विश्व भूगोल · अध्याय नोट्स

उत्तरी अमेरिका महाद्वीप

देशों के विभाजन व अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं से लेकर पश्चिमी कार्डीलेरा, कैनेडियन शील्ड, अपलेशियन पर्वत और मध्यवर्ती विशाल मैदान तक — उत्तरी अमेरिका के हर उस भौगोलिक प्रदेश और तथ्य का संकलन जो सरकारी परीक्षाओं (UKPSC, UKSSSC, UPPCS, UP SI और State PCS) में बार-बार पूछा जाता है।

11 सेक्शन ~42 मिनट 38 अति महत्वपूर्ण तथ्य

01 सामान्य परिचय

  • आकार: यह एशिया और अफ्रीका के बाद विश्व का तीसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है।
  • खोज: इसकी खोज 1492 में क्रिस्टोफर कोलंबस द्वारा की गई।
    • इसे 'नई दुनिया' भी कहा जाता है।
  • स्थिति: यह पूरी तरह से उत्तरी गोलार्द्ध और पश्चिमी गोलार्द्ध में स्थित है।
  • तटरेखा विशेषता: इस महाद्वीप का कोई भी देश भू-आबद्ध नहीं है।
    • अर्थात सभी देशों की सीमा किसी न किसी सागर या महासागर से लगती है।

02 मुख्य विभाजन, सीमाएं, मध्य अमेरिका एवं वेस्टइंडीज

उत्तरी अमेरिका के मुख्य भूभाग में चार बड़े क्षेत्र आते हैं।

प्रमुख देश

  • कनाडा: राजधानी — ओटावा। यह विश्व की सबसे लंबी तटरेखा वाला देश है।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका: राजधानी — वाशिंगटन डी.सी.।
    • मुख्य भूमि के अलावा अलास्का और हवाई द्वीप भी इसी के हिस्से हैं।
  • मेक्सिको: राजधानी — मेक्सिको सिटी।
  • ग्रीनलैंड: राजधानी — नूक।
ध्यान दें — ग्रीनलैंड
  • ग्रीनलैंड भौगोलिक रूप से उत्तरी अमेरिका का हिस्सा है, लेकिन राजनैतिक रूप से इस पर डेनमार्क (एक यूरोपीय देश) का अधिकार है।

महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय सीमाएं

  • संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा: इन दोनों के बीच 49वीं समानांतर रेखा (49° उत्तरी अक्षांश) सीमा बनाती है।
    • इसे विश्व की सबसे लंबी और शांत सीमा कहा जाता है।
    • महान झीलें और सेंट लॉरेंस नदी भी इनके बीच सीमा का निर्धारण करती हैं।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका और मेक्सिको: इन दोनों देशों के बीच रियो ग्रांडे नदी प्राकृतिक सीमा बनाती है।
उत्तरी अमेरिका का राजनैतिक मानचित्र — कनाडा, संयुक्त राज्य अमेरिका, मेक्सिको, ग्रीनलैंड, मध्य अमेरिका व कैरेबियाई देशों की सीमाएं व राजधानियां सहित
उत्तरी अमेरिका राजनैतिक मानचित्र — प्रमुख देश, राजधानियां व शहर

मध्य अमेरिका — 7 देश

मध्य अमेरिका का मानचित्र — बेलीज़, ग्वाटेमाला, अल साल्वाडोर, होंडुरास, निकारागुआ, कोस्टा रिका व पनामा सहित 7 देश
मध्य अमेरिका मानचित्र — उत्तर में मेक्सिको से दक्षिण में पनामा तक के 7 देश | Image: WorldAtlas / GraphicMaps

मेक्सिको के दक्षिण से लेकर पनामा तक की संकरी भूमि पट्टी को मध्य अमेरिका कहते हैं। इसमें उत्तर से दक्षिण की ओर कुल 7 देश आते हैं।

  1. बेलीज़: राजधानी — बेल्मोपान।
    • इसकी सीमा केवल कैरेबियन सागर (अटलांटिक) से लगती है, प्रशांत महासागर से नहीं।
  2. ग्वाटेमाला: राजधानी — ग्वाटेमाला सिटी।
  3. अल साल्वाडोर: राजधानी — सैन साल्वाडोर।
    • इसकी सीमा केवल प्रशांत महासागर से लगती है, कैरेबियन सागर से नहीं। परीक्षा के लिए यह फैक्ट बहुत महत्वपूर्ण है।
  4. होंडुरास: राजधानी — टेगुसिगाल्पा।
  5. निकारागुआ: राजधानी — मनागुआ।
  6. कोस्टा रिका: राजधानी — सैन जोस।
  7. पनामा: राजधानी — पनामा सिटी।
    • यही देश पनामा स्थलडमरूमध्य के माध्यम से दक्षिण अमेरिका महाद्वीप से जुड़ता है।

वेस्टइंडीज / कैरेबियन द्वीप समूह

वेस्टइंडीज / कैरेबियन द्वीप समूह का राजनैतिक मानचित्र — ग्रेटर एंटिल्स, लेसर एंटिल्स व बहामास द्वीप समूह सहित
वेस्टइंडीज / कैरेबियन द्वीप समूह का राजनैतिक मानचित्र | Image: Alamy

यह अटलांटिक महासागर और कैरेबियन सागर के बीच फैले द्वीपों का एक बड़ा समूह है। भौगोलिक रूप से इन्हें तीन मुख्य भागों में बांटा जाता है।

क) ग्रेटर एंटिल्स — बड़े द्वीप

कैरेबियन सागर के उत्तर में स्थित बड़े द्वीपों को ग्रेटर एंटिल्स कहते हैं। इसमें मुख्य रूप से 4 बड़े द्वीप/देश आते हैं:

  1. क्यूबा: राजधानी — हवाना।
    • इसे 'विश्व का चीनी का कटोरा' कहा जाता है।
    • क्यूबा से जुड़ी महत्वपूर्ण जलसंधियां:
      • फ्लोरिडा जलडमरूमध्य: यह क्यूबा को संयुक्त राज्य अमेरिका के फ्लोरिडा कीज़ से अलग करता है और मैक्सिको की खाड़ी को अटलांटिक महासागर से जोड़ता है।
      • युकाटन जलडमरूमध्य: यह क्यूबा को मैक्सिको के युकाटन प्रायद्वीप से अलग करता है और कैरेबियन सागर को मैक्सिको की खाड़ी से जोड़ता है।
  2. हिस्पानियोला:
    • इस एक द्वीप पर दो देश बसे हैं — हैती और डोमिनिकन रिपब्लिक
  3. जमैका: राजधानी — किंग्सटन।
    • यह बॉक्साइट के उत्पादन और अपनी बेहतरीन कॉफी (ब्लू माउंटेन) के लिए प्रसिद्ध है।
  4. प्यूर्टो रिको:
    • यह संयुक्त राज्य अमेरिका के नियंत्रण में एक विशेष क्षेत्र है।

ख) लेसर एंटिल्स — छोटे द्वीप

  • यह कैरेबियन सागर के पूर्वी किनारे पर उत्तर से दक्षिण की ओर फैले छोटे-छोटे द्वीपों की एक श्रृंखला है।
  • इसमें त्रिनिदाद और टोबैगो, बारबाडोस, ग्रेनाडा जैसे छोटे द्वीप देश आते हैं।

ग) बहामास द्वीप समूह

  • यह फ्लोरिडा के ठीक पूर्व में पूरी तरह से अटलांटिक महासागर में स्थित द्वीपों का समूह है।
  • यह कैरेबियन सागर के अंदर नहीं आता, बल्कि उसके उत्तर-पूर्व में है।

03 उत्तरी अमेरिका के 4 प्रमुख भौगोलिक प्रदेश

उत्तरी अमेरिका के मुख्य भूभाग में चार बड़े भौगोलिक प्रदेश आते हैं — आगे के चार सेक्शन में इन्हें विस्तार से पढ़ेंगे।

  1. पश्चिमी कार्डीलेरा: यह महाद्वीप के पश्चिमी तट पर स्थित विशाल पर्वतीय और पठारी तंत्र है (जैसे — रॉकी पर्वत, कैस्केड श्रेणी)।
  2. कनाडियन शील्ड: यह उत्तरी अमेरिका का सबसे प्राचीन और कठोर चट्टानों वाला क्षेत्र है जो कनाडा के बड़े हिस्से में फैला है।
  3. मध्यवर्ती विशाल मैदान: यह रॉकी पर्वत और कनाडियन शील्ड के बीच स्थित उपजाऊ मैदानी क्षेत्र है (जैसे — महान मैदान और मिसिसिपी-मिसौरी बेसिन)।
  4. पूर्वी उच्च भूमि / अपलेशियन पर्वत: यह महाद्वीप के पूर्वी तट के समानांतर स्थित प्राचीन अवशिष्ट पर्वतों की श्रृंखला है।

