दक्षिण अमेरिका महाद्वीप
स्थिति, उपनाम और राजनीतिक सीमाओं से लेकर एंडीज़ पर्वतमाला, अटाकामा मरुस्थल, अमेज़न-सेल्वास, पम्पास-ग्रान चाको, जलधाराओं, खनिजों और जनजातियों तक — दक्षिण अमेरिका के हर उस बिंदु का संकलन जो UKPSC/UKSSSC व अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाता है।
01 दक्षिण अमेरिका महाद्वीप — भौगोलिक स्थिति, राजनीतिक विभाजन एवं सीमाएं
दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के अध्ययन की शुरुआत उसकी वैश्विक स्थिति, आकार, राजनीतिक विभाजन और सीमाओं की समझ से होती है। यह आधारभूत जानकारी आगे के सभी भौगोलिक प्रदेशों (एंडीज़, अमेज़न बेसिन, पम्पास आदि) को सही संदर्भ में समझने के लिए आवश्यक है।
1.1 भौगोलिक स्थिति एवं आकार
- वैश्विक क्रम (World Rank): एशिया, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका के बाद यह विश्व का चौथा (4th) सबसे बड़ा महाद्वीप है।
- गोलार्ध (Hemisphere): इसका अधिकांश भाग दक्षिणी (Southern) और पश्चिमी (Western) गोलार्ध में स्थित है।
- भौगोलिक आकृति (Physical Shape): इसका आकार लगभग त्रिभुजाकार (Triangular) है, जिसका उत्तरी भाग चौड़ा और दक्षिणी भाग नुकीला है।
- स्थलडमरूमध्य संयोजन (Isthmian Connection): पनामा जलडमरूमध्य (Isthmus of Panama) इसे उत्तरी अमेरिका महाद्वीप से जोड़ता है।
1.2 उपनाम एवं क्षेत्रीय पहचान
- पक्षियों का महाद्वीप (Continent of Birds): यहाँ के वर्षावनों (विशेषकर अमेज़न) में पक्षियों की सर्वाधिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
- लैटिन अमेरिका (Latin America): दक्षिण अमेरिका, मध्य अमेरिका, मैक्सिको और वेस्ट इंडीज (कैरेबियन द्वीप) को संयुक्त रूप से 'लैटिन अमेरिका' कहा जाता है, क्योंकि यहाँ स्पेनिश और पुर्तगाली (लैटिन-मूल की भाषाओं) की प्रधानता है।
1.3 राजनीतिक विभाजन: देश, आश्रित क्षेत्र एवं द्वीप
दक्षिण अमेरिका में कुल 12 स्वतंत्र देश हैं, इनके अतिरिक्त कुछ विदेशी अधिकार वाले क्षेत्र एवं महत्वपूर्ण द्वीप भी महाद्वीप का हिस्सा हैं:
- सबसे बड़ा देश: ब्राज़ील (Brazil) — महाद्वीप के लगभग 50% भूभाग पर विस्तृत।
- सबसे छोटा स्वतंत्र देश: सूरीनाम (Suriname)।
विदेशी/आश्रित क्षेत्र
- फ्रेंच गुयाना (French Guiana): फ्रांस के अधिकार क्षेत्र में स्थित है (यहीं कौरू स्पेस सेंटर अवस्थित है)।
महत्वपूर्ण द्वीप एवं अधिकार-विवाद
- गैलापागोस द्वीप समूह (Galapagos Islands): प्रशांत महासागर में स्थित इस द्वीप समूह पर इक्वाडोर (Ecuador) का अधिकार है (चार्ल्स डार्विन का विकासवाद संबंधी शोध यहीं हुआ था)। यह बिल्कुल भूमध्य रेखा (Equator) पर स्थित है तथा यहाँ ओलिव रिडले प्रजाति के विशाल कछुए पाए जाते हैं।
- ईस्टर द्वीप (Easter Island): प्रशांत महासागर में स्थित इस द्वीप पर चिली (Chile) का अधिकार है।
- फ़ॉकलैंड द्वीप (Falkland Islands / Islas Malvinas): अर्जेंटीना के पूर्वी तट पर स्थित है। इस पर ब्रिटेन (UK) का अधिकार है, परंतु अर्जेंटीना इस पर अपना दावा करता है (इसे लेकर 1982 में दोनों देशों के बीच युद्ध भी हुआ था)।
- टिएरा डेल फुएगो (Tierra del Fuego): इस द्वीप का पश्चिमी हिस्सा चिली के अधिकार में और पूर्वी हिस्सा अर्जेंटीना के अधिकार में है। विश्व का सबसे दक्षिणतम शहर उशुआइया (Ushuaia) इसी द्वीप पर (अर्जेंटीना में) स्थित है।
1.4 जलीय सीमाएं
- उत्तर में: कैरेबियन सागर (Caribbean Sea)
- पूर्व में: अटलांटिक महासागर (Atlantic Ocean)
- पश्चिम में: प्रशांत महासागर (Pacific Ocean)
- दक्षिण में: दक्षिणी महासागर (Southern Ocean)
1.5 अक्षांशीय स्थिति: भूमध्य रेखा एवं मकर रेखा
(अ) भूमध्य रेखा (Equator – 0°): यह महाद्वीप के उत्तरी भाग के 3 देशों से गुजरती है (पश्चिम से पूर्व के क्रम में):
- इक्वाडोर (Ecuador): इसकी राजधानी क्विटो (Quito) भूमध्य रेखा के बिल्कुल ऊपर/समीप स्थित है।
- कोलंबिया (Colombia)
- ब्राज़ील (Brazil): इसका शहर 'मकापा (Macapá)' भूमध्य रेखा पर ही स्थित है।
(ब) मकर रेखा (Tropic of Capricorn – 23.5° S): यह महाद्वीप के मध्य-दक्षिणी भाग के 4 देशों से गुजरती है (पश्चिम से पूर्व के क्रम में):
- चिली (Chile)
- अर्जेंटीना (Argentina)
- पराग्वे (Paraguay)
- ब्राज़ील (Brazil)
- ब्राज़ील विश्व का एकमात्र ऐसा देश है जहाँ से भूमध्य रेखा (Equator) और मकर रेखा (Tropic of Capricorn) दोनों गुजरती हैं।
1.6 अंतर्राष्ट्रीय सीमाएं एवं विशिष्ट भौगोलिक तथ्य
- स्थलरुद्ध देश (Landlocked Countries): दक्षिण अमेरिका में केवल दो ही देश स्थलरुद्ध हैं:
- पराग्वे (Paraguay)
- बोलीविया (Bolivia): यह दक्षिण अमेरिका का सबसे बड़ा स्थलरुद्ध देश है।
- सबसे ऊँची राजधानी (Highest Capital City): बोलीविया की राजधानी ला पाज़ (La Paz) विश्व की सबसे अधिक ऊँचाई पर स्थित राजधानी है।
- ब्राज़ील की सीमा (Brazil's Border Peculiarity): ब्राज़ील की सीमा दक्षिण अमेरिका के सभी देशों से लगती है, सिवाय केवल दो देशों के — चिली और इक्वाडोर।
