उत्तराखंड की जनजातियाँ · लेख 6

राजी जनजाति

उत्तराखंड की सबसे कम जनसंख्या वाली जनजाति और PVTG—वनरौत नाम, सीमांत निवास, मूक व्यापार, सामाजिक व्यवस्था, देवी-देवता, त्योहार और रिंग डांस के परीक्षा-योग्य तथ्य।

06 अध्ययन खंड06/06 श्रृंखलाUKPSC · UKSSSC

01 परिचय एवं उत्पत्ति

690राज्य की सबसे कम जनसंख्या वाली जनजाति
0.27%कुल ST जनसंख्या में हिस्सा
1975आदिम जनजाति का दर्जा
दर्जा
1967 में ST और 1975 में ‘आदिम जनजाति’ (Primitive Tribe) का दर्जा मिला।
अन्य नाम
वनरौत या जंगल के राजा
वंश
कोल / किरात वंशी
स्वयं को पिथौरागढ़ के ‘अस्कोट के रजवारों (राजपूतों)’ का वंशज मानते हैं।
मानव-समूह
प्रोटो-ऑस्ट्रेलॉयड या ऑस्ट्रो-एशियाटिक समूह से संबंधित माना जाता है।

02 निवास क्षेत्र एवं भाषा

मुख्य निवास
सर्वाधिक आबादी पिथौरागढ़ जिले के धारचूला, डीडीहाट और कनालीछीना क्षेत्र के गाँवों में; कुछ आबादी चंपावत और नैनीताल में भी मिलती है।
पारंपरिक आवास
इनके पारंपरिक आवास को ‘रौत्यूड़ा’ कहा जाता है।
भाषा
भाषा पर मुंडा और तिब्बती-बर्मी प्रभाव है; बाहरी लोगों से कुमाऊँनी में संवाद करते हैं।

03 अर्थव्यवस्था एवं विशिष्ट प्रथाएँ

आजीविका
काष्ठ शिल्प (लकड़ी के बर्तन), आखेट (शिकार) और खाद्य संग्रहण।
कृषि
जंगलों को साफ करके झूम खेती करते हैं।
मूक व्यापार

विशिष्ट वस्तु-विनिमय (Barter) प्रथा, जिसमें राजी लोग कुमाऊँनी लोगों के घरों के बाहर लकड़ी के बर्तन रखकर बदले में बिना बोले अनाज ले जाते थे। यह प्रथा अब समाप्त हो चुकी है।

04 सामाजिक एवं राजनैतिक व्यवस्था

समाज
पितृसत्तात्मक व्यवस्था और एकाकी परिवार (Nuclear family)।
विवाह प्रथाएँ
पलायन विवाह और वधू-मूल्य (Bride price) की प्रथा; बाल विवाह का प्रचलन नहीं है।
प्रमुख संस्कार
विवाह से पूर्व सांग जांगी और पिंठा संस्कार होते हैं।
मृत्यु संस्कार
प्राचीनकाल में मृत्यु होने पर घर छोड़ने की प्रथा थी।
वर्तमान में विवाहितों का दाह संस्कार तथा अविवाहितों को दफनाने की परंपरा है।
प्रथम विधायक
उत्तराखंड की राजी जनजाति से निर्वाचित प्रथम विधायक गगन सिंह रजवार हैं।

05 धर्म एवं देवी-देवता

मुख्य आराध्य
बाघनाथ; शिव के रूप में बाघनाथ की पूजा करते हैं।
अन्य देवता
मलयनाथ, गणनाथ, छुरमल देवता और नंदा देवी; ये प्रकृति पूजक हैं।

06 त्योहार एवं लोक नृत्य

प्रमुख त्योहार
कर्क संक्रांति, मकर संक्रांति और गौरा-अठावली
प्रमुख नृत्य
‘रिंग डांस’ (Ring Dance)—गढ़वाल के थड़िया नृत्य के समान गोलाकार घेरा बनाकर किया जाता है।
श्रृंखलाउत्तराखंड की प्रमुख जनजातियाँ
अंतिम संरचनात्मक अपडेट20 अगस्त 2026
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