द्वितीय विश्व युद्ध (1939–1945)
वर्साय के बाद की पृष्ठभूमि से लेकर Hitler–Mussolini, Poland, Pearl Harbor, Stalingrad, D-Day, Hiroshima–Nagasaki, UN और युद्धोत्तर विश्व व्यवस्था तक परीक्षा-केंद्रित क्रमबद्ध अध्ययन।
01 द्वितीय विश्व युद्ध की पृष्ठभूमि, कारण एवं युद्ध-पूर्व विस्तार
द्वितीय विश्व युद्ध की पृष्ठभूमि प्रथम विश्व युद्ध के बाद की वर्साय व्यवस्था, आर्थिक संकट, फासीवाद-नाजीवाद, जापानी सैन्यवाद, राष्ट्र संघ की विफलता और तुष्टीकरण की नीति (Appeasement Policy) से तैयार हुई।
1. वर्साय की संधि और जर्मन असंतोष
- 11 नवंबर 1918 — प्रथम विश्व युद्ध का युद्धविराम।
- 28 जून 1919 — वर्साय की संधि।
- जर्मनी को युद्ध के लिए उत्तरदायी ठहराकर भारी युद्ध-क्षतिपूर्ति लगाई गई; सेना और हथियारों पर प्रतिबंध लगाए गए; अनेक क्षेत्र एवं उपनिवेश छीन लिए गए तथा राइनलैंड का विसैन्यीकरण किया गया।
इससे जर्मनी में आर्थिक संकट, राष्ट्रीय अपमान और असंतोष बढ़ा। हिटलर ने बाद में इसी असंतोष का राजनीतिक लाभ उठाया।
2. इटली में फासीवाद
- बेनिटो मुसोलिनी इटली में फासीवाद का नेता था।
- मार्च ऑन रोम, 1922 के बाद वह सत्ता में आया।
- उसने इटली की सैन्य शक्ति तथा साम्राज्यवादी विस्तार पर जोर दिया।
3. महामंदी और नाजीवाद का उदय
महामंदी ने जर्मनी की पहले से कमजोर अर्थव्यवस्था को और खराब किया।
बेरोजगारी + आर्थिक संकट + वर्साय का अपमान → नाजी दल के समर्थन में वृद्धि।
- एडॉल्फ हिटलर जर्मनी का चांसलर बना।
- उसने जर्मनी का पुनः सैन्यीकरण शुरू किया तथा वर्साय व्यवस्था को समाप्त करने की नीति अपनाई।
4. जापानी सैन्यवाद और मंचूरिया
- 1931 — जापान ने चीन के मंचूरिया पर कब्जा किया।
- 1932 — वहाँ मंचुकुओ नामक कठपुतली राज्य स्थापित किया।
- राष्ट्र संघ जापान की आक्रामकता को रोकने में विफल रहा।
5. इटली का अबीसीनिया पर आक्रमण
- मुसोलिनी के इटली ने अबीसीनिया (इथियोपिया) पर आक्रमण कर कब्जा कर लिया।
- राष्ट्र संघ के प्रतिबंध इटली को रोकने में असफल रहे।
मंचूरिया और अबीसीनिया की घटनाओं ने राष्ट्र संघ की कमजोरी स्पष्ट कर दी।
6. राइनलैंड का पुनः सैन्यीकरण
हिटलर ने राइनलैंड में जर्मन सेना भेजकर उसका पुनः सैन्यीकरण कर दिया। यह वर्साय व्यवस्था का खुला उल्लंघन था, लेकिन ब्रिटेन और फ्रांस ने सैन्य कार्रवाई नहीं की।
7. जर्मनी–इटली–जापान की निकटता
- 1936 — रोम–बर्लिन धुरी (Rome–Berlin Axis) → जर्मनी + इटली।
- 1936 — एंटी-कॉमिन्टर्न संधि (Anti-Comintern Pact) → जर्मनी + जापान।
- 1937 — इटली भी एंटी-कॉमिन्टर्न संधि (Anti-Comintern Pact) में शामिल हुआ।
इसी दौर में जर्मनी, इटली और जापान एक-दूसरे के निकट आते गए।
8. जापान का चीन पर व्यापक आक्रमण
मार्को पोलो ब्रिज घटना के बाद जापान-चीन युद्ध व्यापक रूप से फैल गया और जापान ने चीन में अपना विस्तार तेज किया।
9. ऑस्ट्रिया का जर्मनी में विलय
हिटलर ने ऑस्ट्रिया का जर्मनी में विलय कर लिया। इस विलय को आनशलुस (Anschluss) कहा जाता है।
10. म्यूनिख समझौता और तुष्टीकरण
