शासन, नीति एवं विधि
उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना को मंजूरी
योजनाओं का विकास-क्रम
- योजना: उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना को मंजूरी दी गई।
- 1. 28 मई 2020 — मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना
- उत्तराखंड में मूल स्वरोजगार योजना का शुभारंभ।
- 2. जून 2025 — मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0
- मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और नैनो योजना का एकीकरण।
- 3. 25 मार्च 2026 — वीर उद्यमी योजना
- MSY 2.0 के अंतर्गत पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए विशेष घटक।
उत्तराखंड MSME नीति — वर्षवार तथ्य
| तथ्य | वर्ष / तिथि |
|---|---|
| पहली अलग MSME Policy | 31 जनवरी 2015 — Uttarakhand MSME Policy, 2015 |
| नवीनतम MSME Policy | 9 अगस्त 2023 — Uttarakhand MSME Policy, 2023 |
MSY 2.0 — मुख्य तथ्य
- नोडल विभाग: MSME विभाग / उद्योग निदेशालय, उत्तराखंड।
- पात्रता: उत्तराखंड का स्थायी निवासी; आयु 18–50 वर्ष।
- अधिकतम ऋण सीमा
- विनिर्माण: ₹25 लाख।
- सेवा/व्यापार: ₹10 लाख।
- स्वयं का अंशदान (Margin Money)
- सामान्य वर्ग: 10%।
- विशेष वर्ग: 5% — SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक, महिलाएँ, दिव्यांगजन और पूर्व सैनिक।
MSY 2.0 — श्रेणीवार Subsidy
| श्रेणी | क्षेत्र / जिले | Subsidy |
|---|---|---|
| A — अति दुर्गम | पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर | 30% |
| B — दुर्गम | पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, अल्मोड़ा | 25% |
| C — आंशिक पहाड़ी | देहरादून व नैनीताल के पहाड़ी विकासखंड | 20% |
| D — मैदानी | हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर तथा देहरादून व नैनीताल के मैदानी विकासखंड | 15% |
UKSSSC तथ्य: MSY 2.0 में अधिकतम subsidy श्रेणी A में 30% है।
वीर उद्यमी योजना — विशेष प्रावधान
- लाभार्थी: पूर्व सैनिक और पूर्व अग्निवीर।
- ऋण सीमा: MSY 2.0 के समान — विनिर्माण ₹25 लाख; सेवा/व्यापार ₹10 लाख।
- अतिरिक्त subsidy: संबंधित A/B/C/D श्रेणी की subsidy के ऊपर 5% अतिरिक्त।
- पति–पत्नी दोनों पात्र हों तो अलग-अलग प्रोजेक्ट पर अतिरिक्त 5% subsidy का लाभ।
- आरक्षण: MSY 2.0 के कुल लक्ष्यों का 10% वीर उद्यमी के लिए आरक्षित।
शासन, नीति एवं विधि
उत्तराखंड मौन पालन नीति 2026
मुख्य तथ्य
- नीति: उत्तराखंड मौन पालन नीति 2026 को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली।
- कैबिनेट मंजूरी: 25 फरवरी 2026।
- बजट: ₹111 करोड़।
- अवधि: 6 वर्ष — 3-3 वर्ष के दो चरण।
- लक्ष्य: 25,000 किसानों को लाभ।
- 1.27 लाख मौन बॉक्स 80% subsidy पर उपलब्ध कराने का प्रावधान।
मौन पालन — परीक्षा तथ्य
- मैदानी क्षेत्र: मुख्यतः Apis mellifera।
- पर्वतीय क्षेत्र: मुख्यतः Apis cerana।
- लाभ: शहद उत्पादन के साथ परागण से फसल उत्पादन में सहायता।
शासन, नीति एवं विधि
मसूरी में New Seed Act 2026 और संशोधित Pesticide Act की घोषणा
मुख्य तथ्य
