शासन, नीति एवं विधि
भारत की जनगणना 2027
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
- भारत में पहली असमकालिक जनगणना 1872 में वायसराय लॉर्ड मेयो के काल में हुई।
- पहली सफल, नियमित एवं समकालिक जनगणना 1881 में वायसराय लॉर्ड रिपन के काल में हुई।
जनगणना 2027 — मुख्य तथ्य
- क्रम: भारत की 16वीं जनगणना तथा स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना।
- जनगणना आयुक्त: मृत्युंजय कुमार नारायण।
- शुभंकर: प्रगति—महिला प्रगणक; विकास—पुरुष प्रगणक।
- ब्रांड एम्बेसडर: रेत कला के लिए प्रसिद्ध पद्मश्री 2014 से सम्मानित सुदर्शन पटनायक।
- अनुमानित बजट: ₹11,718.24 करोड़।
दो चरण
- प्रथम चरण—मकान सूचीकरण एवं मकान गणना: 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026।
- द्वितीय चरण—जनसंख्या गणना: 1 फरवरी 2027 से।
- संदर्भ तिथि: 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि।
- उत्तराखंड के हिमाच्छादित क्षेत्रों में जनसंख्या गणना सितंबर 2026 में की जाएगी।
परीक्षा के लिए अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य
- जनगणना 2027 भारत की पहली डिजिटल जनगणना है; आँकड़े मोबाइल एप के माध्यम से एकत्र किए जाएंगे।
- स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध होगी; पोर्टल: se.census.gov.in।
- वैधानिक आधार: जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियम, 1990।
- द्वितीय चरण में जाति-संबंधी आँकड़े भी इलेक्ट्रॉनिक रूप से एकत्र किए जाएंगे।
शासन, नीति एवं विधि
राज्य स्तरीय राजस्व लोक अदालत
मुख्य तथ्य
- पहल: राज्य स्तरीय राजस्व लोक अदालत।
- शुभारंभ: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से किया।
- अवधारणा: ‘आपके द्वार न्याय’।
- आयोजन: सभी 13 जिलों के 210 स्थान; लगभग 6,933 मामलों के निस्तारण का लक्ष्य।
शासन, नीति एवं विधि
ऑपरेशन प्रहार: अपराधियों पर कार्रवाई के लिए विशेष पुलिस अभियान
UKPSC/UKSSSC के लिए मुख्य तथ्य
- अभियान: “ऑपरेशन प्रहार”; शुरुआत 1 अप्रैल 2026 को देहरादून में हुई और बाद में इसे राज्यव्यापी विशेष अभियान के रूप में आगे बढ़ाया गया।
- पृष्ठभूमि: देहरादून में सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर की हत्या के बाद कानून-व्यवस्था की समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर अभियान शुरू किया गया।
- नेतृत्व: उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ; उद्देश्य—अपराधियों, संगठित/बार-बार अपराध करने वालों और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई।
- मुख्य कदम: संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना, STF कार्रवाई, किरायेदार/PG सत्यापन तथा निर्धारित समय के बाद अवैध रूप से चलने वाले बार-पब पर कार्रवाई।
अर्थव्यवस्था, उद्योग एवं अवसंरचना
दिल्ली–देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन
मुख्य तथ्य
- परियोजना: दिल्ली–देहरादून आर्थिक गलियारा।
- उद्घाटन: 14 अप्रैल 2026; उद्घाटनकर्ता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
- लंबाई: 213 किमी; स्वरूप: छह-लेन access-controlled corridor।
- लागत: ₹12,000 करोड़ से अधिक।
- यह दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से गुजरता है।
- यात्रा समय: छह घंटे से अधिक से घटकर लगभग 2.5 घंटे।
- विशेषता: 12 किमी लंबा elevated wildlife corridor—एशिया का सबसे लंबा वन्यजीव गलियारा, जो राजाजी राष्ट्रीय उद्यान से होकर गुजरता है।
अर्थव्यवस्था, उद्योग एवं अवसंरचना
चारधाम यात्रा 2026: ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड
ग्रीन कार्ड क्या प्रमाणित करता है?