- दो महासागरों को छूने वाला देश (Bi-Oceanic Coastline): कोलंबिया (Colombia) एकमात्र ऐसा देश है जिसकी तटरेखा प्रशांत महासागर और कैरेबियन सागर (अटलांटिक) दोनों से मिलती है।
- ABC देश (The ABC Countries): भौगोलिक एवं आर्थिक रूप से मजबूत तीन देशों — Argentina, Brazil और Chile को संयुक्त रूप से 'ABC देश' कहा जाता है।
1.7 प्रमुख जलसंधियां (Important Straits & Passages)
- मैगलन जलसंधि (Strait of Magellan):
- स्थिति: यह दक्षिण अमेरिका की मुख्य भूमि (Mainland) को सबसे दक्षिणी द्वीप 'टिएरा डेल फुएगो' (Tierra del Fuego) से अलग करती है।
- यह अटलांटिक महासागर और प्रशांत महासागर को जोड़ती है — इसकी खोज प्रसिद्ध नाविक फर्डिनेंड मैगलन ने की थी।
- ड्रेक पैसेज (Drake Passage):
- स्थिति: यह दक्षिण अमेरिका के सबसे दक्षिणी बिंदु 'केप हॉर्न' (Cape Horn) को अंटार्कटिका महाद्वीप से अलग करता है।
- यह दुनिया के सबसे तूफानी और खतरनाक समुद्री रास्तों में से एक है। यह भी प्रशांत और अटलांटिक महासागर को जोड़ता है।
- बीगल चैनल (Beagle Channel):
- यह टिएरा डेल फुएगो द्वीप समूह के बीच स्थित एक संकरा जलमार्ग है, जो चिली और अर्जेंटीना के बीच सीमा बनाता है (इसका नाम चार्ल्स डार्विन के जहाज 'HMS Beagle' पर रखा गया था)।
1.8 महाद्वीप के महत्वपूर्ण भौगोलिक बिंदु (Important Geographical Points)
| दिशा | स्थान | देश |
|---|---|---|
| सबसे दक्षिणी बिंदु | केप हॉर्न (Cape Horn) | चिली (हॉर्निटोस द्वीप) |
| सबसे उच्चतम बिंदु | माउंट एकांकागुआ — 6960m | अर्जेंटीना |
| सबसे निम्नतम बिंदु | लागुना डेल कार्बोन (Laguna del Carbón) | अर्जेंटीना |
- लागुना डेल कार्बोन एक खारे पानी की झील/बेसिन है, जो समुद्र तल से 105 मीटर नीचे है — यह पूरे पश्चिमी और दक्षिणी गोलार्ध का सबसे निचला बिंदु है। (नोट: कई पुरानी किताबों में इसकी जगह वाल्डेस प्रायद्वीप दिया होता है, लेकिन सटीक उत्तर लागुना डेल कार्बोन ही है)।
02 क्षेत्र 1 — सुदूर पश्चिमी तटीय पट्टी और मरुस्थल
2.1 दक्षिण अमेरिका के चार भौगोलिक प्रदेश — परिचय
राहत (Relief) की दृष्टि से दक्षिण अमेरिका महाद्वीप को पश्चिम से पूर्व की ओर चार प्रमुख भौगोलिक प्रदेशों में बाँटा जाता है। आगे के चार सेक्शन (02 से 05) में इन्हें क्रमशः विस्तार से पढ़ेंगे:
- सुदूर पश्चिमी तटीय पट्टी एवं मरुस्थल: प्रशांत महासागर और एंडीज़ पर्वतमाला के बीच स्थित संकरा तटीय मैदान, हम्बोल्ट जलधारा और अटाकामा मरुस्थल।
- पश्चिमी पर्वतीय प्रदेश: एंडीज़ पर्वतमाला, उसकी प्रमुख चोटियाँ व ज्वालामुखी, तथा अंतर्पर्वतीय पठार व झीलें।
- मध्यवर्ती विशाल मैदान: ओरिनोको, अमेज़न और ला प्लाटा — इन तीन नदी बेसिनों से बना विशाल निचला मैदानी भाग।
- पूर्वी उच्च भूमि एवं दक्षिणी पठार: गुयाना का पठार, ब्राज़ील का पठार, प्रमुख जलप्रपात और पेटागोनिया का पठार।
अब हम क्षेत्र 1 — सुदूर पश्चिमी तटीय पट्टी एवं मरुस्थल का विस्तृत अध्ययन शुरू करते हैं। यह दक्षिण अमेरिका का सुदूर पश्चिमी भाग है, जो प्रशांत महासागर और एंडीज़ पर्वतमाला के बीच एक बहुत ही संकरी (Narrow) पट्टी के रूप में स्थित है।
क) प्रशांत महासागर का संकरा तटीय मैदान (The Coastal Plain)
- विस्तार: यह कोलंबिया से लेकर दक्षिण में चिली तक एक बहुत ही पतली मैदानी पट्टी के रूप में फैला है।
- भौगोलिक बाधा: पूर्व में एंडीज़ पर्वतमाला की सीधी ढलान के कारण यह मैदान बहुत अधिक चौड़ा नहीं हो पाया है।
ख) पेरू या हम्बोल्ट की जलधारा (Peru / Humboldt Current)
इस पूरे पश्चिमी तट का भूगोल, जलवायु और मरुस्थलों का निर्माण 100% इसी जलधारा पर निर्भर है:
- प्रकृति: यह प्रशांत महासागर में दक्षिण (अंटार्कटिका) से उत्तर (भूमध्य रेखा) की ओर बहने वाली एक ठंडी जलधारा (Cold Current) है।
- मरुस्थल का निर्माण (Desiccating Effect): ठंडी जलधारा होने के कारण इसके ऊपर की हवा ठंडी और भारी हो जाती है। भारी हवा ऊपर नहीं उठ पाती, जिससे वाष्पीकरण (Evaporation) नहीं होता। वाष्पीकरण न होने के कारण यहाँ बादल नहीं बनते और वर्षा नहीं होती। इसी कारण इस तट पर दुनिया के सबसे सूखे मरुस्थलों का निर्माण हुआ है।
- आर्थिक महत्व (मत्स्य पालन और गुआनो): इस ठंडे पानी में मछलियों का सबसे पसंदीदा भोजन 'प्लैंकटन' (Plankton) भारी मात्रा में पाया जाता है, इसलिए पेरू का यह तट दुनिया के सबसे बड़े मछली पकड़ने वाले (Fishing) क्षेत्रों में से एक है।
- यहाँ मछलियों को खाने वाले पक्षियों की बीट (Droppings) तटों पर जमा हो जाती है, जिसे 'गुआनो' (Guano) कहा जाता है — यह नाइट्रोजन और फास्फोरस से भरपूर एक प्राकृतिक और अत्यंत कीमती उर्वरक (Fertilizer) है।
- अल-नीनो का प्रभाव: हर 3 से 7 साल में यह ठंडी जलधारा अस्थायी रूप से गर्म जलधारा में बदल जाती है (जिसे अल-नीनो कहते हैं)। तब यहाँ अचानक भारी वाष्पीकरण होता है और इस सूखे मरुस्थल में बाढ़ आ जाती है।
