का क्रम (S-P-W-S):
👉 "SURAT PURE WATER (FOR) SALE"
सूरत (1775)पुरंदर (1776)बड़गाँव (1779)साल्बाई (1782)
1775 सूरत की संधि — राघोबा की गद्दारी और बंबई का एकाकी फैसला
  • पेशवा नारायणराव की हत्या के बाद गद्दी के लालच में राघोबा (रघुनाथराव) ने बंबई के अंग्रेजों से हाथ मिला लिया।
  • शर्तें: अंग्रेजों ने राघोबा को पेशवा बनाने के लिए 2,500 सैनिक दिए। बदले में राघोबा ने सालसेट, बेसिन (वसई) और बंदरगाहों का राजस्व अंग्रेजों को सौंपा।
  • ⚠️ बंबई प्रेसीडेंसी ने यह संधि हेस्टिंग्स (कलकत्ता काउंसिल) से बिना पूछे की — हेस्टिंग्स ने इसे अधिकृत नहीं माना। यहीं से युद्ध की नींव पड़ी।
1776 पुरंदर की संधि — हेस्टिंग्स का सुधार
  • हेस्टिंग्स ने बंबई के फैसले को असंवैधानिक बताकर सूरत की संधि रद्द कर दी।
  • कलकत्ता से कर्नल अप्टन को पुणे दरबार (नाना फड़नवीस) के पास शांति के लिए भेजा।
  • शर्तें: राघोबा को पेशवाई नहीं मिलेगी — बल्कि 3 लाख रुपये की वार्षिक पेंशन देकर किनारे कर दिया जाएगा।
  • ⚠️ युद्ध दोबारा क्यों? 1777 में नाना फड़नवीस ने फ्रांसीसियों को पश्चिमी तट पर बंदरगाह देने की पेशकश की → भड़के अंग्रेजों ने संधि तोड़ी।
1779 बड़गाँव की संधि — ब्रिटिश इतिहास का सबसे बड़ा अपमान
  • बंबई प्रेसीडेंसी ने राघोबा के समर्थन में फिर हमला किया — मराठों ने बुरी तरह घेरा।
  • रणनीति: महादजी सिंधिया की Scorched-Earth रणनीति — रास्ते के कुएँ में जहर, फसलें जलाईं → अंग्रेजी रसद पूरी तरह कटी।
  • शर्तें: कर्नल कारनेक की सेना को आत्मसमर्पण करना पड़ा। 1773 के बाद जीती हुई सारी ज़मीन मराठों को वापस। अंग्रेजी अधिकारी बंधक।
1780 गोडार्ड और पोफम का मार्च — हेस्टिंग्स का बदला
  • हेस्टिंग्स ने बड़गाँव की बेइज्जती मानने से साफ इनकार — संधि रद्द, पलटवार।
  • कर्नल गोडार्ड — शानदार मार्च करते हुए फरवरी 1780 में अहमदाबाद जीता।
  • कैप्टन पोफम — अगस्त 1780 में साहसिक छापामार हमले में अभेद्य ग्वालियर का किला फतह।
  • नतीजा: महादजी सिंधिया पर भारी मनोवैज्ञानिक और सैन्य दबाव।
1782 साल्बाई की संधि — 20 साल की शांति
  • दोनों पक्ष थके (अंग्रेज अमेरिका में उलझे, मराठे भी थके)।
  • मध्यस्थता: महादजी सिंधिया। ब्रिटिश प्रतिनिधि: डेविड एंडरसन
  • शर्तें: शिशु माधवराव II वैध पेशवा। राघोबा हमेशा के लिए पेंशन पर। यथास्थिति — सालसेट अंग्रेजों के पास, बाकी मराठों को वापस।
  • दोनों ने एक-दूसरे के दुश्मनों की मदद न करने का वादा किया।

⚠️ PYQ ट्रैप — बड़गाँव की संधि (1779)

यह इकलौती ऐसी संधि थी जहाँ अंग्रेज पूरी तरह हारकर संधि करने पर मजबूर हुए — ब्रिटिश इतिहास में अपने आप में अनोखा।

🎯 रणनीतिक महत्व — साल्बाई की असली कीमत

अंग्रेजों का मास्टरस्ट्रोक: 20 साल के 'टेंशन-फ्री' समय में अंग्रेजों ने पूरा फोकस दक्षिण पर लगाया → 1799 में टीपू सुल्तान खत्म, हैदराबाद निज़ाम सहायक संधि में बंधा।

मराठों की सबसे बड़ी भूल: इस शांति के दौरान मराठे आपस में (सिंधिया, होल्कर, भोंसले) लड़ते रहे। जब अंग्रेज वापस मुड़े (द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध), तब तक मराठे अकेले पड़ चुके थे।

⚔️ द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध (1780-1784) — हैदर अली का कहर