- मुख्य घोषणा: मसूरी में New Seed Act 2026 और संशोधित Pesticide Act लाने की घोषणा की गई।
- घोषणा: 1 मार्च 2026, मसूरी (देहरादून), उत्तराखंड।
- घोषणा करने वाले: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान।
- प्रस्तावित प्रमुख सुधार
- New Seed Act 2026 — Seed Act, 1966 के पुराने regulatory framework को आधुनिक बनाने के लिए।
- Revised Pesticide Act — Insecticides Act, 1968 के स्थान पर आधुनिक pesticide regulation के लिए।
- मुख्य उद्देश्य: किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज व कीटनाशक उपलब्ध कराना और घटिया/नकली कृषि आदानों पर सख्ती।
शासन, नीति एवं विधि
Prevention of Public Gambling Act, 2026 — उत्तराखंड
मुख्य तथ्य
- कानून: Prevention of Public Gambling Act, 2026 को उत्तराखंड मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली।
- कैबिनेट मंजूरी: 6 मार्च 2026।
- पुराना कानून: Public Gambling Act, 1867।
- नया कानून: Prevention of Public Gambling Act, 2026 — Uttarakhand Act No. 10 of 2026।
- उद्देश्य: सार्वजनिक जुआ, जुआघर और संगठित सट्टेबाजी पर कड़ी रोक।
प्रमुख दंड प्रावधान
| अपराध | दंड / जुर्माना |
|---|---|
| सड़क/सार्वजनिक स्थान पर जुआ | 3 माह तक कारावास या ₹5,000 जुर्माना या दोनों |
| घर में जुआ आयोजित करना | 2 वर्ष तक कारावास या ₹10,000 जुर्माना |
| जुआघर चलाना | 5 वर्ष तक कारावास या ₹1 लाख जुर्माना या दोनों |
| संगठित / सिंडिकेट सट्टेबाजी | 3–5 वर्ष कारावास और ₹10 लाख तक जुर्माना |
शासन, नीति एवं विधि
देवभूमि परिवार विधेयक 2026 और Family ID
मुख्य तथ्य
- विधेयक: देवभूमि परिवार विधेयक 2026 में Family ID व्यवस्था का प्रावधान किया गया।
- विधानसभा में पेश: 10 मार्च 2026, गैरसैंण बजट सत्र।
- Family ID के लिए resident classification: राज्य की भौगोलिक सीमा में लगातार 15 वर्ष निवास।
- परिवार का मुखिया: 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की सबसे वरिष्ठ महिला सदस्य।
- Devbhoomi Parivar Authority की अध्यक्षता मुख्यमंत्री करेंगे; मुख्य सचिव पदेन उपाध्यक्ष होंगे।
- उद्देश्य: अलग-अलग विभागों के beneficiary data को एक unified और verified family database में जोड़ना।
उत्तराखंड की 41 प्रमुख योजनाएँ
केवल योजना का नाम और संबंधित तिथि।
2002–2009
2013–2017
2018–2019
2020
2021
2022
2023–2024
2025–2026
अर्थव्यवस्था, उद्योग एवं अवसंरचना
बनबसा में भारत–नेपाल सीमा पर आधुनिक Land Port
मुख्य तथ्य
- स्थान: गुड़मी क्षेत्र, बनबसा, जिला चम्पावत — भारत–नेपाल सीमा।
- परियोजना: Land Ports Authority of India (LPAI) द्वारा उत्तराखंड सरकार के सहयोग से विकसित आधुनिक Land Port।
- LPAI ने परियोजना के लिए लगभग 84 एकड़ भूमि चिन्हित की है; 30 मार्च 2026 को EPC कार्य से जुड़ी निविदा प्रकाशित हुई।
- उद्देश्य: सीमा-पार व्यापार और यात्री आवागमन को एकीकृत करना तथा लॉजिस्टिक्स/परिवहन लागत घटाना।
कृषि, पर्यावरण एवं आपदा
भवन उपविधि संशोधन: 14-सदस्यीय विशेषज्ञ समिति
परीक्षा-योग्य तथ्य