ग) अटाकामा मरुस्थल (The Atacama Desert)
हम्बोल्ट जलधारा और एंडीज़ पर्वत की वृष्टि छाया (Rain Shadow) के संयुक्त प्रभाव से यह मरुस्थल बना है:
- विस्तार: इसका मुख्य विस्तार उत्तरी चिली और दक्षिणी पेरू के तट पर है।
- विश्व का सबसे शुष्क मरुस्थल (Driest Desert): यह पूरी दुनिया का सबसे सूखा मरुस्थल है, जहाँ दशकों तक बारिश की एक बूँद नहीं गिरती।
- अरीका (Arica): उत्तरी चिली के अटाकामा मरुस्थल में स्थित इस शहर को 'विश्व का सबसे शुष्क स्थान' माना जाता है। यहाँ पानी की इतनी कमी है कि इसे 'प्रेत नगर' (Ghost Town) भी कहा जाता है।
- नाइट्रेट (Nitrate): अटाकामा मरुस्थल विश्व में प्राकृतिक नाइट्रेट के सबसे बड़े भंडारों के लिए प्रसिद्ध है, जिसका उपयोग उर्वरक (Fertilizer) और बारूद/विस्फोटक बनाने में होता है।
- आयोडीन और तांबा (Copper): यह क्षेत्र तांबे के भारी उत्पादन के लिए जाना जाता है।
- चुक्वीकामाता (Chuquicamata): चिली के अटाकामा क्षेत्र में स्थित यह खान दुनिया की सबसे बड़ी तांबे की खानों में से एक है, इसी कारण इसे 'विश्व की तांबा राजधानी' (Copper Capital of the World) कहा जाता है।
03 क्षेत्र 2 — पश्चिमी पर्वतीय प्रदेश (The Andes)
तटीय मरुस्थलों को पार करते ही दक्षिण अमेरिका की सबसे प्रमुख भौगोलिक संरचना शुरू होती है।
क) एंडीज़ पर्वतमाला (The Andes Mountain Range)
यह दुनिया की सबसे लंबी और हिमालय के बाद दूसरी सबसे ऊँची पर्वत श्रृंखला है।
- निर्माण (Formation): यह एक 'नवीन वलित पर्वत' (Young Fold Mountain) है। इसका निर्माण प्रशांत महासागर की 'नाज्का प्लेट' (Nazca Plate — महासागरीय प्लेट) और 'दक्षिण अमेरिकी प्लेट' (महाद्वीपीय प्लेट) के आपस में टकराने (Subduction) से हुआ है।
- विस्तार और लंबाई: यह विश्व की सबसे लंबी पर्वत श्रृंखला है (लंबाई लगभग 7,000 से 7,200 किलोमीटर)।
- 7 देशों से विस्तार: यह उत्तर से दक्षिण तक कुल 7 देशों से होकर गुजरती है — वेनेज़ुएला, कोलंबिया, इक्वाडोर, पेरू, बोलीविया, चिली और अर्जेंटीना।
ख) प्रमुख पर्वत चोटियाँ और ज्वालामुखी (उत्तर से दक्षिण क्रम)
एंडीज़ पर्वतमाला की चोटियाँ और ज्वालामुखी राज्य स्तरीय परीक्षाओं (PCS) का बहुत लोकप्रिय विषय हैं। इन्हें उत्तर से दक्षिण क्रम में याद करें:
- कोटोपैक्सी (Cotopaxi):
- लोकेशन: इक्वाडोर (भूमध्य रेखा के बिल्कुल पास)।
- यह दुनिया के सबसे ऊँचे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है (आयोग अक्सर इसे सीधे 'सबसे ऊँचा सक्रिय ज्वालामुखी' मानकर भी प्रश्न बनाता है, इसलिए विकल्प देखकर टिक करें)।
- चिम्बोराजो (Chimborazo):
- लोकेशन: इक्वाडोर। यह एक सुप्त (Dormant) ज्वालामुखी है।
- सुपर फैक्ट: पृथ्वी के भूमध्यरेखीय उभार (Equatorial Bulge) के कारण, इस ज्वालामुखी का शिखर पृथ्वी के केंद्र से सबसे अधिक दूरी पर स्थित बिंदु है (यानी यह अंतरिक्ष के सबसे करीब है, माउंट एवरेस्ट से भी ज्यादा)।
- ओजोस डेल सलाडो (Ojos del Salado):
- लोकेशन: चिली और अर्जेंटीना की सीमा पर।
- यह विश्व का सबसे ऊँचा सक्रिय (Active) ज्वालामुखी है।
- माउंट एकांकागुआ (Mt. Aconcagua):
- लोकेशन: यह अर्जेंटीना में स्थित है (चिली सीमा के बिल्कुल पास)।
- विशेषता: यह एंडीज़ पर्वतमाला की सर्वोच्च चोटी (ऊँचाई लगभग 6,960 मीटर) है।
- एग्जाम फैक्ट: एशिया (हिमालय) के बाहर, यह पूरी दुनिया (तथा पश्चिमी और दक्षिणी गोलार्ध) की सबसे ऊँची चोटी है। यह एक मृत/शांत (Extinct) ज्वालामुखी का भी बहुत अच्छा उदाहरण है।
ग) अंतर्पर्वतीय पठार और प्रमुख झीलें (Intermontane Plateaus & Lakes)
जब कोई पठार चारों ओर से या दो तरफ से पर्वत श्रेणियों से घिरा होता है, तो उसे 'अंतर्पर्वतीय पठार' कहते हैं।
- बोलीविया का पठार (Bolivian Plateau / Altiplano):
- विस्तार: यह एंडीज़ पर्वतमाला की दो समानांतर श्रेणियों (Cordilleras) के बीच मुख्य रूप से बोलीविया (और कुछ हिस्सा पेरू) में स्थित है।
- तिब्बत के पठार के बाद यह दुनिया का दूसरा सबसे ऊँचा पठार है।
- सबसे ऊँची राजधानी: बोलीविया की राजधानी ला पाज़ (La Paz) इसी पठार पर स्थित है — यह विश्व की सबसे अधिक ऊँचाई पर स्थित राजधानी है।
- खनिज: यह पठार अपने टिन (Tin) के विशाल भंडारों के लिए विश्व विख्यात है। यहाँ स्थित 'पोटोसी' (Potosi) खान ऐतिहासिक रूप से चाँदी और टिन के लिए मशहूर रही है।
इसी पठार पर स्थित प्रमुख झीलें (Lakes on the Plateau)
- टिटिकाका झील (Lake Titicaca):
- लोकेशन: यह पेरू और बोलीविया की सीमा पर (बोलीविया के पठार पर ही) स्थित है।
- यह विश्व की सबसे ऊँची नौगम्य झील (Highest Navigable Lake) है (यानी इतनी ऊँचाई पर होने के बावजूद इसमें बड़ी नावें और स्टीमर चलाए जा सकते हैं)। इसे 'हनीमून लेक' भी कहा जाता है।
- पोपो झील (Lake Poopó):
- लोकेशन: यह पूरी तरह से बोलीविया में (टिटिकाका के दक्षिण में) स्थित है।
