मुख्य सामग्री पर जाएँ

फरवरी 2026 — परीक्षा-केंद्रित मासिक अंक

उत्तराखंड Current Affairs — फरवरी 2026

प्राप्त सामग्री को छाँटकर बनाए गए high-yield notes; केवल परीक्षा में पूछे जा सकने वाले तथ्य और UKPSC/UKSSSC शैली के MCQs।

17 टॉपिक 8 Categories 26 MCQs
01

शासन, नीति एवं विधि

मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का शुभारंभ

मुख्य तथ्य

  • योजना: मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का शुभारंभ 10 फरवरी 2026 को हुआ।
  • औपचारिक शुभारंभ: 10 फरवरी 2026।
  • क्रियान्वयन विभाग: महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग।
  • परियोजना लागत सीमा: ₹2 लाख तक।
  • अनुदान: परियोजना लागत का 75% अथवा अधिकतम ₹1.5 लाख — जो भी कम हो।
  • लाभार्थी का अंशदान: 25%।
  • प्रथम चरण: 484 लाभार्थी।
02

अर्थव्यवस्था, उद्योग एवं अवसंरचना

रेल बजट 2026–27 में उत्तराखंड को ₹4,769 करोड़

परीक्षा-योग्य तथ्य

  • उत्तराखंड का रेल आवंटन: ₹4,769 करोड़।
  • राज्य में चल रही रेल परियोजनाओं का कुल मूल्य: ₹39,491 करोड़।
  • अमृत भारत स्टेशन योजना में उत्तराखंड के 11 स्टेशन शामिल हैं।

ऋषिकेश–कर्णप्रयाग नई रेल लाइन: मुख्य तथ्य

  • कुल लंबाई: लगभग 125 किमी।
  • कुल प्रस्तावित स्टेशन: 12।
  • सुरंग संरचना:
    • मुख्य लाइन सुरंगें: 16 — कुल लंबाई लगभग 104 किमी।
  • यह रेल लाइन 5 जिलों—देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और चमोली—को जोड़ेगी।
  • सबसे लंबी सुरंग: Tunnel T-8 — लगभग 14.8 किमी; देवप्रयाग–जनासू खंड में। इसे भारत की सबसे लंबी परिवहन सुरंग बताया गया है।

संक्षिप्त इतिहास

  • परियोजना को Railway Budget 2010–11 में स्वीकृति मिली।
  • कार्यान्वयन एजेंसी: Rail Vikas Nigam Limited (RVNL)।
  • वीरभद्र–योग नगरी ऋषिकेश प्रारंभिक खंड मार्च 2020 में चालू हुआ।
03

कृषि, पर्यावरण एवं आपदा

PACS कंप्यूटरीकरण पूरा करने वाला देश का पहला राज्य—उत्तराखंड

मुख्य तथ्य

  • मुख्य उपलब्धि: PACS कंप्यूटरीकरण राज्य स्तर पर पूरा करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना।
  • देश में पहली बार PACS कंप्यूटरीकरण की शुरुआत: उत्तराखंड — 30 अक्टूबर 2021।
  • PACS का पूर्ण रूप: Primary Agricultural Credit Societies — प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियाँ।
  • नवीन राज्य विभागीय विवरण: उत्तराखंड की सभी 671 सहकारी समितियाँ डिजिटल प्रणाली से जुड़ी हैं।

नोट — एकीकृत सामूहिक सहकारी खेती मॉडल

  • अर्थ: छोटे और बिखरे जोत वाले किसान भूमि का स्वामित्व अपने पास रखते हुए खेती की योजना, बीज–खाद, मशीनों का उपयोग, उत्पादन और विपणन सामूहिक रूप से करते हैं।
  • मुख्य लाभ: खेती की लागत कम होती है, आधुनिक संसाधनों का साझा उपयोग संभव होता है और किसानों की बाजार में सौदेबाजी क्षमता बढ़ती है।
  • विस्तार: राज्य के सभी 95 विकासखंडों में शुरू किया गया।
04