04 पश्चिमी कार्डीलेरा

उत्तरी अमेरिका के पश्चिमी तट के समानांतर विस्तृत पर्वतों, पठारों और घाटियों के इस जटिल तंत्र को 'पश्चिमी कार्डीलेरा' कहा जाता है।

उत्तरी अमेरिका के भौतिक प्रदेशों का मानचित्र — पश्चिमी तट पर फैली पश्चिमी कार्डीलेरा (रॉकी पर्वत, तटीय श्रेणियां व पठार) सहित चारों प्रमुख भौगोलिक प्रदेश
उत्तरी अमेरिका के 4 भौतिक प्रदेश — पश्चिम में पश्चिमी कार्डीलेरा (रॉकी पर्वत व तटीय श्रेणियां) का विस्तार देखें

परिचय एवं टेक्टोनिक उत्पत्ति

  • लंबाई: यह एंडीज़ पर्वत (दक्षिण अमेरिका) के बाद विश्व की दूसरी सबसे लंबी भू-आधारीय पर्वत प्रणाली है।
  • टेक्टोनिक उत्पत्ति: इसका निर्माण मुख्य रूप से फरालोन प्लेट और उत्तरी अमेरिकी प्लेट के अभिसरण के परिणामस्वरूप हुए 'लारामाइड ओरोजेनी' के दौरान हुआ।
    • यहाँ फरालोन प्लेट का सबडक्शन अत्यंत कम कोण पर हुआ, जिससे पर्वतों का उभार महाद्वीप के काफी भीतर तक हुआ।

क) सुदूर उत्तरी क्षेत्र (अलास्का एवं उत्तरी कनाडा)

सबसे उत्तर में स्थित भौगोलिक संरचनाएं:

अलास्का भौतिक मानचित्र — बेरिंग जलसंधि, ब्रुक्स श्रेणी, अलास्का श्रेणी (माउंट डेनाली), माउंट सैनफोर्ड, माउंट लोगान, युकोन का पठार व मैकेंज़ी पर्वत
अलास्का व उत्तरी कनाडा — ब्रुक्स श्रेणी, अलास्का श्रेणी (डेनाली), माउंट लोगान व युकोन पठार की स्थिति
  • ब्रुक्स श्रेणी: यह उत्तरी अमेरिका की सबसे उत्तरतम पर्वत श्रृंखला है (आर्कटिक वृत्त के समीप स्थित)।
  • अलास्का श्रेणी: यह ब्रुक्स श्रेणी के दक्षिण में (अलास्का प्रांत में) स्थित है। यह प्रशांत और उत्तरी अमेरिकी प्लेटों के सक्रिय टकराव क्षेत्र का हिस्सा है।
    • सर्वोच्च चोटी: माउंट डेनाली — 6,190 मीटर। यह पूरे उत्तरी अमेरिका महाद्वीप की सबसे ऊँची चोटी है (पूर्व नाम: माउंट मैकिनले)।
    • 'देनाली' का अर्थ होता है — "वह जो ऊँचा है"।
  • लोगान पर्वत: अलास्का श्रेणी के दक्षिण में स्थित, यह कनाडा की सबसे ऊँची चोटी तथा उत्तरी अमेरिका की दूसरी सबसे ऊँची चोटी है।
  • युकोन का पठार: यह अलास्का और उत्तरी कनाडा के मध्य स्थित एक उच्च भूमि/अंतर्पर्वतीय पठार है।

ख) मध्य-उत्तरी क्षेत्र

अलास्का से दक्षिण की ओर बढ़ने पर:

मध्य-उत्तरी क्षेत्र का भौतिक मानचित्र — तटीय श्रेणी, रॉकी पर्वत, ब्रिटिश कोलंबिया का पठार, कैस्केड श्रेणी व कोलंबिया का पठार
कनाडा व उत्तरी संयुक्त राज्य अमेरिका — तटीय श्रेणी, रॉकी पर्वत, ब्रिटिश कोलंबिया पठार, कैस्केड श्रेणी व कोलंबिया पठार की स्थिति
  • तटीय श्रेणी: यह प्रशांत महासागर के तट के बिल्कुल समानांतर (मुख्यतः कनाडा में) विस्तृत है।
  • ब्रिटिश कोलंबिया का पठार: यह कनाडा में तटीय श्रेणी और रॉकी पर्वत के मध्य स्थित एक अंतर-पर्वतीय पठार है।
    परीक्षा तथ्य — प्रशान्त महासागर के पूर्वी तट पर स्थित ब्रिटिश कोलम्बिया को पर्वतों का सागर कहा जाता है।
  • कैस्केड श्रेणी: यह तटीय श्रेणी के दक्षिण में स्थित है।
    • यह 'जुआन डी फूका प्लेट' के सबडक्शन से निर्मित एक सक्रिय ज्वालामुखी श्रृंखला है।
    • प्रमुख ज्वालामुखी: माउंट रेनियर, माउंट सेंट हेलेंस
  • कोलंबिया का पठार: यह कोस्ट रेंज (तटीय श्रेणी) तथा रॉकी पर्वत के मध्य स्थित एक अंतर्पर्वतीय पठार है।
    • निर्माण एवं मृदा: यह ज्वालामुखी से निर्मित पठार है, अतः यह काली मृदा से संपन्न है और कृषि के लिए उपयोगी है।
    • सूटकेस फार्मिंग: शीत ऋतु में यह पठार बर्फ से ढका रहता है, केवल ग्रीष्म ऋतु में यहाँ खेती की जाती है। इसलिए इस प्रकार की खेती को 'सूटकेस फार्मिंग' कहा जाता है।
    • नदी: कोलंबिया नदी इसी पठार से होकर बहती है।

ग) मध्य एवं दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र

संयुक्त राज्य अमेरिका के मध्य और दक्षिण-पश्चिमी भाग में:

मध्य व दक्षिण-पश्चिमी संयुक्त राज्य अमेरिका का भौतिक मानचित्र — रॉकी पर्वत, सिएरा नेवादा, ग्रेट बेसिन, डेथ वैली, कोलोराडो पठार व ग्रैंड कैन्यन
मध्य व दक्षिण-पश्चिमी संयुक्त राज्य अमेरिका — सिएरा नेवादा, ग्रेट बेसिन, कोलोराडो पठार (ग्रैंड कैन्यन) व रॉकी पर्वत की स्थिति
  • रॉकी पर्वत श्रेणी: यह कार्डीलेरा की सबसे पूर्वी श्रृंखला है।
    • निर्माण: इसका निर्माण उत्तरी अमेरिकी प्लेट तथा प्रशांत महासागरीय प्लेट के अभिसरण से हुआ है।
    • विशेषता: यह एक नवीन वलित पर्वत श्रृंखला है।
    • विस्तार एवं लंबाई: इसका विस्तार उत्तरी अमेरिका में उत्तर से दक्षिण तक पाया जाता है। यह विश्व की दूसरी सबसे लंबी पर्वत श्रेणी है।
    • सर्वोच्च चोटी: माउंट एल्बर्ट (4,594 मीटर)।
    • संसाधन: यह श्रेणी ताँबे के भंडार के लिए विख्यात है।
    • जल विभाजक: यह 'महान महाद्वीपीय जल विभाजक' का कार्य करता है — उत्तरी अमेरिका की अधिकतर नदियों का उद्गम यहीं से होता है (जैसे कोलंबिया नदी, रियो ग्रांडे नदी और कोलोराडो नदी)।
    • स्थानीय पवन: इसके पूर्वी ढालों पर 'चिनूक' नामक गर्म हवा चलती है, जिसे 'हिम भक्षी' कहा जाता है।
  • सिएरा नेवादा: संयुक्त राज्य अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया प्रांत में स्थित यह विश्व की सबसे बड़ी ब्लॉक पर्वत श्रेणी है।
    • सर्वोच्च चोटी: माउंट व्हिटनी।
    • डेथ वैली (मृत घाटी): यह सिएरा नेवादा के पूर्व में स्थित एक भ्रंश घाटी है। इस क्षेत्र में उत्तरी अमेरिका का सबसे निम्नतम बिंदु (-86 मीटर) स्थित है और यह विश्व का सबसे गर्म स्थल है।
      • परीक्षा बिंदु: प्रसिद्ध ‘शैतान का गोल्फ कोर्स’ (Devil’s Golf Course) डेथ वैली, कैलिफ़ोर्निया में स्थित है।
  • ग्रेट बेसिन पठार: सिएरा नेवादा तथा रॉकी पर्वत शृंखला के मध्य स्थित यह एक अंतर्पर्वतीय (वृष्टि छाया) पठार है।
    • जलवायु: इस पठार में शुष्क एवं अर्द्धशुष्क परिस्थितियाँ पायी जाती हैं।
    • लवणीय झीलें: इस क्षेत्र में अनेकों लवणीय झीलें पायी जाती हैं। ग्रेट सॉल्ट लेक विश्व की तीसरी सर्वाधिक लवणीय झील है।