- मुख्य निर्णय: भवन उपविधियों में संशोधन के लिए 14-सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित की गई।
- विषय: उत्तराखंड की भवन उपविधियों को भूकंप-सुरक्षित और आपदा-रोधी मानकों के अनुरूप संशोधित करना।
- समिति: 14-सदस्यीय उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति।
- अध्यक्ष: प्रो. आर. प्रदीप कुमार — निदेशक, CSIR-CBRI, रुड़की।
- गठन: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा; सदस्य-सचिव/संयोजक: शांतनु सरकार, निदेशक, ULMMC देहरादून।
- मुख्य जोर: भूकंप-रोधी डिजाइन, भू-तकनीकी सुरक्षा और आपदा-रोधी निर्माण मानक।
अतिरिक्त तथ्य — रुड़की के प्रमुख शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान
- 1. IIT रुड़की
- 1847 — Roorkee College की स्थापना।
- 1854 — नाम Thomason College of Civil Engineering किया गया।
- 25 नवम्बर 1949 — University of Roorkee बना।
- 1960 — School of Research and Training in Earthquake Engineering (SRTEE) की स्थापना; वर्तमान में Department of Earthquake Engineering, IIT Roorkee।
- 21 सितम्बर 2001 — IIT Roorkee बना; देश का 7वाँ IIT।
- 2. केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI)
- स्थापना — 1947।
- स्थान — रुड़की।
- 3. राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान (NIH)
- स्थापना — 16 दिसम्बर 1978।
- मुख्यालय — रुड़की।
- अधीन — जल शक्ति मंत्रालय।
- 4. सिंचाई अनुसंधान संस्थान (IRI)
- 1928 — प्रारम्भिक Research Unit लखनऊ में स्थापित।
- 1946 — अनुसंधान इकाई रुड़की क्षेत्र में स्थानांतरित।
- 1954 — पूर्ण विकसित Irrigation Research Institute बना।
कृषि, पर्यावरण एवं आपदा
बागेश्वर का पहला Model Veterinary Hospital — गरुड़
परीक्षा-योग्य तथ्य
- मुख्य परियोजना: गरुड़, बागेश्वर में जिले का पहला Model Veterinary Hospital स्थापित किया जाएगा।
- स्थान: गरुड़, जिला बागेश्वर।
- महत्त्व: बागेश्वर जिले का पहला Model Veterinary Hospital।
- स्वीकृत लागत: ₹4.08 करोड़।
- मुख्य सुविधाएँ: X-ray, ultrasound, modern diagnostic facilities और operation theatre।
- निर्माण पूरा करने का लक्ष्य: जून 2027।
IVRI मुक्तेश्वर — ‘पशु चिकित्सा विज्ञान का मक्का’
संस्थान का इतिहास और पशु-रोग अनुसंधान में प्रमुख योगदान
मुख्य इतिहास
- 1889
पुणे में Imperial Bacteriological Laboratory के रूप में मूल स्थापना।
- 1893
डॉ. अल्फ्रेड लिंगार्ड के प्रयासों से मुक्तेश्वर, नैनीताल स्थानांतरित।
- 1925
नाम बदलकर Imperial Institute of Veterinary Research किया गया।
- 1947
वर्तमान नाम Indian Veterinary Research Institute रखा गया और मुख्यालय इज्जतनगर, बरेली स्थानांतरित हुआ।
प्रमुख योगदान
- 1899
पहला Anti-Rinderpest Serum तैयार किया।
- 1927
Rinderpest की Goat Tissue Vaccine विकसित की।
- 1940
मुर्गियों के रानीखेत रोग (Newcastle Disease) का टीका विकसित किया।
कृषि, पर्यावरण एवं आपदा
रेल–हाथी टकराव रोकथाम पर WII की राष्ट्रीय कार्यशाला
मुख्य तथ्य
