यूरोप महाद्वीप
प्रायद्वीपों के प्रायद्वीप से लेकर यूरेशियाई सीमा, देश-समूह, भौतिक प्रदेश, प्रमुख नदियों, जलसंधियों, घास के मैदान और स्थानीय हवाओं तक — यूरोप के परीक्षा उपयोगी तथ्य एक सुव्यवस्थित अध्ययन क्रम में।
01 सामान्य परिचय
- आकार व क्षेत्रफल: क्षेत्रफल की दृष्टि से यह ऑस्ट्रेलिया के बाद विश्व का दूसरा सबसे छोटा महाद्वीप है।
- कुल देशों की संख्या: संयुक्त राष्ट्र के अनुसार यूरोप में 44 संप्रभु देश हैं; वेटिकन सिटी और कोसोवो जैसे आंशिक रूप से मान्यता प्राप्त सूक्ष्म-देशों को जोड़ने पर कुछ स्रोतों में यह संख्या 50 तक भी बताई जाती है।
- स्थिति: यह पूरी तरह उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है और इसका अधिकांश भाग समशीतोष्ण कटिबंध में आता है।
- महत्वपूर्ण अक्षांश व देशांतर:
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आर्कटिक वृत्त: यह भौगोलिक रूप से यूरोप के 5 देशों — नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, रूस और आइसलैंड (ग्रिम्से द्वीप) — से होकर गुजरता है।
(नोट: यह ग्रीनलैंड से भी गुजरता है, जो राजनीतिक रूप से यूरोपीय देश डेनमार्क के अधीन है, लेकिन भौगोलिक रूप से उत्तरी अमेरिका का हिस्सा है।) - प्रधान मध्याह्न रेखा: यह यूरोप के 3 देशों — यूनाइटेड किंगडम (लंदन), फ्रांस और स्पेन — से होकर गुजरती है।
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आर्कटिक वृत्त: यह भौगोलिक रूप से यूरोप के 5 देशों — नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, रूस और आइसलैंड (ग्रिम्से द्वीप) — से होकर गुजरता है।
- प्रायद्वीपों का प्रायद्वीप: उत्तर में आर्कटिक, पश्चिम में अटलांटिक और दक्षिण में भूमध्य सागर से घिरा होने तथा कई बड़े प्रायद्वीपों के कारण इसे यह नाम दिया गया है।
- यूरोप विश्व का सर्वाधिक मैदानी विस्तार (60% से अधिक हिस्सा मैदानी) वाला महाद्वीप माना जाता है।
- विशिष्ट तथ्य: यूरोप में प्राकृतिक मरुस्थल नहीं पाया जाता है।
- यूरेशिया: यूरोप और एशिया वास्तव में एक ही विशाल भूखंड के हिस्से हैं, जिन्हें संयुक्त रूप से यूरेशिया कहा जाता है।
02 यूरोप-एशिया प्राकृतिक सीमा
उत्तर से दक्षिण क्रम परीक्षा में सीधा पूछा जाता है:
- यूराल पर्वत:
- यह एक प्राचीन वलित पर्वत है।
- यह यूरोप को एशिया से प्राकृतिक रूप से पृथक करता है।
- यूराल नदी:
- इस नदी का उद्गम यूराल पर्वत से होता है।
- यह दक्षिण की ओर प्रवाहित होकर कैस्पियन सागर में गिरती है।
- यह यूरोप और एशिया की भौगोलिक सीमा का निर्धारण करती है।
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कैस्पियन सागर:
- यह विश्व की सबसे बड़ी अंतर्देशीय खारे पानी की झील है।
- यह पाँच देशों— तुर्कमेनिस्तान, अज़रबैजान, रूस, ईरान और कजाकिस्तान की सीमाओं से घिरा है।
- याद रखने की ट्रिक—“TARIK”: T–तुर्कमेनिस्तान, A–अज़रबैजान, R–रूस, I–ईरान, K–कजाकिस्तान।
- यूरोप की सबसे लंबी नदी वोल्गा अपना जल इसी सागर में गिराती है।
- काकेशस पर्वत:
- यह पर्वत श्रृंखला काला सागर और कैस्पियन सागर के मध्य अवस्थित है।
- यूरोप की सर्वोच्च चोटी 'माउंट एल्ब्रुस' इसी पर्वत श्रृंखला का भाग है।
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काला सागर (Black Sea):
- यह छह देशों— बुल्गारिया, यूक्रेन, रूस, जॉर्जिया, रोमानिया और तुर्किये की सीमाओं से घिरा है।
- याद रखने की ट्रिक—“BURGR T”: “Burger के साथ Tea पीने की कल्पना करें।”
- B–बुल्गारिया, U–यूक्रेन, R–रूस, G–जॉर्जिया, R–रोमानिया, T–तुर्किये।
- बोस्फोरस जलसंधि:
- यह जलमार्ग काला सागर को मरमरा सागर से जोड़ता है।
- यह तुर्की के इस्तांबुल शहर के ठीक मध्य से होकर गुजरती है।
- यह जलसंधि इस्तांबुल शहर को दो महाद्वीपों (यूरोप और एशिया) में विभाजित करती है।
- मरमरा सागर:
- यह पूर्णतः तुर्की के संप्रभु अधिकार क्षेत्र में स्थित एक लघु अंतर्देशीय सागर है।
- यह एशियाई तुर्की (अनातोलिया) और यूरोपीय तुर्की (थ्रेस) के मध्य अवस्थित है।
- डार्डानेल्स जलसंधि:
- यह जलमार्ग मरमरा सागर को एजियन सागर से जोड़ता है।
- यह एशियाई तुर्की को बाल्कन प्रायद्वीप (यूरोपीय क्षेत्र) से पूर्णतः पृथक करती है।
- एजियन सागर:
- यह मूल रूप से भूमध्य सागर का ही एक उत्तरी विस्तार है।
- यह सागर भौगोलिक रूप से ग्रीस (यूनान) और तुर्की के मध्य अवस्थित है।
- रूस और तुर्की यूरोप और एशिया दोनों में फैले प्रमुख देश हैं। तुर्की के एशियाई भाग को अनातोलिया और छोटे यूरोपीय भाग को थ्रेस कहा जाता है।
03 यूरोप के प्रमुख प्रायद्वीप
1. स्कैंडिनेवियाई प्रायद्वीप
- भौगोलिक अवस्थिति: यह उत्तरी यूरोप में अवस्थित सबसे बड़ा प्रायद्वीप है।
- राजनीतिक विस्तार: भौगोलिक और राजनीतिक रूप से इसमें नॉर्वे और स्वीडन पूर्णतः सम्मिलित हैं; विस्तार फिनलैंड के उत्तरी भाग तक भी है।