- यह एक खारे पानी की उथली झील थी। वर्तमान में ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के कारण यह झील लगभग पूरी तरह से सूख चुकी है (जो इसे करंट अफेयर्स से जोड़ता है)।
04 क्षेत्र 3 — मध्यवर्ती विशाल मैदान (The Central Lowlands)
एंडीज़ पर्वतमाला (पश्चिम) से नीचे उतरकर और पूर्वी पठारों (पूर्व) के बीच का जो विशाल निचला हिस्सा है, उसे 'मध्यवर्ती मैदान' कहते हैं। इसका निर्माण मुख्य रूप से महाद्वीप की तीन बड़ी नदियों (ओरिनोको, अमेज़न और ला प्लाटा तंत्र) द्वारा लाई गई मिट्टी (जलोढ़) से हुआ है। जलवायु के आधार पर इसे तीन प्रमुख नदी बेसिनों और उनके विशेष वन/घास के मैदानों में बाँटा जाता है।
क) उत्तरी भाग: ओरिनोको नदी बेसिन और 'लानोस' (The Orinoco Basin & Llanos)
- विस्तार: इसका मुख्य विस्तार वेनेज़ुएला (Venezuela) और कुछ हद तक पूर्वी कोलंबिया में है।
- ओरिनोको नदी (Orinoco River): यह वेनेज़ुएला की सबसे प्रमुख नदी है (इसी की सहायक नदी पर विश्व का सबसे ऊँचा 'एंजेल जलप्रपात' स्थित है)।
- लानोस (Llanos): ओरिनोको नदी बेसिन में फैले घास के मैदानों को 'लानोस' कहा जाता है — भूमध्य रेखा के करीब होने के कारण ये उष्णकटिबंधीय (Tropical) सवाना प्रकार के घास के मैदान हैं, जहाँ लंबी घास और बीच-बीच में छितरे हुए पेड़ पाए जाते हैं।
- आर्थिक महत्व: यह क्षेत्र पशुपालन (Cattle rearing) और पेट्रोलियम/तेल के विशाल भंडारों (विशेषकर वेनेज़ुएला की माराकाइबो झील के पास) के लिए जाना जाता है।
ख) मध्य भाग: अमेज़न नदी बेसिन और 'सेल्वास' (The Amazon Basin & Selvas)
यह दक्षिण अमेरिका का 'हृदय' (Heart) है और दुनिया का सबसे बड़ा नदी बेसिन है, जो भूमध्य रेखा (Equator) के बिल्कुल ऊपर स्थित है।
- अमेज़न नदी (Amazon River):
- उद्गम: यह एंडीज़ पर्वत (पेरू) से निकलकर पूर्व की ओर बहते हुए अटलांटिक महासागर में गिरती है।
- जल आयतन (Volume) और चौड़ाई के हिसाब से यह विश्व की सबसे बड़ी नदी है (लंबाई में यह नील नदी के बाद दूसरी सबसे लंबी है)।
- भूमध्यरेखीय जलवायु (Equatorial Climate): भूमध्य रेखा पर होने के कारण यहाँ साल भर भयंकर गर्मी पड़ती है और रोज़ दोपहर बाद (4 O'clock Rain) मूसलाधार संवहनीय वर्षा (Convectional rainfall) होती है।
- सेल्वास (Selvas): अमेज़न नदी बेसिन (मुख्यतः ब्राज़ील) में फैले दुनिया के सबसे विशाल, घने और सदाबहार भूमध्यरेखीय वर्षावनों (Equatorial Rainforests) को 'सेल्वास' कहा जाता है।
- पृथ्वी के फेफड़े (Lungs of the Earth): ये जंगल अकेले दुनिया की लगभग 20% ऑक्सीजन का उत्पादन करते हैं, इसीलिए परीक्षाओं में इन्हें 'पृथ्वी के फेफड़े' कहा जाता है।
- जैव विविधता: यहाँ दुनिया में सबसे ज्यादा जीवों और वनस्पतियों की प्रजातियां पाई जाती हैं। एनाकोंडा (Anaconda) साँप, पिरान्हा (Piranha) मछली और मकाऊ (Macaw) तोता यहीं का मूल निवासी है।
- बाल्सा (Balsa): यहाँ विश्व की सबसे हल्की लकड़ी पाई जाती है, जिसे 'बाल्सा' कहते हैं।
- रबर का मूल स्थान: प्राकृतिक रबर (Rubber) का मूल स्थान अमेज़न बेसिन ही है। यहाँ का 'मनौस' (Manaus) शहर अमेज़न नदी पर स्थित एक प्रमुख बंदरगाह है, जो रबर संग्रह का ऐतिहासिक केंद्र रहा है।
- मिट्टी: रोज़ भारी बारिश के कारण यहाँ की मिट्टी के पोषक तत्व पानी के साथ बहकर नीचे चले जाते हैं (इस प्रक्रिया को Leaching कहते हैं), इसलिए यहाँ की मिट्टी (लैटराइट) कृषि के लिए बहुत अच्छी नहीं होती।
ग) दक्षिणी भाग: ला प्लाटा नदी बेसिन (The La Plata Basin)
अमेज़न बेसिन के दक्षिण में महाद्वीप का दूसरा सबसे बड़ा नदी तंत्र स्थित है।
- नदी तंत्र का निर्माण: यह बेसिन मुख्य रूप से तीन बड़ी नदियों — पराना (Parana), पराग्वे (Paraguay), और उरुग्वे (Uruguay) नदियों से मिलकर बना है।
- रियो डे ला प्लाटा (Rio de la Plata): जब ये तीनों नदियाँ आपस में मिलकर अटलांटिक महासागर में गिरती हैं, तो एक बहुत चौड़ा मुहाना (Estuary) बनाती हैं, जिसे 'रियो डे ला प्लाटा' कहा जाता है (अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स और उरुग्वे की राजधानी मोंटेवीडियो इसी मुहाने के तट पर स्थित हैं)।
इस ला प्लाटा बेसिन को यहाँ की प्राकृतिक वनस्पति के आधार पर दो बेहद महत्वपूर्ण हिस्सों में बाँटा जाता है:
1. ग्रान चाको (Gran Chaco) — दलदली और वन क्षेत्र
- विस्तार: यह मुख्य रूप से बोलीविया, पराग्वे और उत्तरी अर्जेंटीना के बीच फैला हुआ एक विशाल मैदान है।
- प्रकृति: यह एक गर्म, दलदली (Swampy) और घनी झाड़ियों/जंगलों वाला क्षेत्र है, जहाँ गर्मियों में भारी बारिश होती है और सर्दियों में सूखा पड़ता है।
- शिकारियों की भूमि (Land of Hunting): अपनी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और जंगली जीवों की अधिकता के कारण इसे ऐतिहासिक रूप से 'शिकारियों की भूमि' कहा जाता है।
