लॉर्ड मिंटो प्रथम
रणजीत सिंह, अमृतसर की संधि, फारस-अफगान कूटनीति, विदेशी ठिकानों और चार्टर एक्ट 1813 के मूल विस्तृत नोट्स।
पृष्ठभूमि — मिंटो कौन थे?
व्यक्तिगत परिचय
- जन्म: 1751, स्कॉटलैंड में। Whig पार्टी के प्रमुख राजनेता।
- पूरा नाम: Gilbert Elliot-Murray-Kynynmound — UPPCS में यही पूछा जाता है।
- वे 1st Earl of Minto थे।
- ब्रिटिश संसद (House of Commons) में सदस्य।
- कोर्सिका (Corsica) के वायसराय रहे — यहाँ नेपोलियन का जन्म हुआ था।
- Board of Control के अध्यक्ष (President) — यानी भारतीय मामलों में पहले से अनुभव।
- कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स ने बार्लो को स्थायी GG नहीं माना।
- मिंटो को नेपोलियन खतरे से निपटने के लिए विशेष रूप से भेजा गया।
- उनकी नीति: कूटनीति पहले, युद्ध बाद में — एक balanced approach।
विदेश नीति — मिंटो का कूटनीतिक कौशल
तीन मोर्चों पर कूटनीति (1808-1809)
फारस (Iran)
दूत: जॉन माल्कम (John Malcolm)
फारस के शाह से दोस्ती की संधि — फ्रांसीसी प्रभाव काटने के लिए।
परिणाम: आंशिक सफलता।
अफगानिस्तान (काबुल)
दूत: माउंटस्टुअर्ट एल्फिंस्टन (Elphinstone)
काबुल के शाह शुजा से संधि — नेपोलियन का रास्ता बंद करने के लिए।
परिणाम: संधि हुई लेकिन कमज़ोर।
सिंध
दूत: निकोलस सेटन (Nicholas Seton)
सिंध के अमीरों से संधि — समुद्री रास्ते पर फ्रांसीसी पहुँच रोकने के लिए।
परिणाम: सीमित सफलता।
अमृतसर की संधि (Treaty of Amritsar — 1809)
- रणजीत सिंह (महाराजा, सिख साम्राज्य) ने सतलुज नदी के दक्षिण के सिख रियासतों पर भी नियंत्रण करने की कोशिश की।
- इन सिख रियासतों ने अंग्रेजों की सुरक्षा (Protection) मांगी।
- रणजीत सिंह ने सिंध पर भी कब्जे का प्रयास किया।
- मिंटो ने चार्ल्स मेटकाफ (Charles Metcalfe) को रणजीत सिंह के पास भेजा।
- 25 अप्रैल 1809 को अमृतसर की संधि पर हस्ताक्षर।
- सीमा रेखा: सतलुज नदी अंग्रेज़-सिख साम्राज्य की स्थायी सीमा।
- रणजीत सिंह सतलुज के पूर्व (East) की सिख रियासतों पर दावा छोड़ेंगे।
- अंग्रेज़ रणजीत सिंह के सतलुज के पश्चिम (West) के क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
- रणजीत सिंह सिंध पर हमला नहीं करेंगे।
| पक्ष | क्या मिला | क्या छोड़ा |
|---|---|---|
| अंग्रेज | सतलुज के पूर्व की सिख रियासतें + सिंध की सुरक्षा | सतलुज के पश्चिम में हस्तक्षेप नहीं |
| रणजीत सिंह | सतलुज के पश्चिम में स्वतंत्रता; कश्मीर-पेशावर विस्तार की छूट | सतलुज के पूर्व की रियासतों का दावा; सिंध पर हमले का अधिकार |
द्वीप विजय — मॉरीशस और जावा (1810-1811)
- मॉरीशस हिंद महासागर में फ्रांसीसी नौसैनिक अड्डा था।
- मिंटो ने स्वयं इस अभियान का नेतृत्व किया — एक दुर्लभ घटना।
- 1810 में ब्रिटिश सेना ने मॉरीशस पर कब्जा किया।
- परिणाम: हिंद महासागर से फ्रांसीसी नौसैनिक खतरा समाप्त।
- जावा (वर्तमान इंडोनेशिया) पर डच (Dutch) का नियंत्रण था जो नेपोलियन के अधीन था।
- मिंटो ने स्वयं बटाविया (Jakarta) तक यात्रा की — GG का यह असाधारण कदम था।
- सर स्टैमफोर्ड रैफल्स (Raffles) को जावा का Lieutenant Governor नियुक्त किया।
- 1816 में नेपोलियन की हार के बाद जावा डच को वापस दे दिया गया।
परीक्षा ट्रैप
जावा 1811 में जीता गया था लेकिन 1816 में वापस कर दिया गया। यह मिंटो की स्थायी विजय नहीं थी। UPPCS में यही पूछा जाता है।
Charter Act 1813 — युगांतकारी बदलाव
Charter Act 1813 — प्रमुख प्रावधान
- ईस्ट इंडिया कंपनी का भारत के साथ व्यापारिक एकाधिकार समाप्त।
- अब ब्रिटिश व्यापारी और कंपनियाँ स्वतंत्र रूप से भारत के साथ व्यापार कर सकती थीं।