- भौतिक विशेषताएँ: प्रायद्वीप के मध्य में स्थित 'क्योलेन पर्वत' नॉर्वे और स्वीडन के बीच प्राकृतिक सीमा बनाते हैं।
- विशेष तथ्य: नॉर्वे का पश्चिमी तट हिमनदीय अपरदन से बनी गहरी खाड़ियों के लिए विश्व प्रसिद्ध है, जिन्हें 'फ्योर्ड' कहते हैं।
2. कोला प्रायद्वीप
- भौगोलिक अवस्थिति: यह प्रायद्वीप रूस के सुदूर उत्तर-पश्चिमी भाग में, पूर्णतः आर्कटिक वृत्त के उत्तर में स्थित है।
- जलीय सीमाएँ: यह कोला खाड़ी के तट पर स्थित है।
- रूस का यह प्रमुख बंदरगाह शहर आर्कटिक क्षेत्र में होने पर भी 'उत्तरी अटलांटिक प्रवाह' के कारण वर्षभर बर्फ-मुक्त रहता है।
- यह आर्कटिक वृत्त के उत्तर स्थित विश्व का सबसे बड़ा शहर है।
3. जूटलैंड प्रायद्वीप
- राजनीतिक विस्तार: इस प्रायद्वीप के अधिकांश भू-भाग पर डेनमार्क राष्ट्र अवस्थित है (इसके आधार पर जर्मनी का कुछ हिस्सा है)।
- जलीय सीमाएँ: इसके पश्चिमी तट की सीमा उत्तरी सागर और पूर्वी तट की सीमा बाल्टिक सागर द्वारा निर्धारित होती है।
- प्रमुख जलसंधियां व नहरें:
- कील नहर: इसके आधार (जर्मनी वाले हिस्से) से गुजरती है, जो उत्तरी सागर को बाल्टिक सागर से सीधे जोड़ती है और जहाजों को लंबा चक्कर लगाने से बचाती है।
- स्केगेरक जलसंधि: जूटलैंड और नॉर्वे के मध्य स्थित, उत्तरी सागर को कैटेगाट सागर से जोड़ती है।
- कैटेगाट सागर: जूटलैंड और स्वीडन के मध्य स्थित, स्केगेरक को बाल्टिक सागर से जोड़ता है।
4. आइबेरियन प्रायद्वीप
भौगोलिक अवस्थिति
- स्थिति: यह यूरोप के दक्षिण-पश्चिमी भाग में स्थित एक प्रमुख प्रायद्वीप है।
राजनीतिक विस्तार
- मुख्य देश: इस प्रायद्वीप का अधिकांश हिस्सा (लगभग 85%) स्पेन द्वारा कवर किया गया है, और पश्चिमी तट पर पुर्तगाल स्थित है।
- अन्य क्षेत्र: इनके अलावा अंडोरा (स्पेन-फ्रांस सीमा पर एक छोटा देश) और जिब्राल्टर (दक्षिण में ब्रिटिश विदेशी क्षेत्र) भी इसी प्रायद्वीप का हिस्सा हैं।
जलीय सीमाएँ
दिशाओं के अनुसार याद रखें:
- उत्तर में: बिस्के की खाड़ी — स्पेन के उत्तरी तट और फ्रांस के पश्चिमी तट के बीच स्थित अटलांटिक महासागर की एक खाड़ी; अपने तूफानी और अशांत जल के लिए जानी जाती है।
- पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम में: अटलांटिक महासागर
- पूर्व और दक्षिण-पूर्व में: भूमध्य सागर
प्रमुख जलसंधि [अति महत्वपूर्ण]
जिब्राल्टर जलसंधि:
- किसे अलग करती है: इबेरियन प्रायद्वीप (स्पेन/जिब्राल्टर) को अफ्रीकी महाद्वीप (मोरक्को) से।
- किसे जोड़ती है: अटलांटिक महासागर ↔️ भूमध्य सागर।
- विशेष तथ्य: इसे 'भूमध्य सागर की कुंजी' भी कहा जाता है।
भौतिक विशेषताएँ एवं पर्वत
- पिरेनीज़ पर्वत: यह प्रायद्वीप के उत्तर-पूर्व में स्थित है। यह इबेरियन प्रायद्वीप को फ्रांस (शेष यूरोप) से प्राकृतिक रूप से अलग करता है और स्पेन-फ्रांस के मध्य प्राकृतिक सीमा बनाता है।
- मेसेटा सेंट्रल: यह स्पेन के मध्य भाग में फैला एक विशाल और ऊंचा पठार है, स्पेन की राजधानी मैड्रिड इसी मेसेटा सेंट्रल पठार के मध्य में स्थित है।।
- कैंटाब्रियन पर्वत: यह प्रायद्वीप के उत्तर में, स्पेन के उत्तरी तट के सहारे पूर्व-पश्चिम दिशा में फैली एक पर्वत श्रृंखला है, जो पिरेनीज़ की ही एक विस्तारित कड़ी मानी जाती है।
प्रमुख नदियां
1. टैगस नदी:
- विशेषता: यह इबेरियन प्रायद्वीप की सबसे लंबी नदी है।
- प्रवाह: यह स्पेन के मध्य भाग से निकलकर पश्चिम दिशा में बहती हुई पुर्तगाल में प्रवेश करती है।
- मुहाना: पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन के पास अटलांटिक महासागर में गिरती है।
2. एब्रो नदी:
- विशेषता: यह स्पेन में पूर्णतः बहने वाली सबसे लंबी नदी है।
- उद्गम: इसका उद्गम उत्तरी स्पेन के कैंटाब्रियन पर्वतीय क्षेत्र से होता है।
- प्रवाह एवं मुहाना: यह पूर्व दिशा में बहते हुए भूमध्य सागर में गिरती है तथा अपने मुहाने पर एब्रो डेल्टा बनाती है।
- एब्रो घाटी: यह उत्तर में पिरेनीज़ पर्वत और दक्षिण में इबेरियन पर्वत-तंत्र के बीच स्थित एक प्रमुख अंतर्पर्वतीय घाटी है।
- आर्थिक महत्त्व: अपेक्षाकृत शुष्क क्षेत्र होने के कारण यहां सिंचाई द्वारा गेहूं, जौ, अंगूर, जैतून तथा अन्य फसलों की खेती की जाती है।
5. एपीनाइन / इटालियन प्रायद्वीप
भौगोलिक अवस्थिति
- स्थिति: भूमध्य सागर के मध्य में दक्षिण की ओर विस्तृत।
- आकार: इसका आकार एक लम्बे 'जूते' के समान दिखाई देता है।
राजनीतिक विस्तार
- देश: इस प्रायद्वीप पर 3 देश स्थित हैं - इटली, सैन मैरिनो और वेटिकन सिटी।
- राजधानी: रोम — जो 'टाइबर नदी' के तट पर स्थित है।
जलीय सीमाएँ
इसे याद रखने के लिए दिशाओं के अनुसार बाँटें:
- पूर्व में: एड्रियाटिक सागर
- पश्चिम में: टायरानियन सागर और लिगुरियन सागर
- दक्षिण में: आयोनियन सागर
प्रमुख जलसंधियां [अति महत्वपूर्ण]
1. मेसिना जलसंधि:
- किसे अलग करती है: सिसिली द्वीप को इतालवी मुख्य भूमि से।
- किसे जोड़ती है: टायरानियन सागर ↔️ आयोनियन सागर।