- क्वेब्रेको वृक्ष (Quebracho Tree): यहाँ पाए जाने वाले इस पेड़ का स्पेनिश में अर्थ है "कुल्हाड़ी तोड़ने वाला" (Axe-breaker), क्योंकि इसकी लकड़ी दुनिया की सबसे कठोर लकड़ियों में से एक है। इस पेड़ से 'टैनिन' (Tannin) प्रचुर मात्रा में निकाला जाता है, जिसका उपयोग चमड़ा उद्योग (Leather Tanning) में होता है।
2. पम्पास (Pampas) — शीतोष्ण घास के मैदान
- विस्तार: इसका मुख्य विस्तार अर्जेंटीना और कुछ हिस्सा उरुग्वे में है।
- प्रकृति: मकर रेखा (23.5° S) के दक्षिण में होने के कारण ये शीतोष्ण (Temperate) घास के मैदान हैं (उत्तरी अमेरिका के 'प्रेयरी' और यूरेशिया के 'स्टेपी' की तरह)।
- अर्जेंटीना का हृदय (Heartland of Argentina): कृषि और पशुपालन का केंद्र होने के कारण इसे अर्जेंटीना का हृदय स्थल कहा जाता है।
- अल्फा-अल्फा घास (Alfalfa): यहाँ की एक फलीदार और अत्यधिक पौष्टिक घास है, जिसे खाकर यहाँ के मवेशी (Livestock) बहुत जल्दी मोटे और हट्टे-कट्टे हो जाते हैं — इसी कारण अर्जेंटीना विश्व में गोमांस (Beef) और मांस का एक बहुत बड़ा निर्यातक (Exporter) देश है।
- गेहूँ की चंद्राकार पेटी (Wheat Crescent): पम्पास की मिट्टी (लोयस मिट्टी) बहुत उपजाऊ है, यहाँ गेहूँ की बहुत बड़े पैमाने पर खेती होती है।
- एस्टेंसिया (Estancias): यहाँ पशुओं को पालने के लिए बनाए गए बहुत बड़े-बड़े फार्म/बाड़े।
- गाउचो (Gauchos): इन फार्मों में मवेशियों की देखभाल करने वाले मजदूरों (काउबॉय) को स्थानीय भाषा में 'गाउचो' कहा जाता है।
05 क्षेत्र 4 — पूर्वी उच्च भूमि और दक्षिणी पठार (The Eastern Highlands & Plateaus)
इस क्षेत्र को उत्तर से दक्षिण की ओर तीन प्रमुख पठारों और उन पर स्थित जलप्रपातों में बाँटकर पढ़ेंगे:
क) गुयाना का पठार (Guiana Highlands)
यह महाद्वीप के उत्तर-पूर्व में स्थित एक बहुत ही प्राचीन और कठोर चट्टानी पठार है।
- विस्तार: इसका फैलाव मुख्य रूप से वेनेज़ुएला, गुयाना, सूरीनाम और फ्रेंच गुयाना में है।
- टेपुई (Tepuis): इस पठार पर कुछ विशेष प्रकार के पहाड़ पाए जाते हैं जिनका शिखर बिल्कुल मेज़ (Table) की तरह सपाट होता है, जिन्हें 'टेपुई' कहा जाता है (जैसे — माउंट रोराइमा)।
- खनिज: यह पठार मुख्य रूप से सोने (Gold), हीरे और बॉक्साइट के भंडारों के लिए प्रसिद्ध है।
ख) प्रमुख जलप्रपात (The Great Waterfalls)
पूर्वी पठारों की सीधी और खड़ी ढलान के कारण जब नदियाँ यहाँ से नीचे गिरती हैं, तो विशाल जलप्रपातों का निर्माण करती हैं:
- एंजेल जलप्रपात (Angel Falls):
- लोकेशन: यह वेनेज़ुएला में गुयाना के पठार पर स्थित है।
- नदी: यह चुरून नदी (Churun River) पर स्थित है (चुरून नदी, कोरोनी नदी की सहायक है, जो अंततः ओरिनोको नदी में मिल जाती है)।
- यह 979 मीटर की ऊँचाई के साथ विश्व का सबसे ऊँचा जलप्रपात है।
- इगुआजु जलप्रपात (Iguazu Falls):
- लोकेशन: यह ब्राज़ील और अर्जेंटीना की सीमा पर स्थित है।
- नदी: इगुआजु नदी (पराना नदी की सहायक)।
- यह विश्व के सबसे चौड़े और सबसे ज्यादा जल-आयतन (Volume) वाले जलप्रपातों में से एक है।
ग) ब्राज़ील का पठार (Brazilian Highlands)
यह दक्षिण अमेरिका का सबसे विशाल पठार है, जो ब्राज़ील के मध्य और पूर्वी हिस्से में फैला है। आयोग का यह सबसे पसंदीदा सेक्शन है:
- मिट्टी और कॉफी (Coffee & Terra Roxa): इस पठार पर ज्वालामुखीय चट्टानों के टूटने से विशेष लाल-काली मिट्टी बनी है जिसे 'टेरा रोक्सा' (Terra Roxa) कहते हैं — यह मिट्टी कॉफी उत्पादन के लिए विश्व में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है।
- फजेंडा (Fazendas): ब्राज़ील में कॉफी के विशाल बागानों को 'फजेंडा' कहा जाता है।
- साओ पाउलो (Sao Paulo): इसे ब्राज़ील की कॉफी मंडी या आर्थिक राजधानी कहा जाता है।
- सैंटोस बंदरगाह (Santos Port): साओ पाउलो के पास स्थित यह बंदरगाह विश्व भर में कॉफी निर्यात का केंद्र है, इसलिए इसे 'विश्व का कॉफी बंदरगाह' कहा जाता है।
- खनिज: ब्राज़ील का पठार उच्च कोटि के लौह अयस्क (Iron Ore) के लिए प्रसिद्ध है — यहाँ स्थित 'इटाबिरा' (Itabira) की खान विश्व विख्यात है (इसके अलावा मीनास गेराइस क्षेत्र मैंगनीज के लिए प्रसिद्ध है)।
घ) पेटागोनिया का पठार एवं मरुस्थल (Patagonia Plateau & Desert)
पूर्वी उच्च भूमि के सुदूर दक्षिण में (अर्जेंटीना के दक्षिणी हिस्से में) पेटागोनिया का पठार स्थित है।
- शीत मरुस्थल (Cold Desert): अटाकामा (गर्म मरुस्थल) के विपरीत, पेटागोनिया एक ठंडा मरुस्थल है।
- मरुस्थल बनने का कारण (Rain Shadow Effect): यह एंडीज़ पर्वतमाला के पूर्वी हिस्से में पड़ता है। पश्चिमी हवाएँ एंडीज़ से टकराकर सारी बारिश चिली की तरफ कर देती हैं और जब वे हवाएँ पहाड़ पार करके पूर्व में पेटागोनिया तक पहुँचती हैं, तो वे पूरी तरह सूख चुकी होती हैं। साथ ही, यहाँ तट पर 'फ़ॉकलैंड की ठंडी जलधारा' भी बहती है, जो वाष्पीकरण रोकती है।
- आर्थिक महत्व: ठंडा और शुष्क होने के कारण यहाँ कृषि नहीं होती, लेकिन यह क्षेत्र भेड़ पालन (Sheep rearing) और ऊन (Wool) उत्पादन के लिए पूरी दुनिया में बहुत प्रसिद्ध है।