कृषि, पर्यावरण एवं आपदा

ई-वन राहत ऐप: मानव–वन्यजीव संघर्ष राहत प्रक्रिया

मुख्य तथ्य

  • ऐप: ई-वन राहत (e-Van Rahat)।
  • मुख्य उपयोग: मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं की real-time tracking।
  • राहत संबंधी उपयोग: प्रभावित व्यक्ति को अनुग्रह राशि आवंटित करने की प्रक्रिया को सुगम और त्वरित बनाना।
  • संबंधित संस्था: WWF-India; राजाजी टाइगर रिजर्व के वनकर्मियों को इसके उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया।
05

शिक्षा, विज्ञान एवं स्वास्थ्य

देहरादून में देश की पाँचवीं विज्ञान नगरी

मुख्य तथ्य

  • परियोजना: झाझरा के क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र को विज्ञान नगरी (Science City) के रूप में विकसित करना।
  • स्थान: विज्ञान धाम, झाझरा, देहरादून।
  • राष्ट्रीय क्रम: भारत की पाँचवीं विज्ञान नगरी।
  • योजना: विज्ञान संस्कृति संवर्धन योजना (SPOCS)।
  • कार्यान्वयन संस्था: राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (NCSM)।
  • परियोजना क्षेत्र: लगभग 26 एकड़।

भारत की अन्य चार विज्ञान नगरियाँ

  • क्रमानुसार सूची:
    1. विज्ञान नगरी, Kolkata — पश्चिम बंगाल।
    2. Pushpa Gujral विज्ञान नगरी, Kapurthala — पंजाब।
    3. Gujarat विज्ञान नगरी, Ahmedabad — गुजरात।
    4. विज्ञान नगरी, Guwahati — असम।
06

शिक्षा, विज्ञान एवं स्वास्थ्य

उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन

मुख्य तथ्य

  • नई संस्था: उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण (Uttarakhand State Minority Education Authority)।
  • अध्यक्ष: डॉ. सुरजीत सिंह गांधी।
  • कुल सदस्य: 12 — अध्यक्ष सहित।
  • कानूनी आधार: उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम, 2025।
  • मदरसा बोर्ड का कार्यकाल जुलाई 2026 में समाप्त होने के बाद नई व्यवस्था लागू होगी।
07

संस्कृति, साहित्य एवं पर्यटन

शारदा कॉरिडोर और शारदा रिवर फ्रंट परियोजना

मुख्य तथ्य

  • परियोजना: टनकपुर, चम्पावत में शारदा कॉरिडोर और शारदा रिवर फ्रंट का विकास किया जा रहा है।
  • स्थान: टनकपुर, जनपद चम्पावत।
  • नदी: शारदा नदी, जिसे काली/महाकाली भी कहा जाता है।
  • अनुमानित लागत: लगभग ₹3,300 करोड़।
  • मुख्य उद्देश्य: टनकपुर–बनबसा क्षेत्र में रिवर फ्रंट, धार्मिक पर्यटन और अन्य पर्यटन सुविधाओं का विकास।
अन्य तथ्य

शारदा (काली) नदी तंत्र: संपूर्ण परीक्षा नोट्स

प्रमुख सहायक नदियाँ एवं संबंधित घाटियाँ — उत्तर (उद्गम) से दक्षिण (निकास) क्रम में।

01

सामान्य परिचय

पर्वतीय नामउत्तराखंड के पर्वतीय भाग में इस नदी को 'काली नदी' कहा जाता है।
उद्गम (Origin)पिथौरागढ़ जिले में लिपुलेख दर्रे के पास कालापानी (व्यास आश्रम) नामक स्थान से।
पौराणिक नामस्कंद पुराण में काली नदी को 'श्यामा नदी' कहा गया है।
अपवित्र जलपुराणों में इस नदी के जल को अपवित्र माना गया है, इसलिए इसका जल मंदिरों में देवी-देवताओं को नहीं चढ़ाया जाता है।
नाम परिवर्तनब्रह्मदेव मंडी (टनकपुर) के पास जब यह नदी मैदानी क्षेत्र में उतरती है, तब इसे 'शारदा' नाम से जाना जाता है।
कुल लम्बाई252 किमी (यह उत्तराखंड की सबसे लंबी नदी है)।
अंतरराष्ट्रीय सीमायह नदी भारत (उत्तराखंड) और नेपाल के बीच प्राकृतिक अंतरराष्ट्रीय सीमा बनाती है।
निकासयह नदी शारदा नाम से टनकपुर (बनबसा) से नेपाल/उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है, और आगे जाकर घाघरा नदी में मिल जाती है।
सबसे अधिक जलप्रवाहकुमाऊँ क्षेत्र में काली नदी तंत्र का जलप्रवाह सबसे अधिक है।
02