- व्यवस्था: चारधाम यात्रा 2026 के लिए ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड।
- ग्रीन कार्ड वाहन निरीक्षण के बाद जारी किया जाता है।
- यह फिटनेस प्रमाणपत्र, रूट परमिट, कर जमा प्रमाणपत्र, बीमा प्रमाणपत्र और ड्राइविंग लाइसेंस का समेकित विवरण है।
अर्थव्यवस्था, उद्योग एवं अवसंरचना
देश का पहला ‘फ्लोटिंग’ रेल टनल जंक्शन
मुख्य तथ्य
- उपलब्धि: देश का पहला ‘फ्लोटिंग’ रेल टनल जंक्शन।
- स्थान: व्यासी और देवप्रयाग के बीच।
- परियोजना: ऋषिकेश–कर्णप्रयाग नई ब्रॉड-गेज रेल लाइन।
ऋषिकेश–कर्णप्रयाग परियोजना — स्थैतिक तथ्य
- नई रेल लाइन की लंबाई लगभग 125 किमी है।
- अलाइनमेंट देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों से गुजरता है।
- परियोजना देवप्रयाग और कर्णप्रयाग को ऋषिकेश तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से रेल संपर्क देगी।
अर्थव्यवस्था, उद्योग एवं अवसंरचना
19-सीटर सीप्लेन का गंगा बैराज, ऋषिकेश में सफल ट्रायल
परीक्षा के लिए मुख्य तथ्य
- 6 अप्रैल 2026 को उत्तराखंड में 19-सीटर सीप्लेन का सफल ट्रायल गंगा बैराज, ऋषिकेश में किया गया।
- ऑपरेटर: SkyHop Aviation; विमान: De Havilland Canada DHC-6 Twin Otter।
- बाद में 15 अप्रैल 2026 को टिहरी झील के कोटी कॉलोनी क्षेत्र में भी सीप्लेन का सफल ट्रायल किया गया।
कृषि, पर्यावरण एवं आपदा
सोंग नदी क्षेत्र में कार्बन-क्रेडिट संभावनाएँ
समसामयिकी बिंदु
- पहल: सोंग नदी क्षेत्र में कार्बन-क्रेडिट संभावनाओं का आकलन।
- क्षेत्र: सोंग नदी, देहरादून।
- फोकस: नियोजित कार्बन-फाइनेंस परियोजना के लिए संभाव्यता आकलन।
- कार्बन क्रेडिट सत्यापित उत्सर्जन-कमी या कार्बन अवशोषण से जुड़ी व्यापार योग्य इकाई है।
सोंग नदी — स्थैतिक उत्तराखंड GK
- उद्गम: सुरकंडा देवी क्षेत्र/मसूरी पर्वत-श्रेणी से सटा टिहरी क्षेत्र।
- प्रारंभ में मसूरी श्रेणी के समानांतर बहकर नदी दक्षिण-पूर्व में दून घाटी की ओर मुड़ती है।
- सोंग गंगा तंत्र की सहायक नदी है और रायवाला क्षेत्र के निकट गंगा में मिलती है।

मानचित्र से याद करें — प्रमुख नदी क्रम
- बाल्दी → सोंग; प्रसिद्ध सहस्रधारा जलप्रपात/झरना बाल्दी नदी पर स्थित है।
- बिंदाल + रिस्पना → सुसवा → सोंग → गंगा।
- जाखन → सोंग; सोंग अंततः सत्यनारायण/रायवाला क्षेत्र के निकट गंगा में मिलती है।
कृषि, पर्यावरण एवं आपदा
अलकनंदा बेसिन के 219 हैंगिंग ग्लेशियर
अप्रैल 2026 का मुख्य तथ्य
- अध्ययन क्षेत्र: अलकनंदा नदी बेसिन, गढ़वाल हिमालय।
- चिन्हित hanging glaciers: 219; कुल क्षेत्रफल लगभग 71.7 वर्ग किमी।
- कुल अनुमानित ice volume: लगभग 2.39 घन किमी; इसका करीब 31% hanging/अस्थिर अवस्था में।
- अध्ययन Nature Portfolio के npj Natural Hazards में प्रकाशित हुआ।
परीक्षा-योग्य जोखिम
- संभावित हिमस्खलन-प्रभावित प्रमुख स्थान: बद्रीनाथ, माणा, हनुमान चट्टी और घांघरिया।
- बद्रीनाथ–माणा क्षेत्र में simulated avalanche flow height 50 मीटर से अधिक हो सकती है।
- बर्फ/चट्टान टूटने से सीधा हिमस्खलन, नदी अवरोध, flash flood और GLOF जैसी cascading आपदाएँ बन सकती हैं।
- जलवायु परिवर्तन, glacier retreat और steep slopes अस्थिरता बढ़ाने वाले प्रमुख कारक हैं।
कृषि, पर्यावरण एवं आपदा
नंधौर वन्यजीव अभयारण्य में जैव विविधता गैलरी
अप्रैल 2026 का मुख्य तथ्य
- पहल: नंधौर वन्यजीव अभयारण्य में जैव विविधता गैलरी।
- स्थान: नंधौर वन्यजीव अभयारण्य (2012)।
- उद्देश्य: पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देना और प्रकृति प्रेमियों के बीच जागरूकता बढ़ाना।
- इस गैलरी का विकास अभयारण्य के चोरगलिया और काकराली प्रवेश द्वारों पर किया गया है।
उत्तराखंड के वन्यजीव अभयारण्य — परीक्षा उपयोगी सूची
| नाम | स्थापना वर्ष | क्षेत्रफल (वर्ग किमी) | जिला |
|---|---|---|---|
| गोविंद WLS | 1955 | 485 | उत्तरकाशी |
| केदारनाथ WLS | 1972 | 975 | चमोली और रुद्रप्रयाग |
| अस्कोट WLS | 1986 | 600 | पिथौरागढ़ |
| सोनानदी WLS | 1987 | 301 | पौड़ी गढ़वाल |
| बिनसर WLS | 1988 | 47 | अल्मोड़ा |
| मसूरी WLS | 1993 | 11 | देहरादून |
| नंदौर WLS | 2012 | 270 | नैनीताल और चम्पावत |
