उत्तराखंड वन एवं वन्यजीव करेंट अफेयर्स
रामसर स्थल, टाइगर रिज़र्व, वन्यजीव अभयारण्य, जिलेवार संरक्षण पहल, GEP और नवीनतम वन्यजीव गणना से जुड़े परीक्षा-उपयोगी समसामयिक तथ्य।
01 उत्तराखंड के रामसर स्थल एवं संरक्षण रिज़र्व
देहरादूनयमुना और आसन नदी का संगम
आसन बैराज का निर्माण
देश का पहला कंजर्वेशन रिज़र्व
रामसर स्थल घोषित (राज्य का पहला और भारत का 38वां रामसर स्थल)
| नाम | जिला | स्थापना | क्षेत्रफल (वर्ग किमी) |
|---|---|---|---|
| आसन आर्द्रभूमि C.R. | देहरादून | 4.44 | |
| झिलमिल झील C.R. | हरिद्वार | 37.84 | |
| पवालगढ़ C.R. | नैनीताल | 58.25 | |
| नैना देवी हिमालयन बर्ड C.R. | नैनीताल | 111.92 |
02 टाइगर रिज़र्व
जिम कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व
- अधिसूचना
- 1 अप्रैल 1973
- विस्तार
- नैनीताल व पौड़ी गढ़वाल
- क्षेत्रफल
- 1,375 वर्ग किमी
- कॉर्बेट में बाघ
- 260 · देश में सर्वाधिक
- भारत और उत्तराखंड का पहला टाइगर रिज़र्व; बाघ-घनत्व में भी भारत का सबसे घना रिज़र्व।
- उत्तराखंड में कुल 560 बाघ (2022)—भारत में तीसरा स्थान; आगे मध्य प्रदेश और कर्नाटक।
- 2012: चारों ओर 500 मीटर साइलेंट ज़ोन।
- 2013: स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (STPF)।
राजाजी टाइगर रिज़र्व
- अधिसूचना
- 20 अप्रैल 2015
- विस्तार
- हरिद्वार, देहरादून व पौड़ी गढ़वाल
- क्षेत्रफल
- 1,075 वर्ग किमी
2024 सफारी नियम: पाखरो सफारी विवाद के बाद सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश—टाइगर सफारी केवल बफर ज़ोन में; कोर एरिया में पूर्ण प्रतिबंध। विवाद कालागढ़ वन प्रभाग में अवैध निर्माण और पेड़ कटान से जुड़ा था।
03 उत्तराखंड के वन्यजीव अभयारण्य (WLS)
| नाम | स्थापना वर्ष | क्षेत्रफल (वर्ग किमी) | जिला |
|---|---|---|---|
| गोविंद WLS | 1955 | 485 | उत्तरकाशी |
| केदारनाथ WLS | 1972 | 975 | चमोली और रुद्रप्रयाग |
| अस्कोट WLS | 1986 | 600 | पिथौरागढ़ |
| सोनानदी WLS | 1987 | 301 | पौड़ी गढ़वाल |
| बिनसर WLS | 1988 | 47 | अल्मोड़ा |
| मसूरी (बिनोग) WLS | 1993 | 11 | देहरादून |
| नंधौर (नंदौर) WLS | 2012 | 270 | नैनीताल और चम्पावत |
विशेष पहचान
- मसूरी (बिनोग) राज्य का सबसे छोटा अभयारण्य है और हिमालयन बटेर का अंतिम संभावित आवास माना जाता है।
- नंधौर WLS के चोरगलिया और काकराली प्रवेश द्वारों पर जैव विविधता गैलरी विकसित की गई है—उद्देश्य इको-टूरिज्म और प्रकृति-जागरूकता।
04 जिलेवार प्रथम / विशेष स्थल
नैनीताल
- भारत का पहला पॉलिनेटर पार्क — हल्द्वानी।
- गिद्ध संरक्षण व प्रजनन केंद्र — हल्द्वानी।
- हल्द्वानी के पार्क: जैव विविधता पार्क, जुरासिक पार्क, रामायण वाटिका, नक्षत्र वाटिका, भारत वाटिका।
- भारत का पहला (प्रस्तावित) कार्बन न्यूट्रल चिड़ियाघर — गौलापार, हल्द्वानी (राज्य का सबसे बड़ा चिड़ियाघर भी)।
- देश का सबसे बड़ा सुगंधित उद्यान — लालकुआं।
- उत्तर भारत का पहला इको ब्रिज — कालाढूंगी रेंज।
- भारत का पहला मॉस गार्डन — खुरपाताल (उद्घाटन: राजेंद्र सिंह, 'वाटरमैन ऑफ इंडिया')।
अल्मोड़ा (रानीखेत)
- भारत का पहला वन चिकित्सा केंद्र — कालिका रेंज।
- भारत की सबसे बड़ी ओपन एयर फर्नेरी — रानीखेत।
- भारत का पहला घास संरक्षण केंद्र — रानीखेत।
- भारत का पहला हिमालयन स्पाइस गार्डन — रानीखेत।
पिथौरागढ़ (मुनस्यारी)
- भारत का पहला लाइकेन पार्क — मुनस्यारी (वायु प्रदूषण के जैव संकेतक)।
- भारत का पहला रोडोडेंड्रोन (बुरांस) उद्यान — मुनस्यारी।
- उत्तराखंड का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन — पिथौरागढ़।
देहरादून
- भारत का पहला क्रिप्टोगेमिक गार्डन — देवबन (चकराता)।
- उत्तराखंड का पहला सिटी फॉरेस्ट — आनंद वन, झाझरा।
- कैक्टस गार्डन — कुठाल गेट।
चमोली एवं उत्तरकाशी
- उत्तर भारत का पहला ऑर्किड संरक्षण केंद्र — मंडल, चमोली।
- भारत का पहला हिम तेंदुआ संरक्षण केंद्र — भैरोंघाटी (लंका), उत्तरकाशी (नीदरलैंड व UNDP सहयोग)।
05 सूचकांक एवं नवीनतम वन्यजीव गणना
GEP इंडेक्स 2024
- घोषणा: 19 जुलाई 2024, देहरादून — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा।
- विश्व का पहला इंडेक्स जो इकोसिस्टम सर्विस व इकोसिस्टम ग्रोथ दोनों मापता है।
- निर्माता: डॉ. अनिल प्रकाश जोशी (HESCO संस्थापक)।
- 4 स्तंभ: Air GEP, Water GEP, Soil GEP, Forest GEP।
हिम तेंदुआ गणना 2024
- भारत में सर्वाधिक: लद्दाख (477)।
- उत्तराखंड का स्थान: दूसरा (124 हिम तेंदुए)।
बाघ गणना 2022
- उत्तराखंड में कुल बाघ: 560 (भारत में तीसरा स्थान)।
- कॉर्बेट में बाघ: 260 (देश में सर्वाधिक)।