- विषय: रेल–हाथी टकराव और रेल पटरियों पर हाथियों की मृत्यु को कम करना।
- आयोजन: 10–11 मार्च 2026, भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII), देहरादून।
- आयोजक: पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का प्रोजेक्ट एलिफेंट प्रभाग — WII के सहयोग से।
- प्राथमिकता: 77 संवेदनशील रेल खंड, कुल लंबाई 1,965.2 किमी।
- सिफारिश: 705 शमन संरचनाएँ।
शिक्षा, विज्ञान एवं स्वास्थ्य
ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल — चारधाम यात्रियों की वास्तविक समय स्वास्थ्य निगरानी
मुख्य तथ्य
- पोर्टल: ई-स्वास्थ्य धाम — चारधाम यात्रियों की डिजिटल स्वास्थ्य निगरानी के लिए।
- उद्देश्य: यात्रियों के स्वास्थ्य की वास्तविक समय निगरानी और जरूरत पड़ने पर त्वरित चिकित्सा सहायता।
- यात्रा मार्ग की स्वास्थ्य व्यवस्था
- 177 एम्बुलेंस।
- 25 चिकित्सा राहत केंद्र।
- 33 स्वास्थ्य जाँच केंद्र।
- केदारनाथ में 17-बेड का विशेष अस्पताल।
- 229 विशेषज्ञ चिकित्सक चरणबद्ध तैनाती के लिए चिह्नित।
शिक्षा, विज्ञान एवं स्वास्थ्य
उत्तराखंड में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी
मुख्य तथ्य
- मुख्य निर्णय: उत्तराखंड में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी दी गई।
- कैबिनेट मंजूरी: 6 मार्च 2026।
- विधायी आधार: Uttarakhand Private University (Amendment) Bill, 2026; मूल Uttarakhand Private University Act, 2023 में संशोधन।
- मंजूर तीन विश्वविद्यालय
- Mount Valley University — नैनीताल।
- Tulas University — देहरादून।
- Shivalik University — देहरादून।
- उद्देश्य: उत्तराखंड को उच्च शिक्षा hub के रूप में विकसित करना तथा research और regional employment को बढ़ावा देना।
अतिरिक्त तथ्य — उत्तराखंड के विश्वविद्यालय
- कुमाऊँ विश्वविद्यालय
- स्थापना: 1973; नैनीताल।
- 2020 में अल्मोड़ा परिसर अलग होकर सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय बना।
- हेमवती नंदन बहुगुणा (HNB) गढ़वाल विश्वविद्यालय
- स्थापना: 1973; श्रीनगर गढ़वाल। मूल नाम गढ़वाल विश्वविद्यालय (Garhwal University) था।
- 1989 में नाम बदलकर HNB गढ़वाल विश्वविद्यालय हुआ।
- 15 जनवरी 2009 को केंद्रीय विश्वविद्यालय बना।
- श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय
- स्थापना: 19 अक्टूबर 2012।
- मुख्यालय: बादशाहीथौल, टिहरी गढ़वाल।
- यह राज्य विश्वविद्यालय (State University) है।
- उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय
- स्थापना: 2005।
- मुख्यालय: हल्द्वानी, नैनीताल।
शिक्षा, विज्ञान एवं स्वास्थ्य
Divya Kala Mela 2026 — देहरादून
मुख्य तथ्य
- आयोजन: Divya Kala Mela 2026 देहरादून में आयोजित हुआ।
- आयोजन: 21 फरवरी–1 मार्च 2026, Rangers Ground, देहरादून।
- आयोजक: Department of Empowerment of Persons with Disabilities (DEPwD), सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय।
- नोडल एजेंसी: National Divyangjan Finance and Development Corporation (NDFDC)।