- अपवाद (Exception): चाय और चीन के साथ व्यापार का एकाधिकार कंपनी के पास बना रहा।
- पहली बार ईसाई मिशनरियों को भारत में प्रवेश और प्रचार की कानूनी अनुमति।
- पहले कंपनी धार्मिक तटस्थता के नाम पर मिशनरियों को रोकती थी।
- इससे भारत में ईसाई शिक्षा और धर्म प्रचार का विस्तार हुआ।
परीक्षा ट्रैप
मिशनरियों को प्रवेश की अनुमति = Charter Act 1813। इसे 1833 से confuse मत करें। 1833 में भारतीयों को सरकारी नौकरी में समानता का प्रावधान था।
- भारतीय शिक्षा के लिए प्रतिवर्ष 1 लाख रुपये आवंटित किए गए।
- यह भारत में सरकारी शिक्षा खर्च का पहला कानूनी प्रावधान था।
- इस राशि को कैसे खर्च करना है — पूर्वी भाषाओं (Sanskrit/Arabic) पर या अंग्रेज़ी पर — इसे लेकर बड़ा विवाद हुआ जो 1835 के Macaulay Minute तक चला।
- कंपनी को ब्रिटिश क्राउन की प्रभुसत्ता (Sovereignty) औपचारिक रूप से स्वीकार करनी पड़ी।
- भारत के राजस्व पर संसद का अधिक नियंत्रण।
- कंपनी का Charter अगले 20 वर्ष के लिए नवीनीकृत।
| Charter Act | वर्ष | मुख्य प्रावधान |
|---|---|---|
| 1793 | कॉर्नवालिस काल | कंपनी का भारत एकाधिकार जारी; Board of Control मज़बूत |
| 1813 | मिंटो काल | भारतीय एकाधिकार खत्म; मिशनरी प्रवेश; 1 लाख शिक्षा |
| 1833 | बेंटिंक काल | चीनी एकाधिकार खत्म; भारतीयों को समान अवसर; कानून बनाने का अधिकार |
| 1853 | डलहौज़ी काल | सिविल सेवा प्रतियोगी परीक्षा; Legislative Council अलग |
आंतरिक नीति एवं मूल्यांकन
मद्रास और बंबई के षड्यंत्र (1809)
- मिंटो के काल में मद्रास और बंबई में फ्रांसीसी-समर्थित षड्यंत्र का भंडाफोड़ हुआ।
- यह वेल्लोर विद्रोह (1806) की प्रतिक्रिया में असंतुष्ट भारतीय सिपाहियों द्वारा रचा गया था।
- मिंटो ने इन्हें बुद्धिमानी से दबाया — बड़े दमन के बिना।
मिंटो प्रथम का कुल मूल्यांकन
उपलब्धियाँ
अमृतसर संधि — रणजीत सिंह की सीमा तय
मॉरीशस और जावा — हिंद महासागर सुरक्षित
तीन दिशाओं में कूटनीति — फ्रांसीसी खतरा टला
Charter Act 1813 — ऐतिहासिक आर्थिक-शैक्षिक बदलाव
कमज़ोरियाँ
फारस और काबुल संधियाँ कमज़ोर रहीं
वेलेज़ली की Subsidiary Alliance छोड़ने से शक्ति-शून्यता
जावा को बाद में वापस देना पड़ा
Successors Chain — याद करें
| GG | कार्यकाल | पहचान |
|---|---|---|
| वेलेज़ली | 1798-1805 | Subsidiary Alliance; युद्ध-विस्तार |
| कॉर्नवालिस II | 1805 (मृत्यु) | गाज़ीपुर में समाधि |
| बार्लो (Acting) | 1805-1807 | वेल्लोर विद्रोह; राजघाट संधि |
| मिंटो I | 1807-1813 | अमृतसर संधि; Charter Act 1813 |
| हेस्टिंग्स | 1813-1823 | तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध; पेशवाई अंत |
अंतिम सार-सारणी
| क्षेत्र | मुख्य घटना/नीति | वर्ष | परीक्षा ट्रैप / Key Fact |
|---|---|---|---|
| पहचान | स्कॉटिश मूल के पहले GG; Whig राजनेता | 1807 | Gilbert Elliot, 1st Earl of Minto — इस पूरे नाम से UPPCS पूछता है |
| रणजीत सिंह संधि | अमृतसर की संधि — चार्ल्स मेटकाफ के ज़रिए | 1809 | सतलुज नदी = सीमा। रणजीत सिंह को सिंध से रोका |
| द्वीप विजय | मॉरीशस, जावा, मालाबार — फ्रांसीसी खतरा खत्म | 1810–1811 | मॉरीशस 1810; जावा 1811 (Raffles की भूमिका) |
| Charter Act 1813 | कंपनी का व्यापारिक एकाधिकार समाप्त (चीन व्यापार छोड़कर); शिक्षा हेतु 1 लाख रु. | 1813 | ईसाई मिशनरियों को भारत में प्रवेश की अनुमति |
| कूटनीति | फारस, अफगानिस्तान, सिंध से संधियाँ — नेपोलियन खतरे के विरुद्ध | 1809 | Malcolm → फारस; Elphinstone → काबुल; Seton → सिंध |