औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution)
इंग्लैंड में औद्योगिक क्रांति की शुरुआत, कृषि एवं तकनीकी परिवर्तन, प्रमुख आविष्कार, विचारक और भारत सहित विश्व पर पड़े प्रभावों का परीक्षा-केंद्रित अध्ययन।
आरंभलगभग 1760 ई. · इंग्लैंड
प्रथम प्रमुख क्षेत्रसूती वस्त्र उद्योग
01 बुनियादी तथ्य
- औद्योगिक क्रांति की शुरुआत 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध, लगभग 1760 ई. में इंग्लैंड से हुई।
- इसमें हस्तनिर्मित एवं घरेलू उत्पादन की जगह मशीनों और कारखानों पर आधारित उत्पादन प्रणाली विकसित हुई।
- औद्योगिक क्रांति सबसे पहले सूती वस्त्र उद्योग (Cotton Textile Industry) में दिखाई दी।
- ‘औद्योगिक क्रांति’ (Industrial Revolution) शब्द को प्रसिद्ध करने का श्रेय अर्नोल्ड टॉयनबी (Arnold Toynbee) को दिया जाता है।
02 इंग्लैंड में शुरुआत के प्रमुख कारण
| कारण | परीक्षा उपयोगी तथ्य |
|---|---|
| पूंजी | विदेशी व्यापार और उपनिवेशों से प्राप्त पूंजी उद्योगों एवं मशीनों में लगाई गई। |
| कोयला और लोहा | कोयला ऊर्जा का प्रमुख स्रोत बना; लोहे का उपयोग मशीनों, औजारों और रेलमार्गों में हुआ। |
| कृषि क्रांति | उत्पादन बढ़ा और ग्रामीण श्रमिक औद्योगिक नगरों की ओर गए। |
| उपनिवेश और बाजार | उपनिवेशों से कच्चा माल तथा ब्रिटिश तैयार माल के लिए बड़ा बाजार मिला। |
| मजबूत नौसेना | समुद्री मार्गों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर ब्रिटेन का प्रभाव मजबूत हुआ। |
| वैज्ञानिक-तकनीकी विकास | नई मशीनों ने तेज, सस्ता और बड़े पैमाने का उत्पादन संभव बनाया। |
03 कृषि क्रांति
औद्योगिक क्रांति के विकास में कृषि क्रांति की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
| आविष्कार / पद्धति | संबंधित व्यक्ति | मुख्य तथ्य |
|---|---|---|
| सीड ड्रिल (Seed Drill) | जेथ्रो टल — 1701 | बीज बोने की मशीन। |
| फसल चक्र (Crop Rotation) | चार्ल्स टाउनशेंड | भूमि को खाली छोड़े बिना अलग-अलग फसलें उगाने की पद्धति। |
Enclosure Movement
- छोटे खेतों और साझा भूमि को मिलाकर बड़े कृषि फार्म बनाए गए।
- अनेक छोटे किसान भूमिहीन होकर रोजगार के लिए औद्योगिक नगरों की ओर गए।
- परिणाम: कारखानों को बड़ी मात्रा में श्रमिक उपलब्ध हुए।
04 सूती वस्त्र उद्योग के प्रमुख आविष्कार
औद्योगिक क्रांति में सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन वस्त्र उद्योग में हुए।
| मशीन | आविष्कारक | वर्ष | मुख्य उपयोग |
|---|---|---|---|
| Flying Shuttle | जॉन के | 1733 | कपड़ा बुनने की गति बढ़ी। |
| Spinning Jenny | जेम्स हरग्रीव्ज | 1764 | एक साथ कई धागे कातना संभव हुआ। |
| Water Frame | रिचर्ड आर्कराइट | 1769 | जल-शक्ति से सूत कातना। |
| Spinning Mule | सैमुअल क्रॉम्पटन | 1779 | बारीक और मजबूत धागा। |
| Power Loom | एडमंड कार्टराइट | 1785 | यंत्रीकृत बुनाई। |
| Cotton Gin | एली विटनी | 1793 | कपास से बीज अलग करना। |
05 ऊर्जा और लौह उद्योग
भाप का इंजन
- जेम्स वाट — 1769: भाप के इंजन में महत्वपूर्ण सुधार किए।
- इससे मशीनों और कारखानों को बड़े पैमाने पर शक्ति मिलने लगी।
लौह उद्योग
- अब्राहम डर्बी — 1709: लोहे को गलाने में कोक (Coke) का प्रयोग किया; लौह उत्पादन अधिक प्रभावी हुआ।
