| 📌 चरण १ · 1938–1957 · प्रारंभिक वैचारिक बीज |
| 5–6 मई 1938 | श्रीनगर कांग्रेस अधिवेशन — पहली बार पृथक राज्य की माँग | प्रताप सिंह नेगी (अध्यक्ष); नेहरू, श्रीदेव सुमन |
| 1938 | गढ़देश सेवा संघ (1939 → हिमालय सेवा संघ) | श्रीदेव सुमन (दिल्ली में स्थापना) |
| 1946 | हल्द्वानी कांग्रेस अधिवेशन — पृथक राज्य की माँग | बद्रीदत्त पांडे (अध्यक्षता) |
| 1950 | पर्वतीय विकास जन समिति — हिमाचल+उत्तराखंड संयुक्त राज्य | संयुक्त हिमालयी राज्य की संकल्पना |
| 1952 | पृथक राज्य का पहला ज्ञापन | पी.सी. जोशी, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली |
| 1957 | आंदोलन का प्रथम स्थगन | मानवेंद्र शाह |
| 📌 चरण २ · 1960–1979 · संगठनात्मक संघर्ष |
| 1967 | पर्वतीय राज्य परिषद — रामनगर में स्थापना | दयाकृष्ण पांडे, गोविंद सिंह मेहरा, N.D. सुंदरियाल |
| 1968 | पर्वतीय विकास विभाग (उ.प्र. सरकार) | उ.प्र. सरकार |
| 1969 | पर्वतीय विकास परिषद (उ.प्र. सरकार) | उ.प्र. सरकार |
| 30 अक्टू. 1970 | कुमाऊँ राष्ट्रीय मोर्चा | पूरन चंद्र जोशी (CPI) |
| 1971 | पर्वतीय विकास निगम (HQ: नैनीताल → देहरादून 1975; विघटन 1975) | कमलपति त्रिपाठी (स्थापना) · N.D. तिवारी (विघटन) |
| 1972 | उत्तरांचल परिषद · 'दिल्ली चलो' (1973) | प्रताप सिंह नेगी |
| 1974 | पर्वतीय युवा मोर्चा | शमशेर सिंह बिष्ट |
| 31 मार्च 1976 | कुमाऊँ + गढ़वाल मंडल विकास निगम | उ.प्र. सरकार |
| 1976 / 1978 | उत्तरांचल युवा परिषद · संसद घेराव (1978) | युवा नेतृत्व |
| 23 जुलाई 1979 | उत्तरांचल राज्य परिषद — मोरारजी देसाई को ज्ञापन | त्रेपन सिंह नेगी |
| 24–25 जुलाई 1979 | ⭐ उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) — मसूरी में स्थापना | डॉ. डी.डी. पंत (प्रथम अध्यक्ष); इंद्रमणि बडोनी, काशी सिंह ऐरी, दिवाकर भट्ट, बिपिन त्रिपाठी |
| 📌 चरण ३ · 1980–1986 · UKD की राजनीतिक उपस्थिति |
| 1980 | UKD की पहली चुनावी जीत — रानीखेत (अल्मोड़ा) | जसवंत सिंह बिष्ट |
| 📌 चरण ४ · 1987–1993 · राष्ट्रीय मान्यता की ओर |
| 23 अप्रैल 1987 | संसद में 'पत्र बम' (लेटर बम) फेंके गए | त्रिवेंद्र पंवार (UKD उपाध्यक्ष) |
| 1987 | UKD का विभाजन | सशक्त धड़े का नेतृत्व → काशी सिंह ऐरी |
| 9 सित. 1987 | ऐतिहासिक उत्तराखंड बंद — पूरा पर्वतीय क्षेत्र | UKD नेतृत्व |
| 23 नव. 1987 | बोट क्लब धरना, दिल्ली · हरिद्वार मिलाने की सिफारिश | UKD |
| 1987 | भाजपा का अल्मोड़ा अधिवेशन — पृथक राज्य स्वीकृत (पहला राष्ट्रीय दल) | लालकृष्ण आडवाणी |
| 1988 | उत्तरांचल उत्थान परिषद | सोबन सिंह जीना |
| 1989 | उत्तरांचल संयुक्त संघर्ष समिति — सभी संगठनों का विलय | एकजुट आंदोलन |
| 1990 | यूपी विधानसभा में पहला विधायी प्रस्ताव | जसवंत सिंह बिष्ट |
| 12 अग. 1991 | यूपी सरकार का प्रस्ताव → केंद्र द्वारा अस्वीकृत | पी.वी. नरसिम्हा राव (अस्वीकृति) |
| 1993 | भाजपा के घोषणा पत्र में पृथक राज्य की माँग | भाजपा |
| 📌 चरण ५ · 1994–1995 · रक्तरंजित संघर्ष |
| 17 जून 1994 | आरक्षण शासनादेश — SC 21%, OBC 27%, ST 2% (कुल 50%) | मुलायम सिंह यादव |