लवणता के आधार पर विश्व की शीर्ष झीलें

क्रमझीलस्थान
1वॉन झीलतुर्की
2मृत सागरइज़राइल–जॉर्डन
3ग्रेट सॉल्ट लेकसंयुक्त राज्य अमेरिका (ग्रेट बेसिन)
  • कोलोराडो का पठार: संयुक्त राज्य अमेरिका तथा मैक्सिको में स्थित यह एक अंतर्पर्वतीय पठार है। यहाँ गर्म एवं शुष्क जलवायु पायी जाती है।
    • संरचना: यह पठार चूना पत्थर चट्टानों से निर्मित है।
    • अपरदन एवं कैनियन: इस पठार के ऊपर से कोलोरेडो नदी बहती है। यह नदी यहाँ अवनलिका अपरदन कर बीहड़ का निर्माण करती है तथा विश्व के सबसे बड़े/लंबे कैनियन का निर्माण करती है, जिन्हें 'ग्रैंड कैनियन' कहा जाता है।
ध्यान दें
  • विश्व का सबसे गहरा कैनियन सिंधु नदी बनाती है, ग्रैंड कैनियन नहीं — ग्रैंड कैनियन विश्व का सबसे बड़ा/लंबा कैनियन है।

घ) सुदूर दक्षिणी क्षेत्र

कार्डीलेरा के सबसे दक्षिणी हिस्से में:

  • प्रमुख मरुस्थल: यहाँ वृष्टि छाया प्रभाव के कारण बड़े मरुस्थल पाए जाते हैं।
    • मोजावे मरुस्थल (जिसका हिस्सा डेथ वैली है), सोनोरन मरुस्थल और चिहुआहुआन मरुस्थल प्रमुख हैं।
  • सिएरा माद्रे श्रेणियां: मेक्सिको में रॉकी पर्वत का विस्तार दो शाखाओं में बंट जाता है — सिएरा माद्रे ओरिएंटल (पूर्वी) और सिएरा माद्रे ऑक्सिडेंटल (पश्चिमी)।
  • मैक्सिको का पठार: इन दोनों श्रेणियों के मध्य स्थित यह क्षेत्र अंतःस्थलीय अपवाह तंत्र के लिए जाना जाता है। यह पठार चाँदी के लिए प्रसिद्ध है।

05 कैनेडियन शील्ड

परिचय एवं भौगोलिक विस्तार

  • कैनेडियन शील्ड (जिसे लॉरेंशियन पठार भी कहा जाता है) उत्तरी अमेरिका महाद्वीप का सबसे प्राचीन और कठोर भूखंड है।
  • यह हडसन की खाड़ी को अंग्रेजी के 'U' आकार में घेरे हुए है।
  • विस्तार: यह कनाडा के लगभग आधे हिस्से को कवर करता है और दक्षिण में संयुक्त राज्य अमेरिका के कुछ हिस्सों (जैसे न्यूयॉर्क के एडिरोंडैक पर्वत और सुपीरियर उच्चभूमि) तक फैला है।
कैनेडियन शील्ड के विस्तार का मानचित्र — हडसन की खाड़ी को 'U' आकार में घेरे कनाडा के अधिकांश भाग व उत्तरी संयुक्त राज्य अमेरिका (मिनेसोटा, मिशिगन, न्यूयॉर्क) तक फैला गुलाबी रंग का क्षेत्र
कैनेडियन शील्ड का सटीक विस्तार (गुलाबी क्षेत्र) — नूनावुत, नॉर्थवेस्ट टेरिटरीज़, क्यूबेक, ओंटारियो व मैनिटोबा तक | Image: Encyclopaedia Britannica

भूवैज्ञानिक संरचना एवं हिमनदीकरण

  • चट्टानें: यह मुख्य रूप से प्रीकैम्ब्रियन युग की प्राचीन आग्नेय और रूपांतरित चट्टानों से बना है।
  • हिमनदियों का प्रभाव: प्लिस्टोसीन युग के दौरान यह पूरा क्षेत्र भारी बर्फ की चादरों से ढका था।
  • परिणाम: जब ग्लेशियर पीछे हटे, तो वे यहाँ की उपजाऊ मिट्टी को अपने साथ बहा ले गए।
    • इसलिए यहाँ मिट्टी की परत बहुत पतली है या चट्टानें बिल्कुल नग्न हैं, जिसके कारण यह क्षेत्र कृषि के लिए उपयुक्त नहीं है।

क) प्रमुख झीलें (उत्तर से दक्षिण का सटीक क्रम)

ग्लेशियरों के खिसकने से यहाँ कई गड्ढे बन गए, जिनमें पानी भरने से मीठे पानी की झीलों का निर्माण हुआ। इन झीलों को कैनेडियन शील्ड की सीमा पर उत्तर से दक्षिण के क्रम में याद रखना परीक्षाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

कनाडा की प्रमुख झीलों व नदियों का मानचित्र — ग्रेट बियर झील, ग्रेट स्लेव झील, अथाबास्का झील, रेंडियर झील व विन्निपेग झील सहित उत्तर से दक्षिण क्रम में स्थिति
कनाडा की प्रमुख झीलें व नदियाँ — उत्तर से दक्षिण क्रम में स्थिति देखें
  1. ग्रेट बियर झील: 'ग्रेट बियर झील' पूर्ण रूप से कनाडा में स्थित सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है।
    • यहीं से आर्कटिक वृत्त गुजरता है।
  2. ग्रेट स्लेव झील: ग्रेट स्लेव झील उत्तरी अमेरिका की सबसे गहरी झील है।
    • मैकेंज़ी नदी: कनाडा की सबसे लंबी नदी, मैकेंज़ी नदी, का उद्गम इसी ग्रेट स्लेव झील से होता है। यह यहाँ से निकलकर उत्तर की ओर बहते हुए आर्कटिक महासागर (ब्यूफोर्ट सागर) में गिरती है।
    • येलोनाइफ शहर: इसी झील के तट पर 'येलोनाइफ' शहर स्थित है, जो स्वर्ण के खनन के लिए विश्व विख्यात है।
  3. अथाबास्का झील: इसके तट पर प्रसिद्ध 'यूरेनियम सिटी' स्थित है।
  4. रेंडियर झील
  5. विन्निपेग झील: इसके किनारे स्थित 'विन्निपेग' शहर को 'विश्व की गेहूँ की मंडी' कहा जाता है।
ध्यान दें
  • इन झीलों के ठीक दक्षिण में संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा की सीमा पर 'महान झीलें' स्थित हैं।

ख) आर्थिक और रणनीतिक महत्व (खनिज एवं ऊर्जा)

भले ही कैनेडियन शील्ड में कृषि नहीं होती, लेकिन यह 'खनिजों का भंडार' है। यहाँ का बुनियादी ढांचा पूरी तरह से खनन और ऊर्जा पर आधारित है।

  • सडबरी खान: यह ओंटारियो प्रांत में स्थित है और विश्व में निकल, प्लैटिनम और तांबे के उत्पादन के लिए सबसे प्रसिद्ध है।
  • यूरेनियम सिटी: अथाबास्का झील के पास स्थित यह क्षेत्र यूरेनियम के खनन के लिए विश्व विख्यात है।
  • लौह अयस्क: क्यूबेक-लैब्राडोर सीमा उच्च कोटि के लौह अयस्क के लिए प्रसिद्ध है।
  • स्वर्ण: ग्रेट स्लेव झील के पास स्थित येलोनाइफ क्षेत्र और ओंटारियो सोने के खनन के प्रमुख केंद्र हैं।

जलविद्युत ऊर्जा

शील्ड के बाहरी किनारों पर नदियाँ जब पठार से नीचे गिरती हैं, तो वे झरने और रैपिड्स बनाती हैं। इस ढलान का उपयोग बड़े पैमाने पर जलविद्युत उत्पन्न करने के लिए किया जाता है।