2. ओट्रान्टो जलसंधि:
- किसे अलग करती है: इटली को बाल्कन प्रायद्वीप (अल्बानिया) से।
- किसे जोड़ती है: एड्रियाटिक सागर ↔️ आयोनियन सागर।
भौतिक विशेषताएँ
- एपीनाइन पर्वत: यह प्रायद्वीप के मध्य से गुजरता है और इसकी 'रीढ़ की हड्डी' की तरह कार्य करता है। इसी के नाम पर प्रायद्वीप का नामकरण हुआ है।
- आल्प्स पर्वत: इसके उत्तरी छोर पर स्थित है, जो इस प्रायद्वीप को शेष यूरोप से प्राकृतिक रूप से अलग करता है।
- ज्वालामुखी: माउंट विसुवियस (नेपल्स के पास) इस क्षेत्र का एक प्रमुख सक्रिय ज्वालामुखी है।
प्रमुख नदियां
1. पो नदी:
- यह इटली की सबसे लंबी नदी है (उत्तरी भाग में बहती है)।
- इसकी अत्यधिक उपजाऊ घाटी को 'इटली की गंगा' कहा जाता है। यह इटली का सबसे प्रमुख कृषि और औद्योगिक क्षेत्र है।
2. टाइबर नदी:
- इटली की तीसरी सबसे लंबी नदी। प्राचीन और ऐतिहासिक शहर रोम इसी के तट पर बसा है।
3. अर्नो नदी:
- यह मध्य इटली की एक महत्वपूर्ण नदी है। पुनर्जागरण का केंद्र रहा इटली का प्रसिद्ध शहर फ्लोरेंस इसी नदी के तट पर स्थित है।
इटली के निकट प्रमुख द्वीप
-
सिसिली
- इटली के दक्षिण में स्थित है।
- यह भूमध्य सागर का सबसे बड़ा द्वीप है।
- मेसिना जलडमरूमध्य इसे इटली की मुख्य भूमि से अलग करता है।
- प्रसिद्ध सक्रिय ज्वालामुखी माउंट एटना यहीं स्थित है।
-
सार्डिनिया
- इटली के पश्चिम में स्थित है।
- यह भूमध्य सागर का दूसरा सबसे बड़ा द्वीप है।
- यह इटली का एक स्वायत्त क्षेत्र है।
-
कॉर्सिका
- यह सार्डिनिया के उत्तर में स्थित है।
- यह फ्रांस का भाग है।
- नेपोलियन बोनापार्ट का जन्म यहीं के अजैक्सियो नगर में हुआ था।
- कॉर्सिका और सार्डिनिया के बीच बोनिफेसियो जलडमरूमध्य स्थित है।
- मूल कारण: अफ्रीकन और यूरेशियन प्लेटों का अभिसरण (टकराव)।
- माउंट वेसुवियस: नेपल्स की खाड़ी में स्थित, यूरोप की मुख्य भूमि का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी।
- माउंट स्ट्रांबोली: लिपारी द्वीप पर स्थित; लगातार लावा निकलने के कारण इसे 'भूमध्य सागर का प्रकाश स्तंभ' कहा जाता है।
- माउंट एटना: सिसिली द्वीप पर स्थित; यूरोप का सबसे ऊँचा और सर्वाधिक सक्रिय ज्वालामुखी।
6. बाल्कन प्रायद्वीप
भौगोलिक अवस्थिति
- स्थिति: यह यूरोप के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित एक भौगोलिक और ऐतिहासिक क्षेत्र है।
राजनीतिक विस्तार
- मुख्य देश: ग्रीस, अल्बानिया, बुल्गारिया, रोमानिया, सर्बिया, बोस्निया और हर्जेगोविना, क्रोएशिया, मोंटेनेग्रो, उत्तर मैसेडोनिया, स्लोवेनिया, कोसोवो तथा तुर्की का यूरोपीय भाग (थ्रेस)।
जलीय सीमाएँ
दिशाओं के अनुसार याद रखें:
- उत्तर-पूर्व में: काला सागर
- दक्षिण-पूर्व में: एजियन सागर और मरमरा सागर
- दक्षिण में: भूमध्य सागर
- पश्चिम/दक्षिण-पश्चिम में: एड्रियाटिक सागर और आयोनियन सागर
प्रमुख जलसंधियां [अति महत्वपूर्ण]
1. बोस्फोरस जलसंधि:
- किसे अलग करती है: इस्तांबुल के यूरोपीय भाग को एशियाई भाग (एशिया माइनर) से।
- किसे जोड़ती है: काला सागर ↔️ मरमरा सागर।
2. डार्डानेल्स जलसंधि:
- किसे अलग करती है: गैलीपोली प्रायद्वीप (यूरोप) को एशियाई तुर्की से।
- किसे जोड़ती है: मरमरा सागर ↔️ एजियन सागर।
3. ओट्रान्टो जलसंधि:
- किसे अलग करती है: बाल्कन प्रायद्वीप (अल्बानिया) को इटली से।
- किसे जोड़ती है: एड्रियाटिक सागर ↔️ आयोनियन सागर।
भौतिक विशेषताएँ एवं पर्वत
- बाल्कन पर्वत: बुल्गारिया से सर्बिया तक फैला है। इसी पर्वतमाला के नाम पर इस प्रायद्वीप का नाम 'बाल्कन' पड़ा।
- डिनेरिक आल्प्स: एड्रियाटिक सागर के तट के समानांतर उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व दिशा में फैली मुख्य पर्वत श्रृंखला।
- पिंडस पर्वत: इसे ग्रीस की 'रीढ़ की हड्डी' कहा जाता है।
प्रमुख नदी
- डेन्यूब नदी: यूरोप की दूसरी सबसे लंबी नदी। यह बाल्कन प्रायद्वीप की उत्तरी सीमा बनाती है और अंत में काला सागर में गिरती है।
- रैंक: यूरोप की दूसरी सबसे लंबी नदी।
- उद्गम: ब्लैक फॉरेस्ट पर्वत, जर्मनी।
- मुहाना: काला सागर।
- परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:
- यह 10 देशों (यूरोप की किसी भी नदी के लिए सर्वाधिक) से होकर बहती है या उनकी सीमा बनाती है: जर्मनी, ऑस्ट्रिया, स्लोवाकिया, हंगरी, क्रोएशिया, सर्बिया, रोमानिया, बुल्गारिया, मोल्दोवा और यूक्रेन।
- यह चार राजधानियों से होकर गुज़रती है: वियना (ऑस्ट्रिया), ब्रातिस्लावा (स्लोवाकिया), बुडापेस्ट (हंगरी), और बेलग्रेड (सर्बिया)।
विशेष तथ्य
- 'यूरोप का बारूद का पीपा': अत्यधिक जातीय विविधता, धार्मिक मतभेदों और राजनीतिक संघर्षों के कारण (विशेषकर प्रथम विश्व युद्ध से पहले) इसे यह उपनाम दिया गया था। प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत (1914 में सारायेवो में आर्कड्यूक फर्डिनेंड की हत्या) इसी क्षेत्र से हुई थी।