06 दक्षिण अमेरिका का अपवाह तंत्र (Rivers & Lakes)
एंडीज़ पर्वतमाला दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर एक विशाल दीवार की तरह खड़ी है। इसी कारण यह महाद्वीप के लिए ‘महान जल-विभाजक’ (Great Water Divide) का काम करती है। महाद्वीप की अधिकांश बड़ी नदियाँ एंडीज़ या पूर्वी पठारों से निकलकर पूर्व की ओर बहती हैं और अटलांटिक महासागर में गिरती हैं।
1. अमेज़न नदी तंत्र (The Amazon River System)
अमेज़न केवल एक नदी नहीं, बल्कि विश्व का सबसे विशाल नदी-तंत्र है।
- वास्तविक उद्गम (Headwaters): अमेज़न सीधे ‘अमेज़न’ नाम से नहीं निकलती। पेरू के एंडीज़ से निकलने वाली मारान्योन (Marañón) और उकायली (Ucayali) नदियों के मिलने के बाद संयुक्त धारा अमेज़न कहलाती है। उकायली–अपुरीमाक तंत्र को इसकी मुख्य स्रोत धारा माना जाता है।
- मुहाना (Mouth): यह पूर्व की ओर बहते हुए ब्राज़ील में विषुवत रेखा के निकट अटलांटिक महासागर में एक विशाल मुहाना और द्वीपीय डेल्टा क्षेत्र बनाती है।
- जल-आयतन (Volume): जल-प्रवाह और बेसिन के आकार की दृष्टि से यह विश्व की सबसे बड़ी नदी है। महासागरों में पहुँचने वाले कुल नदी-जल का लगभग पाँचवाँ भाग अमेज़न से आता है।
- लंबाई: पारंपरिक परीक्षा-स्रोतों में इसे नील के बाद विश्व की दूसरी सबसे लंबी नदी माना जाता है; आधुनिक मापन में दोनों की लंबाई को लेकर मतभेद मिलता है।
- मडेरा (Madeira): जल-प्रवाह की दृष्टि से अमेज़न की सबसे बड़ी सहायक नदियों में से एक है।
- ‘Meeting of Waters’: ब्राज़ील के मनौस (Manaus) के पास काले जल वाली रियो नेग्रो और हल्के रेतीले रंग वाली सोलिमोएस धारा मिलती हैं। तापमान, घनत्व और बहाव की भिन्नता के कारण दोनों का जल कई किलोमीटर तक स्पष्ट रूप से अलग-अलग दिखाई देता है।
- मनौस बंदरगाह: अमेज़न बेसिन में रबर संग्रह का ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध केंद्र है।
- रियो नेग्रो अमेज़न की प्रमुख बायीं-तटीय सहायक नदी है, जबकि मडेरा प्रमुख दायीं-तटीय सहायक है।
2. ओरिनोको नदी तंत्र (The Orinoco River System)
यह उत्तरी दक्षिण अमेरिका की सबसे महत्त्वपूर्ण नदी प्रणालियों में से एक है।
- प्रवाह: यह गुयाना उच्चभूमि के सिएरा परिमा क्षेत्र से निकलकर मुख्यतः वेनेज़ुएला में बहती हुई अटलांटिक महासागर में विशाल डेल्टा बनाती है।
- घास के मैदान: यह नदी वेनेज़ुएला और कोलंबिया के उष्णकटिबंधीय लानोस (Llanos) घास के मैदानों से होकर गुजरती है।
- कासिकियारे (Casiquiare): यह एक अनोखी प्राकृतिक वितरिका है जो ओरिनोको को रियो नेग्रो के माध्यम से अमेज़न नदी तंत्र से जोड़ती है। यह प्राकृतिक नदी-द्विभाजन का विश्व प्रसिद्ध उदाहरण है।
- एंजेल जलप्रपात: विश्व का सबसे ऊँचा निर्बाध जलप्रपात चुरून नदी पर स्थित है; चुरून, कारराओ की सहायक है और कारराओ आगे कोरोनी नदी में मिलती है।
3. ला प्लाटा नदी बेसिन (The La Plata System)
यह अमेज़न के बाद दक्षिण अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा नदी बेसिन है और ब्राज़ील, बोलीविया, पराग्वे, उरुग्वे तथा अर्जेंटीना के बड़े भाग को अपवाहित करता है।
- पराना नदी (Paraná): यह इस तंत्र की मुख्य नदी है। पराग्वे नदी इसकी प्रमुख सहायक नदी है।
- इताइपु बाँध (Itaipu Dam): पराना नदी पर ब्राज़ील और पराग्वे की सीमा पर स्थित है। इसकी स्थापित क्षमता 14,000 मेगावाट है और वर्तमान क्षमता-क्रम में यह विश्व की तीसरी सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना है।
- इगुआज़ु नदी: पराना की सहायक नदी है, जिस पर ब्राज़ील–अर्जेंटीना सीमा के निकट प्रसिद्ध इगुआज़ु जलप्रपात स्थित है।
- रियो डे ला प्लाटा: पराना और उरुग्वे नदियों के मिलने से अटलांटिक तट पर बहुत चौड़ा, फनल-आकार का मुहाना बनता है। पराग्वे नदी पहले पराना में मिलती है।
- प्रमुख राजधानियाँ: अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स और उरुग्वे की राजधानी मोंटेवीडियो इसी मुहाने के विपरीत तटों पर स्थित हैं।
4. महाद्वीप की अन्य महत्त्वपूर्ण नदियाँ
- मैग्डेलेना नदी (Magdalena): कोलंबिया की सबसे प्रमुख नदी है। यह उत्तर की ओर बहकर कैरेबियन सागर में गिरती है; इसकी घाटी कॉफी, कृषि और पेट्रोलियम क्षेत्रों के लिए प्रसिद्ध है।
- साओ फ्रांसिस्को नदी (São Francisco): पूरी तरह ब्राज़ील के भीतर बहने वाली सबसे लंबी नदी है। विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ने के कारण इसे ब्राज़ील की ‘राष्ट्रीय एकता की नदी’ कहा जाता है।
- कोलोराडो नदी (अर्जेंटीना): एंडीज़ से निकलकर अटलांटिक की ओर बहती है और सामान्यतः पम्पास तथा पेटागोनिया के बीच प्राकृतिक संक्रमण-सीमा मानी जाती है।
- चुबूत और नेग्रो नदियाँ: दोनों अर्जेंटीना के पेटागोनिया क्षेत्र से पूर्व की ओर बहते हुए अटलांटिक महासागर में गिरती हैं।
5. विशेष जल-संरचना — माराकाइबो झील (Lake Maracaibo)