कृषि, पर्यावरण एवं आपदा
28 नवंबर को उत्तराखंड आपदा प्रबंधन दिवस
मुख्य तथ्य
- तिथि: प्रत्येक वर्ष 28 नवंबर — उत्तराखंड आपदा प्रबंधन दिवस।
- पृष्ठभूमि: सिलक्यारा–पोलगांव सुरंग में 12 नवंबर 2023 को फंसे 41 श्रमिकों को 17 दिन बाद 28 नवंबर 2023 को सुरक्षित निकाला गया था।
- उद्देश्य: आपदा जागरूकता और स्थानीय तैयारी मजबूत करना; मॉक ड्रिल व जन-जागरूकता गतिविधियों की योजना है।
शिक्षा, विज्ञान एवं स्वास्थ्य
टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट की चारों इकाइयाँ परिचालित
परीक्षा के लिए मुख्य तथ्य
- अप्रैल 2026 में चौथी 250 MW इकाई परिचालित होने के साथ टिहरी Pumped Storage Plant (PSP) की सभी चार इकाइयाँ चालू हो गईं।
- कुल क्षमता: 1,000 MW (4 × 250 MW); परियोजना THDC India Limited की है।
- विशेषता: भारत का पहला Variable-Speed Pumped Storage Plant।
- PSP के पूर्ण परिचालन के बाद Tehri Hydro Power Complex की कुल स्थापित क्षमता 2,400 MW हो गई।
टिहरी बांध परियोजना — परीक्षा उपयोगी विस्तृत नोट्स
एक नजर में परिचय, इतिहास, क्षमता, आंदोलन और पुनर्वास
सामान्य परिचय एवं भौगोलिक स्थिति
टिहरी बाँध परियोजना — UKSSSC महत्वपूर्ण कालक्रम
- 1949
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा टिहरी में भागीरथी–भिलंगना क्षेत्र में बाँध परियोजना की परिकल्पना/योजना की गई।
- 1961
टिहरी बाँध परियोजना की प्राथमिक जाँच (Preliminary Investigation) पूरी हुई।
- 1972
केंद्र सरकार/योजना आयोग ने 600 MW क्षमता की टिहरी बाँध परियोजना को स्वीकृति प्रदान की।
- 1978
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा टिहरी बाँध का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया।
- 1986
तत्कालीन सोवियत संघ (USSR) ने टिहरी परियोजना के लिए तकनीकी एवं आर्थिक सहायता प्रदान करने पर सहमति दी।
- सोवियत सहयोग: मिखाइल गोर्बाचेव की भारत यात्रा के समय परियोजना को सोवियत सहयोग मिला।
- 12 जुलाई 1988
केंद्र सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त उपक्रम के रूप में THDC (Tehri Hydro Development Corporation) का गठन हुआ।
- उद्देश्य: Tehri Hydro Power Complex का क्रियान्वयन।
- भागीदारी: केंद्र : उत्तर प्रदेश = 75 : 25।
- 19 जुलाई 1990
2,400 MW के तीन-चरणीय Tehri Hydro Power Complex को सशर्त पर्यावरणीय स्वीकृति मिली।
- Tehri HPP: 1,000 MW
- Koteshwar HEP: 400 MW
- Tehri PSP: 1,000 MW
- अक्टूबर 2005
अंतिम प्रमुख Diversion Tunnel T-2 के gates बंद किए गए और टिहरी जलाशय का जलभराव प्रारंभ हुआ।
- 30 जुलाई 2006
टिहरी परियोजना की पहली 250 MW इकाई का उद्घाटन हुआ; इसके साथ विद्युत उत्पादन का चरण शुरू हुआ।
- 9 जुलाई 2007
अंतिम इकाई के commercial operation में आने के साथ Tehri HPP की 1,000 MW क्षमता पूर्ण हुई।
Tehri Hydro Power Complex — 2,400 MW
| चरण | घटक | क्षमता | मुख्य तथ्य |
|---|---|---|---|
| प्रथम | Tehri Dam & HPP | 1,000 MW | 4 × 250 MW; भागीरथी नदी पर; चालू |
| द्वितीय | Koteshwar HEP | 400 MW | 4 × 100 MW; टिहरी बांध से लगभग 22 किमी नीचे; चालू |
| तृतीय | Tehri PSP | 1,000 MW | 4 × 250 MW; Upper reservoir—Tehri, Lower reservoir—Koteshwar; यही अप्रैल 2026 current-affairs component है |
टिहरी बाँध विरोधी आंदोलन
- प्रारंभिक प्रमुख आवाज
टिहरी बाँध के विरोध में प्रारंभिक प्रमुख आवाज — राजमाता कमलेन्दुमति शाह।
- 24 जनवरी 1978
टिहरी बाँध विरोधी संघर्ष समिति का गठन हुआ।
- संस्थापक/प्रमुख अध्यक्ष: वीरेन्द्र दत्त सकलानी।
- प्रमुख नाम: विद्यासागर नौटियाल, सुंदरलाल बहुगुणा।
- 1991
सुंदरलाल बहुगुणा के नेतृत्व में 76 दिनों तक धरना-प्रदर्शन किया गया तथा बाँध निर्माण कार्य रुकवाया गया।
- साइकिल यात्रा: सुंदरलाल बहुगुणा ने गंगासागर से गंगोत्री तक साइकिल यात्रा का नेतृत्व किया।
- 1996
सुंदरलाल बहुगुणा ने ‘प्रायश्चित सत्याग्रह’ किया; बाद में राजघाट, नई दिल्ली में प्रधानमंत्री एच. डी. देवगौड़ा के आश्वासन के बाद इसे समाप्त किया।
- 2001