याद रखने की टिप:
- तुर्की के जलक्षेत्र का क्रम (उत्तर से दक्षिण): काला सागर ➡️ बोस्फोरस जलसंधि ➡️ मरमरा सागर ➡️ डार्डानेल्स जलसंधि ➡️ एजियन सागर (भूमध्य सागर का भाग)।
7. क्रीमिया प्रायद्वीप
- भौगोलिक अवस्थिति: यह काला सागर के उत्तरी तट पर स्थित एक अत्यंत सामरिक प्रायद्वीप है।
- राजनीतिक विस्तार व इतिहास: मूल रूप से यह प्रायद्वीप यूक्रेन गणराज्य का भौगोलिक और संप्रभु अंग रहा है।
- विशेष तथ्य: वर्ष 2014 से यह सामरिक क्षेत्र रूस के भू-राजनीतिक नियंत्रण में है।
04 देशों के महत्वपूर्ण समूह
1. बेनेलक्स या निम्न देश
बेल्जियम, नीदरलैंड और लक्ज़मबर्ग; नीदरलैंड में समुद्र से प्राप्त भूमि को पोल्डर कहा जाता है।
2. स्कैंडिनेवियाई देश
नॉर्वे, स्वीडन और डेनमार्क।
3. नॉर्डिक देश
नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड।
4. बाल्टिक देश
एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया; 1991 में सोवियत संघ से स्वतंत्र हुए।
5. ग्रेट ब्रिटेन और यूनाइटेड किंगडम
ग्रेट ब्रिटेन = इंग्लैंड, वेल्स, स्कॉटलैंड; UK = ग्रेट ब्रिटेन + उत्तरी आयरलैंड।
05 यूरोप के प्रमुख भौगोलिक प्रदेश — 1. पश्चिमी उच्च भूमि
यूरोप को स्थलाकृति और भूवैज्ञानिक संरचना के आधार पर चार प्रमुख प्रदेशों में बांटा जाता है — पश्चिमी उच्च भूमि, उत्तरी यूरोपीय मैदान, मध्यवर्ती उच्च भूमि और अल्पाइन पर्वत प्रणाली। इन चारों को अगले चार सेक्शन में क्रमशः कवर किया गया है।
- पश्चिमी उच्च भूमि
- उत्तरी यूरोपीय मैदान
- मध्यवर्ती उच्च भूमि
- अल्पाइन पर्वत प्रणाली
1. पश्चिमी उच्च भूमि
यह यूरोप का सबसे प्राचीन भूखंड है। परीक्षाओं में इस क्षेत्र से इसकी प्राचीन चट्टानों, फियोर्ड तटों और पुराने पर्वतों से प्रश्न पूछे जाते हैं।
- भौगोलिक विस्तार: यह यूरोप के पश्चिमी किनारे पर उत्तर से दक्षिण तक फैला है; इसमें स्कैंडिनेविया, आइसलैंड, स्कॉटलैंड, आयरलैंड, फ्रांस का ब्रिटनी क्षेत्र तथा स्पेन/पुर्तगाल के पश्चिमी हिस्से शामिल माने जाते हैं।
- सबसे प्राचीन संरचना: यह यूरोप का सबसे पुराना भूवैज्ञानिक भाग है। लंबे अपरदन के कारण ये पर्वत घिसकर अपेक्षाकृत नीचे हो गए हैं।
- कठोर चट्टानें: यह क्षेत्र मुख्य रूप से आग्नेय और रूपांतरित चट्टानों से बना है।
- कृषि की सीमा: हिमनदों द्वारा उपजाऊ मिट्टी हट जाने और पतली मिट्टी की परत के कारण यह क्षेत्र कृषि के लिए अधिक अनुकूल नहीं है।
- आर्थिक महत्व: नरम लकड़ी, जलविद्युत और मत्स्य पालन के लिए यह क्षेत्र महत्वपूर्ण है।
- प्लिस्टोसीन हिमयुग में ग्लेशियरों ने कठोर चट्टानों को काटकर गहरी U-आकार की घाटियाँ बनाईं। बाद में समुद्री जल भरने से ये फियोर्ड बने।
- नॉर्वे अपने फियोर्ड तटों के लिए विश्व प्रसिद्ध है; इसी कारण इसकी तटरेखा अत्यधिक कटी-फटी और प्राकृतिक बंदरगाहों से भरपूर है।
| पर्वत/क्षेत्र | मुख्य परीक्षा तथ्य |
|---|---|
| स्कैंडिनेवियाई पर्वत | नॉर्वे और स्वीडन की सीमा के सहारे फैले प्राचीन पर्वत; इन्हें स्थानीय रूप से क्योलेन पर्वत भी कहा जाता है। |
| पेनाइन्स | इंग्लैंड के मध्य भाग में उत्तर-दक्षिण दिशा में फैली श्रृंखला; इसे इंग्लैंड की रीढ़ कहा जाता है। |
| ग्रैम्पियन पर्वत | स्कॉटलैंड के हाईलैंड्स में स्थित; UK की सबसे ऊँची चोटी बेन नेविस इसी क्षेत्र में है। |
06 2. उत्तरी यूरोपीय मैदान
यह यूरोप का सबसे विशाल, समतल और उपजाऊ भाग है। इसे यूरोप का “हृदय स्थल” भी कहा जाता है क्योंकि कृषि, आबादी और उद्योग का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र में केंद्रित है।
- विस्तार: पश्चिम में फ्रांस के अटलांटिक तट से बेल्जियम, नीदरलैंड, जर्मनी, पोलैंड, बाल्टिक देशों और बेलारूस होते हुए पूर्व में रूस के यूराल क्षेत्र तक फैला है।
- आकार: पश्चिम में यह संकरा है और पूर्व में रूस की ओर जाते-जाते बहुत चौड़ा हो जाता है। इसका बड़ा पूर्वी भाग रूसी प्लेटफॉर्म से जुड़ा है।
- हिमनदी प्रभाव: उत्तरी भाग पिछले हिमयुग में ग्लेशियरों से ढका था; यहाँ हिमोढ़, रेतीली-कंकरीली मिट्टी और अम्लीय पॉडजोल मिट्टी मिलती है।
- नदी निक्षेप: दक्षिणी भाग में राइन, सीन, एल्बे और विस्तुला जैसी नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ मिट्टी पाई जाती है।
- लोएस निक्षेप: मैदान के दक्षिणी किनारों पर हवा द्वारा लाई गई बारीक पीली उपजाऊ मिट्टी मिलती है, जो गेहूँ और चुकंदर के लिए अच्छी मानी जाती है।
- उपजाऊ चेर्नोज़म मिट्टी और स्टेपी जलवायु के कारण यूक्रेन में गेहूँ का बड़ा उत्पादन होता है; इसलिए इसे यूरोप की रोटी की टोकरी कहा जाता है।
07 3. मध्यवर्ती उच्च भूमि
उत्तरी यूरोपीय मैदानों के दक्षिण में और ऊँचे अल्पाइन पर्वतों के उत्तर में स्थित यह क्षेत्र यूरोप के मध्य भाग में फैला है। यूरोप के अधिकांश खनिज और कोयला भंडार यहीं मौजूद होने के कारण इसे यूरोप का औद्योगिक हृदय कहा जाता है। State PCS में इस क्षेत्र के block mountains और coal basins की matching बहुत पूछी जाती है।