कुटी यांगती (Kuti Yangti)

उद्गमलम्पिया धुरा दर्रे के निकट से।
संगमगुंजी नामक स्थान पर काली नदी में मिलती है।
घाटीयह 'व्यास घाटी' से होकर बहती है।
तथ्ययह काली नदी की प्रारंभिक (पहली) सहायक नदी है।
03

पूर्वी धौलीगंगा

उद्गमगोवानखना हिमनद (पिथौरागढ़)।
संगमतवाघाट में काली नदी से मिलती है।
घाटीयह नदी जिस घाटी से होकर बहती है, उसे 'दारमा घाटी' कहा जाता है।
प्रमुख सहायक नदियाँलिसर, सेला, दारमा, नानदारमा।
04

गोरीगंगा

उद्गममिलम हिमनद (पिथौरागढ़)।
संगमजौलजीवी में काली नदी से मिलती है (यहाँ प्रसिद्ध जौलजीवी मेला लगता है)।
घाटीयह नदी जिस घाटी से होकर बहती है, उसे 'जोहार घाटी' कहा जाता है।
प्रमुख सहायक नदियाँShuklapa or Ramal, Ramalgarh, Gonkhagarh।
05

सरयू नदी एवं इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ

उद्गमसरमूल, बागेश्वर।
संगमपंचेश्वर में काली नदी से मिलती है।
लम्बाईइसकी कुल लम्बाई 146 किमी है।
तथ्ययह काली नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है और इसे सबसे अधिक जल देती है।
प्रमुख सहायक नदियाँगोमती, पूर्वी रामगंगा और पनार नदी सरयू में मिलती हैं।
गोमतीसरयू की सहायक नदी।
  • उद्गम: डेबरा श्रेणी।
  • संगम: बागेश्वर में सरयू नदी से मिलती है।
  • संबंधित तथ्य: गरुड़ गंगा बैजनाथ (बागेश्वर) में गोमती नदी से मिलती है।
पूर्वी रामगंगासरयू की सहायक नदी।
  • उद्गम: नामिक/पोटिंग ग्लेशियर।
  • संगम: रामेश्वर तीर्थ (पिथौरागढ़) में सरयू नदी से मिलती है।
  • लम्बाई: कुल लम्बाई 108 किमी।
पनार नदीसरयू की सहायक नदी।
  • संगम: काकरीघाट के पास सरयू नदी से मिलती है।
06

लोहावती नदी

उद्गमएबट माउंट, चम्पावत।
07

लधिया नदी

उद्गमगजार क्षेत्र (त्रिकोणीय बिंदु: अल्मोड़ा, नैनीताल, चम्पावत)।
संगमचूका, चम्पावत के पास।
तथ्ययह उत्तराखंड के भीतर काली नदी से मिलने वाली अंतिम प्रमुख सहायक नदी है।
08

उद्गम, घाटी एवं संगम — Quick Revision Table

सहायक नदीउद्गम स्थलसंबंधित घाटी (Valley)काली नदी से संगम
कुटी यांगतीलम्पिया धुराव्यास घाटीगुंजी
पूर्वी धौलीगंगागोवानखना ग्लेशियरदारमा घाटीतवाघाट
गोरीगंगामिलम ग्लेशियरजोहार घाटीजौलजीवी
सरयू (146 km)सरमूल (बागेश्वर)-पंचेश्वर
लोहावतीएबट माउंट (चम्पावत)-काली तंत्र का हिस्सा
लधियागजार क्षेत्र-चूका (चम्पावत)
08