हिटलर ने चेकोस्लोवाकिया के जर्मन-बहुल सूडेटेनलैंड (Sudetenland) की माँग की।
- म्यूनिख समझौते द्वारा सूडेटेनलैंड (Sudetenland) जर्मनी को दे दिया गया।
- ब्रिटेन और फ्रांस ने युद्ध टालने के लिए हिटलर की माँग स्वीकार की।
यह तुष्टीकरण की नीति (Appeasement Policy) का सबसे प्रमुख उदाहरण था।
हिटलर ने शेष चेकोस्लोवाकिया पर भी नियंत्रण स्थापित कर लिया। इससे तुष्टीकरण की नीति (Appeasement Policy) की विफलता स्पष्ट हो गई।
11. जर्मनी–सोवियत अनाक्रमण संधि
जर्मनी और सोवियत संघ ने अनाक्रमण संधि की, जिसे मोलोटोव–रिबेंट्रॉप संधि कहा जाता है। इससे पोलैंड पर आक्रमण के समय हिटलर के लिए तत्काल सोवियत युद्ध का खतरा कम हो गया।
12. पोलैंड पर आक्रमण — तात्कालिक कारण
जर्मनी ने पोलैंड पर आक्रमण किया। इसे द्वितीय विश्व युद्ध का तात्कालिक कारण माना जाता है।
ब्रिटेन और फ्रांस ने जर्मनी के विरुद्ध युद्ध घोषित कर दिया। यूरोप में द्वितीय विश्व युद्ध प्रारंभ हो गया।
02 धुरी राष्ट्र, मित्र राष्ट्र एवं प्रमुख नेता
द्वितीय विश्व युद्ध में दो प्रमुख गुट थे—धुरी राष्ट्र (Axis Powers) और मित्र राष्ट्र (Allies)।
धुरी राष्ट्र (Axis Powers)
| देश | प्रमुख नेता |
|---|---|
| जर्मनी | एडॉल्फ हिटलर |
| इटली | बेनिटो मुसोलिनी |
| जापान | सम्राट हिरोहितो / जनरल हिदेकी तोजो |
- रोम–बर्लिन धुरी (Rome–Berlin Axis), 1936: केवल जर्मनी और इटली के बीच प्रारंभिक समझौता।
- त्रिपक्षीय संधि (Tripartite Pact) — 27 सितंबर 1940: जर्मनी, इटली और जापान ने सैन्य गठबंधन को औपचारिक रूप दिया।
मित्र राष्ट्र (Allied Powers)
| देश | प्रमुख नेता |
|---|---|
| ब्रिटेन | Neville Chamberlain → Winston Churchill (10 May 1940) |
| USSR | Joseph Stalin |
| USA | Franklin D. Roosevelt → Harry S. Truman (12 Apr 1945) |
| France / Free France | Charles de Gaulle |
| China | Chiang Kai-shek |
महत्वपूर्ण तथ्य
- 1939 में USSR जर्मनी का औपचारिक सहयोगी नहीं था; दोनों के बीच केवल अनाक्रमण समझौता (Molotov–Ribbentrop Pact) था।
- 22 जून 1941 को जर्मनी द्वारा आक्रमण (Operation Barbarossa) किए जाने के बाद USSR मित्र राष्ट्रों के पक्ष में आया।
03 1939–40 — पोलैंड से Battle of Britain तक
युद्ध का आरंभ और Blitzkrieg
- 1 सितंबर 1939: जर्मनी ने पोलैंड पर आक्रमण किया।
- ब्लिट्जक्रिग (Blitzkrieg): ‘बिजली युद्ध’—टैंक, तोपखाने और वायुसेना का तीव्र संयुक्त हमला।
- 3 सितंबर 1939: ब्रिटेन और फ्रांस ने जर्मनी के विरुद्ध युद्ध घोषित किया।
फोनी युद्ध (Phoney War)
- पोलैंड के पतन के बाद पश्चिमी मोर्चे की अस्थायी सैन्य निष्क्रियता को Phoney War / Sitzkrieg कहा गया।
Maginot Line और Dunkirk
- मैजिनो लाइन (Maginot Line): फ्रांस की जर्मन सीमा पर बनी मजबूत रक्षा पंक्ति; जर्मन सेना ने इसे बेल्जियम के रास्ते बाईपास किया।
- डनकर्क (Dunkirk): फ्रांस में घिरे ब्रिटिश एवं मित्र सैनिकों को ब्रिटेन निकाला गया।
Exam Pair: Dunkirk → Operation Dynamo