भूगर्भिक निर्माण
- निर्माण काल: इन पर्वतों का निर्माण 'हर्सीनियन युग' में हुआ था — कार्बोनिफेरस काल, यानी लगभग 300 मिलियन वर्ष पूर्व।
- वर्तमान स्वरूप: समय के साथ अपरदन के कारण ये प्राचीन वलित पर्वत घिस गए हैं; अब ये केवल अवशिष्ट पठारों और ब्लॉक पर्वतों के रूप में बचे हैं।
- कोयला संबंध: कार्बोनिफेरस काल के दलदली जंगलों के दबने से ही दुनिया का सबसे बेहतरीन कोयला बना था; इसीलिए यह पूरा क्षेत्र कोयले का भंडार माना जाता है।
क) फ्रांस
- मासिफ सेंट्रल: फ्रांस के मध्य-दक्षिण में स्थित एक विशाल अवशिष्ट पठार है, जो प्राचीन ग्रेनाइट और ज्वालामुखीय चट्टानों से बना है।
- नदियां: फ्रांस की प्रमुख नदियां — लॉयर, सीन और गैरोन — यहीं से निकलती हैं।
- जूरा पर्वत: फ्रांस और स्विट्जरलैंड की सीमा पर स्थित है।
- यह पूरी तरह चूना पत्थर से बना है; भू-विज्ञान के 'जुरासिक काल' का नामकरण इसी पर्वत के नाम पर हुआ है।
ख) जर्मनी
- हार्ज पर्वत: उत्तरी जर्मनी में स्थित एक ब्लॉक पर्वत है; यह ऐतिहासिक रूप से तांबे, सीसे और चांदी के खनन के लिए प्रसिद्ध रहा है।
- वोस्जेस पर्वत (पश्चिम, फ्रांस): फ्रांस के पूर्वी हिस्से में स्थित एक ब्लॉक पर्वत, जो राइन घाटी के ठीक पश्चिम में स्थित है।
- ब्लैक फॉरेस्ट (पूर्व, जर्मनी): इसके ठीक सामने, जर्मनी के दक्षिण-पश्चिम में स्थित दूसरा ब्लॉक पर्वत है; यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी नदी डेन्यूब का उद्गम इसी पर्वत के पूर्वी ढलान से होता है।
- रिफ्ट वैली का निर्माण: इन दोनों ब्लॉक पर्वतों (वोस्जेस-पश्चिम व ब्लैक फॉरेस्ट-पूर्व) के बीच की जमीन धंसने से एक रिफ्ट वैली (भ्रंश घाटी) बनी है।
- राइन नदी: यूरोप की सबसे व्यस्त नदी राइन नदी इन्हीं दोनों ब्लॉक पर्वतों के बीच की इसी भ्रंश घाटी से होकर बहती है।
ग) स्पेन
- मेसेटा का पठार: स्पेन (इबेरियन प्रायद्वीप) के बिल्कुल मध्य में स्थित एक विशाल, शुष्क पठार है। स्पेन की राजधानी मैड्रिड इसी पर स्थित है।
- नदियां: टैगस और डुएरो नदियां इस पठार को काटते हुए बहती हैं।
घ) चेक गणराज्य
- बोहेमियन मासिफ: मुख्य रूप से चेक गणराज्य में फैला हुआ एक प्राचीन, कठोर चट्टानी ब्लॉक है।
ङ) यूनाइटेड किंगडम
- पेनाइन्स: इंग्लैंड के मध्य में स्थित पहाड़ियों की शृंखला, जिसे "इंग्लैंड की रीढ़" कहा जाता है। यह कोयले के लिए प्रसिद्ध है।
प्रमुख कोयला बेसिन — List I-II मैचिंग
- रुहर बेसिन — जर्मनी: इसे यूरोप का औद्योगिक हृदय और जर्मनी का 'ब्लैक कंट्री' कहा जाता है; यह राइन और रुहर नदी के बीच स्थित है।
- सार बेसिन — जर्मनी–फ्रांस सीमा: यह सार नदी घाटी में स्थित है; फ्रांस और जर्मनी के बीच इस क्षेत्र पर नियंत्रण को लेकर कई ऐतिहासिक युद्ध हुए हैं।
- साइलेसिया — पोलैंड: पोलैंड, चेक गणराज्य और जर्मनी के बॉर्डर पर स्थित यूरोप के सबसे बड़े कोयला भंडारों में से एक है; ओडर नदी यहाँ से बहती है।
- मिडलैंड्स — यूनाइटेड किंगडम: पेनाइन्स पर्वत के पास स्थित ब्रिटेन का सबसे प्रमुख औद्योगिक और कोयला क्षेत्र है।
08 4. अल्पाइन पर्वत प्रणाली
यह यूरोप के दक्षिण में स्थित सबसे नवीन और सबसे ऊँचा भौगोलिक प्रदेश है। यह वलित पर्वतों की एक विशाल और जटिल शृंखला है, जो पश्चिम में अटलांटिक महासागर से लेकर पूर्व में कैस्पियन सागर तक फैली है।
भूगर्भिक विशेषताएँ
- निर्माण काल: इन पर्वतों का निर्माण 'टर्शियरी युग' में — लगभग 65 मिलियन वर्ष पूर्व — हुआ था; ये हिमालय, रॉकीज़ और एंडीज़ के समकालीन माने जाते हैं।
- पर्वत का प्रकार: ये नवीन वलित पर्वत हैं।
- प्लेट विवर्तनिकी: इनका निर्माण अफ्रीकन प्लेट (दक्षिण) और यूरेशियन प्लेट (उत्तर) के आपस में टकराने से हुआ है।
- टेथिस सागर: इन दोनों प्लेटों के बीच स्थित प्राचीन 'टेथिस सागर' के अवसादों (मलबे) में भारी दबाव के कारण वलन पड़ने से ही ये पहाड़ बने हैं।
यहाँ से पर्वतों की देशों के साथ मैचिंग और सीमा-निर्धारण से जुड़े सवाल सीधे बनते हैं — इसलिए हर शृंखला को अलग-अलग देखें:
क) आल्प्स पर्वत — मुख्य शृंखला
- विस्तार: यह यूरोप के 7 देशों — फ्रांस, इटली, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया, जर्मनी, लिकटेंस्टीन और स्लोवेनिया — में फैला है।
- सर्वोच्च चोटी: माउंट ब्लैंक — 4,807 मीटर — फ्रांस और इटली की सीमा पर स्थित है।
- जल-विभाजक: यह यूरोप का सबसे बड़ा जल-विभाजक है।
- राइन: उत्तर की ओर बहकर उत्तरी सागर में गिरती है।
- रोन: दक्षिण की ओर बहकर भूमध्य सागर में गिरती है।
- पो: दक्षिण-पूर्व की ओर बहकर एड्रियाटिक सागर में गिरती है।
ख) पिरेनीज पर्वत
- प्राकृतिक सीमा: यह फ्रांस और स्पेन के बीच एक प्राकृतिक सीमा बनाता है और इबेरियन प्रायद्वीप को शेष यूरोप से अलग करता है।
