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Modern History · UKPSC · UKSSSC

आधुनिक भारतीय इतिहास

यूरोपीय कंपनियों के आगमन से ब्रिटिश सत्ता के विस्तार, भारतीय राज्यों के प्रतिरोध और 1857 की क्रांति तक का क्रमबद्ध परीक्षा-केंद्रित अध्ययन।

26अध्याय5अध्ययन समूह1700–1857मुख्य कालखंड203मिश्रित क्विज़ प्रश्न
अध्याय देखें

इतिहास को क्रम में पढ़ें

पहले कंपनी और सत्ता की नींव, फिर विस्तार की नीतियां और अंत में 1857 का व्यापक संदर्भ पढ़ें।

01 · शुरुआतकंपनियां और बंगाल

व्यापारिक केंद्रों से राजनीतिक सत्ता तक का बदलाव।

02 · विस्तारगवर्नर-जनरल और युद्ध

नीतियों, संधियों और भारतीय प्रतिरोध की तुलना।

03 · पुनरावृत्ति1857 की क्रांति

कारण, प्रसार, दमन, विफलता और परिणाम जोड़ें।

01 · आरंभ

भारत में यूरोपीय शक्तियां

समुद्री व्यापार, कंपनियां, फैक्ट्रियां और भारत में प्रभाव की शुरुआती प्रतिस्पर्धा।

4 अध्याय
02 · सत्ता की नींव

बंगाल में ब्रिटिश सत्ता का उदय

प्लासी, बक्सर, दीवानी और कंपनी शासन की शुरुआत।

1 अध्याय
03 · औपनिवेशिक विस्तार

गवर्नर-जनरल: कालक्रमानुसार अध्ययन

प्रशासनिक सुधार, युद्ध, संधियां, सामाजिक नीतियां और साम्राज्य विस्तार।

13 अध्याय
06वारेन हेस्टिंग्स (1772–1785)प्रशासनिक सुधार, युद्ध और मुकदमा।नोट्स 07लॉर्ड कॉर्नवालिस (1786–1793)स्थायी बंदोबस्त, सेवाएं और न्याय सुधार।नोट्स 08सर जॉन शोर (1793–1798)अहस्तक्षेप नीति और उत्तराधिकार विवाद।नोट्स 09लॉर्ड वेलेजली (1798–1805)सहायक संधि और साम्राज्य विस्तार।नोट्स 10सर जॉर्ज बार्लो (1805–1807)अहस्तक्षेप और वेल्लोर विद्रोह।नोट्स 11लॉर्ड मिंटो प्रथम (1807–1813)अमृतसर संधि और विदेश नीति।नोट्स 12लॉर्ड हेस्टिंग्स (1813–1823)मराठा शक्ति का अंत और प्रेस नीति।नोट्स 13जॉन एडम एवं लॉर्ड एमहर्स्ट (1823–1828)प्रेस अध्यादेश और प्रथम बर्मा युद्ध।नोट्स 14लॉर्ड विलियम बेंटिक (1828–1835)सामाजिक, शैक्षिक और प्रशासनिक सुधार।नोट्स 15लॉर्ड ऑकलैंड (1836–1842)प्रथम अफगान युद्ध और शिक्षा नीति।नोट्स 16लॉर्ड एलनबरो (1842–1844)सिंध विलय और ग्वालियर अभियान।नोट्स 17लॉर्ड हार्डिंग प्रथम (1844–1848)प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध और संधियां।नोट्स 18लॉर्ड डलहौजी (1848–1856)विलय नीति, रेल, डाक और सार्वजनिक निर्माण।नोट्स
04 · प्रतिरोध

भारतीय राज्य और ब्रिटिश विस्तार

मराठा, मैसूर और सिख शक्ति के साथ हुए संघर्षों की तुलना।

3 अध्याय
05 · निर्णायक मोड़

1857 की क्रांति

कारण, प्रसार, नेतृत्व, दमन, विफलता और परिणाम को एक साथ पढ़ें।

5 अध्याय