- भागीदारी: लगभग 16 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के करीब 100 दिव्यांग artisans, artists और entrepreneurs।
- उद्देश्य: दिव्यांगजन के उत्पाद, कौशल और उद्यमिता को market platform देना।
शिक्षा, विज्ञान एवं स्वास्थ्य
‘प्रज्ञानम्’ कृत्रिम बुद्धिमत्ता चैटबॉट — भारतीय ज्ञान परंपरा का डिजिटल मंच
मुख्य तथ्य
- मंच: “प्रज्ञानम्” — भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) चैटबॉट।
- लॉन्च: 25 मार्च 2026, लोक भवन, देहरादून।
- विकासकर्ता: श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय।
- लॉन्चकर्ता: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.)।
- कार्य: भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े प्रश्नों के त्वरित और संदर्भ-आधारित उत्तर देना।
- विकास पहल: “एक विश्वविद्यालय–एक शोध”।
- मुख्य विषय: वेद, उपनिषद, पुराण, आयुर्वेद, प्राचीन भारतीय गणित, संगीत, नाट्यशास्त्र, दर्शन और भारतीय विज्ञान।
संस्कृति, साहित्य एवं पर्यटन
नैनीताल लिटरेचर फेस्टिवल 2026 — चारखेत
मुख्य तथ्य
- आयोजन: दूसरा नैनीताल लिटरेचर फेस्टिवल 2026 चारखेत में आयोजित हुआ।
- संस्करण: दूसरा; तिथि: 13–15 मार्च 2026।
- स्थान: चारखेत, नैनीताल — Kaansya Resort by Mountain Magic।
- संयुक्त उद्घाटन: दीपक रावत और प्रो. पुष्पेश पंत।
- आयोजक: लेखनी फाउंडेशन।
- टैगलाइन: Sailing With Stories।
संबंधित पुस्तक
- ‘नैनीताला नैनीताला’ — प्रो. पुष्पेश पंत।
संस्कृति, साहित्य एवं पर्यटन
Champawat SARAS Corbett Mahotsav 2026
मुख्य तथ्य
- आयोजन: Champawat SARAS Corbett Mahotsav 2026 चंपावत में आयोजित हुआ।
- आयोजन: 18–24 फरवरी 2026; जिला: चंपावत।
- मुख्य स्थल: टनकपुर, केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के निकट मैदान।
- वर्चुअल उद्घाटन: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।
- पर्यटन focus: Winter Corbett Festival — winter और adventure tourism।
मुख्य गतिविधियाँ
- संस्कृति: बैठकी होली, खड़ी होली और चौफला।
- Adventure: paragliding, mountain biking, hot-air ballooning, river rafting, paramotoring, bird watching और trekking।
संस्कृति, साहित्य एवं पर्यटन
बसंतोत्सव 2026: भोजपत्र पर विशेष डाक आवरण
मुख्य तथ्य
- मुख्य तथ्य: बसंतोत्सव 2026 में भोजपत्र पर विशेष डाक आवरण जारी किया गया।
- आयोजन: 27 फरवरी–1 मार्च 2026, लोक भवन, देहरादून।
- थीम: Floral Healing: Nature’s Path to Well-Being।
- विशेष डाक आवरण: ‘भोजपत्र वृक्ष’ — डाक विभाग द्वारा जारी; राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने विमोचन किया।
- साथ में Dehradun Postal Division की philatelic exhibition भी आयोजित हुई।
संस्कृति, साहित्य एवं पर्यटन
Himalayan O₂ — The Tehri Lake Festival 2026
मुख्य तथ्य
- आधिकारिक नाम: Himalayan O₂ – The Tehri Lake Festival (HO₂-TTLF)।
- आयोजन: 6–9 मार्च 2026, टिहरी झील एवं आसपास के पर्यटन स्थल।
- थीम/स्पिरिट: Freedom in the Mountains।
- आयोजक: जिला प्रशासन टिहरी गढ़वाल और Uttarakhand Tourism Development Board (UTDB)।