सुरक्षा एवं रक्षा

गौचर और चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टियाँ अग्रिम लैंडिंग ग्राउंड बनेंगी

मुख्य तथ्य

  • निर्णय: गौचर और चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टियों को अग्रिम लैंडिंग ग्राउंड (ALG) के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • गौचर हवाई पट्टी — जनपद चमोली।
  • चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी — जनपद उत्तरकाशी।
  • दोनों हवाई पट्टियाँ विकास के लिए रक्षा मंत्रालय को लीज पर दी जाएँगी।

अतिरिक्त नोट्स — उत्तराखंड के 5 प्रमुख हवाई अड्डे / हवाई पट्टियाँ

अतिरिक्त नोट्स — उत्तराखंड के 5 प्रमुख हवाई अड्डे / हवाई पट्टियाँ
नामस्थानजिला
जॉली ग्रांट एयरपोर्टदेहरादूनदेहरादून
पंतनगर एयरपोर्टपंतनगरऊधम सिंह नगर
नैनी सैनी एयरपोर्टपिथौरागढ़पिथौरागढ़
गौचर एयरस्ट्रिपगौचरचमोली
चिन्यालीसौड़ एयरस्ट्रिपचिन्यालीसौड़उत्तरकाशी
09

सुरक्षा एवं रक्षा

BHISM रणनीतिक विचार मंच का शुभारंभ

मुख्य तथ्य

  • पहल: भारत हिमालयन इंटरनेशनल स्ट्रैटेजिक मंच (BHISM/भीष्म) नामक रणनीतिक विचार मंच का शुभारंभ किया गया।
  • पूरा नाम: Bharat Himalayan International Strategic Manch (BHISM/भीष्म)।
  • प्रकृति: राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक नीति-विमर्श का विचार मंच (थिंक टैंक)।
  • शुभारंभ: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त)।
  • स्थान और तिथि: लोक भवन, देहरादून — 13 फरवरी 2026।
  • प्रमुख विषय: सीमा प्रबंधन, राष्ट्रीय सुरक्षा, जलवायु सुरक्षा और आपदा तैयारी।
अन्य तथ्य

उत्तराखंड के राज्यपाल — त्वरित पुनरावृत्ति

राज्य गठन से वर्तमान तक क्रम, कार्यकाल और परीक्षा-योग्य विशेष तथ्य।

01

राज्यपालों का क्रम एवं कार्यकाल

क्रमराज्यपाल का नामकार्यकाल (Tenure)परीक्षा के लिए विशेष तथ्य
1सुरजीत सिंह बरनाला9 नवंबर 2000 – 7 जनवरी 2003राज्य के प्रथम राज्यपाल।
2सुदर्शन अग्रवाल8 जनवरी 2003 – 28 अक्टूबर 2007सबसे लंबा कार्यकाल (लगभग 4 वर्ष और 293 दिन)।
3बी. एल. जोशी29 अक्टूबर 2007 – 5 अगस्त 2009सबसे छोटा कार्यकाल।
4मार्गरेट अल्वा6 अगस्त 2009 – 14 मई 2012राज्य की प्रथम महिला राज्यपाल।
5अज़ीज़ कुरैशी15 मई 2012 – 7 जनवरी 2015राज्य के प्रथम मुस्लिम / अल्पसंख्यक राज्यपाल।
6डॉ. कृष्ण कांत पाल8 जनवरी 2015 – 25 अगस्त 2018
7बेबी रानी मौर्य26 अगस्त 2018 – 14 सितंबर 2021राज्य की दूसरी महिला राज्यपाल; कार्यकाल से पहले इस्तीफा दिया।
8ले. जनरल गुरमीत सिंह15 सितंबर 2021 – वर्तमानवर्तमान (8वें) राज्यपाल।
10