| 2 अगस्त 1994 | पौड़ी में आमरण अनशन | इंद्रमणि बडोनी ('उत्तराखंड के गांधी') |
| 8 अगस्त 1994 | पौड़ी गोलीकांड — 'अगस्त क्रांति' | जीत बहादुर गुरुंग शहीद |
| 1 सितंबर 1994 | खटीमा कांड — 'काला दिवस' · S. श्रीवास्तव समिति | 7 शहीद: भगवान सिंह सिरारी, प्रताप सिंह, सलीम अहमद, गोपीचंद, धर्मानंद भट्ट, परमजीत सिंह, राम सिंह |
| 2 सितंबर 1994 | मसूरी कांड — झूलाघर · मुरलीधर समिति | 6 शहीद: हंसा धनाई, बेलमती चौहान, बलबीर सिंह नेगी, धनपत सिंह, मदन मोहन ममगाईं, राय सिंह बंगारी + DSP उमाकांत त्रिपाठी |
| 15 सितंबर 1994 | बाटाघाटा कांड — मसूरी के पास लाठीचार्ज | कई प्रदर्शनकारी खाई में गिरे |
| 18 सितंबर 1994 | छात्र युवा संघर्ष समिति — रामनगर (नैनीताल) में गठन | युवा नेतृत्व |
| 2 अक्टूबर 1994 | रामपुर तिराहा / मुजफ्फरनगर कांड — CBI जांच · "सभ्य समाज पर कलंक" | 7 शहीद: रवीन्द्र सिंह रावत, राजेश लखेड़ा, सूर्यप्रकाश थपलियाल, अशोक कुमार कश्यप, सत्येन्द्र चौहान, गिरीश भद्री, वीरेन्द्र शर्मा |
| 7 दिसंबर 1994 | दिल्ली महारैली — उत्तरांचल प्रदेश संघर्ष समिति | बी.सी. खंडूड़ी (मेजर जनरल से.नि.) |
| 7 दिसं 94 – 25 जन 95 | संविधान बचाओ यात्रा — SC से राष्ट्रपति भवन | उत्तरांचल आंदोलन संचालन समिति |
| 3 जून 1995 | उ.प्र. में सत्ता परिवर्तन — मुलायम आउट | मायावती — नई मुख्यमंत्री |
| 10 नवंबर 1995 | श्रीयंत्र टापू कांड — अलकनंदा नदी, पौड़ी गढ़वाल | यशोधर बेंजवाल और राजेश रावत शहीद |
| 📌 चरण ६ · 1996–2007 · विधायी गठन एवं प्रथम प्रशासन |
| 15 अगस्त 1996 | पृथक राज्य की घोषणा — लाल किले से | एच.डी. देवेगौड़ा (प्रधानमंत्री) |
| 1996 | उत्तर प्रदेश पुनर्गठन विधेयक — ड्राफ्ट तैयार | केंद्र सरकार |
| 1998 | यूपी विधानसभा ने विधेयक 26 संशोधनों के साथ वापस भेजा | उ.प्र. विधानसभा |
| 27 जुलाई 2000 | लोकसभा में उत्तर प्रदेश पुनर्गठन विधेयक पेश | केंद्र सरकार (NDA · अटल बिहारी वाजपेयी) |
| 29 जुलाई 2000 | जॉर्ज फर्नांडिस समिति — ऊधमसिंह नगर विवाद सुलझाने हेतु (3 सदस्य) | जॉर्ज फर्नांडिस (रक्षा मंत्री) — संस्तुति: ऊधमसिंह नगर उत्तरांचल में |
| 1 अगस्त 2000 | लोकसभा में विधेयक पारित | — |
| 10 अगस्त 2000 | राज्यसभा में विधेयक पारित | — |
| 28 अगस्त 2000 | राष्ट्रपति की स्वीकृति — विधेयक अधिनियम बना | के.आर. नारायणन (राष्ट्रपति) |
| 9 नवंबर 2000 | 🎉 उत्तरांचल राज्य का विधिवत गठन — भारत का 27वाँ राज्य, हिमालयी राज्यों में 11वाँ | अंतरिम विधानसभा: 22 MLA + 8 MLC = 30 सदस्य |
| 9 नवंबर 2000 | प्रथम राज्यपाल नियुक्त | सुरजीत सिंह बरनाला |
| 9 नवंबर 2000 | प्रथम मुख्यमंत्री (अंतरिम) — BJP · 23/30 सीटें | नित्यानंद स्वामी |
| 9 नवंबर 2000 | प्रथम विधानसभा अध्यक्ष — निर्विरोध चुने गए | प्रकाश पंत |
| 2002 | प्रथम विधानसभा चुनाव — प्रथम निर्वाचित मुख्यमंत्री | नारायण दत्त तिवारी (N.D. Tiwari) — कांग्रेस |
| 29 दिसंबर 2006 | नाम परिवर्तन अधिनियम पर हस्ताक्षर — 'उत्तरांचल (नाम परिवर्तन) अधिनियम 2006' | डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (राष्ट्रपति) |
| 1 जनवरी 2007 | नाम परिवर्तन लागू — उत्तरांचल → उत्तराखंड | राज्य का आधिकारिक नया नाम |