लेखक: Deepak Singh Jethi · अंतिम समीक्षा:
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UKPSC / UKSSSC स्पेशल
1871 – 1918
कुमाऊं का पहला हिंदी साप्ताहिक
'अल्मोड़ा अखबार'
1871स्थापना वर्ष
48वर्ष प्रकाशन
1918बंद हुआ
10Registration No
15 Oct 1918'शक्ति'
1स्थापना और पृष्ठभूमि
स्थापना वर्ष
1871 ईस्वी
संस्थापक संस्था
'डिबेटिंग क्लब' — अल्मोड़ा के प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा गठित
ऐतिहासिक महत्व
कुमाऊं का पहला हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र। 48 वर्षों तक उत्तराखंड के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक मुद्दों को निरंतर जनता के सामने रखा।
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कनेक्शन — डिबेटिंग क्लब (1870)
1870 में बुद्धि बल्लभ पंत द्वारा अल्मोड़ा में स्थापित 'डिबेटिंग क्लब' ने ही अगले वर्ष 1871 में 'अल्मोड़ा अखबार' की शुरुआत की — दोनों तथ्यों को जोड़कर याद रखें।
2संपादकों की कालक्रम सूची
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1871
बुद्धि बल्लभ पंत — प्रथम संपादक
अखबार के संस्थापक-संपादक — डिबेटिंग क्लब के नेतृत्वकर्ता भी यही थे।
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क्रम 2
मुंशी इम्तियाज अली
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क्रम 3
सदानंद सनवाल
1918 में अखबार बंद होने के समय यही संपादक थे — इन्हीं से इस्तीफा लिखवाया गया (देखें अगला सेक्शन)।
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क्रम 4
जीवा नंद जोशी
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क्रम 5
विष्णु दत्त जोशी
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1913 – 1918
⭐ बद्रीदत्त पांडे — सर्वाधिक महत्वपूर्ण संपादक
- 1913 में कार्यभार ग्रहण किया। इनके संपादन में अखबार एक 'कट्टर राष्ट्रवादी मुखपत्र' बन गया, जिसके बाद इसने ब्रिटिश सरकार की कड़ी आलोचना शुरू कर दी।
3अखबार का बंद होना (1918) — कारण व घटनाक्रम
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मूल कारण
ब्रिटिश डिप्टी कमिश्नर लोमश (Lomash) की तानाशाही नीतियों का खुला विरोध।
- तत्कालीन कारण: 1918 के 'होली अंक' में डिप्टी कमिश्नर लोमश की तानाशाही, उनकी शिकार यात्राओं एवं मजदूरों पर छर्रे मारने (गोलीबारी) की घटना का पर्दाफाश किया गया।
- राजद्रोह का आरोप: ब्रिटिश सरकार ने इसे राजद्रोह माना और अखबार प्रशासन पर ₹1,000 का भारी जुर्माना लगाया।
- संपादक से इस्तीफा: तत्कालीन संपादक सदानंद सनवाल से इस्तीफा लिखवा लिया गया।
- अंतिम परिणाम: ब्रिटिश दबाव के चलते 1918 में यह अखबार सदा के लिए बंद हो गया — कमिश्नर पी. विंढम (Percy Wyndham) के कार्यकाल (1914–1924) में।
4'शक्ति' का जन्म — उत्तराधिकारी समाचार पत्र
प्रकाशन तिथि
15 अक्टूबर 1918 (विजयदशमी)
संस्थापक
बद्रीदत्त पांडे
"जब ब्रिटिश सरकार ने एक दरवाजा (अल्मोड़ा अखबार) बंद कर दिया, तो भगवान ने जनता की सेवा के लिए दूसरा दरवाजा (शक्ति) खोल दिया।"
बद्रीदत्त पांडे
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विरासत
'शक्ति' अखबार ने अल्मोड़ा अखबार की राष्ट्रवादी परंपरा को आगे बढ़ाया और उत्तराखंड में जन-जागृति का कार्य किया।
⟂परीक्षा के लिए Quick Recap
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| स्थापना | 1871 — 'डिबेटिंग क्लब' द्वारा |
| सबसे महत्वपूर्ण संपादक | बद्रीदत्त पांडे (1913–1918) |
| बंद होने का वर्ष | 1918 |
| बंद के समय संपादक | सदानंद सनवाल (इस्तीफा करवाया गया) |
| बंद करने वाला कमिश्नर | पी. विंढम (16वें कमिश्नर, 1914–1924) |
| आक्रोश का कारण | डिप्टी कमिश्नर लोमश की शिकार यात्राओं व जन-उत्पीड़न (गोलीबारी) की खबर छापना — 1918 का 'होली अंक' |
| जुर्माना | ₹1,000 — राजद्रोह के आरोप में |
| उत्तराधिकारी | 'शक्ति' समाचार पत्र — 15 अक्टूबर 1918 (विजयदशमी) |