सुरक्षा एवं रक्षा

भारत–जापान सैन्य अभ्यास Dharma Guardian 2026—चौबटिया

मुख्य तथ्य

  • अभ्यास: भारत–जापान संयुक्त सैन्य अभ्यास Dharma Guardian 2026 का सातवाँ संस्करण चौबटिया में आयोजित हुआ।
  • अभ्यास: Dharma Guardian 2026।
  • देश: भारत और जापान।
  • संस्करण: सातवाँ।
  • स्थान: Foreign Training Node, चौबटिया, उत्तराखंड।
  • अवधि: 24 फरवरी से 9 मार्च 2026।
  • उद्देश्य: संयुक्त सैन्य अभियानों की क्षमता और interoperability बढ़ाना।
रेजिमेंट 01 · गढ़वाल

गढ़वाल राइफल्स

गठन से पेशावर कांड तक — तिथियों को क्रम में पढ़ें

01

गढ़वाल राइफल्स — कालक्रम

  1. 5 मई 1887

    Lt. Col. E. P. Mainwaring (4th Gurkhas) के नेतृत्व में अल्मोड़ा में प्रथम बटालियन का गठन किया गया। उस समय H. G. Ross (1885–1887) कुमाऊँ कमिश्नर थे।

    • प्रारंभिक गठन: इस बटालियन को 2nd Battalion, 3rd (The Kumaon) Gurkha Regiment के रूप में गठित किया गया था।
  2. 4 नवंबर 1887

    बटालियन अल्मोड़ा से कालूडांडा पहुँची और यहीं इसका स्थायी सैन्य केंद्र विकसित हुआ।

  3. 1890

    तत्कालीन वायसराय Lord Lansdowne के नाम पर कालूडांडा का नाम बदलकर ‘लैंसडाउन’ रखा गया।

  4. 1891

    गुरखा कंपनियों के अलग होने के बाद इकाई का नाम 39th (Garhwali) Regiment of Bengal Infantry रखा गया; इससे इसकी अलग गढ़वाली रेजिमेंट के रूप में पहचान बनी।

  5. 1892

    रेजिमेंट को आधिकारिक रूप से ‘Rifles’ की उपाधि मिली।

  6. 1 मार्च 1901

    लैंसडाउन में इसकी दूसरी बटालियन गठित की गई; बाद में दोनों बटालियन 1st और 2nd Battalion, 39th Garhwal Rifles कहलायीं।

  7. 23–24 नवंबर 1914

    दरवान सिंह नेगी (1/39th Garhwal Rifles) ने Festubert, फ्रांस में अद्वितीय वीरता के लिए Victoria Cross प्राप्त किया।

  8. 10 मार्च 1915

    गबर सिंह नेगी (2/39th Garhwal Rifles) को Neuve Chapelle, फ्रांस की लड़ाई में वीरता के लिए मरणोपरांत Victoria Cross प्रदान किया गया।

  9. 2 फरवरी 1921

    प्रथम विश्व युद्ध में उत्कृष्ट युद्ध-सेवा के सम्मान में रेजिमेंट को ‘Royal’ की उपाधि प्रदान की गई।

  10. 1 अक्टूबर 1921

    लैंसडाउन में Garhwal Rifles Regimental Centre स्थापित किया गया।

  11. 1922

    भारतीय सेना के पुनर्गठन के बाद इसका नाम 18th Royal Garhwal Rifles हो गया।

  12. 11 नवंबर 1923

    लैंसडाउन के Parade Ground में Garhwal Rifles Regimental War Memorial स्थापित किया गया; इसका उद्घाटन तत्कालीन Commander-in-Chief Lord Rawlinson of Trent ने किया।

  13. 23 अप्रैल 1930

    पेशावर के किस्सा ख्वानी बाजार में 2/18 Royal Garhwal Rifles के सैनिकों ने वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली के नेतृत्व में निहत्थे आंदोलनकारियों पर गोली चलाने से इनकार कर दिया। यह घटना ‘पेशावर कांड’ के नाम से प्रसिद्ध है।

02

लैंसडाउन एवं रेजिमेंट की पहचान

Darwan Singh Museumलैंसडाउन में स्थित इस संग्रहालय का नाम Victoria Cross विजेता दरवान सिंह नेगी के सम्मान में रखा गया है; इसमें गढ़वाल राइफल्स के हथियार, वर्दियाँ, चित्र एवं सैन्य इतिहास से संबंधित सामग्री संरक्षित है।
रेजिमेंटल सेंटरलैंसडाउन, पौड़ी गढ़वाल।
आदर्श वाक्य‘युद्धाय कृत निश्चय’।
युद्धघोष‘बद्री विशाल लाल की जय’।
रेजिमेंट 02 · कुमाऊँ

