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लेखक: · अंतिम समीक्षा:

UKPSC / UKSSSC स्पेशल 1940 – 1941 प्रथम सत्याग्रही · नेतृत्व · स्थगन का कारण

व्यक्तिगत सत्याग्रह — उत्तराखंड

1940आंदोलन प्रारंभ वर्ष
24 नवं.G.B. पंत गिरफ्तार
25 जन.गढ़वाल में स्थगन (1941)
1941आंदोलन समाप्ति वर्ष

1पृष्ठभूमि

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शुरुआत
सविनय अवज्ञा आंदोलन की समाप्ति के बाद गांधी जी ने 1940 में सीमित, वैयक्तिक रूप से सविनय अवज्ञा का नया स्वरूप अपनाया — 'व्यक्तिगत सत्याग्रह'। उत्तराखंड (तत्कालीन ब्रिटिश गढ़वाल व कुमाऊं) में इसकी रूपरेखा सबसे पहले 1940 में डांडामंडी (पौड़ी गढ़वाल) की एक बैठक में तय हुई, जहाँ यह निर्णय हुआ कि पहला सत्याग्रही कौन होगा और आंदोलन की दिशा क्या होगी।

2प्रथम सत्याग्रही — पहचानें

उत्तराखंड — प्रथम पुरुष सत्याग्रही
जगमोहन सिंह नेगी — ब्रिटिश गढ़वाल से गिरफ्तारी दी — उत्तराखंड के प्रथम व्यक्तिगत सत्याग्रही (पुरुष) के रूप में इतिहास में दर्ज।
कुमाऊं — प्रथम सत्याग्रही
दुर्गादत्त जोशी — सत्याग्रह करने पर 1 वर्ष कठोर कारावास₹25 जुर्माना
उत्तराखंड — प्रथम महिला सत्याग्रही
भागीरथी देवी — स्वयं को पहली महिला व्यक्तिगत सत्याग्रही घोषित करने का श्रेय इन्हें जाता है।
📌
परीक्षा जाल
"उत्तराखंड के प्रथम सत्याग्रही" और "कुमाऊं के प्रथम सत्याग्रही" अलग-अलग व्यक्ति हैं — उत्तराखंड = जगमोहन सिंह नेगी (गढ़वाल); कुमाऊं = दुर्गादत्त जोशी।

3आंदोलन का घटनाक्रम — नेतृत्व व स्थगन

🤝
1940
प्रथम रणनीतिक बैठक — डांडामंडी, पौड़ी गढ़वाल
गढ़वाल में व्यक्तिगत सत्याग्रह की रूपरेखा तय करने हेतु पहली अहम बैठक यहीं हुई — यह स्थान-नाम परीक्षा में बार-बार पूछा जाता है।
🚩
1940
कुमाऊं में सत्याग्रह का आरम्भ
कुमाऊं क्षेत्र में व्यक्तिगत सत्याग्रह की शुरुआत करने का श्रेय हरगोविंद पंत को जाता है (UKPSC 2023 का आधिकारिक उत्तर)। प्रताप सिंह नेगी को कुमाऊं में आंदोलन का मुख्य 'नायक' माना गया।
⛓️
24 नवंबर 1940
गोविंद बल्लभ पंत गिरफ्तार — हल्द्वानी, नैनीताल
हल्द्वानी से आंदोलन की कमान संभालने वाले गोविंद बल्लभ पंत को इस दिन गिरफ्तार किया गया।
🌄
1940
चमोली में नेतृत्व
चमोली जनपद में व्यक्तिगत सत्याग्रह का नेतृत्व व संचालन 'गढ़वाल केसरी' अनुसूया प्रसाद बहुगुणा ने किया।
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25 जनवरी 1941
गांधी जी द्वारा सत्याग्रह स्थगन — ब्रिटिश गढ़वाल
उस समय गढ़वाल में जयानंद भारती के नेतृत्व में शिल्पकारों का 'डोला-पालकी आंदोलन' चल रहा था, जिसमें सवर्णों और दलितों के बीच भारी सामाजिक तनाव था। इस भेदभाव की सूचना मिलने पर गांधी जी ने 25 जनवरी 1941 को ब्रिटिश गढ़वाल में व्यक्तिगत सत्याग्रह स्थगित कर दिया — उनका तर्क था कि जब तक समाज में समानता नहीं आती, सत्याग्रह सफल नहीं हो सकता।
⚠️
अति सूक्ष्म तथ्य
स्थगन का कारण ब्रिटिश दमन नहीं बल्कि सामाजिक भेदभाव (डोला-पालकी विवाद) था — तिथि 25 जनवरी 1941 परीक्षा में बार-बार पूछी जाती है।