- लैंडलॉक्ड देश: इन्हीं पर्वतों के बीच फ्रांस और स्पेन की सीमा पर एंडोरा नामक एक छोटा देश स्थित है।
- सर्वोच्च चोटी: पिको डे एनेटो।
ग) एपिनेन्स पर्वत
- विस्तार: यह उत्तर से दक्षिण तक पूरे इटली में फैला है।
- विशेष तथ्य: इसे "इटली की रीढ़" कहा जाता है।
- नदी उद्गम: इटली की प्रसिद्ध टाइबर नदी — जिसके किनारे रोम शहर बसा है — यहीं से निकलती है।
घ) कार्पेथियन पर्वत
- विस्तार: यह मध्य और पूर्वी यूरोप — स्लोवाकिया, पोलैंड, यूक्रेन और रोमानिया — में लगभग 1,500 किमी लंबे एक उल्टे 'C' आकार में फैला है।
- विशेष तथ्य: यह आल्प्स की तुलना में कम ऊँचा है और घने जंगलों से ढका है।
ङ) काकेशस पर्वत
- अवस्थिति: यह काला सागर और कैस्पियन सागर के बीच — मुख्यतः रूस और जॉर्जिया की सीमा पर — स्थित है।
- सीमा निर्धारण: यह यूरोप और एशिया महाद्वीप के बीच प्राकृतिक सीमा बनाता है।
- माउंट एल्ब्रुस — 5,642 मीटर — काकेशस की ही नहीं, बल्कि पूरे यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊँची चोटी मानी जाती है, न कि आल्प्स का माउंट ब्लैंक।
च) डायनेरिक आल्प्स
- विस्तार: बाल्कन प्रायद्वीप के पश्चिमी भाग में, एड्रियाटिक सागर के तट के साथ-साथ — क्रोएशिया, बोस्निया और मोंटेनेग्रो में फैला है।
- कार्स्ट स्थलाकृति: यह चूना पत्थर से बना है।
- भूजल द्वारा चूना पत्थर के कटाव से बनने वाली गुफाओं और सिंकहोल वाली स्थलाकृति को "कार्स्ट" नाम इसी क्षेत्र (क्रोएशिया के कार्स्ट क्षेत्र) के आधार पर दिया गया है।
छ) पिंडस पर्वत
- अवस्थिति: यह ग्रीस की मुख्य पर्वत शृंखला है।
09 यूरोप के प्रमुख सागर, खाड़ियाँ और जलसंधियां
A. उत्तरी यूरोप का बाल्टिक तंत्र
अटलांटिक से बाल्टिक सागर की ओर — एक बंद होती जल-श्रृंखला
- उत्तरी सागर: ग्रेट ब्रिटेन और यूरोप की मुख्य भूमि के बीच स्थित है। यहाँ का 'डोगर बैंक' मत्स्य पालन और पेट्रोलियम/गैस के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
- स्केगरक और कैटेगट जलसंधियां: ये उत्तरी सागर को बाल्टिक सागर से प्राकृतिक रूप से जोड़ती हैं (डेनमार्क और स्वीडन/नॉर्वे के बीच)।
- कील नहर: यह जर्मनी का कृत्रिम जलमार्ग है, जो उत्तरी सागर को सीधे बाल्टिक सागर से जोड़ता है।
- बाल्टिक सागर: स्वीडन, फिनलैंड, रूस, बाल्टिक देशों (एस्टोनिया, लातविया, लिथुआनिया), पोलैंड और जर्मनी से घिरा है। मीठे पानी की नदियों के कारण यहाँ लवणता बहुत कम होती है, और सर्दियों में यह जम जाता है।
बाल्टिक सागर की 3 प्रमुख खाड़ियाँ (उत्तर से दक्षिण की ओर)
- बोथनिया की खाड़ी: स्वीडन और फिनलैंड के बीच।
- फिनलैंड की खाड़ी: फिनलैंड और एस्टोनिया के बीच (रूस का सेंट पीटर्सबर्ग शहर इसी के पूर्वी छोर पर है)।
- रीगा की खाड़ी: एस्टोनिया और लातविया के बीच।
B. ग्रेट ब्रिटेन और फ्रांस का पश्चिमी मार्ग
- बिस्के की खाड़ी: फ्रांस के पश्चिमी तट और स्पेन के उत्तरी तट के बीच स्थित। यह अपने तूफानी मौसम के लिए कुख्यात है।
इंग्लिश चैनल और डोवर जलसंधि
- डोवर जलसंधि: ग्रेट ब्रिटेन और फ्रांस को अलग करती है, और इंग्लिश चैनल को उत्तरी सागर से जोड़ती है।
आयरिश सागर और उसके चैनल
- आयरिश सागर: ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड के द्वीपों के बीच स्थित है।
- नॉर्थ चैनल: उत्तरी आयरलैंड और स्कॉटलैंड को अलग करता है; आयरिश सागर को उत्तर में अटलांटिक से जोड़ता है।
- सेंट जॉर्ज चैनल: आयरलैंड और वेल्स को अलग करता है; आयरिश सागर को दक्षिण में सेल्टिक सागर से जोड़ता है।
C. भूमध्य सागर और इटली का तंत्र
- जिब्राल्टर जलसंधि: स्पेन और मोरक्को (अफ्रीका) को अलग करती है। यह अटलांटिक महासागर से भूमध्य सागर में प्रवेश का प्राकृतिक द्वार है।
- लियोन की खाड़ी: फ्रांस के दक्षिणी तट पर स्थित। फ्रांस की रोन नदी यहीं गिरती है।
- एड्रियाटिक सागर: इटली के पूर्वी तट और बाल्कन प्रायद्वीप के बीच स्थित है। इटली की सबसे लंबी नदी 'पो', जिसे "इटली की गंगा" कहा जाता है, इसी में गिरती है।
इटली के आस-पास की अति महत्वपूर्ण जलसंधियां
| जलसंधि | अलग करती है | जोड़ती है |
|---|---|---|
| बोनिफैसियो | कोर्सिका (फ्रांस) और सार्डिनिया (इटली) | टायरहेनियन सागर और पश्चिमी भूमध्य सागर |
| मेसिना | इटली की मुख्य भूमि और सिसिली द्वीप | टायरहेनियन सागर और आयोनियन सागर |
| ओट्रान्टो | इटली और अल्बानिया | आयोनियन सागर और एड्रियाटिक सागर |
D. काला सागर तंत्र — सभी जुड़े हुए सागर और जलसंधियां एक साथ
काला सागर, आज़ोव सागर, मरमरा सागर, एजियन सागर, भूमध्य सागर और इन्हें जोड़ने वाली बोस्फोरस, डार्डानेल्स व कर्च जलसंधियां — ये सभी एक ही जुड़े हुए जल-तंत्र का हिस्सा हैं। काला सागर इस तंत्र का केंद्र है, जहाँ से यह दो दिशाओं में आगे बढ़ता है — इन्हें अलग-अलग रटने के बजाय एक साथ, एक ही मानचित्र पर समझें:
शाखा 1 — उत्तर की ओर: आज़ोव सागर तक