ग) जलवायु एवं वनस्पति

  • टुंड्रा: शील्ड का सुदूर उत्तरी भाग (आर्कटिक के करीब) टुंड्रा जलवायु वाला है, जहाँ पर्माफ्रॉस्ट पाई जाती है।
    • यहाँ केवल काई और लाइकेन उगते हैं।
  • टैगा या बोरियल वन: शील्ड के मध्य और दक्षिणी भागों में दुनिया के सबसे बड़े शंक्वाकार/कोणधारी वन पाए जाते हैं।
    • आर्थिक उपयोग: ये वन सॉफ्टवुड के प्रमुख स्रोत हैं। इसी कारण कनाडा विश्व में अखबारी कागज और लुगदी उद्योग में अग्रणी है (मुख्य केंद्र: मॉन्ट्रियल और क्यूबेक)।
    • यहाँ लकड़ी काटने वाले मजदूरों को लंबरजैक कहा जाता है।

06 अपलेशियन पर्वत तंत्र

अपलेशियन हाइलैंड्स के भौतिक प्रदेशों का मानचित्र — एडिरोंडैक, अपलेशियन पठार, ब्लू रिज, न्यू इंग्लैंड, पीडमोंट, सेंट लॉरेंस वैली व वैली एंड रिज सहित सातों उप-प्रदेश
अपलेशियन हाइलैंड्स डिवीज़न के भौतिक प्रदेश | Source: USGS, based on Fenneman (1946)

परिचय एवं भूवैज्ञानिक निर्माण

उत्तरी अमेरिका के पूर्वी तट के समानांतर स्थित यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्वत श्रृंखला है।

  • पर्वत का प्रकार: यह एक प्राचीन वलित पर्वत है। वर्तमान में अत्यधिक अपरदन के कारण यह घिस चुका है और अब एक अवशिष्ट पर्वत का रूप ले चुका है।
परीक्षा तुलना — अरावली से
  • परीक्षाओं में अक्सर इसकी तुलना भारत के अरावली पर्वत से की जाती है, क्योंकि दोनों ही प्राचीन अवशिष्ट/वलित पर्वत हैं।
  • निर्माण काल में अंतर: दोनों का निर्माण काल एक समान नहीं है — अरावली पर्वत का निर्माण प्री-कैम्ब्रियन काल में हुआ था, जबकि अपलेशियन पर्वत का निर्माण उससे बाद के पैलियोजोइक महाकल्प में हुआ। अतः अरावली, अपलेशियन से भी अधिक प्राचीन है।

भौगोलिक विस्तार

यह पर्वत तंत्र महाद्वीप के पूर्वी हिस्से में उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा में फैला हुआ है।

  • विस्तार क्षेत्र: इसका विस्तार उत्तर में कनाडा के न्यूफाउंडलैंड प्रांत से लेकर दक्षिण में संयुक्त राज्य अमेरिका के मध्य अलबामा राज्य तक है।
  • प्रमुख श्रेणियां: इस तंत्र में ब्लू रिज पर्वत, वाइट माउंटेन और ग्रीन माउंटेन जैसी छोटी-छोटी श्रेणियां शामिल हैं।
  • सर्वोच्च शिखर: इसकी सबसे ऊँची चोटी माउंट मिशेल है, जिसकी ऊँचाई 2,037 मीटर है। यह ब्लू रिज पर्वत श्रेणी में स्थित है।

क) प्रमुख भौगोलिक संरचनाएं

अपलेशियन क्षेत्र अपनी विशिष्ट भौगोलिक स्थलाकृतियों के लिए जाना जाता है:

  • पीडमोंट का पठार: अपलेशियन पर्वत के पूर्वी ढाल (तलहटी) और अटलांटिक महासागर के तटीय मैदानों के बीच स्थित यह एक गिरिपाद या पर्वतपदीय पठार है।
  • प्रपात रेखा: जब नदियाँ अपलेशियन पर्वत और पीडमोंट पठार की कठोर चट्टानों से उतरकर अटलांटिक के तटीय मैदानों (मुलायम चट्टानों) में गिरती हैं, तो वे एक पंक्ति में कई जलप्रपात बनाती हैं। इस काल्पनिक रेखा को भूगोल में 'फॉल लाइन' कहा जाता है।

ख) अपलेशियन क्षेत्र का आर्थिक एवं औद्योगिक महत्व

  • कोयला उत्पादन: पश्चिमी कार्डीलेरा (तांबे) की तर्ज पर, अपलेशियन क्षेत्र उत्तरी अमेरिका का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक है, जहाँ पेन्सिलवेनिया में उच्च कोटि का एंथ्रेसाइट और बिटुमिनस कोयला मिलता है।
  • जलविद्युत एवं सूती वस्त्र उद्योग: 'फॉल लाइन' (प्रपात रेखा) पर स्थित झरनों की तीव्र जलधारा से सस्ती जलविद्युत उत्पन्न की जाती है, जिससे इसके किनारे सूती वस्त्र उद्योगों और औद्योगिक नगरों का भारी विकास हुआ है।
  • बर्मिंघम: अपलेशियन के दक्षिणी छोर पर स्थित यह शहर अपने भारी लौह-इस्पात उद्योग के कारण 'दक्षिण का पिट्सबर्ग' कहलाता है।
  • खनिज तेल: पेन्सिलवेनिया का टाइटसविले क्षेत्र ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, जहाँ 1859 में विश्व का प्रथम व्यावसायिक तेल कुआं 'ड्रेक वेल' खोदा गया था।

07 मध्यवर्ती विशाल मैदान

पश्चिमी कार्डीलेरा (रॉकी पर्वत) और पूर्वी उच्च भूमि (अपलेशियन पर्वत) के बीच एक बहुत बड़ा, चपटा और लहरदार मैदानी भाग स्थित है। इसे ही मध्यवर्ती विशाल मैदान कहा जाता है।

  • विस्तार: यह उत्तर में कनाडाई शील्ड/आर्कटिक तट से लेकर दक्षिण में मैक्सिको की खाड़ी के तटीय मैदानों तक फैला हुआ है।
  • निर्माण: इस मैदान का निर्माण मुख्य रूप से नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ मिट्टी और प्राचीन हिमनदों के निक्षेपण से हुआ है।

इस पूरे मैदानी भाग का सबसे महत्वपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी हिस्सा 'प्रेयरी घास के मैदान' हैं, जिनसे राज्य सेवा परीक्षाओं में सीधे प्रश्न बनते हैं।

उत्तरी अमेरिका के भौतिक प्रदेशों का मानचित्र — मध्य भाग में फैले प्रेयरीज़ व मध्यवर्ती मैदान सहित चारों प्रमुख भौगोलिक प्रदेश
उत्तरी अमेरिका के 4 भौतिक प्रदेश — पश्चिमी कार्डीलेरा व कैनेडियन शील्ड के बीच मध्यवर्ती विशाल मैदान (प्रेयरीज़) का विस्तार देखें

क) प्रेयरी घास के मैदान

यह रॉकी पर्वत के पूर्व में स्थित शीतोष्ण कटिबंधीय घास के मैदान हैं। इनका विस्तार कनाडा (अल्बर्टा, सस्केचेवान, मैनिटोबा) और संयुक्त राज्य अमेरिका के मध्य भाग में है।

विश्व के घास के मैदानों का मानचित्र — उत्तरी अमेरिका की प्रेयरीज़ सहित पम्पास, स्टेप्स, डाउंस व सवाना
विश्व के घास के मैदान — उत्तरी अमेरिका में प्रेयरीज़ (रॉकी पर्वत के पूर्व, शीतोष्ण) | Image: Drishti IAS

परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

  • मृदा: इन मैदानों में 'चेर्नोज़म' नामक मिट्टी पाई जाती है। यह गहरे काले/भूरे रंग की अत्यधिक उपजाऊ मिट्टी होती है, जिसमें ह्यूमस (जीवांश) की मात्रा बहुत अधिक होती है।
  • 'विश्व की रोटी की टोकरी': अपनी उपजाऊ मिट्टी के कारण यह क्षेत्र दुनिया में गेहूँ के सबसे बड़े उत्पादक क्षेत्रों में से एक है।
    • कनाडा में वसंतकालीन और संयुक्त राज्य अमेरिका में शीतकालीन गेहूँ भारी मात्रा में उगाया जाता है।
  • मक्का पेटी: संयुक्त राज्य अमेरिका के मध्य भाग (जैसे आयोवा और इलिनोइस राज्य) को विश्व की 'मक्का पेटी' कहा जाता है।
    • लिंकिंग फैक्ट: यहाँ मक्का मुख्य रूप से इंसानों के लिए नहीं, बल्कि सूअरों और मवेशियों को मोटा करने के लिए खिलाया जाता है। इसी कारण इस क्षेत्र के आस-पास मांस प्रसंस्करण उद्योग का भारी विकास हुआ है, जिसका सबसे बड़ा ऐतिहासिक केंद्र शिकागो रहा है।
  • चिनूक पवन का प्रभाव: रॉकी पर्वत से नीचे उतरने वाली गर्म 'चिनूक' पवन प्रेयरी मैदानों की बर्फ को सर्दियों के अंत में तेजी से पिघला देती है, जिससे पशुओं के चरने के लिए घास उपलब्ध हो जाती है और किसानों को गेहूँ बोने में मदद मिलती है।
  • पशुपालन एवं रेंच: प्रेयरी के पश्चिमी भाग (जहाँ वर्षा कम होती है) में कृषि के बजाय पशुपालन किया जाता है।
    • यहाँ पशुओं को पालने वाले बहुत विशाल फार्म होते हैं जिन्हें 'रेंच' कहा जाता है।
    • इन फार्मों की देखभाल करने वाले मजदूरों को 'काउबॉय' कहते हैं।

ख) दक्षिणी तटीय मैदान और खनिज

मध्यवर्ती मैदान जब दक्षिण में मैक्सिको की खाड़ी की ओर बढ़ते हैं, तो वे तटीय मैदानों में बदल जाते हैं।

  • पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस: मैदानों का यह दक्षिणी हिस्सा कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के विशाल भंडारों के लिए विश्व विख्यात है।
  • कपास पेटी: संयुक्त राज्य अमेरिका के दक्षिणी मैदानी भागों (मिसिसिपी के मैदानी क्षेत्र) में पाला-रहित दिन और उपयुक्त जलवायु होने के कारण कपास की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है।

08 उत्तरी अमेरिका की प्रमुख झीलें

ध्यान दें
  • ग्रेट बियर झील, ग्रेट स्लेव झील, अथाबास्का झील, रेंडियर झील और विन्निपेग झील — ये कैनेडियन शील्ड की सीमा पर स्थित झीलें "05 कैनेडियन शील्ड" सेक्शन में कवर की गई हैं।

क) महान झीलें

उत्तरी अमेरिका की 'महान झीलें' 5 ताजे (मीठे) पानी की झीलों का एक समूह हैं। प्लिस्टोसीन युग में हिमनदों के पिघलने से इनका निर्माण हुआ था।

  • उत्तर से दक्षिण क्रम: सुपीरियर, मिशिगन, ह्यूरॉन, ईरी और ओंटारियो
  • स्थिति: ये झीलें संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा की सीमा पर स्थित हैं।
  • अपवाद: 5 झीलों में से मिशिगन झील पूरी तरह से संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित है, जबकि बाकी 4 झीलें दोनों देशों की सीमा बनाती हैं।
  • अपवाह तंत्र: इन झीलों का पानी सेंट लॉरेंस नदी के माध्यम से अटलांटिक महासागर में गिरता है।
  • परीक्षा में अंतर याद रखें: ईरी झील जल-आयतन के आधार पर महान झीलों में सबसे छोटी तथा सबसे उथली है, जबकि ओंटारियो झील क्षेत्रफल के आधार पर सबसे छोटी है।
उत्तरी अमेरिका की महान झीलों का मानचित्र — सुपीरियर, मिशिगन, ह्यूरन, इरी व ओंटारियो झील सहित सीमावर्ती शहर, नहरें और नियाग्रा जलप्रपात
महान झीलें — पश्चिम से पूर्व क्रम में सुपीरियर से ओंटारियो तक

पश्चिम से पूर्व की ओर इनका भौगोलिक क्रम और प्रमुख तथ्य इस प्रकार हैं:

  1. सुपीरियर झील: यह विश्व की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील (क्षेत्रफल के अनुसार) है।
    • इसके आस-पास का मेसाबी रेंज लौह अयस्क के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
    • डुलुथ शहर इसी के किनारे बसा है, जो एक प्रमुख लौह-इस्पात केंद्र है।
    • सू नहर: यह नहर सुपीरियर झील को ह्यूरन झील से जोड़ती है।
  2. मिशिगन झील: यह एकमात्र महान झील है जो पूरी तरह से संयुक्त राज्य अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में है।
    • शिकागो: यह विश्व की सबसे बड़ी मांस मंडी और प्रमुख कृषि बाजार है। यह मिशिगन के तट पर स्थित है।
    • गैरी: यह संयुक्त राज्य अमेरिका का एक बहुत बड़ा लौह-इस्पात औद्योगिक केंद्र है।
  3. ह्यूरन झील: यह सुपीरियर और मिशिगन के पानी को प्राप्त करती है।
    • इसके कनाडाई तट के पास सडबरी स्थित है, जो विश्व में निकल, तांबे और प्लैटिनम के उत्पादन के लिए मशहूर है।
  4. इरी झील: यह जल-आयतन के आधार पर महान झीलों में सबसे छोटी तथा सबसे उथली झील है। इसे औद्योगिक कचरे से अत्यधिक प्रभावित झीलों में भी गिना जाता है।
    • डेट्रॉइट शहर इसी के किनारे स्थित है, जिसे विश्व की 'ऑटोमोबाइल राजधानी' कहा जाता है।
    • नियाग्रा जलप्रपात: इरी और ओंटारियो झील के बीच नियाग्रा नदी बहती है, जिस पर विश्व प्रसिद्ध नियाग्रा जलप्रपात स्थित है।
    • वेलैंड नहर: यह नहर इरी झील को ओंटारियो झील से जोड़ती है (ताकि जहाज नियाग्रा जलप्रपात को पार कर सकें)।
  5. ओंटारियो झील: यह क्षेत्रफल के हिसाब से महान झीलों में सबसे छोटी है।
    • यहीं से सेंट लॉरेंस नदी का उद्गम होता है।
    • कनाडा के प्रमुख शहर टोरंटो और हैमिल्टन (कनाडा का बर्मिंघम) इसी झील के किनारे बसे हैं।

ख) ग्रेट सॉल्ट लेक

पश्चिमी कार्डीलेरा में स्थित यह झील अपनी उच्च लवणता के लिए जानी जाती है।

  • स्थान: यह संयुक्त राज्य अमेरिका के यूटा राज्य में स्थित है।
  • ग्रेट बेसिन: यह सिएरा नेवादा और रॉकी पर्वत श्रृंखला के बीच स्थित 'ग्रेट बेसिन' (एक वृष्टि छाया पठार) का हिस्सा है।
  • अंतःस्थलीय अपवाह: इस झील का पानी किसी समुद्र या महासागर में नहीं गिरता। नदियां इसमें पानी लाती हैं, लेकिन पानी सिर्फ वाष्पीकरण के जरिए ही बाहर निकलता है, जिससे खनिज और नमक यहीं जमा हो जाते हैं।
  • इतिहास: यह प्रागैतिहासिक काल की एक बहुत विशाल मीठे पानी की झील, 'लेक बोनेविले' का बचा हुआ खारा अवशेष है।
परीक्षा-उपयोगी तथ्य
  • लवणता: यह अमेरिका की सबसे बड़ी खारे पानी की झील है। परीक्षाओं के पारंपरिक आंकड़ों के अनुसार, वॉन झील (तुर्की) और मृत सागर (जॉर्डन-इज़राइल) के बाद इसे विश्व की तीसरी सर्वाधिक लवणीय झील माना जाता है।
  • प्रमुख शहर: यूटा राज्य की राजधानी 'सॉल्ट लेक सिटी' इसी झील के किनारे स्थित है।
  • खनिज: यह झील मैग्नीशियम, पोटाश और नमक निष्कर्षण का एक बहुत बड़ा औद्योगिक स्रोत है।

09 उत्तरी अमेरिका की जलीय सीमाएं — सागर, खाड़ियां, जलसंधियां एवं जलधाराएं

उत्तरी अमेरिका की पूरी तटरेखा को समझने के लिए इसे उत्तर से दक्षिण तक चार भागों में बांटा जाता है — जमी हुई आर्कटिक सीमा, ठंडी-गर्म जलधाराओं के संगम वाला पूर्वी (अटलांटिक) तट, गर्म पानी से भरी दक्षिणी खाड़ी (मेक्सिको व कैरेबियन), और अंत में पश्चिमी (प्रशांत) तट। हर क्षेत्र की जलसंधियां और उनसे जुड़ी जलधाराओं का आपसी सहसंबंध परीक्षा की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण है।