बाँध निर्माण के विरोध में सुंदरलाल बहुगुणा ने पुनः आंदोलन किया; अप्रैल 2001 में उन्हें गिरफ्तार किया गया।
विस्थापन, नई टिहरी एवं जलाशय
शिक्षा, विज्ञान एवं स्वास्थ्य
NAINA-AI: भीड़ और सार्वजनिक स्थलों की स्मार्ट निगरानी
अप्रैल 2026 का मुख्य तथ्य
- प्रणाली: NAINA-AI—भीड़ और सार्वजनिक स्थलों की स्मार्ट निगरानी।
- प्रदर्शन स्थल: 5th APAC India Digital Empowerment Summit — Uttarakhand Edition, देहरादून।
- तिथि: 16 अप्रैल 2026।
- उद्देश्य: भीड़भाड़ वाले स्थानों पर संदिग्ध व्यक्ति/वस्तु पहचानना और सुरक्षा तंत्र को alert देना।
प्रमुख क्षमताएँ
- कैमरा-feed से संदिग्धता का प्रतिशत और संभावित हथियार की पहचान।
- रेलवे स्टेशन, कार्यालय, highway/expressway और बड़े सार्वजनिक आयोजनों में उपयोग की संभावना।
- दुर्घटना या असामान्य गतिविधि पहचानकर पुलिस/स्वास्थ्य टीम को location alert भेजने की क्षमता।
शिक्षा, विज्ञान एवं स्वास्थ्य
रुद्रप्रयाग में गर्भवती महिलाओं के लिए निःशुल्क हेलीकॉप्टर सेवा
मुख्य तथ्य
- सेवा: गर्भवती महिलाओं के लिए निःशुल्क हेलीकॉप्टर सेवा।
- जिला: रुद्रप्रयाग।
- अभियान: ‘अब दूरी नहीं बनेगी बाधा, सुरक्षित मातृत्व हमारा वादा’।
- उद्देश्य: दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुँचाना तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करना।
- संचालन: स्वास्थ्य विभाग, नागरिक उड्डयन विभाग, जिला प्रशासन और UCADA के समन्वय से।
शिक्षा, विज्ञान एवं स्वास्थ्य
श्रमिक सेवा मोबाइल एप
मुख्य तथ्य
- एप: ‘श्रमिक सेवा’ मोबाइल एप।
- लोकार्पण: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी; 10 अप्रैल 2026।
- विकासकर्ता: उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UKBOCW)।
- उद्देश्य: श्रमिक कल्याण, अनुदान वितरण में पारदर्शिता और पर्वतीय युवाओं का कौशल प्रशिक्षण।
चर्चित एप एवं पोर्टल—परीक्षा मिलान
- UKLCCMS पोर्टल—श्रम प्रतिष्ठानों का ऑनलाइन पंजीकरण एवं श्रम-अनुपालन।
- ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल—चारधाम यात्रियों की डिजिटल स्वास्थ्य निगरानी।
- Tourist Care Uttarakhand—चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा पंजीकरण।
- se.census.gov.in—जनगणना 2027 के लिए स्व-गणना पोर्टल।
- अपुणि सरकार—उत्तराखंड की नागरिक-केंद्रित ई-सेवाओं का एकीकृत मंच।
शिक्षा, विज्ञान एवं स्वास्थ्य
Graphic Era बनी भारत की पहली GenAI-ready Campus University
मुख्य तथ्य
- संस्थान: Graphic Era (Deemed to be University), देहरादून।
- उपलब्धि: भारत की पहली ‘Generative AI Ready / GenAI-powered Campus’ University।
- तकनीकी सहयोग: Amazon Web Services (AWS); फोकस—Cloud Computing, Generative AI और industry-ready digital skills।
शिक्षा, विज्ञान एवं स्वास्थ्य
चम्पावत में SHE for STEM कार्यक्रम
मुख्य तथ्य
- आयोजन स्थल: गोरलचौड़ सभागार, चम्पावत; कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया।
- मुख्य उद्देश्य: बालिकाओं/युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और Science, Technology, Engineering & Mathematics (STEM) में भागीदारी बढ़ाना।
- कार्यक्रम में 50 मेधावी छात्राओं को प्रति छात्रा ₹10,000 की छात्रवृत्ति दी गई तथा विद्यार्थियों को STEM लैपटॉप वितरित किए गए।
शिक्षा, विज्ञान एवं स्वास्थ्य
HNBGU को औषधीय पौधों ‘फरण’ और ‘नकदूण’ पर दो पेटेंट
परीक्षा के लिए मुख्य तथ्य
- संस्थान: हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय (HNBGU), श्रीनगर।
- विभाग: पर्यावरण विज्ञान विभाग; शोध नेतृत्व: प्रो. राकेश कुमार मैखुरी।
- प्राप्त पेटेंट: 2; शोध का उद्देश्य हिमालयी पारंपरिक ज्ञान को वैज्ञानिक आधार देना तथा स्थानीय औषधीय जैव विविधता का संरक्षण व मूल्य संवर्धन करना।
फरण और नकदूण
पौधा और उससे विकसित उत्पाद को जोड़ी में याद रखें।
फरण
नकदूण
हाल के वर्षों में चर्चा में रही उत्तराखंड की प्रमुख जड़ी-बूटियाँ
स्थान, वैज्ञानिक नाम और परीक्षा-योग्य पहचान एक साथ।
तिमूर — Zanthoxylum armatum
किल्मोड़ा / किनगोड़ — Berberis aristata
कीड़ा-जड़ी / यारसागम्बू — Ophiocordyceps sinensis