- स्थिति: वेनेज़ुएला के कैरेबियन तट पर स्थित है और एक संकरे जलमार्ग द्वारा वेनेज़ुएला की खाड़ी से जुड़ी है।
- आकार: परंपरागत भौगोलिक वर्गीकरण में क्षेत्रफल की दृष्टि से इसे दक्षिण अमेरिका की सबसे बड़ी झील माना जाता है; समुद्र से जुड़े होने के कारण इसे खारे जल की लैगून/खाड़ी भी कहा जाता है। टिटिकाका महाद्वीप की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील और विश्व की सर्वोच्च नौगम्य झील है।
- पेट्रोलियम: माराकाइबो बेसिन दक्षिण अमेरिका के सबसे पुराने और महत्त्वपूर्ण पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्रों में से एक है तथा वेनेज़ुएला की अर्थव्यवस्था में इसकी ऐतिहासिक भूमिका रही है।
07 महासागरीय जलधाराएँ व स्थानीय पवनें (Ocean Currents & Local Winds)
जलवायु और मरुस्थलों का निर्माण पूरी तरह इन्हीं जलधाराओं पर निर्भर है।
क) ठंडी जलधाराएँ (Cold Currents)
- पेरू या हम्बोल्ट जलधारा (Peru / Humboldt Current):
- तट: पश्चिमी तट (प्रशांत महासागर) पर उत्तर की ओर बहती है।
- प्रभाव: इसी के कारण दुनिया के सबसे सूखे 'अटाकामा मरुस्थल' का निर्माण हुआ है। यह मछलियों (प्लैंकटन) के लिए वरदान है, जिससे पेरू मत्स्य पालन में अग्रणी है।
- फ़ॉकलैंड की जलधारा (Falkland Current):
- तट: पूर्वी तट (अटलांटिक महासागर) पर अर्जेंटीना के बगल से बहती है (अंटार्कटिका से आती है)।
- प्रभाव: इसके कारण (और वृष्टि छाया प्रभाव से) अर्जेंटीना में 'पेटागोनिया के शीत मरुस्थल' (Cold Desert) का निर्माण हुआ है।
ख) गर्म जलधाराएँ (Warm Currents)
- ब्राज़ील की जलधारा (Brazilian Current):
- तट: ब्राज़ील के पूर्वी तट (अटलांटिक महासागर) पर बहती है (भूमध्य रेखा से नीचे की ओर आती है)।
- मत्स्य पालन का केंद्र: जहाँ अर्जेंटीना के तट के पास गर्म ब्राज़ील जलधारा और ठंडी फ़ॉकलैंड जलधारा आपस में मिलती हैं, वहाँ घना कोहरा छा जाता है — यह जगह मछलियों के भोजन (Plankton) के पनपने के लिए दुनिया की सबसे बेहतरीन जगह बन जाती है, जिससे यह तट एक बड़ा मत्स्य ग्रहण क्षेत्र (Fishing Ground) है।
- अल-नीनो (El-Niño): यह कोई स्थायी जलधारा नहीं है। हर 3 से 7 साल में पेरू तट की ठंडी जलधारा अस्थायी रूप से गर्म हो जाती है, जिसे अल-नीनो कहते हैं। इससे पेरू/चिली के सूखे मरुस्थलों में बाढ़ आ जाती है, लेकिन इसका भारत के मानसून पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और भारत/ऑस्ट्रेलिया में सूखा (Drought) पड़ता है।
- ला-नीना (La-Niña): यह अल-नीनो की उल्टी स्थिति है — इसमें पेरू तट का पानी सामान्य से अधिक ठंडा हो जाता है। यह भारतीय मानसून के लिए वरदान साबित होता है और भारत में अच्छी बारिश होती है।
ग) स्थानीय पवनें (Local Winds of South America)
आयोग अक्सर हवाओं का नाम देकर उनकी प्रकृति (गर्म/ठंडी) और देश का मिलान (Matching) करवाता है:
| पवन | प्रकृति | स्थान |
|---|---|---|
| पैम्पेरो (Pampero) | अत्यधिक ठंडी और शुष्क (Cold Polar Wind), अंटार्कटिका से आती है | अर्जेंटीना व उरुग्वे के पम्पास घास के मैदान |
| ज़ोंडा (Zonda) | गर्म और शुष्क — उत्तरी अमेरिका की 'चिनूक' व यूरोप की 'फॉन' के समान, बर्फ पिघलाकर अंगूर के बागानों को फायदा पहुँचाती है | अर्जेंटीना (एंडीज़ की पूर्वी ढलानें) |
| विलावाव (Willawaw) | ठंडी और बेहद तूफानी (Violent Squall), समुद्री जहाज़ों के लिए खतरनाक | मैगलन जलसंधि व टिएरा डेल फुएगो |
| सुराज़ो / फ्रियाजेम (Surazo / Friagem) | ठंडी ध्रुवीय पवन — अमेज़न के गर्म जंगलों में अचानक कड़ाके की ठंड (Cold Snap) लाती है | पेरू, बोलीविया व ब्राज़ील (अमेज़न बेसिन तक) |
08 दक्षिण अमेरिका के घास के मैदान (Grasslands)
एग्जाम में घास के मैदानों को हमेशा दो श्रेणियों में बाँटकर पूछा जाता है: उष्णकटिबंधीय (गर्म) और शीतोष्ण (ठंडे)।
क) उष्णकटिबंधीय घास के मैदान (Tropical Grasslands)
- लानोस (Llanos): मुख्य रूप से वेनेज़ुएला और कुछ हिस्सा कोलंबिया में (ओरिनोको नदी बेसिन) — सवाना प्रकार के गर्म घास के मैदान, पेट्रोलियम भंडारों व पशुपालन के लिए प्रसिद्ध।
- कैम्पोस (Campos): ब्राज़ील के पठार के दक्षिणी हिस्से में — यहाँ ऊँची घास और छोटे झाड़ीदार पेड़ पाए जाते हैं।
- सेराडो (Cerrado): ब्राज़ील का विशाल मध्य भाग — यह दुनिया के सबसे अधिक जैव-विविधता (Biodiverse) वाले सवाना क्षेत्रों में से एक है।
- ग्रान चाको (Gran Chaco): उत्तरी अर्जेंटीना, पराग्वे और बोलीविया — गर्म और दलदली वन/घास क्षेत्र, 'शिकारियों की भूमि', यहाँ सबसे कठोर लकड़ी वाला 'क्वेब्रेको' वृक्ष पाया जाता है।
ख) शीतोष्ण घास के मैदान (Temperate Grasslands)
- पम्पास (Pampas): मुख्य रूप से अर्जेंटीना और उरुग्वे — इन्हें अर्जेंटीना का 'हृदय स्थल' (Heartland) कहा जाता है।
- यहाँ 'अल्फा-अल्फा' (Alfalfa) नामक अत्यधिक पौष्टिक घास पाई जाती है, जिससे यहाँ के मवेशी बहुत तगड़े होते हैं (इसीलिए अर्जेंटीना मांस निर्यात में आगे है)।