- यह उत्तराखंड की winter-tourism पहल ‘Gham Tapo Tourism’ से जुड़ा आयोजन था।
टिहरी बांध परियोजना — परीक्षा उपयोगी विस्तृत नोट्स
एक नजर में परिचय, इतिहास, क्षमता, आंदोलन और पुनर्वास
सामान्य परिचय एवं भौगोलिक स्थिति
टिहरी बाँध परियोजना — UKSSSC महत्वपूर्ण कालक्रम
- 1949
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा टिहरी में भागीरथी–भिलंगना क्षेत्र में बाँध परियोजना की परिकल्पना/योजना की गई।
- 1961
टिहरी बाँध परियोजना की प्राथमिक जाँच (Preliminary Investigation) पूरी हुई।
- 1972
केंद्र सरकार/योजना आयोग ने 600 MW क्षमता की टिहरी बाँध परियोजना को स्वीकृति प्रदान की।
- 1978
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा टिहरी बाँध का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया।
- 1986
तत्कालीन सोवियत संघ (USSR) ने टिहरी परियोजना के लिए तकनीकी एवं आर्थिक सहायता प्रदान करने पर सहमति दी।
- सोवियत सहयोग: मिखाइल गोर्बाचेव की भारत यात्रा के समय परियोजना को सोवियत सहयोग मिला।
- 12 जुलाई 1988
केंद्र सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त उपक्रम के रूप में THDC (Tehri Hydro Development Corporation) का गठन हुआ।
- उद्देश्य: Tehri Hydro Power Complex का क्रियान्वयन।
- भागीदारी: केंद्र : उत्तर प्रदेश = 75 : 25।
- 19 जुलाई 1990
2,400 MW के तीन-चरणीय Tehri Hydro Power Complex को सशर्त पर्यावरणीय स्वीकृति मिली।
- Tehri HPP: 1,000 MW
- Koteshwar HEP: 400 MW
- Tehri PSP: 1,000 MW
- अक्टूबर 2005
अंतिम प्रमुख Diversion Tunnel T-2 के gates बंद किए गए और टिहरी जलाशय का जलभराव प्रारंभ हुआ।
- 30 जुलाई 2006
टिहरी परियोजना की पहली 250 MW इकाई का उद्घाटन हुआ; इसके साथ विद्युत उत्पादन का चरण शुरू हुआ।
- 9 जुलाई 2007
अंतिम इकाई के commercial operation में आने के साथ Tehri HPP की 1,000 MW क्षमता पूर्ण हुई।
Tehri Hydro Power Complex — 2,400 MW
| चरण | घटक | क्षमता | मुख्य तथ्य |
|---|---|---|---|
| प्रथम | Tehri Dam & HPP | 1,000 MW | 4 × 250 MW; भागीरथी नदी पर; चालू |
| द्वितीय | Koteshwar HEP | 400 MW | 4 × 100 MW; टिहरी बांध से लगभग 22 किमी नीचे; चालू |
| तृतीय | Tehri PSP | 1,000 MW | 4 × 250 MW; Upper reservoir—Tehri, Lower reservoir—Koteshwar; यही अप्रैल 2026 current-affairs component है |
टिहरी बाँध विरोधी आंदोलन
- प्रारंभिक प्रमुख आवाज
टिहरी बाँध के विरोध में प्रारंभिक प्रमुख आवाज — राजमाता कमलेन्दुमति शाह।
- 24 जनवरी 1978
टिहरी बाँध विरोधी संघर्ष समिति का गठन हुआ।
- संस्थापक/प्रमुख अध्यक्ष: वीरेन्द्र दत्त सकलानी।
- प्रमुख नाम: विद्यासागर नौटियाल, सुंदरलाल बहुगुणा।
- 1991
सुंदरलाल बहुगुणा के नेतृत्व में 76 दिनों तक धरना-प्रदर्शन किया गया तथा बाँध निर्माण कार्य रुकवाया गया।
- साइकिल यात्रा: सुंदरलाल बहुगुणा ने गंगासागर से गंगोत्री तक साइकिल यात्रा का नेतृत्व किया।
- 1996
सुंदरलाल बहुगुणा ने ‘प्रायश्चित सत्याग्रह’ किया; बाद में राजघाट, नई दिल्ली में प्रधानमंत्री एच. डी. देवगौड़ा के आश्वासन के बाद इसे समाप्त किया।