🌍 वैश्विक परिप्रेक्ष्य: अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम (1775–83) के दौरान फ्रांस — अमेरिका में भी अंग्रेजों से युद्धरत था और भारत में हैदर अली को हथियार एवं सैन्य प्रशिक्षण प्रदान कर रहा था। यह युद्ध वस्तुतः एक अन्तर्राष्ट्रीय संघर्ष का भारतीय रंगमंच था।
कारण 1 मद्रास संधि (1769) का घोर उल्लंघन
  • 1771 में जब मराठों ने हैदर पर आक्रमण किया, अंग्रेजों ने पारस्परिक सहायता की शर्त तोड़ते हुए कोई मदद नहीं दी।
  • इस धोखे से हैदर ने निश्चय किया कि अंग्रेज कभी विश्वसनीय नहीं हो सकते।
कारण 2 फ्रांसीसी सम्पर्क और वैश्विक संघर्ष
  • फ्रांसीसियों ने हैदर की सेना को आधुनिक यूरोपीय युद्धपद्धति में प्रशिक्षित किया और उन्नत हथियार दिए।
  • अंग्रेज भारत में फ्रांसीसी-मैसूर अक्ष को खत्म करना चाहते थे।
कारण 3 ⚡ माहे (Mahe) पर ब्रिटिश अधिकरण — तात्कालिक कारण
  • मालाबार तट पर माहे — फ्रांसीसी उपनिवेश, हैदर अली के संरक्षण (Protectorate) में।
  • मार्च 1779 में अंग्रेजों ने हैदर की अनुमति के बिना माहे पर अधिकार कर लिया।
  • यह हैदर की सम्प्रभुता पर प्रत्यक्ष आघात था → युद्ध की घोषणा।
जुलाई 1780 हैदर का प्रलयंकारी आक्रमण — पोलिलूर
  • हैदर ने 80,000 सैनिकों + 100 तोपों के साथ कर्नाटक पर धावा बोला।
  • पोलिलूर के युद्ध (सितंबर 1780): अंग्रेज सेनापति कर्नल बेली (Baillie) बुरी तरह पराजित, बंदी बनाया।
  • कर्नाटक की राजधानी अर्कॉट (Arcot) पर हैदर का कब्ज़ा। मद्रास में दहशत।
🚀 Mysorean Rockets: पोलिलूर में लोहे की नलियों वाले Mysorean Rockets — मारक क्षमता 2 किलोमीटर। अंग्रेजों ने पहले कभी नहीं देखे। इन्हीं से प्रेरणा लेकर बाद में Congreve Rocket बना।
1781 कूटनीति हेस्टिंग्स का मास्टरस्ट्रोक — त्रिगुट तोड़ा
  • निज़ाम को तोड़ा: विवादित क्षेत्र गुंटूर (Guntur) वापस देकर निज़ाम को गठबंधन से अलग किया।
  • मराठों को तोड़ा: महादजी सिंधिया की मध्यस्थता से साल्बाई संधि (1782) → मराठे युद्ध से बाहर।
  • परिणाम: हैदर अली कूटनीतिक रूप से पूर्णतः एकाकी — फिर भी उसने हार नहीं मानी।
जुलाई 1781 पोर्टो नोवो — हैदर की निर्णायक पराजय
  • हेस्टिंग्स ने सर्वाधिक अनुभवी सेनापति सर आयर कूट (Sir Eyre Coote) को मद्रास भेजा।
  • पोर्टो नोवो में हैदर को निर्णायक पराजय। इसके बाद अर्नी और शोलिंगुर (नवंबर 1781) में भी हार।
फरवरी 1782 कुम्बकोणम — टीपू की जीत
  • टीपू सुल्तान ने कुम्बकोणम में अंग्रेज सेनापति कर्नल ब्रेथवेट (Braithwaite) को पराजित कर बंदी बनाया।
  • Mysorean Rockets का पुनः प्रभावी प्रयोग।
7 दिसंबर 1782 हैदर अली की मृत्यु — युद्ध का महत्त्वपूर्ण मोड़
  • युद्ध के बीच ही हैदर अली की कैंसर से मृत्यु।
  • पुत्र टीपू सुल्तान ने नेतृत्व ग्रहण किया — अगले 2 वर्ष युद्ध जारी।
  • 1783 में टीपू ने अंग्रेज ब्रिगेडियर मैथ्यूज (Matthews) को भी बंदी बनाया।
मार्च 1784 मंगलौर की संधि — युद्ध की परिसमाप्ति
  • हस्ताक्षरकर्ता: टीपू सुल्तान और मद्रास के गवर्नर लॉर्ड मैकार्टनी
  • शर्तें: दोनों पक्षों ने अधिकृत प्रदेश और युद्धबंदी वापस किए। Status Quo (यथापूर्व) बहाल।
  • किसी भारतीय शासक के साथ अंग्रेजों की अंतिम समकक्ष संधि — अंग्रेज न हारे, न जीते।

⚠️ दो PYQ ट्रैप — ध्यान से!

ट्रैप 1: पोर्टो नोवो में हैदर को हराने वाला सर आयर कूट था — वारेन हेस्टिंग्स नहीं! हेस्टिंग्स कलकत्ता में कूटनीति संचालित कर रहा था।

ट्रैप 2: मंगलौर संधि पर हस्ताक्षर किए लॉर्ड मैकार्टनी ने — हेस्टिंग्स ने नहीं। हेस्टिंग्स इस संधि के घोर विरोधी थे: "यह शान्ति नहीं, अपितु एक अपमानजनक युद्धविराम है!"

महागठबंधन (Triple Alliance) की संरचना: हैदर अली + निज़ाम (हैदराबाद) + मराठे — 80,000 सैनिक + 100 तोपें। हेस्टिंग्स की कूटनीति ने इसे भीतर से तोड़ा।

🏛️ हेस्टिंग्स का महाभियोग (Impeachment)

1785 में भारत से वापस लौटने के बाद हेस्टिंग्स पर ब्रिटिश संसद में महाभियोग चलाया गया। मुख्य आरोप थे — नंद कुमार की न्यायिक हत्या, रुहेला युद्ध, और राजा चेत सिंह से जबरदस्ती।

मुख्य अभियोक्ता: एडमंड बर्क (Edmund Burke) और फिलिप फ्रांसिस। परिणाम: 1795 में बरी (Acquitted) हो गया। मुकदमा 7 साल चला।