जून 1940 — फ्रांस का पतन
- 14 जून 1940 — जर्मन सेना ने पेरिस पर कब्ज़ा किया; 22 जून 1940 को फ्रांस ने जर्मनी के साथ युद्धविराम किया।
- इसके बाद उत्तरी/पश्चिमी फ्रांस जर्मन कब्जे में रहा, जबकि दक्षिण में विची फ्रांस — मार्शल फिलिप पेटाँ की सरकार बनी (जर्मनी समर्थक सरकार); चार्ल्स डी गॉल ने लंदन से फ्री फ्रांस का नेतृत्व किया।
Battle of Britain — 1940
- RAF बनाम Luftwaffe: ब्रिटिश और जर्मन वायुसेनाओं के बीच हवाई संघर्ष।
- Operation Sea Lion: ब्रिटेन पर जर्मन आक्रमण की योजना; हवाई प्रभुत्व न मिलने पर लागू नहीं हो सकी।
- The Blitz: लंदन सहित ब्रिटिश शहरों पर जर्मन बमबारी अभियान।
04 1941–45 — युद्ध का विस्तार, निर्णायक मोड़ एवं अंत
Operation Barbarossa — 22 जून 1941
- Operation Barbarossa: जर्मनी ने USSR पर आक्रमण किया; जर्मनी–सोवियत अनाक्रमण संधि समाप्त हुई और USSR मित्र राष्ट्रों में शामिल हो गया।
Pearl Harbor — दिसंबर 1941
- 7 दिसंबर 1941: जापान ने अमेरिकी नौसैनिक अड्डे Pearl Harbor पर हमला किया।
- 8 दिसंबर 1941: अमेरिका ने जापान के विरुद्ध युद्ध घोषित कर WWII में प्रवेश किया।
Stalingrad — 1942–43
- Stalingrad: पूर्वी मोर्चे पर जर्मनी की निर्णायक पराजय; इसके बाद सोवियत सेना की बढ़त शुरू हुई।
D-Day / Operation Overlord — 6 जून 1944
- D-Day: मित्र राष्ट्रों ने Normandy में दूसरा मोर्चा खोला; अभियान का कूटनाम Operation Overlord था।
जर्मनी का अंत — 1945
- 30 अप्रैल 1945: Adolf Hitler ने आत्महत्या की।
- 8 मई 1945 — V-E Day: यूरोप में युद्ध समाप्त हुआ।
Manhattan Project और परमाणु हमले
- Manhattan Project: अमेरिका का परमाणु बम निर्माण कार्यक्रम; वैज्ञानिक निदेशक J. Robert Oppenheimer थे।
| तिथि | शहर | बम |
|---|---|---|
| 6 अगस्त 1945 | Hiroshima | Little Boy |
| 9 अगस्त 1945 | Nagasaki | Fat Man |
जापान का आत्मसमर्पण
- 15 अगस्त 1945: जापान ने आत्मसमर्पण की घोषणा की।
- 2 सितंबर 1945: औपचारिक आत्मसमर्पण के साथ द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त हुआ।
05 युद्धकालीन सम्मेलन, संयुक्त राष्ट्र और युद्धोत्तर विश्व-व्यवस्था
युद्ध के अंतिम वर्षों में मित्र राष्ट्रों ने केवल सैन्य रणनीति ही नहीं, बल्कि युद्ध के बाद की विश्व-व्यवस्था पर भी निर्णय लिए।
प्रमुख सम्मेलन
| सम्मेलन | वर्ष | प्रमुख तथ्य |
|---|---|---|
| Atlantic Charter | 1941 | रूजवेल्ट + चर्चिल; युद्धोत्तर शांति, आत्मनिर्णय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के सिद्धांत |
| Tehran Conference | 1943 | स्टालिन + रूजवेल्ट + चर्चिल; तीनों की पहली संयुक्त बैठक; पश्चिमी यूरोप में दूसरा मोर्चा खोलने पर सहमति |
| Dumbarton Oaks | 1944 | भावी संयुक्त राष्ट्र की संस्थागत रूपरेखा तैयार हुई |
| Yalta Conference | फरवरी 1945 | युद्धोत्तर जर्मनी, उसके occupation zones तथा संयुक्त राष्ट्र से जुड़े प्रमुख निर्णय |
