उत्तराखंड के प्रमुख समाचार-पत्र एवं पत्रिकाएँ
स्थान, वर्ष, भाषा और संपादक को एक साथ जोड़कर पढ़ें—पहले चार पहचान वाले तथ्य, फिर स्थानवार नोट्स और अंत में पूरी chronology से active recall करें।
01 सबसे पहले ये 4 पहचान याद रखें
प्रथम अंग्रेजी पत्रद हिल्स — 1842मसूरी · संस्थापक जॉन मैकिनॉन
प्रथम हिंदी/देशी भाषा पत्रसमय विनोद — 1868नैनीताल · हिंदी + उर्दू · जयदत्त जोशी
1918 का प्रमुख क्रमअल्मोड़ा अखबार बंद → शक्ति शुरूमार्च 1918 → 15 अक्टूबर 1918
भैरव दत्त धूलियाकर्मभूमि — 19 फरवरी 1939लैंसडाउन · भक्त दर्शन के साथ संयुक्त संपादक
02 मसूरी और नैनीताल
मसूरी
द हिल्स (The Hills)
- भाषा: अंग्रेजी
- संस्थापक: जॉन मैकिनॉन
- उत्तराखंड क्षेत्र का प्रथम अंग्रेजी समाचार-पत्र।
हिमाचल
- भाषा: हिंदी
- संपादक: सत्य प्रसाद रतूड़ी
नैनीताल
समय विनोद
- भाषा: हिंदी + उर्दू
- संपादक: जयदत्त जोशी
- उत्तराखंड का प्रथम हिंदी/देशी भाषा समाचार-पत्र माना जाता है।
03 अल्मोड़ा — पत्रकारिता और जनचेतना
अल्मोड़ा अखबार
- भाषा — हिंदी; प्रारंभ — अल्मोड़ा डिबेटिंग क्लब।
- प्रारंभिक प्रमुख नाम — बुद्धि बल्लभ पंत।
- प्रमुख संपादक — बुद्धि बल्लभ पंत, मुंशी इम्तियाज अली, जीवा नंद जोशी, सदानंद सनवाल और विष्णु दत्त जोशी।
- 1913 से संपादक — बद्री दत्त पांडे।
शक्ति
- भाषा — हिंदी।
- संस्थापक/संपादक — बद्री दत्त पांडे।
- पहला अंक — विजयादशमी, 15 अक्टूबर 1918।
स्वाधीन प्रजा
- भाषा — हिंदी; संपादक — विक्टर मोहन जोशी।
- राष्ट्रवादी एवं ब्रिटिश-विरोधी पत्र।
- सरकार ने लगभग ₹6,000 की जमानत मांगी; जमानत न देने पर बंद।
समता
- भाषा — हिंदी; संस्थापक/संपादक — हरिप्रसाद टम्टा।
- शिल्पकार/दलित समाज के अधिकारों और सामाजिक सुधार से संबंधित।
- 1935 में लक्ष्मी देवी टम्टा भी संपादन से जुड़ीं।
04 लैंसडाउन — राष्ट्रीय चेतना के पत्र
गढ़वाल समाचार
- भाषा — हिंदी; संस्थापक/संपादक — गिरिजा दत्त नैथानी।
- 1902–1904 तक लैंसडाउन से प्रकाशित।
- 1913 में दुगड्डा से पुनः प्रकाशन।
तरुण कुमाऊँ
- भाषा — हिंदी; संपादक — बैरिस्टर मुकुंदी लाल।
- प्रकाशन लगभग जुलाई 1922 से मई 1924 तक।
- राष्ट्रीय एवं क्रांतिकारी विचारों से प्रभावित।
हितैषी
- भाषा — हिंदी; संपादक — पीताम्बर दत्त पसबोला।
- ब्रिटिश सरकार के प्रति समर्थक रुख।
- पसबोला को रायबहादुर की उपाधि मिली।
कर्मभूमि
- भाषा — हिंदी; संयुक्त संपादक — भक्त दर्शन एवं भैरव दत्त धूलिया।
- पहला अंक — बसंत पंचमी, 19 फरवरी 1939।
- प्रेस — कलेश्वर प्रेस, लैंसडाउन; उद्घाटन — गोविंद बल्लभ पंत।
05 देहरादून, पौड़ी, दुगड्डा और कोटद्वार
देहरादून
गढ़वाली
- भाषा — हिंदी; गढ़वाली सामग्री भी।
- प्रकाशक संस्था — गढ़वाल यूनियन; प्रथम संपादक — गिरिजा दत्त नैथानी।
- बाद में प्रमुख संपादक — विश्वम्भर दत्त चंदोला।
- कुली-बेगार, वन, सड़क, सामाजिक कुरीतियों और जनसमस्याओं से संबंधित।
युगवाणी
- भाषा — हिंदी; बाद में गढ़वाली-कुमाऊँनी सामग्री भी।
- प्रमुख संपादक/संस्थापक — भगवती प्रसाद पांथरी, आचार्य गोपेश्वर कोठियाल और तेजराम भट्ट।
- पहला अंक — 15 अगस्त 1947; टिहरी जनांदोलन एवं प्रजामंडल आंदोलन से संबंधित।
- इसे ‘रियासती पत्र’ भी कहा गया।
पौड़ी
विशाल कीर्ति
- भाषा — हिंदी; गढ़वाली साहित्य को भी स्थान।
- संपादक — सदानंद कुकरेती; प्रेस — बदरी-केदार प्रेस।
- बदरी-केदार प्रेस की स्थापना — ब्रह्मानंद थपलियाल।
- सदानंद कुकरेती की कहानी ‘गढ़वाली ठाट’ इसमें प्रकाशित हुई।
दुगड्डा / नैथाणा
पुरुषार्थ
- प्रारंभिक स्थान — दुगड्डा; बाद में नैथाणा से भी प्रकाशित।
- भाषा — हिंदी; संस्थापक/संपादक — गिरिजा दत्त नैथानी।
- कुछ समय बंद रहने के बाद 1921 में नैथाणा से पुनः प्रकाशन।
कोटद्वार
गढ़देश
- भाषा — हिंदी।
- संपादक — कृपाराम मिश्र ‘मनहर’।
- राष्ट्रवादी विचारों वाला पत्र।
06 एक नज़र में पूरी chronology
| वर्ष / तिथि | समाचार-पत्र / पत्रिका | स्थान |
|---|---|---|
| 1842 | द हिल्स | मसूरी |
| 1868 | समय विनोद | नैनीताल |
| 1871 | अल्मोड़ा अखबार | अल्मोड़ा |
| मई 1902 | गढ़वाल समाचार | लैंसडाउन |
| मई 1905 | गढ़वाली | देहरादून |
| फरवरी 1913 | विशाल कीर्ति | पौड़ी |
| अक्टूबर 1917 | पुरुषार्थ | दुगड्डा |
| 15 अक्टूबर 1918 | शक्ति | अल्मोड़ा |
| जुलाई 1922 | तरुण कुमाऊँ | लैंसडाउन |
| 1928 | गढ़देश | कोटद्वार |
| 1 जनवरी 1930 | स्वाधीन प्रजा | अल्मोड़ा |
| 1 जून 1934 | समता | अल्मोड़ा |
| 1935 | हितैषी | लैंसडाउन |
| 19 फरवरी 1939 | कर्मभूमि | लैंसडाउन |
| 15 अगस्त 1947 | युगवाणी | देहरादून |
| 25 जुलाई 1948 | हिमाचल | मसूरी |