उत्तरी अमेरिका के महासागर, जलसंधियां, सागर व खाड़ियों का मानचित्र — बेरिंग जलसंधि, हडसन की खाड़ी, डेविस जलसंधि, गल्फ ऑफ मेक्सिको, कैरेबियन सागर व सारगैसो सागर सहित
उत्तरी अमेरिका के प्रमुख सागर, खाड़ियां व जलसंधियां — संपूर्ण तटीय भूगोल एक नज़र में

1. आर्कटिक व लैब्राडोर क्षेत्र (उत्तर एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र)

इस क्षेत्र में ध्रुवीय बर्फीला पानी हावी रहता है। यहाँ की जलसंधियां और उनसे जुड़ी ठंडी जलधाराओं का सहसंबंध परीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।

क) प्रमुख सागर एवं खाड़ियां

  • ब्यूफोर्ट सागर: यह अलास्का और कनाडा के ठीक उत्तर में आर्कटिक महासागर का हिस्सा है।
    • कनाडा की सबसे लंबी 'मैकेंज़ी नदी' इसी में गिरती है।
  • बाफिन की खाड़ी: यह कनाडा के बाफिन द्वीप और ग्रीनलैंड के बीच स्थित है।
  • हडसन की खाड़ी: यह कनाडा के भीतरी भाग में स्थित एक विशाल खाड़ी है।
    • सबसे बड़ा तथ्य: यह विश्व की सबसे लंबी तटरेखा वाली खाड़ी है।

ख) महत्वपूर्ण जलसंधियां और मार्ग

  • बेरिंग जलसंधि:
    • सटीक स्थिति: यह अलास्का के 'सीवार्ड प्रायद्वीप' को रूस के 'चुक्ची प्रायद्वीप' से अलग करती है।
    • किसे जोड़ती है: आर्कटिक महासागर के चुक्ची सागर को प्रशांत महासागर के बेरिंग सागर से।
    • सबसे बड़ा तथ्य: अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा इसी जलसंधि के बीच से गुजरती है।
  • डेविस जलसंधि: यह बाफिन की खाड़ी को दक्षिण में लैब्राडोर सागर से जोड़ती है।
    • सबसे बड़ा तथ्य: यह विश्व की सबसे चौड़ी जलसंधि है।
  • हडसन जलसंधि: यह हडसन की खाड़ी को लैब्राडोर सागर से जोड़ती है।
  • उत्तर-पश्चिमी मार्ग: यह आर्कटिक महासागर के माध्यम से अटलांटिक और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाला समुद्री मार्ग है (ग्लोबल वार्मिंग के कारण बर्फ पिघलने से यह चर्चा में रहता है)।

ग) जलधाराओं से सहसंबंध

  • लैब्राडोर जलधारा: बाफिन की खाड़ी और डेविस जलसंधि से होकर आर्कटिक का बर्फीला पानी जब कनाडा के पूर्वी तट (लैब्राडोर प्रायद्वीप) के सहारे दक्षिण की ओर बहता है, तो उसे 'लैब्राडोर की ठंडी जलधारा' कहा जाता है।
विश्व की महासागरीय जलधाराओं का मानचित्र — लैब्राडोर की ठंडी जलधारा सहित
विश्व की महासागरीय जलधाराएं — उत्तरी अटलांटिक में लैब्राडोर की ठंडी जलधारा

2. पूर्वी तट व जलधाराओं का संगम (अटलांटिक महासागर)

यह क्षेत्र अपनी विशिष्ट खाड़ियों और ठंडी-गर्म जलधाराओं के मिलन के कारण मत्स्य पालन के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है।

फंडी की खाड़ी (Bay of Fundy) का लोकेटर मानचित्र
फंडी की खाड़ी — स्थिति मानचित्र

क) प्रमुख खाड़ियां

  • सेंट लॉरेंस की खाड़ी:
    • महान झीलों का पानी सेंट लॉरेंस नदी के माध्यम से इसी खाड़ी में गिरता है।
    • सबसे बड़ा तथ्य: यह विश्व का सबसे बड़ा ज्वारनदमुख है।
  • फंडी की खाड़ी:
    • यह कनाडा के पूर्वी तट (नोवा स्कोटिया) पर स्थित है।
    • भौगोलिक कारण: अपनी विशिष्ट 'कीपाकार आकृति' के कारण यहाँ विश्व के सबसे ऊंचे ज्वार आते हैं।
  • चेसापीक की खाड़ी: यह संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्वी तट पर स्थित है।
    • राजधानी वाशिंगटन डी.सी. के पास बहने वाली पोटोमैक नदी इसी में गिरती है।

ख) महासागरीय जलधाराओं का संगम

  • ठंडी जलधारा: उत्तर से आने वाली लैब्राडोर की ठंडी जलधारा।
  • गर्म जलधारा: दक्षिण से आने वाली गल्फ स्ट्रीम की गर्म जलधारा।
  • मिलन स्थल: ये दोनों विपरीत जलधाराएं कनाडा के न्यूफाउंडलैंड द्वीप के पास आपस में मिलती हैं।
विश्व की महासागरीय जलधाराओं का मानचित्र — न्यूफाउंडलैंड के पास लैब्राडोर की ठंडी जलधारा व गल्फ स्ट्रीम की गर्म जलधारा के संगम सहित
विश्व की महासागरीय जलधाराएं — न्यूफाउंडलैंड के पास ठंडी व गर्म जलधाराओं का संगम

ग) मिलन का भौगोलिक एवं आर्थिक प्रभाव ('ग्रैंड बैंक')

  • घना कोहरा और 'सेबल द्वीप': गर्म और ठंडे पानी के मिलने से यहाँ घना कोहरा छाता है। इसी कोहरे के कारण न्यूफाउंडलैंड के पास स्थित 'सेबल द्वीप' पर अनगिनत जहाज डूबे हैं, जिससे इसे 'अटलांटिक का कब्रिस्तान' कहा जाता है।
  • प्लैंकटन का विकास: जलधाराओं का यह मिश्रित तापमान समुद्री जीवों, विशेषकर 'प्लैंकटन' (मछलियों का मुख्य भोजन) के विकास के लिए आदर्श स्थिति बनाता है।
  • मत्स्य केंद्र ('ग्रैंड बैंक'): प्लैंकटन की बहुलता के कारण यह क्षेत्र विश्व के सबसे बड़े मत्स्य ग्रहण क्षेत्रों में बदल गया है, जिसे 'ग्रैंड बैंक' कहा जाता है।
    • संयुक्त राज्य अमेरिका के तट पर स्थित जॉर्ज्स बैंक भी इसी का हिस्सा है।

3. मेक्सिको की खाड़ी व कैरेबियन सागर (दक्षिणी क्षेत्र)

यह क्षेत्र विषुवतीय गर्म पानी का विशाल भंडार है। उत्तरी गोलार्ध की सबसे शक्तिशाली गर्म जलधारा का जन्म इसी क्षेत्र की भौगोलिक संरचनाओं (जलसंधियों) के कारण होता है।

मेक्सिको की खाड़ी व कैरेबियन सागर का मानचित्र
मेक्सिको की खाड़ी व कैरेबियन सागर — मानचित्र

क) प्रमुख सागर एवं खाड़ियां

  • मेक्सिको की खाड़ी:
    • सबसे बड़ा तथ्य: यह विश्व की सबसे बड़ी खाड़ी है।
    • उत्तरी अमेरिका की सबसे प्रमुख 'मिसिसिपी नदी' (जो पक्षी के पंजे के आकार का डेल्टा बनाती है) अपना जल इसी खाड़ी में गिराती है।
    • यह तटीय क्षेत्र पेट्रोलियम के विशाल भंडारों के लिए विश्व विख्यात है।
  • कैरेबियन सागर: यह अटलांटिक महासागर का एक सीमांत सागर है, जो ग्रेटर और लेसर एंटिल्स (वेस्टइंडीज) द्वीपों से घिरा हुआ है।
  • सारगैसो सागर:
    • यह उत्तरी अटलांटिक महासागर के बिल्कुल बीच (शांत क्षेत्र) में स्थित है।
    • भौगोलिक विशिष्टता: यह विश्व का एकमात्र ऐसा सागर है जिसकी कोई तटरेखा नहीं है (यह चारों ओर से महासागरीय जलधाराओं से घिरा है)।
    • यह अपनी बिना जड़ वाली विशेष समुद्री घास 'सारगैसम' के लिए जाना जाता है।