- हेनरी कॉर्ट: Puddling Process द्वारा कच्चे लोहे को अधिक शुद्ध और उपयोगी बनाने की प्रक्रिया विकसित की।
सेफ्टी लैंप
- हम्फ्री डेवी — 1815: कोयला खदानों में मजदूरों की सुरक्षा के लिए Safety Lamp विकसित किया।
06 परिवहन और संचार क्रांति
| क्षेत्र | व्यक्ति / वर्ष | परीक्षा उपयोगी तथ्य |
|---|---|---|
| सड़कें | जॉन मैकएडम | पक्की सड़क निर्माण की तकनीक—Macadamisation। |
| स्टीमबोट | रॉबर्ट फुल्टन — 1807 | प्रसिद्ध नाव—Clermont। |
| रेल इंजन | जॉर्ज स्टीफेंसन | प्रसिद्ध locomotive—Rocket। |
| टेलीग्राफ | सैमुअल मोर्स | दूरस्थ स्थानों के बीच तेज संदेश संचार संभव हुआ। |
प्रमुख रेलवे
- 1825 — Stockton–Darlington Railway
- 1830 — Liverpool–Manchester Railway
07 महत्वपूर्ण विचारक और पुस्तकें
| विचारक | पुस्तक | मुख्य विचार |
|---|---|---|
| एडम स्मिथ | The Wealth of Nations — 1776 | मुक्त व्यापार, कम सरकारी हस्तक्षेप और Laissez-Faire; आधुनिक पूंजीवाद से संबंधित। |
| कार्ल मार्क्स | Das Kapital | औद्योगिक पूंजीवाद की आलोचना; वैज्ञानिक समाजवाद (Scientific Socialism) के प्रमुख विचारक। |
08 आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
आर्थिक प्रभाव
- कारखाना प्रणाली (Factory System) और बड़े पैमाने के उत्पादन का विकास हुआ।
- आधुनिक पूंजीवाद (Capitalism) को बढ़ावा मिला।
- कुटीर और हस्तशिल्प उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा तथा व्यापार-बाजारों का विस्तार हुआ।
सामाजिक प्रभाव
- पूंजीपति वर्ग (Capitalist Class) और मजदूर वर्ग (Working Class / Proletariat) प्रमुख वर्ग बनकर उभरे।
- तेजी से शहरीकरण (Urbanisation) हुआ; मैनचेस्टर और लिवरपूल जैसे औद्योगिक नगर विकसित हुए।
- महिलाओं और बच्चों को भी कारखानों में काम करना पड़ा।
- खराब कार्य-स्थितियों के कारण श्रमिक आंदोलनों का विकास हुआ।
09 मजदूर आंदोलन, समाजवाद और साम्राज्यवाद
मजदूर आंदोलन
- श्रमिक संगठनों और Trade Unions का विकास हुआ।
- मशीनों से रोजगार घटने के भय में श्रमिकों द्वारा मशीन-विरोध को Luddite Movement कहा गया।
समाजवादी विचार
- औद्योगिक पूंजीवाद और मजदूर वर्ग की समस्याओं के कारण यूरोप में समाजवादी विचारों को बल मिला।
- Karl Marx और Friedrich Engels ने पूंजीवादी व्यवस्था की आलोचना की।
साम्राज्यवाद
- औद्योगिक देशों को कच्चे माल और तैयार वस्तुओं के लिए बाजार की आवश्यकता थी।
- इससे एशिया और अफ्रीका में उपनिवेश स्थापित करने की प्रतिस्पर्धा तेज हुई।
10 भारत पर औद्योगिक क्रांति का प्रभाव
विऔद्योगीकरण (De-industrialisation)
- ब्रिटेन के मशीन-निर्मित सस्ते सामान से भारतीय हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
कच्चा माल और बाजार
- भारत से ब्रिटेन को कपास, जूट और नील जैसे कच्चे माल भेजे जाने लगे।
- भारत ब्रिटिश औद्योगिक वस्तुओं का बड़ा बाजार बना।
कृषि और रेलवे
- हस्तशिल्प-कुटीर उद्योगों में रोजगार घटने से कृषि पर जनसंख्या का दबाव बढ़ा।
- भारत में पहली रेल 1853 में बंबई से ठाणे के बीच चली।
- रेलवे ने कच्चे माल को बंदरगाहों और ब्रिटिश तैयार वस्तुओं को भारतीय बाजारों तक पहुँचाने में सहायता की।
अध्याय अभ्यास परीक्षा
आविष्कार, आविष्कारक, वर्ष, विचारक और प्रभावों पर 30 परीक्षा उपयोगी प्रश्न।