- 2001
बाँध निर्माण के विरोध में सुंदरलाल बहुगुणा ने पुनः आंदोलन किया; अप्रैल 2001 में उन्हें गिरफ्तार किया गया।
विस्थापन, नई टिहरी एवं जलाशय
संस्कृति, साहित्य एवं पर्यटन
उत्तराखंड राज्य जनजातीय महोत्सव 2026 — देहरादून
मुख्य तथ्य
- आयोजन: उत्तराखंड राज्य जनजातीय महोत्सव 2026 देहरादून में आयोजित हुआ।
- स्थान: Parade Ground, देहरादून।
- आयोजक: राज्य जनजातीय शोध संस्थान (State Tribal Research Institute), उत्तराखंड।
- मुख्य आयोजन दिवस: 25 मार्च 2026; मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
- भागीदारी: देश के 12 राज्यों के जनजातीय प्रतिनिधि।
- ‘आदि गौरव सम्मान’: दिवंगत थारू लोक गायिका रिंकू देवी राणा और दर्शन लाल।
- उद्देश्य: जनजातीय संस्कृति, परंपरा और विरासत को व्यापक मंच प्रदान करना।
रैंकिंग, रिपोर्ट एवं सूचकांक
Fiscal Health Index 2026: उत्तराखंड NE/Himalayan समूह में द्वितीय
रिपोर्ट — मुख्य तथ्य
- मुख्य उपलब्धि: Fiscal Health Index 2026 में उत्तराखंड पूर्वोत्तर/हिमालयी राज्यों के समूह में द्वितीय रहा।
- जारीकर्ता: नीति आयोग (NITI Aayog)।
- दूसरा वार्षिक संस्करण; जारी तिथि: 11 मार्च 2026।
- आधार वित्तीय वर्ष: 2023–24।
- रैंकिंग दो अलग समूहों में: 18 Major States और 10 North-Eastern & Himalayan States।
Overall Top 3 — दोनों समूह
| समूह | प्रथम | द्वितीय | तृतीय |
|---|---|---|---|
| NE/Himalayan | अरुणाचल प्रदेश — 59.3 | उत्तराखंड — 52.4 | त्रिपुरा — 43.9 |
| Major States | ओडिशा — 73.1 | गोवा — 54.7 | झारखंड — 50.5 |
Major States — Performance Categories
- Achievers (Top Performers)
- ओडिशा, गोवा, झारखंड।
- Front-Runners
- गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक।
- Performers
- मध्य प्रदेश, हरियाणा, बिहार, तमिलनाडु, राजस्थान।
- Aspirational (Bottom Performers)
- पश्चिम बंगाल, केरल, आंध्र प्रदेश, पंजाब।
FHI के 5 आयाम
- पाँच आयाम
- Quality of Expenditure — व्यय की गुणवत्ता।
- Revenue Mobilisation — राजस्व संग्रहण क्षमता।
- Fiscal Prudence — राजकोषीय विवेक/अनुशासन।
- Debt Index — ऋण सूचकांक।
- Debt Sustainability — ऋण की स्थिरता।
रैंकिंग, रिपोर्ट एवं सूचकांक
SDG 2024–25 जिला रैंकिंग: रुद्रप्रयाग प्रथम
SDG 2024–25 — शीर्ष जिले
| स्थान | जिला | स्कोर |
|---|---|---|
| 1 | रुद्रप्रयाग | 78 |
| 2 | उत्तरकाशी + चमोली | 75 |
| 3 | बागेश्वर | 74 |
उत्तरकाशी और चमोली संयुक्त द्वितीय स्थान पर रहे।
रिपोर्ट संदर्भ
- मुख्य उपलब्धि: SDG 2024–25 जिला रैंकिंग में रुद्रप्रयाग प्रथम रहा।
- रैंकिंग: सतत विकास लक्ष्य (SDG) 2024–25 जिला रैंकिंग में रुद्रप्रयाग 78 अंकों के साथ प्रथम।
- संदर्भ: उत्तराखंड आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 में SDG 2024–25 प्रदर्शन।
- SDG = सतत विकास लक्ष्य (Sustainable Development Goals)।
पुरस्कार एवं व्यक्तित्व
डॉ. जितेन ठाकुर को उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान
वर्षवार सम्मान
- मुख्य सम्मान: डॉ. जितेन ठाकुर को उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया।
- वर्ष 2026
- सम्मानित साहित्यकार: डॉ. जितेन ठाकुर।
- समारोह का आधिकारिक नाम: उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान समारोह–2025।
- वर्ष 2025 — प्रथम उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान
- प्रथम प्राप्तकर्ता: सुभाष पंत।
- सम्मान समारोह: उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान–2024।
मुख्य तथ्य
- उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान राज्य का सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान है।
- आयोजक संस्था: उत्तराखंड भाषा संस्थान।
- सम्मान राशि: ₹5.51 लाख।
राजभाषा तथ्य
- 2010 — संस्कृत को उत्तराखंड की द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिया गया।
संस्कृत से संबंधित प्रमुख संस्थाएँ
| संस्था | स्थापना / गठन | मुख्यालय / स्थान |
|---|---|---|
| उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम् / उत्तराखंड संस्कृत अकादमी | 20 दिसम्बर 2002 | हरिद्वार |
| उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय | 21 अप्रैल 2005 | बहादराबाद, हरिद्वार |
| उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा परिषद् | 26 अप्रैल 2011 | देहरादून |
प्रमुख भाषा संस्थान एवं अकादमियाँ
| संस्था | स्थापना / गठन | मुख्यालय / स्थान |
|---|---|---|
| उत्तराखंड भाषा संस्थान | 10 फरवरी 2010 | देहरादून |
| डॉ. पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल हिन्दी अकादमी | 11 फरवरी 2010 | देहरादून |
| उत्तराखंड उर्दू अकादमी | 22 जुलाई 2013 | देहरादून |
| उत्तराखंड पंजाबी अकादमी | 22 जुलाई 2013 | देहरादून |
स्थानीय भाषा एवं बोली संस्थाएँ
| संस्था | स्थापना / गठन | मुख्यालय / स्थान |
|---|---|---|
| उत्तराखंड लोकभाषा व बोली अकादमी | 10 अगस्त 2016 | देहरादून |
| उत्तराखंड बोली-भाषा संस्थान | 2016; उद्घाटन 28 दिसम्बर 2016 | गौचर, चमोली |
पुरस्कार एवं व्यक्तित्व
भक्त दर्शन उच्च शिक्षा गौरव पुरस्कार 2025–26: चार विद्वान चयनित
चयनित चार विद्वान
- मुख्य तथ्य: भक्त दर्शन उच्च शिक्षा गौरव पुरस्कार 2025–26 के लिए चार विद्वानों का चयन किया गया।
- नाम
- डॉ. रेनू धस्माना।
- प्रो. एच.सी. पुरोहित।
- डॉ. सुरेंद्र सिंह सुथार।
- डॉ. शिव चंद्र सिंह रावत।
पुरस्कार एवं व्यक्तित्व
धामी मंत्रिमंडल विस्तार 2026 — पाँच नए कैबिनेट मंत्री
मुख्य तथ्य
- धामी मंत्रिमंडल विस्तार: 20 मार्च 2026 को पाँच नए कैबिनेट मंत्रियों ने शपथ ली।
- स्थान: लोक भवन, देहरादून।
- शपथ दिलाने वाले: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.)।
- पाँच नए कैबिनेट मंत्री
- खजान दास — राजपुर रोड।
- मदन कौशिक — हरिद्वार।
- भरत सिंह चौधरी — रुद्रप्रयाग।
- प्रदीप बत्रा — रुड़की।
- राम सिंह कैड़ा — भीमताल।
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मार्च 2026 मासिक क्विज़
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