ख) महत्वपूर्ण जलसंधियां

इस क्षेत्र की जलसंधियां सीधे तौर पर महासागरीय जलधाराओं के मार्ग और दबाव का निर्माण करती हैं:

  • युकाटन जलसंधि:
    • किसे अलग करती है: यह मेक्सिको के 'युकाटन प्रायद्वीप' को क्यूबा से अलग करती है।
    • किसे जोड़ती है: यह कैरेबियन सागर के पानी को मेक्सिको की खाड़ी से जोड़ती है।
  • फ्लोरिडा जलसंधि:
    • किसे अलग करती है: यह संयुक्त राज्य अमेरिका के 'फ्लोरिडा प्रायद्वीप' को क्यूबा से अलग करती है।
    • किसे जोड़ती है: यह मेक्सिको की खाड़ी को सीधे अटलांटिक महासागर से जोड़ती है।

ग) जलधाराओं से सहसंबंध (गल्फ स्ट्रीम तंत्र का विस्तृत मैकेनिज्म)

'गल्फ स्ट्रीम' कोई एक अकेली जलधारा नहीं है, बल्कि यह अटलांटिक महासागर के विषुवतीय पानी के बहाव का एक पूरा सिस्टम है। इसका निर्माण निम्नलिखित क्रमिक चरणों में होता है:

  1. उत्तरी विषुवतीय जलधारा: व्यापारिक पवनों के प्रभाव से अटलांटिक महासागर का गर्म विषुवतीय पानी बहकर पश्चिम में कैरेबियन सागर की ओर बढ़ता है।
  2. एंटिल्स जलधारा: विषुवतीय जलधारा का एक हिस्सा कैरेबियन सागर के अंदर न जाकर, वेस्टइंडीज (ग्रेटर एंटिल्स) द्वीपों के बाहरी (पूर्वी) किनारे से सीधा उत्तर की ओर बहने लगता है। इसे 'एंटिल्स की गर्म जलधारा' कहते हैं।
  3. कैरेबियन और युकाटन जलधारा: विषुवतीय जलधारा का मुख्य हिस्सा कैरेबियन सागर में प्रवेश करता है और युकाटन जलसंधि से होते हुए मेक्सिको की खाड़ी में भारी मात्रा में गर्म पानी इकट्ठा कर देता है।
  4. फ्लोरिडा जलधारा: मेक्सिको की खाड़ी में इकट्ठा हुआ यह विशाल गर्म पानी जब दबाव के कारण फ्लोरिडा जलसंधि से बहुत तेज़ गति से बाहर (उत्तरी अटलांटिक महासागर में) निकलता है, तो इसे 'फ्लोरिडा की गर्म जलधारा' कहा जाता है।
  5. मुख्य गल्फ स्ट्रीम का निर्माण: जब मेक्सिको की खाड़ी से निकली 'फ्लोरिडा जलधारा' और बाहर से आ रही 'एंटिल्स जलधारा', संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्वी तट पर स्थित 'केप हैटेरस' के पास आपस में मिल जाती हैं, तब जाकर इनकी संयुक्त विशाल धारा को गल्फ स्ट्रीम कहा जाता है।
विश्व की महासागरीय जलधाराओं का मानचित्र — मेक्सिको की खाड़ी, फ्लोरिडा व एंटिल्स जलधारा से बनी गल्फ स्ट्रीम सहित
विश्व की महासागरीय जलधाराएं — गल्फ स्ट्रीम तंत्र का निर्माण
  • भौगोलिक विशेषताएं: यह गहरे नीले रंग की, अत्यधिक चौड़ी और तेज़ बहने वाली गर्म जलधारा है जिसे महासागर के अंदर एक 'नदी' की तरह देखा जाता है।
  • अंतिम प्रभाव ('यूरोप का गर्म कंबल'): पछुवा पवनों के प्रभाव से यह जलधारा अटलांटिक महासागर को पार करके यूरोप के पश्चिमी तट (नॉर्वे, ब्रिटेन) तक पहुँचती है। यह वहाँ का तापमान बढ़ाकर उच्च अक्षांशों पर स्थित बंदरगाहों को सर्दियों में बर्फ से जमने से रोकती है, इसीलिए इसे 'यूरोप का गर्म कंबल' कहा जाता है।

4. पश्चिमी तट (प्रशांत महासागर)

उत्तरी अमेरिका का पश्चिमी तट प्रशांत महासागर से लगा हुआ है। इस क्षेत्र में बहने वाली जलधाराओं का तटीय जलवायु और भौगोलिक संरचनाओं पर सीधा और बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है।

क) प्रमुख सागर एवं खाड़ियां

  • अलास्का की खाड़ी: यह अलास्का के दक्षिण में प्रशांत महासागर का हिस्सा है।
  • कैलिफोर्निया की खाड़ी:
    • यह मेक्सिको की मुख्य भूमि और उसके 'बाजा कैलिफोर्निया प्रायद्वीप' के बीच स्थित एक संकरी खाड़ी है।
    • नदी का मुहाना: विश्व का सबसे बड़ा कैनियन (ग्रैंड कैनियन) बनाने वाली 'कोलोराडो नदी' अपना जल अंततः इसी खाड़ी में गिराती है।

ख) महत्वपूर्ण जलसंधि

  • जुआन डी फूका जलसंधि:
    • सटीक स्थिति: यह कनाडा के 'वैंकूवर द्वीप' को संयुक्त राज्य अमेरिका के वाशिंगटन राज्य से अलग करती है।
    • (लिंकिंग फैक्ट): पश्चिमी कार्डीलेरा में कैस्केड श्रेणी के ज्वालामुखियों का निर्माण करने वाली छोटी टेक्टोनिक प्लेट का नाम 'जुआन डी फूका प्लेट' इसी जलसंधि के नाम पर रखा गया है।

ग) जलधाराओं से सहसंबंध

प्रशांत महासागर की मुख्य जलधारा जब उत्तरी अमेरिका के पश्चिमी तट से टकराती है, तो वह दो शाखाओं (उत्तरी और दक्षिणी) में बंट जाती है, जिनका स्वभाव एक-दूसरे से बिल्कुल विपरीत होता है:

  • कैलिफोर्निया जलधारा:
    • मार्ग: यह दक्षिणी शाखा है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका (कैलिफोर्निया) और मेक्सिको के पश्चिमी तट पर उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है।
    • मरुस्थलों का निर्माण: भूगोल के नियम के अनुसार, महाद्वीपों के पश्चिमी तटों पर बहने वाली ठंडी जलधाराएं वाष्पीकरण को रोक देती हैं, जिससे हवा में नमी खत्म हो जाती है। इसी ठंडी जलधारा के कारण वृष्टि छाया क्षेत्र में पड़ने वाले सोनोरन और मोजावे जैसे बड़े और शुष्क मरुस्थलों का निर्माण हुआ है।
      • नोट: डेथ वैली इसी मोजावे मरुस्थल का हिस्सा है।
  • अलास्का जलधारा:
    • मार्ग: यह उत्तरी शाखा है, जो उत्तर की ओर मुड़कर ठंडे प्रशांत महासागर में अलास्का के तट के सहारे बहती है।
    • प्रभाव: उच्च अक्षांशों (ठंडे ध्रुवीय क्षेत्र) की ओर जाने के बावजूद यह एक गर्म जलधारा है। यह अलास्का के तट के तापमान को थोड़ा बढ़ा देती है, जिससे वहाँ के तटीय बंदरगाह सर्दियों में पूरी तरह बर्फ से जमने से बच जाते हैं।
विश्व की महासागरीय जलधाराओं का मानचित्र — प्रशांत महासागर में कैलिफोर्निया की ठंडी व अलास्का की गर्म जलधारा सहित
विश्व की महासागरीय जलधाराएं — पश्चिमी तट पर कैलिफोर्निया व अलास्का जलधारा

10 उत्तरी अमेरिका: स्थानीय हवाएँ और प्रमुख तूफ़ान

उत्तरी अमेरिका में स्थानीय हवाओं और तूफ़ानों को उनके क्षेत्र, तापीय प्रभाव और उत्पत्ति के आधार पर पहचाना जाता है। परीक्षाओं में इनके नाम, प्रभावित क्षेत्र और मापने के पैमाने सबसे अधिक पूछे जाते हैं।