आमील / Sea Buckthorn
वन हल्दी — Hedychium spicatum
सालम पंजा — Dactylorhiza hatagirea
जून 2026 Research Linkage — चंद्रा (Paeonia emodi Royle)
पहले से पढ़ी जड़ी-बूटियाँ — Quick Recall
| जड़ी-बूटी | वैज्ञानिक नाम | मुख्य पहचान |
|---|---|---|
| कुटकी | Picrorhiza kurroa | घेस–वाण, देवाल, चमोली; घेस कुटकी की खेती के लिए प्रसिद्ध। |
| अतीस | Aconitum heterophyllum | चमोली व उच्च हिमालयी क्षेत्रों की महत्वपूर्ण औषधीय प्रजाति। |
| जटामांसी | Nardostachys jatamansi | उच्च हिमालयी औषधीय पौधा। |
| कूट | Saussurea costus | पिथौरागढ़ की दारमा–व्यास–चौदास घाटियों के medicinal cultivation programmes से जुड़ा। |
| गंदरायणी | Angelica glauca | उच्च हिमालयी औषधीय एवं मसाला पौधा। |
संस्कृति, साहित्य एवं पर्यटन
मनियान मंदिर समूह, द्वाराहाट का विशेष संरक्षण
अप्रैल 2026 का मुख्य तथ्य
- संस्था: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), देहरादून मंडल।
- कार्य: मनियान मंदिर समूह की विशेष मरम्मत के लिए सामग्री एवं संरक्षण कार्य।
- स्थान: द्वाराहाट, जिला अल्मोड़ा, कुमाऊँ मंडल।
- स्थापत्य-काल: 11वीं–13वीं सदी।
1. बद्रीनाथ मंदिर समूह
- इस समूह में 3 मंदिर हैं।
- मुख्य मंदिर भगवान विष्णु के बद्रीनाथ स्वरूप को समर्पित है।
- विष्णु की काले पत्थर की प्रतिमा पर संवत 1105 का अभिलेख है।
- इसी आधार पर मंदिर का निर्माण लगभग 1048 ई. माना जाता है।
2. कचहरी मंदिर समूह
- इस समूह में कुल 12 मंदिर हैं।
- मंदिरों का निर्माण लगभग 11वीं–13वीं सदी के बीच माना जाता है।
- इसकी प्रमुख विशेषता मंदिरों के सामने बना साझा बरामदा है।
3. रतन देव मंदिर समूह
- मूल रूप से यहाँ 9 मंदिर थे, जिनमें से वर्तमान में 6 मंदिर सुरक्षित हैं।
- तीन प्रमुख मंदिर एक ही चबूतरे पर बने हैं।
- इन्हें संभवतः ब्रह्मा, विष्णु और शिव को समर्पित माना जाता है।
4. मनियान मंदिर समूह
- इस समूह में कुल 9 मंदिर हैं।
- पहले 7 मंदिर ज्ञात थे; बाद में 2 अन्य मंदिरों की नींव मिली।
- विशेष तथ्य—यहाँ जैन और ब्राह्मण दोनों धार्मिक परंपराओं के प्रमाण मिलते हैं।
- 3 मंदिरों के द्वार पर जैन तीर्थंकरों की प्रतिमाएँ बनी हैं।
- इसका निर्माण काल लगभग 11वीं–13वीं सदी माना जाता है।
5. मृत्युंजय मंदिर समूह
- मुख्य मंदिर भगवान शिव के मृत्युंजय स्वरूप को समर्पित है।
- यह नागर शैली का मंदिर है।
- इसका निर्माण लगभग 11वीं–12वीं सदी में माना जाता है।
- इसी परिसर में भैरव मंदिर भी स्थित है।
6. गुर्जर देव मंदिर
- यह द्वाराहाट क्षेत्र की महत्त्वपूर्ण नागर शैली की मंदिर वास्तुकला का उदाहरण है।
- इसका शिखर शेखरी प्रकार का है।
- मंदिर को लगभग 13वीं सदी का माना जाता है।
- वर्तमान में मंदिर भग्न अवस्था में है।
परीक्षा के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण तथ्य
- बद्रीनाथ मंदिर समूह — 3 मंदिर; विष्णु; 1048 ई.
- कचहरी मंदिर समूह — 12 मंदिर; 11वीं–13वीं सदी।
- रतन देव मंदिर समूह — मूल 9, वर्तमान 6; ब्रह्मा-विष्णु-शिव।
- मनियान मंदिर समूह — 9 मंदिर; जैन तीर्थंकरों की प्रतिमाएँ।
- मृत्युंजय मंदिर — शिव; नागर शैली; 11वीं–12वीं सदी।
- गुर्जर देव मंदिर — शेखरी शिखर; 13वीं सदी।
संस्कृति, साहित्य एवं पर्यटन
सुद्धोवाला जेल पर डॉक्यूमेंट्री ‘सेकेंड चांस’
मुख्य तथ्य
- फिल्म: सेकेंड चांस (Second Chance)।
- विषय/स्थान: सुद्धोवाला जेल, देहरादून।
- सम्मान: NHRC Human Rights Short Film Competition में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला।
- निर्देशक: हर्षित मिश्रा; निर्माता: दीपा धामी।
संस्कृति, साहित्य एवं पर्यटन
खाराखेत में वीर खड़क बहादुर की प्रतिमा का अनावरण
अप्रैल 2026 का मुख्य तथ्य
- प्रतिमा: स्वतंत्रता सेनानी वीर खड़क बहादुर; अनावरणकर्ता: कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल।
- स्थल: महात्मा गांधी नमक सत्याग्रह आंदोलन स्मारक, खाराखेत—मझौन, झाझरा रेंज, देहरादून।
- आयोजक: शहीद मेजर दुर्गा मल्ल मेमोरियल ट्रस्ट।
- खड़क बहादुर की स्मृति में ‘शहीद खड़क बहादुर वाटिका’ बनाने की घोषणा भी की गई।
खाराखेत नमक सत्याग्रह — परीक्षा-योग्य तथ्य
