हिंदी साहित्य · आंचलिक कथा-साहित्य

शैलेश मटियानी

जीवन-परिचय, पुरस्कार, परीक्षा उपयोगी भ्रम-निवारण और प्रमुख रचनाएँ — क्रमबद्ध अध्ययन नोट्स।

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जीवन-परिचय एवं मुख्य तथ्य

जन्म
14 अक्टूबर 1931, बाड़ेछीना, अल्मोड़ा (उत्तराखंड)।
मृत्यु
24 अप्रैल 2001
वास्तविक नाम
रमेश चंद्र सिंह मटियानी
प्रमुख उपाधियाँ
आंचलिक कथाकार · कथा शिल्पी · भारत का गोर्की
संपादित पत्रिकाएँ
विकल्प · जनपक्ष
प्रथम उपन्यास
बोरीवली से बोरीबंदर — 1959; मुंबई के मजदूर जीवन पर आधारित।
प्रथम कहानी संग्रह
मेरी 33 कहानियाँ
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पुरस्कार एवं सम्मान

  1. प्रेमचंद पुरस्कार‘महाभोज’ कहानी के लिए उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा प्रदत्त।

  2. फणीश्वर नाथ रेणु पुरस्कार‘मुठभेड़’ उपन्यास के लिए बिहार सरकार द्वारा।

  3. राममनोहर लोहिया साहित्य सम्मान

  4. महापंडित राहुल सांकृत्यायन पुरस्कार

  5. शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार — उत्तराखंड सरकार द्वारा उत्कृष्ट शिक्षकों को उनकी स्मृति में दिया जाता है।

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परीक्षा उपयोगी विशेष तथ्य भ्रम निवारण

‘महाभोज’ — विधा का अंतर

शैलेश मटियानी की ‘महाभोज’ एक कहानी है, जिस पर उन्हें प्रेमचंद पुरस्कार मिला। ‘महाभोज’ नाम का प्रसिद्ध उपन्यास और नाटक मन्नू भंडारी का है।

‘प्रतिपक्ष’ — संपादन संबंधी तथ्य

कुछ नोट्स में इसका संपादन मंगलेश डबराल के साथ जोड़ा जाता है, लेकिन डबराल जी ने इसमें केवल संपादन सहयोग किया था; यह मुख्य रूप से जॉर्ज फर्नांडिस द्वारा निकाली जाती थी।

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उपन्यास

  1. बावन नदियों का संगमदो बूँद जलभागे हुए लोगकबूतरखानाचंद औरतों का शहर

  2. बर्फ गिर चुकने के बादअर्द्धकुंभ की यात्राकोई अजनबी नहींरामकलीहालदारकिस्सा नर्मदा बेन गंगूबाई

  3. उगे सूरज की किरणछोटे-छोटे पक्षीमाया सरोवरमुख सरोवर के हंसचौथी मुट्ठीएक मूठ सरसों

  4. बोरीवली से बोरीबंदर प्रथम उपन्यासमुठभेड़ रेणु पुरस्कार प्राप्तबेला हुई अबेरगोपुली गफूरन

  5. जलतरंगसर्पगंधापुनर्जन्म के बादआकाश कितना अनंत हैचिट्ठीरसैनउत्तरकांड / डेरावालेनागवल्लरी

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कहानी संग्रह

  1. मेरी 33 कहानियाँ प्रथम कहानी संग्रहमेरी प्रिय कहानियाँअतीत व अन्य कहानियाँभविष्य व अन्य कहानियाँमाता व अन्य कहानियाँअहिंसा व अन्य कहानियाँपाप मुक्ति और अन्य कहानियाँ

  2. सफर पर जाने से पहलेदूसरों के लिएमहाभोज प्रेमचंद पुरस्कार

  3. पोस्टमैनरहमतुल्लाअर्धांगिनीएक कॉप चा: दो खारी बिस्किट

  4. हारा हुआचीलहत्यारेभेड़ और गड़रिएप्यास और पत्थरबर्फ की चट्टानेंभविष्य की मिट्टीनाच जमूरे नाचदो दुखों का एक सुख

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निबंध संग्रह एवं ट्रिक

  1. लेखक की हैसियत सेकभी कभारकागज की नावकिसके राम कैसे राम

  2. राष्ट्रीयता की चुनोतियाँजनता और साहित्यमुख्य धारा का सवालकिसे पता है राष्ट्रीय शर्म का मतलब

ट्रिक · पहला समूह

एक लेखक की हैसियत से मैं कभी कभार सोचता हूँ कि यह ज़िंदगी कागज की नाव जैसी है, जिसमें लोग बस इसी बहस में डूबे हैं कि किसके राम कैसे राम हैं।

ट्रिक · दूसरा समूह

आज जब देश के सामने राष्ट्रीयता की चुनौतियाँ हैं, तब जनता और साहित्य दोनों को जागना होगा। आज मुख्य धारा का सवाल यही है कि इस दौर में किसे पता है राष्ट्रीय शर्म का मतलब?

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लोककथा संग्रह

  1. कुमाऊँ की लोक कथाएँ
  2. चम्पावत की लोक कथाएँ
  3. तराई प्रदेश की लोक कथाएँ