- उपजाऊ लोयस मिट्टी के कारण इसे 'गेहूँ की चंद्राकार पेटी' (Wheat Crescent) भी कहते हैं।
- यहाँ के पशुपालकों/काउबॉय को 'गाउचो' (Gauchos) कहा जाता है।
- लानोस बनाम पम्पास: लानोस गर्म/उष्णकटिबंधीय (वेनेज़ुएला) हैं, जबकि पम्पास ठंडे/शीतोष्ण (अर्जेंटीना) हैं।
- सेराडो बनाम कैम्पोस: दोनों ब्राज़ील में हैं — सेराडो मध्य भाग का जैव-विविध सवाना है, कैम्पोस पठार के दक्षिणी हिस्से की ऊँची घास है।
09 दक्षिण अमेरिका के प्रमुख खनिज (Minerals)
दक्षिण अमेरिका खनिजों के मामले में बेहद धनी है। आयोग सीधा खान (Mine) का नाम और देश पूछता है:
| खनिज | प्रमुख देश/क्षेत्र | एग्जाम-ग्रेड विशेष तथ्य |
|---|---|---|
| तांबा (Copper) | चिली | 'चुक्वीकामाता' (Chuquicamata) खान दुनिया की सबसे बड़ी तांबे की खान है — 'विश्व की तांबा राजधानी'। |
| पेट्रोलियम (Oil) | वेनेज़ुएला | 'माराकाइबो झील' बेसिन में तेल का विशाल भंडार। वेनेज़ुएला के पास विश्व का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है। |
| लौह अयस्क (Iron Ore) | ब्राज़ील | ब्राज़ील के पठार पर 'इटाबिरा' व 'कराजास' (Carajas) की खानें विश्व प्रसिद्ध हैं — कराजास विश्व की सबसे बड़ी लौह अयस्क खदानों में से एक है। |
| लिथियम (Lithium) | ABC देश | अर्जेंटीना, बोलीविया व चिली की सीमाओं के मिलन स्थल को 'लिथियम त्रिकोण' कहते हैं। बोलीविया का 'सालार दे उयुनी' विश्व का सबसे बड़ा नमक का मैदान व लिथियम भंडार है। |
| टिन (Tin) | बोलीविया | बोलीविया के पठार पर स्थित 'पोटोसी' खान ऐतिहासिक रूप से टिन व चाँदी के लिए मशहूर। |
| नाइट्रेट (Nitrate) | चिली | उत्तरी चिली का अटाकामा मरुस्थल प्राकृतिक नाइट्रेट उत्पादन में विश्व में एकाधिकार रखता है। |
| बॉक्साइट (Bauxite) | गुयाना व सूरीनाम | महाद्वीप के उत्तरी तट पर स्थित ये दोनों देश बॉक्साइट (एल्युमिनियम का अयस्क) के बड़े उत्पादक हैं। |
10 प्रमुख जनजातियाँ और प्रजातियां (Tribes & Ethnicities)
दक्षिण अमेरिका में मूल निवासियों (Red Indians) और यूरोपीय/अफ्रीकी लोगों के मिलने से नई प्रजातियों का निर्माण हुआ है। पीसीएस में इनकी 'मैचिंग' बहुत पूछी जाती है:
क) मिश्रित प्रजातियां (Mixed Races)
- मेस्टिज़ो (Mestizo): यूरोपीय (स्पेनिश/पुर्तगाली) + मूल अमेरिकी (Red Indians) के रक्त मिश्रण से बनी प्रजाति (दक्षिण अमेरिका में इनकी जनसंख्या सबसे ज्यादा है)।
- मुलाटो (Mulatto): यूरोपीय (श्वेत) + अफ्रीकी (अश्वेत) के मिश्रण से बनी प्रजाति।
- ज़ैम्बो (Zambo): अफ्रीकी (अश्वेत) + मूल अमेरिकी (Red Indians) के मिश्रण से बनी प्रजाति।
ख) प्रमुख मूल जनजातियाँ (Major Indigenous Tribes)
- इंका सभ्यता (Inca Empire): यह कोई एक जनजाति नहीं बल्कि कोलंबस के आने से पहले एंडीज़ पर्वतमाला (मुख्यतः पेरू) की एक विशाल और बहुत विकसित सभ्यता थी। पेरू में स्थित माचू पिचू (Machu Picchu) इनका ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध नगर है।
- केचुआ (Quechua) और आयमारा (Aymara): ये एंडीज़ पर्वतमाला (पेरू, बोलीविया, इक्वाडोर) में रहने वाली सबसे बड़ी जीवित मूल जनजातियाँ हैं — इंका लोगों के ही वंशज मानी जाती हैं।
- यानोमामी (Yanomami): अमेज़न वर्षावनों (मुख्यतः ब्राज़ील और वेनेज़ुएला की सीमा पर) में रहने वाली एक बहुत ही एकांतवासी और खूंखार जनजाति।
- मापुचे (Mapuche): मध्य और दक्षिणी चिली तथा अर्जेंटीना में रहने वाली प्रमुख जनजाति — इन्होंने स्पेनिश आक्रमणकारियों का बहुत कड़ा विरोध किया था।
11 दक्षिण अमेरिका की झलक — Quick Revision
सबसे हाई-यील्ड सुपरलेटिव तथ्यों की एक-नज़र तालिका — रिवीज़न से ठीक पहले इसे देखें:
| श्रेणी | तथ्य |
|---|---|
| सबसे बड़ा देश | ब्राज़ील (~50% क्षेत्रफल) |
| सबसे छोटा स्वतंत्र देश | सूरीनाम |
| सबसे बड़ा स्थलरुद्ध देश | बोलीविया |
| सबसे ऊँची राजधानी | ला पाज़ (बोलीविया) |
| सबसे ऊँची चोटी | माउंट एकांकागुआ — 6,960m (अर्जेंटीना) |
| सबसे ऊँचा सक्रिय ज्वालामुखी | ओजोस डेल सलाडो (चिली-अर्जेंटीना सीमा) |
| सबसे शुष्क मरुस्थल | अटाकामा मरुस्थल (चिली-पेरू) |
| दूसरा सबसे ऊँचा पठार | बोलीविया का पठार (Altiplano) |
| सबसे ऊँची नौगम्य झील | टिटिकाका झील (पेरू-बोलीविया) |
| जल-आयतन में सबसे बड़ी नदी | अमेज़न नदी |
| सबसे ऊँचा जलप्रपात | एंजेल जलप्रपात — 979m (वेनेज़ुएला) |
| सबसे बड़ी तांबे की खान | चुक्वीकामाता (चिली) |
| सबसे बड़ा लिथियम/नमक भंडार | सालार दे उयुनी (बोलीविया) |
| सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार | वेनेज़ुएला |
| सबसे दक्षिणी शहर (विश्व) | उशुआइया (अर्जेंटीना) |
| सबसे निचला बिंदु | लागुना डेल कार्बोन — -105m (अर्जेंटीना) |
| भूमध्य रेखा व मकर रेखा दोनों से गुजरने वाला एकमात्र देश | ब्राज़ील |
| दोनों महासागरों (प्रशांत+कैरेबियन) को छूने वाला देश | कोलंबिया |