- प्रारंभ: 20 अप्रैल 1930; आंदोलन 7 मई 1930 तक चला।
- उपलब्ध समसामयिकी नोट के अनुसार 20 स्वतंत्रता सेनानियों ने खाराखेत में नमक सत्याग्रह में भाग लिया।
- नून नदी के खारे पानी से नमक बनाकर ब्रिटिश Salt Law को चुनौती दी गई।
- सत्याग्रही 20 अप्रैल से 7 मई के बीच दस जत्थों में खाराखेत पहुँचे; तैयार नमक देहरादून नगर क्षेत्र में बेचा गया।
- खाराखेत को ‘देहरादून का दांडी’ भी कहा जाता है।
अन्य तथ्य — दांडी मार्च और उत्तराखंड
- दांडी यात्रा: 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से शुरू; 6 अप्रैल 1930 को गांधीजी ने दांडी में नमक कानून तोड़ा।
- गांधीजी के साथ आरंभ से चले मूल 78 सत्याग्रहियों में उत्तराखंड क्षेत्र के प्रमुख नाम: ज्योतिराम कांडपाल, भैरव दत्त जोशी और खड़क बहादुर सिंह।
- ज्योतिराम कांडपाल अल्मोड़ा क्षेत्र से थे और आगे धरासना सत्याग्रह में भी सक्रिय रहे।
- देहरादून में नमक सत्याग्रह एवं सविनय अवज्ञा का प्रमुख नेतृत्व महावीर त्यागी ने किया।
- नैनीताल में 21 मई 1930 को गोविंद बल्लभ पंत, हर्ष देव ओली और इंद्र सिंह नयाल के नेतृत्व में माल रोड पर नमक आंदोलन का जुलूस निकला।
संस्कृति, साहित्य एवं पर्यटन
सलूड़–डुंग्रा में रम्माण उत्सव 2026
अप्रैल 2026 का मुख्य तथ्य
- आयोजन: रम्माण उत्सव 2026।
- तिथि: 26 अप्रैल 2026।
- स्थान: सलूड़–डुंग्रा, जोशीमठ, चमोली।
- अवसर: बैसाखी पर्व।
रम्माण — परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- स्थान: उत्तराखंड के चमोली जिले के सलूड़–डुंग्रा, बरोशी और सेलंग गांवों में रम्माण का आयोजन होता है; इनमें सलूड़–डुंग्रा का रम्माण सर्वाधिक प्रसिद्ध है।
- समय: आयोजन अप्रैल के उत्तरार्ध में होता है और लगभग 11 से 13 दिन तक चलता है।
- आराध्य देवता: भूम्याल देवता, जिन्हें गांव का रक्षक देवता माना जाता है; रम्माण के प्रमुख अनुष्ठान उनके मंदिर प्रांगण में होते हैं।
मुखौटा नृत्य शैली
- रात्रि में भूम्याल देवता के मंदिर प्रांगण में मुखौटे पहनकर नृत्य किया जाता है।
- रम्माण नृत्य में 18 मुखौटे, 18 ताल, 12 ढोल, 12 दमाऊं और 8 भंकोरे का प्रयोग होता है।
- रम्माण के मुखौटे भोजपत्र से बने होते हैं।
- मुखौटों के दो प्रमुख प्रकार:
- द्यो पत्तर — देवता अथवा दैवी पात्रों से संबंधित मुखौटे।
- ख्यलारी पत्तर — हास्य और मनोरंजन से जुड़े पात्रों के मुखौटे।
रम्माण के विशेष नृत्य
- प्रमुख नृत्य:
- बण्या–बण्याण — तिब्बती व्यापारियों से जुड़ी कथा; व्यापार के दौरान चोरी और लूट की घटना का चित्रण।
- म्योर–मुरैण — पहाड़ी जीवन की कठिनाइयों, विशेषकर घास-लकड़ी लाते समय जंगली जानवरों के हमले का चित्रण।
- माल–मल्ल — स्थानीय लोगों और गोरखाओं के संघर्ष को नृत्य-नाट्य के रूप में प्रस्तुत करता है।
- कुरू जोगी — हास्य नृत्य; पात्र शरीर पर चिपकने वाली ‘कुरू’ घास लगाकर दर्शकों का मनोरंजन करता है।
दस्तावेजीकरण एवं यूनेस्को पहचान
- रम्माण के दस्तावेजीकरण और व्यापक पहचान में डॉ. कुशल सिंह भंडारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- 2 अक्टूबर 2009 को रम्माण को यूनेस्को की ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची’ में शामिल किया गया।
संस्कृति, साहित्य एवं पर्यटन
‘राजी भाषा एवं संस्कृति’ पुस्तक का लोकार्पण
अप्रैल 2026 — मुख्य तथ्य
- पुस्तक: ‘राजी भाषा एवं संस्कृति’।
- लेखक: डॉ. शोभाराम शर्मा।
- विषय: उत्तराखंड की विलुप्तप्राय राजी (वनराजी/वनरावत) जनजाति की भाषा एवं सांस्कृतिक विरासत।
उत्तराखंड की आदिम जनजाति: राजी (वनराजी) — क्विक रिवीजन नोट्स
छोटे, स्पष्ट सेक्शन में सभी परीक्षा उपयोगी तथ्य
बेसिक परिचय एवं दर्जा
- 1967 में ‘अनुसूचित जनजाति (ST)’ घोषित।
- 1975 में भारत सरकार द्वारा ‘आदिम जनजाति (PVTG)’ का दर्जा (राज्य की पहली आदिम जनजाति)।
भौगोलिक निवास एवं उत्पत्ति
भाषा एवं संचार
अर्थव्यवस्था एवं आजीविका (UKSSSC के फेवरेट)
समाज एवं विवाह
- विवाह दो परिवारों के बीच एक ‘समझौता’ है।
- ‘वधु मूल्य’ चुकाने की प्रथा प्रचलित है।
- पूर्व में ‘पलायन विवाह’ (भागकर शादी) का बहुत प्रचलन था।
धर्म, देवता एवं त्यौहार
अन्य परीक्षा उपयोगी तथ्य