4स्मरण व अभ्यास

उत्तराखंड के प्रथम व्यक्तिगत सत्याग्रही (पुरुष)?
जगमोहन सिंह नेगी (ब्रिटिश गढ़वाल)
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कुमाऊं के प्रथम व्यक्तिगत सत्याग्रही?
दुर्गादत्त जोशी — 1 वर्ष कठोर कारावास + ₹25 जुर्माना
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उत्तराखंड की प्रथम महिला व्यक्तिगत सत्याग्राही?
भागीरथी देवी
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गांधी जी ने गढ़वाल में सत्याग्रह कब और क्यों रोका?
25 जनवरी 1941 — डोला-पालकी आंदोलन (सामाजिक भेदभाव)
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कुमाऊं में सत्याग्रह की शुरुआत किसने की?
हरगोविंद पंत (UKPSC 2023)
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चमोली में व्यक्तिगत सत्याग्रह का नेतृत्व किसने किया?
अनुसूया प्रसाद बहुगुणा ('गढ़वाल केसरी')
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जेल जाने वाली उत्तराखंड की प्रथम महिला (राष्ट्रीय आंदोलन)?
बिश्नी देवी शाह — 25 मई 1930 (दुर्गा देवी, 1921, वन-आंदोलन में प्रथम महिला बंदी से भिन्न)
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'जिंदा या मुर्दा' पकड़ने का ब्रिटिश आदेश किस महिला के लिए?
कुंती वर्मा
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परीक्षा के लिए Quick Recap

तथ्यविवरणविशेष नोट
UK के प्रथम पुरुष सत्याग्रहीजगमोहन सिंह नेगीब्रिटिश गढ़वाल से गिरफ्तारी
कुमाऊं के प्रथम सत्याग्रहीदुर्गादत्त जोशी1 वर्ष कारावास + ₹25 जुर्माना
UK की प्रथम महिला सत्याग्राहीभागीरथी देवी1940–41
कुमाऊं में सत्याग्रह आरम्भहरगोविंद पंतUKPSC 2023 आधिकारिक उत्तर
G.B. पंत गिरफ्तारी24 नवंबर 1940हल्द्वानी (नैनीताल) से
कुमाऊं के 'नायक'प्रताप सिंह नेगीऐतिहासिक दस्तावेजों में दर्ज
चमोली में नेतृत्वअनुसूया प्रसाद बहुगुणा'गढ़वाल केसरी'
प्रथम रणनीतिक बैठकडांडामंडी (पौड़ी गढ़वाल)1940
गढ़वाल में सत्याग्रह स्थगन25 जनवरी 1941कारण: डोला-पालकी आंदोलन (सामाजिक भेदभाव)
प्रथम महिला बंदी — राष्ट्रीय आंदोलन (UK)बिश्नी देवी शाह25 मई 1930 — अल्मोड़ा तिरंगा प्रकरण (सविनय अवज्ञा)। ध्यान दें: वन-आंदोलन की प्रथम महिला बंदी दुर्गा देवी (1921, सोमेश्वर/कौसानी) हैं — भिन्न प्रसंग।
'जिंदा या मुर्दा' आदेशकुंती वर्माब्रिटिश सरकार का दुर्लभ फ़रमान
पद्मा जोशीलखनऊ जेलसविनय अवज्ञा आंदोलन (द्वितीय चरण)