भाग 1: प्रमुख स्थानीय हवाएँ

पवन का नामप्रकृतिप्रभावित क्षेत्रपरीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
चिनूकगर्म और शुष्करॉकी पर्वत के पूर्वी ढालइसे "हिम भक्षी" कहा जाता है। यह सर्दियों में तापमान अचानक बढ़ाकर बर्फ पिघला देती है और चारागाह खोल देती है। यह फॉन प्रकार की हवा है।
सांता एनागर्म और शुष्कदक्षिणी कैलिफोर्नियायह नीचे उतरने वाली अत्यधिक शुष्क हवा है, जो कैलिफोर्निया के जंगलों में भीषण आग को बढ़ाती है।
ब्लिजार्डठंडी और बर्फीलीउत्तरी संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और ध्रुवीय क्षेत्रध्रुवीय क्षेत्रों से आने वाली तेज़ ठंडी हवा बर्फ के कणों के साथ चलती है, जिससे दृश्यता लगभग शून्य हो जाती है।
विश्व की प्रमुख स्थानीय हवाओं का मानचित्र — उत्तरी अमेरिका में Chinook, Nor'easter Blizzard, Norther और Norte हवा सहित
विश्व की प्रमुख स्थानीय हवाएँ — उत्तरी अमेरिका में Chinook, Blizzard और अन्य स्थानीय हवाओं की स्थिति याद रखने के लिए

भाग 2: प्रमुख तूफ़ान और चक्रवात

क्षेत्र और उत्पत्ति बदलने पर तूफ़ानों के नाम भी बदल जाते हैं। इसी कारण हरिकेन, टॉरनेडो और नॉर-ईस्टर को अलग-अलग याद रखना जरूरी है।

1. हरिकेन

  • क्या है: विनाशकारी उष्णकटिबंधीय चक्रवात (केवल गर्म महासागरों के पानी के ऊपर)
  • प्रभावित क्षेत्र: कैरेबियन सागर, मैक्सिको की खाड़ी और संयुक्त राज्य अमेरिका का पूर्वी एवं दक्षिणी तट (फ्लोरिडा, टेक्सास आदि)।
  • एग्जाम फैक्ट: हिंद महासागर में जिसे 'चक्रवात' कहते हैं, उसी को अटलांटिक/कैरेबियन क्षेत्र में 'हरिकेन' कहा जाता है।
  • मापने का पैमाना: सफिर-सिम्पसन स्केल — श्रेणी 1 से 5 तक।

2. टॉरनेडो

  • क्या है: यह अत्यधिक विनाशकारी, कीप के आकार का स्थानीय तूफ़ान है - मुख्य रूप से जमीन पर।
  • प्रभावित क्षेत्र: मध्य संयुक्त राज्य अमेरिका का मैदानी भाग, जिसे "टॉरनेडो एली" कहा जाता है — टेक्सास, ओक्लाहोमा, कंसास आदि।
  • एग्जाम फैक्ट: यह दुनिया के सबसे तीव्र और हिंसक तूफ़ानों में गिना जाता है; हवा की गति 400 किमी/घंटा से अधिक हो सकती है।
  • मापने का पैमाना: फुजिता स्केल या एन्हैंस्ड फुजिता स्केल
  • वाटरस्पाउट: जल के ऊपर उत्पन्न टॉरनेडो को 'वाटरस्पाउट' कहते हैं।

3. नॉर-ईस्टर

  • क्या है: यह एक शीतोष्ण चक्रवात है, जो सर्दियों या सर्दियों के अंत में अधिक प्रभावी होता है।
  • प्रभावित क्षेत्र: संयुक्त राज्य अमेरिका का उत्तर-पूर्वी तट (न्यू इंग्लैंड, न्यूयॉर्क) और पूर्वी कनाडा।
  • नाम का कारण: इसमें हवाएँ उत्तर-पूर्व दिशा से चलती हैं, इसलिए इसका नाम नॉरईस्टर पड़ा।
  • प्रभाव: यह भारी बर्फबारी, बारिश और ऊँची समुद्री लहरें लाता है।

11 उत्तरी अमेरिका की प्रमुख नदियाँ

क) पश्चिमी नदियाँ (प्रशांत महासागर और आर्कटिक/बेरिंग सागर में गिरने वाली)

यह क्रम बिल्कुल उत्तर (कनाडा/अलास्का) से शुरू होकर दक्षिण (मेक्सिको सीमा) की ओर है:

  1. मैकेंज़ी नदी:
    • यह कनाडा की सबसे लंबी नदी है।
    • इसका उद्गम 'ग्रेट स्लेव झील' से होता है।
    • सबसे महत्वपूर्ण तथ्य: यह उत्तर की ओर बहते हुए आर्कटिक महासागर (ब्यूफोर्ट सागर) में गिरती है, जहाँ यह एक विशाल डेल्टा का निर्माण करती है। मैकेंज़ी नदी का यह डेल्टा क्षेत्र पेट्रोलियम के विशाल भंडारों के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
  2. युकोन नदी:
    • यह उत्तरी पश्चिमी कनाडा और अलास्का की एक प्रमुख नदी है।
    • यह अलास्का के पठार (युकोन पठार) से होकर पश्चिम की ओर बहती है और बेरिंग सागर में गिरती है।
  3. कोलंबिया नदी:
    • यह नदी कोलंबिया के पठार से होकर बहती है।
    • स्नेक नदी इसकी सबसे प्रमुख सहायक नदी है।
    • इस नदी पर संयुक्त राज्य अमेरिका का प्रसिद्ध 'ग्रैंड कूली बांध' स्थित है।
    • यह पश्चिम की ओर बहकर प्रशांत महासागर में गिरती है।
  4. कोलोराडो नदी:
    • यह नदी पश्चिमी कार्डीलेरा में कोलोराडो के पठार से होकर बहती है।
    • सबसे महत्वपूर्ण तथ्य: यह अवनलिका अपरदन द्वारा विश्व के सबसे बड़े कैनियन 'ग्रैंड कैनियन' का निर्माण करती है।
    • इस नदी पर विश्व प्रसिद्ध 'हूवर बांध' और 'पार्कर बांध' स्थित हैं।
    • यह नदी प्रशांत महासागर के हिस्से, कैलिफोर्निया की खाड़ी में गिरती है।

ख) पूर्वी नदियाँ (अटलांटिक महासागर और मेक्सिको की खाड़ी में गिरने वाली)

यह क्रम उत्तर-पूर्व (कनाडा) से शुरू होकर दक्षिण (मेक्सिको की खाड़ी) की ओर है:

  1. सेंट लॉरेंस नदी:
    • यह नदी ओंटारियो झील से निकलकर महान झीलों का पानी अटलांटिक महासागर में ले जाती है।
    • महान झीलों के साथ मिलकर यह संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा के बीच सीमा बनाती है।
    • जलमार्ग: यह उत्तरी अमेरिका का सबसे व्यस्त अंतर्देशीय जलमार्ग है।
    • प्रमुख शहर एवं उद्योग: कनाडा के प्रमुख शहर मॉन्ट्रियल और क्यूबेक इसी नदी के तट पर स्थित हैं। टैगा वनों (सॉफ्टवुड) की सुलभता के कारण, ये दोनों शहर विश्व में अखबारी कागज और लुगदी उद्योग के सबसे बड़े केंद्र हैं।
  2. नियाग्रा नदी:
    • यह नदी इरी झील और ओंटारियो झील के बीच बहती है।
    • विश्व प्रसिद्ध नियाग्रा जलप्रपात इसी नदी पर स्थित है।
  3. हडसन नदी:
    • अटलांटिक महासागर में गिरने वाली इस नदी के मुहाने पर न्यूयॉर्क शहर बसा है।
  4. पोटोमैक नदी:
    • अमेरिका की राष्ट्रीय राजधानी वाशिंगटन डी.सी. इसी नदी के तट पर स्थित है।
    • यह चेसापीक की खाड़ी (अटलांटिक महासागर) में गिरती है।
  5. मिसिसिपी-मिसौरी नदी तंत्र:
    • यह उत्तरी अमेरिका का सबसे लंबा नदी तंत्र है।
    • मिसौरी नदी, मिसिसिपी की सबसे बड़ी सहायक नदी है।
    • इसके मैदानी क्षेत्रों में कपास की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है।
    • सबसे महत्वपूर्ण तथ्य: यह नदी मेक्सिको की खाड़ी में गिरती है और विश्व प्रसिद्ध 'पक्षी के पंजे के आकार का डेल्टा' बनाती है।
  6. रियो ग्रांडे नदी:
    • यह रॉकी पर्वत जल विभाजक से निकलती है।
    • सबसे महत्वपूर्ण तथ्य: यह नदी संयुक्त राज्य अमेरिका और मेक्सिको के बीच प्राकृतिक अंतर्राष्ट्रीय सीमा का निर्धारण करती है।
    • यह नदी अंततः मेक्सिको की खाड़ी में गिरती है।