कुमाऊँ रेजिमेंट

गढ़वाल राइफल्स से अलग स्वतंत्र कालक्रम

01

कुमाऊँ रेजिमेंट — कालक्रम

  1. 1813

    कुमाऊँ रेजिमेंट की सैन्य परंपरा की जड़ें इस वर्ष से मानी जाती हैं।

  2. 27 अक्टूबर 1945

    19वीं हैदराबाद रेजिमेंट का नाम बदलकर 19वीं कुमाऊँ रेजिमेंट किया गया।

  3. मई 1948

    रानीखेत (अल्मोड़ा) को कुमाऊँ रेजिमेंट का रेजिमेंटल सेंटर बनाया गया।

  4. प्रथम परमवीर चक्र

    मेजर सोमनाथ शर्मा (4 कुमाऊँ) स्वतंत्र भारत के प्रथम परमवीर चक्र विजेता थे।

  5. 1962

    13 कुमाऊँ ने रेजांग ला का ऐतिहासिक युद्ध लड़ा।

11

खेल एवं साहसिक उपलब्धियाँ

प्रतिभा थपलियाल ने राष्ट्रीय महिला बॉडीबिल्डिंग में स्वर्ण जीता

परीक्षा-योग्य तथ्य

  • मुख्य उपलब्धि: प्रतिभा थपलियाल ने राष्ट्रीय महिला बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।
  • खिलाड़ी: प्रतिभा थपलियाल।
  • उपलब्धि: राष्ट्रीय महिला बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक।
  • स्थान और तिथि: तेलंगाना — फरवरी 2026।
  • मूल निवास: यमकेश्वर, पौड़ी गढ़वाल।
  • पूर्व प्रमुख उपलब्धि: 2023 की राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण।
12

खेल एवं साहसिक उपलब्धियाँ

राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग एक्यूरेसी चैंपियनशिप—कपकोट

मुख्य तथ्य

  • आयोजन: राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग एक्यूरेसी चैंपियनशिप 2026 — जालेख, कपकोट (बागेश्वर)।
  • मुख्य स्थल: जालेख, कपकोट, जनपद बागेश्वर।
  • अवधि: 5 से 9 फरवरी 2026।
  • आयोजक: उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB)।
  • विजेता: मनीष उप्रेती।
13

खेल एवं साहसिक उपलब्धियाँ

खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026: उत्तराखंड नौवें स्थान पर

आयोजन संबंधी तथ्य

  • मुख्य उपलब्धि: खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 में उत्तराखंड 3 पदकों के साथ नौवें स्थान पर रहा।
  • आयोजन: खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 — छठा संस्करण।
  • आयोजन के दो चरण:
    1. बर्फ पर खेले जाने वाले खेल — लेह, लद्दाख: 20 से 26 जनवरी 2026।
    2. हिम खेल — गुलमर्ग, जम्मू-कश्मीर: 23 से 26 फरवरी 2026।
  • शुभंकर: Sheen-E-She (Shan) — हिम तेंदुआ।

अंतिम पदक तालिका

  • प्रथम: भारतीय सेना — 9 स्वर्ण, 6 रजत और 8 कांस्य; कुल 23 पदक।
  • द्वितीय: हिमाचल प्रदेश — 6 स्वर्ण, 7 रजत और 1 कांस्य; कुल 14 पदक।
  • उत्तराखंड: नौवाँ स्थान — 2 स्वर्ण और 1 कांस्य; कुल 3 पदक।

उत्तराखंड के पदक विजेता

  • आदर्श सिंह रावत — Figure Skating, Novice Men — स्वर्ण पदक।
  • शार्दुल थपलियाल — Ski Mountaineering, Men’s Vertical — स्वर्ण पदक।
  • संगीता भट्ट — Ski Mountaineering, Women’s Vertical — कांस्य पदक।
14