संस्कृति, साहित्य एवं पर्यटन
द्वितीय ऋषिकेश योग महोत्सव 2026
मुख्य तथ्य
- आयोजन: द्वितीय ऋषिकेश योग महोत्सव 2026।
- शुभारंभ: 9 अप्रैल 2026।
- स्थान: स्वामी नारायण आश्रम, ऋषिकेश।
- अगले दिन स्वामी नारायण आश्रम से चौरासी कुटिया तक Yoga Heritage Walk आयोजित की गई।
उद्घाटन से जुड़े नाम
- स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल, ऋषिकेश के मेयर शंभू पासवान, आश्रम के परमाध्यक्ष सुनील भगत, जीतानंद महाराज और योगाचार्य डॉ. बिपिन जोशी ने संयुक्त रूप से शुभारंभ किया।
संस्कृति, साहित्य एवं पर्यटन
युवा कलमकार प्रतियोगिता-2025: जय प्रकाश पांडेय प्रथम
मुख्य तथ्य
- आयोजक: उत्तराखंड भाषा संस्थान — ‘युवा कलमकार प्रतियोगिता-2025’।
- जय प्रकाश पांडेय, पिथौरागढ़ — कविता लेखन (26–35 वर्ष) में प्रथम।
- पुरस्कृत रचना: ‘धराली-पहाड़ का आख़िरी ख़त’।
- सम्मान: 31 मार्च 2026 को IRDT सभागार, देहरादून में।
संस्कृति, साहित्य एवं पर्यटन
पाली लंगूर विद्यालय में लॉर्ड कर्जन से जुड़ा शिलालेख
मुख्य तथ्य
- स्थान: प्राथमिक विद्यालय पाली लंगूर (डाडामंडी), विकासखंड द्वारीखाल, पौड़ी गढ़वाल।
- प्रारंभिक अध्ययन में शिलालेख पर वायसराय लॉर्ड कर्जन तथा वर्ष 1905 का उल्लेख मिला।
- पुरातत्व विभाग ने शिलालेख को परीक्षण के लिए सुरक्षित किया; इसकी प्रामाणिकता की विशेषज्ञ जांच की जा रही है।
सुरक्षा एवं रक्षा
क्लेमेंट टाउन छावनी परिषद का नया नाम — शौर्य नगर
परीक्षा के लिए याद रखें
- नया नाम: क्लेमेंट टाउन छावनी परिषद → शौर्य नगर।
- स्थान: क्लेमेंट टाउन, देहरादून; यह एक महत्त्वपूर्ण छावनी क्षेत्र है।
- पुराने नाम की पृष्ठभूमि को फादर आर.सी. क्लेमेंट से जोड़ा जाता है, जो 1934 में इस क्षेत्र में आए थे।
- 1941 में यहाँ छावनी बोर्ड बना; द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इस क्षेत्र में इतालवी युद्धबंदियों को भी रखा गया था।
खेल एवं साहसिक उपलब्धियाँ
चंपा नैनवाल की National Masters Games उपलब्धि
परीक्षा-योग्य तथ्य
- खिलाड़ी: चंपा नैनवाल।
- आयोजन: National Masters Games 2026; स्थान: दिल्ली;
- ट्रिपल जंप और लॉन्ग जंप में स्वर्ण; 100 मीटर दौड़ में कांस्य।
- नवंबर 2026 में ऑस्ट्रेलिया की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व।
खेल एवं साहसिक उपलब्धियाँ
तेजस तिवारी को Limca Book of Records प्रमाणपत्र
मुख्य तथ्य
- खिलाड़ी: तेजस तिवारी — हल्द्वानी, नैनीताल।
- खेल: शतरंज।
- रिकॉर्ड: 5 वर्ष 5 माह 7 दिन की आयु में दुनिया के सबसे कम उम्र के FIDE-rated chess player बने।
- सम्मान: इसी उपलब्धि के लिए Limca Book of Records का प्रमाणपत्र मिला।
- प्रमाणपत्र जून 2024 में जारी हुआ था; तेजस को यह औपचारिक रूप से अप्रैल 2026 में प्राप्त हुआ।
परीक्षा-ट्रैप
- यह रिकॉर्ड सबसे कम उम्र के Grandmaster बनने का नहीं, बल्कि सबसे कम उम्र में FIDE rating प्राप्त करने का है।
खेल एवं साहसिक उपलब्धियाँ
25वीं ऑल इंडिया पुलिस वॉटर स्पोर्ट्स क्लस्टर — टिहरी झील
परीक्षा के लिए याद रखें
- आयोजन: 25वीं All India Police Water Sports Cluster।
- आयोजन स्थल: टिहरी झील, जिला टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड।
- यह प्रतियोगिता पुलिस/सुरक्षा बलों से जुड़े जल-क्रीड़ा खिलाड़ियों के लिए आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता है।
- स्थैतिक GK: टिहरी झील, भागीरथी नदी पर बने टिहरी बाँध के जलाशय से निर्मित है।
पुरस्कार एवं व्यक्तित्व
ललित मोहन जोशी को Six Sigma Excellence Award
मुख्य तथ्य
- सम्मानित व्यक्ति: ललित मोहन जोशी।
- अभियान: Super-300 Mission और ‘नशे को ना, जिंदगी को हाँ’।
- सम्मान: Six Sigma Healthcare Excellence Awards 2026।
पुरस्कार एवं व्यक्तित्व
प्रो. शिवेन्द्र कुमार कश्यप बने पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलपति
अप्रैल 2026 का मुख्य तथ्य
- नियुक्ति: प्रो. शिवेन्द्र कुमार कश्यप।
- पद: गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के कुलपति।
- नियुक्तिकर्ता: राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त)।