| Potsdam Conference | जुलाई–अगस्त 1945 | जर्मनी का निरस्त्रीकरण व नाजीकरण समाप्त करना; जापान के लिए Potsdam Declaration |
संयुक्त राष्ट्र की स्थापना
- San Francisco Conference — 1945 में संयुक्त राष्ट्र चार्टर तैयार एवं स्वीकार किया गया।
- 26 जून 1945 — UN Charter पर हस्ताक्षर।
- 24 अक्टूबर 1945 — Charter प्रभावी; संयुक्त राष्ट्र अस्तित्व में आया।
- 24 अक्टूबर → United Nations Day।
द्वितीय विश्व युद्ध के प्रमुख परिणाम
- धुरी राष्ट्रों की पराजय हुई।
- USA और USSR विश्व की दो प्रमुख महाशक्तियाँ बनकर उभरे।
- दोनों महाशक्तियों की प्रतिद्वंद्विता ने शीत युद्ध (Cold War) की पृष्ठभूमि तैयार की।
- जर्मनी को अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और USSR के चार occupation zones में बाँटा गया।
- 1949 में:
- पश्चिमी क्षेत्रों → West Germany (FRG)
- सोवियत क्षेत्र → East Germany (GDR)
- यूरोपीय औपनिवेशिक शक्तियाँ कमजोर हुईं → एशिया और अफ्रीका में उपनिवेशवाद-विरोधी आंदोलनों तथा स्वतंत्रता की प्रक्रिया को गति मिली।
- परमाणु बम के प्रयोग से परमाणु युग (Nuclear Age) और आगे हथियारों की होड़ की शुरुआत हुई।
06 भारत और द्वितीय विश्व युद्ध — परीक्षा उपयोगी जोड़
यह खंड केवल उन भारतीय तथ्यों को जोड़ता है जो WWII के साथ सीधे परीक्षा में लिंक होकर पूछे जाते हैं:
- Lord Linlithgow WWII की शुरुआत (1939) के समय भारत का वायसराय था; भारत को भारतीय नेताओं की सहमति के बिना युद्धरत घोषित किया गया।
- 1939: युद्ध-नीति के विरोध में कांग्रेस मंत्रालयों ने प्रांतों से इस्तीफा दिया।
- 8 अगस्त 1940 — August Offer; युद्धकालीन संवैधानिक प्रस्ताव।
- अक्टूबर 1940 — Individual Satyagraha: प्रथम सत्याग्रही विनोबा भावे; दूसरे जवाहरलाल नेहरू।
- मार्च 1942 — Cripps Mission: Sir Stafford Cripps; युद्ध के बाद dominion status का प्रस्ताव, मिशन असफल रहा।
- 8 अगस्त 1942: Bombay में AICC ने Quit India प्रस्ताव स्वीकार किया; गांधी ने “करो या मरो” का आह्वान किया। 9 अगस्त से बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियाँ हुईं।
- Free Indian Legion: Europe/Germany में WWII के दौरान Subhas Chandra Bose से जुड़ी सैन्य इकाई; इसे Singapore में बनी INA से अलग रखें।
- 1942: Captain Mohan Singh ने Singapore में Indian National Army (INA/Azad Hind Fauj) का प्रारंभिक गठन किया।
- 1943: Subhas Chandra Bose ने INA का पुनर्गठन/नेतृत्व किया; 21 अक्टूबर 1943 को Provisional Government of Azad Hind की घोषणा।
- INA की महिला रेजिमेंट — Rani of Jhansi Regiment; नेतृत्व Captain Lakshmi Swaminathan (Lakshmi Sahgal) से जुड़ा।
- UKPSC trap: Mountbatten ने 15 अगस्त 1947 को सत्ता-हस्तांतरण के लिए इसलिए भी चुना क्योंकि 15 अगस्त 1945 Allied victory over Japan की दूसरी वर्षगाँठ थी; Japan का formal surrender 2 सितंबर 1945 को हुआ था।
द्वितीय विश्व युद्ध के प्रमुख कारण, घटनाएँ, code names, conferences और outcome पर 40 प्रश्न।