खेल एवं साहसिक उपलब्धियाँ

औली विंटर कार्निवल और राष्ट्रीय स्कीइंग चैंपियनशिप

परीक्षा-योग्य तथ्य

  • आयोजन: औली, चमोली में विंटर कार्निवल और राष्ट्रीय स्कीइंग चैंपियनशिप आयोजित हुई।
  • स्थान और अवधि: औली, चमोली — 13 से 16 फरवरी 2026।
  • समग्र विजेता: हिमाचल प्रदेश।
  • उत्तराखंड: 1 स्वर्ण और 2 कांस्य — कुल 3 पदक।
  • विशेष उपलब्धि: औली में पहली बार Night Skiing आयोजित हुई।

अतिरिक्त नोट्स — औली

  • औली परियोजना: शुभारंभ जुलाई 1983 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा किया गया।
  • स्कीइंग महोत्सव: 1987 से यहाँ स्कीइंग महोत्सव का आयोजन किया जाता है; औली राष्ट्रीय स्तर की शीतकालीन खेल प्रतियोगिताओं का भी प्रमुख केंद्र रहा है।
  • जोशीमठ–औली रोपवे: अक्टूबर 1993 में प्रारंभ हुआ; इसकी लंबाई लगभग 4.15 किमी है।
  • गुरसों बुग्याल: औली से लगभग 3 किमी। यही मार्ग आगे कुआरी पास ट्रेक से जुड़ता है।
  • छत्रकुंड: औली से लगभग 4 किमी तथा गुरसों बुग्याल से 1 किमी आगे है।
  • क्वानी बुग्याल: गुरसों बुग्याल से लगभग 13 किमी की ट्रेकिंग दूरी पर स्थित है।
15

खेल एवं साहसिक उपलब्धियाँ

मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी 2025–26 में देहरादून विजेता

मुख्य तथ्य

  • मुख्य उपलब्धि: मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी 2025–26 में देहरादून जनपद विजेता रहा।
  • प्रथम: देहरादून — 318 पदक।
  • द्वितीय: ऊधम सिंह नगर — 255 पदक।
  • तृतीय: हरिद्वार — 210 पदक।
16

पुरस्कार एवं व्यक्तित्व

पद्मश्री यात्रा लेखक ह्यू गैंजर का निधन

मुख्य तथ्य

  • निधन: पद्मश्री यात्रा लेखक ह्यू गैंजर का फरवरी 2026 में मसूरी में निधन हुआ।
  • प्रसिद्ध यात्रा लेखक: ह्यू गैंजर (Hugh Gantzer)।
  • निधन स्थान: मसूरी, उत्तराखंड।
  • ह्यू और कोलीन गैंजर को संयुक्त रूप से पद्मश्री 2025 मिला था।
  • क्षेत्र: साहित्य एवं शिक्षा–पत्रकारिता; ह्यू गैंजर सेवानिवृत्त भारतीय नौसेना कमांडर भी थे।
17

पुरस्कार एवं व्यक्तित्व

Wings India 2026 में उत्तराखंड सर्वश्रेष्ठ राज्य

मुख्य तथ्य

  • मुख्य उपलब्धि: Wings India 2026 में उत्तराखंड को विमानन पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने वाला सर्वश्रेष्ठ राज्य घोषित किया गया।
  • पुरस्कार: Best State for Promotion of Aviation & Ecosystem।
  • विजेता राज्य: उत्तराखंड।
  • आयोजन: Wings India 2026, बेगमपेट एयरपोर्ट, हैदराबाद।
  • उत्तराखंड की प्रतिनिधि संस्था: Uttarakhand Civil Aviation Development Authority (UCADA)।

फरवरी 2026 मासिक क्विज़

17 सत्यापित विषयों से 26 चुने हुए परीक्षा-उपयोगी प्रश्न उपलब्ध हैं। 10, 20 या पूरा 26-प्रश्न mock चुनें। प्रश्न और विकल्प हर प्रयास में क्रम बदल सकते हैं।