- काला सागर: यूरोप-एशिया क्षेत्र में स्थित; डेन्यूब, नीपर और डॉन जैसी नदियाँ इसमें गिरती हैं। पूरे तंत्र का केंद्र बिंदु।
- कर्च जलसंधि: क्रीमिया प्रायद्वीप और रूस के तमन प्रायद्वीप के बीच स्थित; काला सागर को आज़ोव सागर से जोड़ती है।
- आज़ोव सागर: रूस और यूक्रेन के बीच स्थित; विश्व का सबसे उथला सागर माना जाता है; क्रीमिया प्रायद्वीप इसके पश्चिम में है।
शाखा 2 — दक्षिण-पश्चिम की ओर: भूमध्य सागर तक
- बोस्फोरस जलसंधि: तुर्की में यूरोप और एशिया को अलग करती है; काला सागर को मरमरा सागर से जोड़ती है। तुर्की का शहर इस्तांबुल इसी जलसंधि के दोनों किनारों पर बसा है।
- मरमरा सागर: तुर्की के एशियाई और यूरोपीय भागों के बीच स्थित; बोस्फोरस और डार्डानेल्स के बीच एक छोटा अंतर्देशीय सागर है।
- डार्डानेल्स जलसंधि: तुर्की के यूरोपीय-एशियाई क्षेत्र में स्थित; मरमरा सागर को एजियन सागर से जोड़ती है।
- एजियन सागर: ग्रीस और तुर्की के बीच स्थित; अनेक द्वीपों (जैसे क्रीट) से भरा है; दक्षिण में भूमध्य सागर से जुड़ता है।
- भूमध्य सागर: यूरोप, अफ्रीका और एशिया — तीनों महाद्वीपों से घिरा विशाल अंतर्देशीय सागर; जिब्राल्टर जलसंधि के माध्यम से अटलांटिक महासागर से जुड़ता है।
| जलसंधि | अलग करती है | जोड़ती है |
|---|---|---|
| कर्च | क्रीमिया और तमन प्रायद्वीप | काला सागर और आज़ोव सागर |
| बोस्फोरस | तुर्की में यूरोप और एशिया | काला सागर और मरमरा सागर |
| डार्डानेल्स | तुर्की का यूरोपीय-एशियाई क्षेत्र | मरमरा सागर और एजियन सागर |
- पूरा तंत्र एक पंक्ति में: आज़ोव सागर ← कर्च ← काला सागर → बोस्फोरस → मरमरा सागर → डार्डानेल्स → एजियन सागर → भूमध्य सागर।
- काला सागर हमेशा केंद्र में है — एक तरफ (उत्तर) सिर्फ एक जलसंधि (कर्च) से आज़ोव सागर तक छोटा रास्ता है, दूसरी तरफ (दक्षिण-पश्चिम) दो जलसंधियों (बोस्फोरस + डार्डानेल्स) से होकर भूमध्य सागर तक लंबा रास्ता है।
10 त्वरित देश-मिलान और Micro States
| देश/समूह | मुख्य परीक्षा तथ्य |
|---|---|
| वेटिकन सिटी | क्षेत्रफल और जनसंख्या दोनों में विश्व का सबसे छोटा देश; इटली के रोम शहर के अंदर। |
| मोनाको | विश्व का दूसरा सबसे छोटा देश; फ्रांस और भूमध्य सागर के बीच। |
| सैन मैरिनो | इटली द्वारा चारों ओर से घिरा स्वतंत्र छोटा देश। |
| अंडोरा | स्पेन और फ्रांस की सीमा पर पिरेनीज पर्वत में स्थित। |
| लिकटेंस्टीन | यूरोप का Double Landlocked देश; स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया के बीच। |
- दुनिया में केवल दो दोहरी भू-आवेष्ठित स्थिति वाले देश माने जाते हैं: एशिया में उज़्बेकिस्तान और यूरोप में लिकटेंस्टीन।
11 यूरोप के घास के मैदान
यूरोप में मुख्य रूप से शीतोष्ण कटिबंधीय घास के मैदान पाए जाते हैं, जो ठंडे और उपजाऊ होते हैं।
- स्टेपी: पूर्वी यूरोप, विशेषकर यूक्रेन और दक्षिण-पश्चिमी रूस में फैला वृक्षविहीन मैदान। यहाँ गेहूँ का बड़ा उत्पादन होता है, इसलिए यूक्रेन को यूरोप की रोटी की टोकरी कहा जाता है।
- पुस्ताज: हंगरी में स्थित घास का मैदान। यह स्टेपी मैदानों का पश्चिमी विस्तार माना जाता है।
12 यूरोप की प्रमुख स्थानीय हवाएं
गर्म पवनें
1. फॉन
- प्रवाह (कहाँ से कहाँ): आल्प्स पर्वत के ढाल से नीचे स्विट्जरलैंड की घाटियों की ओर।
- एग्जाम पॉइंट: इसे 'हिमभक्षी' कहते हैं। यह बर्फ पिघलाकर चारागाह खोलती है और अंगूर पकाने में मददगार है।
2. सिरोको
- प्रवाह (कहाँ से कहाँ): सहारा मरुस्थल से भूमध्य सागर पार करके इटली और सिसिली की ओर।
- एग्जाम पॉइंट: इटली में 'रक्त वर्षा' कराती है। इसके अन्य नाम मैचिंग में आते हैं: खमसिन (मिस्र), गिबली (लीबिया), और चिली (ट्यूनीशिया)।
3. लेवेचे
- प्रवाह (कहाँ से कहाँ): सहारा मरुस्थल से स्पेन के तट की ओर।
- एग्जाम पॉइंट: यह स्पेन में चलने वाली गर्म हवा है (मूल रूप से सिरोको का ही स्पेनिश रूप)।
ठंडी पवनें
4. मिस्ट्रल
- प्रवाह (कहाँ से कहाँ): फ्रांस की रोन नदी घाटी से भूमध्य सागर की ओर।
- एग्जाम पॉइंट: अत्यधिक ठंडी हवा। यह फ्रांस का तापमान अचानक जमाव बिंदु तक गिरा देती है।
5. बोरा
- प्रवाह (कहाँ से कहाँ): बाल्कन पहाड़ियों से एड्रियाटिक सागर तट (उत्तरी इटली और क्रोएशिया) की ओर।
- एग्जाम पॉइंट: ठंडी हवा। पेपर में सीधा की-वर्ड 'एड्रियाटिक तट' या 'उत्तरी इटली की ठंडी हवा' आता है।
13 यूरोप की प्रमुख नदियाँ
यूरोप की नदियों को उनके मुहाने के आधार पर याद करना सबसे सरल और परीक्षा उपयोगी तरीका है। नीचे नदियों को उस सागर अथवा महासागर के अनुसार व्यवस्थित किया गया है जिसमें वे गिरती हैं।
1. उत्तरी सागर में गिरने वाली नदियाँ
राइन नदी
- उद्गम: स्विस आल्प्स से निकलती है और उत्तर-पश्चिम दिशा में बहते हुए उत्तरी सागर में गिरती है।
- मुख्य विशेषता: यह यूरोप का सबसे व्यस्त अंतर्देशीय जलमार्ग है।
- भ्रंश घाटी: इसका ऊपरी भाग जर्मनी के ब्लैक फॉरेस्ट और फ्रांस के वोस्जेस पर्वत के बीच स्थित राइन भ्रंश घाटी से होकर बहता है।