- कार्यकाल: पदभार ग्रहण करने से तीन वर्ष, 70 वर्ष की आयु तक अथवा अगले आदेश तक—जो भी पहले हो।
पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय—महत्वपूर्ण तथ्य
- पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना 17 नवंबर 1960 को हुई थी।
- इसका नाम वर्ष 1972 में बदलकर गोविंद बल्लभ पंत विश्वविद्यालय किया गया।
- पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति डॉ. एंथनी रसूल स्टीवेन्सन थे।
पुरस्कार एवं व्यक्तित्व
शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार 2025 के लिए 19 शिक्षक चयनित
अप्रैल 2026 का मुख्य तथ्य
- पुरस्कार: शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार 2025।
- कुल चयनित शिक्षक: 19।
- प्रारंभिक शिक्षा: 12 शिक्षक।
- माध्यमिक शिक्षा: 6 शिक्षक।
- जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET): 1 शिक्षक।
- तुलना: पुरस्कार वर्ष 2024 के लिए 16 शिक्षक चयनित किए गए थे।
पुरस्कार के बारे में
- शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2009 में की गई थी।
- यह पुरस्कार शिक्षा के उन्नयन और गुणात्मक सुधार के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को दिया जाता है।
- चयनित शिक्षकों को शिक्षक दिवस—5 सितंबर 2026—को पुरस्कृत किया जाना है।
पुरस्कार एवं व्यक्तित्व
उत्तराखंड जनजातीय महोत्सव 2026 में आदि गौरव सम्मान
मुख्य तथ्य
- सम्मान: आदि गौरव सम्मान।
- सम्मानित: स्वर्गीय थारू लोकगायिका रिंकू देवी राणा और दर्शन लाल।
- आयोजन: उत्तराखंड राज्य जनजातीय महोत्सव 2026, परेड ग्राउंड, देहरादून।
पुरस्कार एवं व्यक्तित्व
उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस कलर
मुख्य तथ्य
- सम्मान: राष्ट्रपति पुलिस कलर—पुलिस बल को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान।
- उत्तराखंड के प्रथम DGP: अशोक कांत शरण।
- वर्तमान एवं 13वें DGP: दीपम सेठ।
- उत्तराखंड पुलिस का ध्येय वाक्य: ‘मित्रता, सेवा, सुरक्षा’।
पुरस्कार एवं व्यक्तित्व
रूपाली वशिष्ठ को भारत विभूषण राष्ट्रीय सम्मान 2026
मुख्य तथ्य
- सम्मान: भारत विभूषण राष्ट्रीय सम्मान 2026।
- सम्मानित: लेखिका रूपाली वशिष्ठ।
- पुस्तक: ‘लाखामंडल’।
पुरस्कार एवं व्यक्तित्व
प्रो. दुर्गेश पंत को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए सम्मान
मुख्य तथ्य
- स्थान: भारत मंडपम, नई दिल्ली; विषय—‘विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से जनजातीय जीवन में परिवर्तन’।
- सम्मानित: प्रो. दुर्गेश पंत — महानिदेशक, उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST)।
- सम्मानकर्ता: उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन; कारण—विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य।
पुरस्कार एवं व्यक्तित्व
सावित्रीबाई फुले शिक्षा सम्मान 2026: उत्तराखंड की तीन महिलाएँ सम्मानित
मुख्य तथ्य
- सम्मान: सावित्रीबाई फुले शिक्षा सम्मान 2026 (Savitribai Phule Shiksha Samman 2026)।
- उत्तराखंड से सम्मानित नाम: शिखा भोज, प्रियंका बिष्ट और ज्योति सतवाल।
- आयोजन/सम्मान से जुड़ी संस्था: Columbia Pacific Global Honor Council।
- शिखा भोज को शिक्षा में नवाचार व बालिकाओं को प्रोत्साहन और प्रियंका बिष्ट को सामाजिक सेवा, विशेषकर ग्रामीण स्वास्थ्य व स्वच्छता संबंधी कार्यों के लिए उल्लेखित किया गया।
पुरस्कार एवं व्यक्तित्व
प्रसून जोशी बने प्रसार भारती के नए अध्यक्ष
UKPSC/UKSSSC के लिए मुख्य तथ्य
- नियुक्ति: प्रसून जोशी — प्रसार भारती के नए अध्यक्ष।
- सम्मान: वर्ष 2015 में पद्मश्री (कला) से सम्मानित।
- महत्त्वपूर्ण ट्रैप: केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष पद पर उनकी नियुक्ति 11 अगस्त 2017 को हुई थी; “अगस्त 2020 से” कहना सही नहीं है।
- स्थैतिक GK: प्रसार भारती एक वैधानिक स्वायत्त सार्वजनिक प्रसारक है; इसके अंतर्गत आकाशवाणी (Akashvani) और दूरदर्शन आते हैं। प्रसार भारती अधिनियम 1990 के तहत यह 23 नवंबर 1997 को अस्तित्व में आया।
दूसरे शब्द से खोजें या सक्रिय फिल्टर हटाएँ।
अप्रैल 2026 मासिक क्विज़
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