Kaali / Sharada River System
काली नदी तंत्र (शारदा नदी)
काली नदी कुमाऊं क्षेत्र की सबसे प्रमुख और उत्तराखंड की सबसे लंबी नदी (252 किलोमीटर) है। यह भारत (उत्तराखंड) और नेपाल के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा का निर्धारण करती है।
सटीक उद्गम: पिथौरागढ़ जिले के सुदूर उत्तर-पूर्व में 3,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कालापानी (व्यास आश्रम के समीप) के झरनों से।
ऐतिहासिक विवाद: 1816 की सुगौली संधि के तहत इसे सीमा माना गया, लेकिन नेपाल इसका उद्गम लिम्पियाधुरा (कुठी यांग्ती का उद्गम स्थल) मानता है।
पौराणिक महत्त्व: स्कंद पुराण के मानसखंड में इसे 'श्यामा नदी' कहा गया है। विशेष तथ्य — इसका जल देवताओं को अर्पित नहीं किया जाता।
मैदानी प्रवेश व नाम परिवर्तन: पहाड़ों से उतरकर टनकपुर (बनबसा) और खटीमा क्षेत्र से होते हुए जब यह मैदानी भागों में प्रवेश करती है, तो इसे शारदा कहा जाता है। खटीमा में स्थित लोहियाहेड पावर हाउस (41.4 MW) इसी शारदा नहर प्रणाली पर स्थित राज्य की पुरानी परियोजनाओं में से एक है।
प्रवाह क्षेत्र: उत्तराखंड में यह मुख्य रूप से केवल दो जिलों — पिथौरागढ़ और चंपावत — में बहती है।
इस संधि के तहत काली नदी को भारत-नेपाल की अंतर्राष्ट्रीय सीमा माना गया। नेपाल का दावा लिम्पियाधुरा तक है (कुठी यांग्ती का उद्गम), जबकि भारत कालापानी को मानता है।
स्कंद पुराण के मानसखंड में 'श्यामा नदी' कहा गया। यह एकमात्र प्रमुख नदी है जिसका जल देवताओं को अर्पित नहीं किया जाता।
टनकपुर (बनबसा) और खटीमा के बाद मैदानी क्षेत्र में प्रवेश करने पर काली को 'शारदा' कहते हैं। लोहियाहेड पावर हाउस (41.4 MW) इसी पर है।
उत्तराखंड में यह केवल दो जिलों में बहती है — पिथौरागढ़ और चंपावत। अन्य कोई जिला नहीं।
| क्र.सं. | मिलने वाली नदी (Tributary) | काली से संगम स्थल | निर्मित घाटी / विशेषता |
|---|---|---|---|
| 1. | कुठी यांग्ती | गुंजी (3200 मी.) | व्यास घाटी — लिम्पियाधुरा विवाद; कुठी गाँव पर नाम |
| 2. | पूर्वी धौलीगंगा | तवाघाट | दारमा घाटी — छिरकिला बाँध (280 MW); संकरी दुर्गम घाटी |
| 3. | गोरीगंगा | जौलजीबी | जोहार घाटी (गोरी छाल) — जौलजीबी व्यापारिक मेला (14 नवंबर); मिलम ग्लेशियर से उद्गम |
| 4. | सरयू नदी तंत्र | पंचेश्वर | कुमाऊं की सबसे पवित्र; सर्वाधिक जल; पंचेश्वर बाँध (5040 MW) प्रस्तावित; सहस्रधारा (146 किमी) से उद्गम |
| 5. | लधिया | चूका (चंपावत) | गजार ओखलकांडा से उद्गम; क्वैराला सहायक; राज्य सीमा में काली का अंतिम संगम |