- मुहाना एवं बंदरगाह: नीदरलैंड में राइन–म्यूज नदी डेल्टा के निकट स्थित रॉटरडैम यूरोप का सबसे बड़ा समुद्री बंदरगाह है।
रूर नदी
- यह जर्मनी में बहने वाली राइन नदी की प्रमुख सहायक नदी है।
- रूर औद्योगिक क्षेत्र: रूर क्षेत्र यूरोप के प्रमुख कोयला, लौह-इस्पात और भारी उद्योग क्षेत्रों में से एक है।
- भारत से तुलना: छोटानागपुर पठार और दामोदर घाटी के समृद्ध कोयला तथा औद्योगिक क्षेत्र को प्रायः भारत का रूर कहा जाता है।
एल्ब नदी
- यह चेक गणराज्य से निकलकर जर्मनी में बहती हुई उत्तरी सागर में गिरती है।
- जर्मनी का प्रमुख बंदरगाह नगर हैम्बर्ग इसी नदी के किनारे स्थित है।
टेम्स नदी
- इंग्लैंड की राजधानी लंदन इसी नदी के किनारे स्थित है।
- यह उत्तरी सागर से जुड़ी टेम्स खाड़ी में गिरती है।
2. भूमध्य सागर में गिरने वाली नदियाँ
एब्रो नदी
- यह पूर्णतः स्पेन के भीतर बहने वाली सबसे लंबी नदी है।
- यह पूर्व दिशा में बहकर भूमध्य सागर में गिरती है और अपने मुहाने पर एब्रो डेल्टा बनाती है।
- एब्रो घाटी: पिरेनीज पर्वत और इबेरियन पर्वत-तंत्र के बीच स्थित यह घाटी सिंचित कृषि के लिए प्रसिद्ध है।
रोन नदी
- उद्गम: स्विस आल्प्स के रोन हिमनद से निकलती है।
- यह जिनेवा झील से होकर फ्रांस में प्रवेश करती है और भूमध्य सागर में गिरती है।
- फ्रांस का प्रमुख बंदरगाह मार्सिले इसके डेल्टा के निकट स्थित है।
पो नदी
- यह इटली की सबसे लंबी नदी है।
- यह उत्तरी इटली में विस्तृत अत्यंत उपजाऊ पो मैदान का निर्माण करती है, जिसे परीक्षा में प्रायः इटली की गंगा कहा जाता है।
- यह एड्रियाटिक सागर में गिरती है।
टाइबर नदी
- इटली की राजधानी रोम इसी नदी के किनारे स्थित है।
- यह टाइरेनियन सागर में गिरती है।
3. काला सागर एवं अजोव सागर में गिरने वाली नदियाँ
डेन्यूब नदी
- रैंक: वोल्गा के बाद यूरोप की दूसरी सबसे लंबी नदी।
- उद्गम: जर्मनी के ब्लैक फॉरेस्ट क्षेत्र से निकलती है और काला सागर में गिरती है।
- अंतरराष्ट्रीय स्वरूप: यह 10 देशों से होकर बहती है अथवा उनकी सीमा बनाती है; इसी कारण इसे विश्व की सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय नदियों में गिना जाता है।
- चार राजधानियाँ: वियना, ब्रातिस्लावा, बुडापेस्ट और बेलग्रेड इसके किनारे स्थित हैं।
- याद रखने की ट्रिक: वि–ब्रा–बु–बे — वियना, ब्रातिस्लावा, बुडापेस्ट, बेलग्रेड।
नीपर नदी
- यह रूस से निकलकर बेलारूस और यूक्रेन से होती हुई काला सागर में गिरती है।
- यूक्रेन की राजधानी कीव इसी नदी के किनारे स्थित है।
डॉन नदी
- यह सीधे काला सागर में नहीं गिरती, बल्कि अजोव सागर में गिरती है।
- अजोव सागर संकरे केर्च जलडमरूमध्य द्वारा काला सागर से जुड़ा है।
4. कैस्पियन सागर में गिरने वाली नदियाँ
वोल्गा नदी
- यह यूरोप की सबसे लंबी नदी है।
- उद्गम: रूस की वल्दाई पहाड़ियों से निकलती है।
- यह पूरी तरह रूस के भीतर बहती हुई कैस्पियन सागर में गिरती है।
यूराल नदी
- यह यूराल पर्वत से निकलकर कैस्पियन सागर में गिरती है।
- इसके प्रवाह का एक भाग यूरोप और एशिया के बीच पारंपरिक प्राकृतिक सीमा माना जाता है।
5. अटलांटिक महासागर और इंग्लिश चैनल में गिरने वाली नदियाँ
सीन नदी
- फ्रांस की राजधानी पेरिस इसी नदी के किनारे स्थित है।
- यह इंग्लिश चैनल में गिरती है।
लॉयर नदी
- यह पूर्णतः फ्रांस के भीतर बहने वाली सबसे लंबी नदी है।
- यह अटलांटिक महासागर में बिस्के की खाड़ी के निकट गिरती है।
टैगस अथवा ताहो नदी
- यह इबेरियन प्रायद्वीप की सबसे लंबी नदी है।
- यह स्पेन से निकलकर पुर्तगाल में प्रवेश करती है और अटलांटिक महासागर में गिरती है।
- पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन इसके मुहाने पर स्थित है।
6. बाल्टिक सागर में गिरने वाली नदियाँ
ओडर नदी
- यह चेक गणराज्य से निकलकर पोलैंड और जर्मनी की ओर बहती हुई बाल्टिक सागर में गिरती है।
- ओडर–नीसे रेखा: ओडर और लुसाटियन नीसे नदियों का संयुक्त प्रवाह जर्मनी तथा पोलैंड के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा का बड़ा भाग बनाता है।
विस्तुला नदी
- यह पोलैंड की सबसे लंबी नदी है और बाल्टिक सागर में गिरती है।
- पोलैंड की राजधानी वॉरसॉ इसी नदी के किनारे स्थित है।
- सार नदी: यह फ्रांस और जर्मनी में बहने वाली मोजेल नदी की सहायक नदी है; मोजेल आगे राइन में मिलती है।
- सार बेसिन: कोयला भंडार, लौह-इस्पात और भारी उद्योग के कारण यह यूरोप का महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र रहा है।
- रूर और सार में अंतर: रूर नदी सीधे राइन में मिलती है, जबकि सार नदी पहले मोजेल में और मोजेल आगे राइन में मिलती है।
- टेम्स — लंदन
- सीन — पेरिस
- टाइबर — रोम
- नीपर — कीव
- विस्तुला — वॉरसॉ
- टैगस — लिस्बन
- डेन्यूब — वियना, ब्रातिस्लावा, बुडापेस्ट और बेलग्रेड