विश्व भूगोल · अध्याय नोट्स

दक्षिण अमेरिका महाद्वीप

स्थिति, उपनाम और राजनीतिक सीमाओं से लेकर एंडीज़ पर्वतमाला, अटाकामा मरुस्थल, अमेज़न-सेल्वास, पम्पास-ग्रान चाको, जलधाराओं, खनिजों और जनजातियों तक — दक्षिण अमेरिका के हर उस बिंदु का संकलन जो UKPSC/UKSSSC व अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाता है।

12 सेक्शन ~38 मिनट 28 अति महत्वपूर्ण तथ्य

01 दक्षिण अमेरिका महाद्वीप — भौगोलिक स्थिति, राजनीतिक विभाजन एवं सीमाएं

दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के अध्ययन की शुरुआत उसकी वैश्विक स्थिति, आकार, राजनीतिक विभाजन और सीमाओं की समझ से होती है। यह आधारभूत जानकारी आगे के सभी भौगोलिक प्रदेशों (एंडीज़, अमेज़न बेसिन, पम्पास आदि) को सही संदर्भ में समझने के लिए आवश्यक है।

1.1 भौगोलिक स्थिति एवं आकार

  • वैश्विक क्रम: एशिया, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका के बाद यह विश्व का चौथा सबसे बड़ा महाद्वीप है।
  • गोलार्ध: इसका अधिकांश भाग दक्षिणी और पश्चिमी गोलार्ध में स्थित है।
  • भौगोलिक आकृति: इसका आकार लगभग त्रिभुजाकार है, जिसका उत्तरी भाग चौड़ा और दक्षिणी भाग नुकीला है।
  • स्थलडमरूमध्य संयोजन: पनामा जलडमरूमध्य इसे उत्तरी अमेरिका महाद्वीप से जोड़ता है।

1.2 उपनाम एवं क्षेत्रीय पहचान

  • पक्षियों का महाद्वीप: यहाँ के वर्षावनों (विशेषकर अमेज़न) में पक्षियों की सर्वाधिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
  • लैटिन अमेरिका: दक्षिण अमेरिका, मध्य अमेरिका, मैक्सिको और वेस्ट इंडीज (कैरेबियन द्वीप) को संयुक्त रूप से 'लैटिन अमेरिका' कहा जाता है, क्योंकि यहाँ स्पेनिश और पुर्तगाली (लैटिन-मूल की भाषाओं) की प्रधानता है।

1.3 राजनीतिक विभाजन: देश, आश्रित क्षेत्र एवं द्वीप

दक्षिण अमेरिका का राजनैतिक मानचित्र — सभी देशों की सीमाएं, राजधानियां व प्रमुख शहर सहित
दक्षिण अमेरिका का राजनैतिक मानचित्र — 12 स्वतंत्र देश, राजधानियां व प्रमुख नगर

दक्षिण अमेरिका में कुल 12 स्वतंत्र देश हैं, इनके अतिरिक्त कुछ विदेशी अधिकार वाले क्षेत्र एवं महत्वपूर्ण द्वीप भी महाद्वीप का हिस्सा हैं:

  • सबसे बड़ा देश: ब्राज़ील — महाद्वीप के लगभग 50% भूभाग पर विस्तृत।
  • सबसे छोटा स्वतंत्र देश: सूरीनाम।

विदेशी/आश्रित क्षेत्र

  • फ्रेंच गुयाना: फ्रांस के अधिकार क्षेत्र में स्थित है (यहीं कौरू स्पेस सेंटर अवस्थित है)।

महत्वपूर्ण द्वीप एवं अधिकार-विवाद

दक्षिण अमेरिका का मानचित्र — गैलापागोस, ईस्टर, फ़ॉकलैंड और टिएरा डेल फुएगो द्वीप हिन्दी में चिन्हित
दक्षिण अमेरिका के महत्वपूर्ण द्वीप — गैलापागोस, ईस्टर, फ़ॉकलैंड और टिएरा डेल फुएगो की स्थिति
  1. गैलापागोस द्वीप समूह: प्रशांत महासागर में स्थित इस द्वीप समूह पर इक्वाडोर का अधिकार है (चार्ल्स डार्विन का विकासवाद संबंधी शोध यहीं हुआ था)। यह बिल्कुल भूमध्य रेखा पर स्थित है तथा यहाँ ओलिव रिडले प्रजाति के विशाल कछुए पाए जाते हैं।
  2. ईस्टर द्वीप: प्रशांत महासागर में स्थित इस द्वीप पर चिली का अधिकार है।
  3. फ़ॉकलैंड द्वीप: अर्जेंटीना के पूर्वी तट पर स्थित है। इस पर ब्रिटेन का अधिकार है, परंतु अर्जेंटीना इस पर अपना दावा करता है (इसे लेकर 1982 में दोनों देशों के बीच युद्ध भी हुआ था)।
  4. टिएरा डेल फुएगो: इस द्वीप का पश्चिमी हिस्सा चिली के अधिकार में और पूर्वी हिस्सा अर्जेंटीना के अधिकार में है। विश्व का सबसे दक्षिणतम शहर उशुआइया इसी द्वीप पर (अर्जेंटीना में) स्थित है।

1.4 अंतर्राष्ट्रीय सीमाएं एवं विशिष्ट भौगोलिक तथ्य

  • स्थलरुद्ध देश: दक्षिण अमेरिका में केवल दो ही देश स्थलरुद्ध हैं:
    • पराग्वे
    • बोलीविया: यह दक्षिण अमेरिका का सबसे बड़ा स्थलरुद्ध देश है।
  • सबसे ऊँची राजधानी: बोलीविया की राजधानी ला पाज़ विश्व की सबसे अधिक ऊँचाई पर स्थित राजधानी है।
  • ब्राज़ील की सीमा: ब्राज़ील की सीमा दक्षिण अमेरिका के सभी देशों से लगती है, सिवाय केवल दो देशों के — चिली और इक्वाडोर
  • दो महासागरों को छूने वाला देश: कोलंबिया एकमात्र ऐसा देश है जिसकी तटरेखा प्रशांत महासागर और कैरेबियन सागर (अटलांटिक) दोनों से मिलती है।
  • ABC देश: भौगोलिक एवं आर्थिक रूप से मजबूत तीन देशों — अर्जेंटीना, ब्राज़ील और चिली को संयुक्त रूप से 'ABC देश' कहा जाता है।

1.5 महाद्वीप के महत्वपूर्ण भौगोलिक बिंदु

दिशास्थानदेश
सबसे दक्षिणी बिंदुकेप हॉर्नचिली (हॉर्निटोस द्वीप)
सबसे उच्चतम बिंदुमाउंट एकांकागुआ — 6960mअर्जेंटीना
सबसे निम्नतम बिंदुलागुना डेल कार्बोनअर्जेंटीना
V. IMP
  • लागुना डेल कार्बोन एक खारे पानी की झील/बेसिन है, जो समुद्र तल से 105 मीटर नीचे है — यह पूरे पश्चिमी और दक्षिणी गोलार्ध का सबसे निचला बिंदु है। (नोट: कई पुरानी किताबों में इसकी जगह वाल्डेस प्रायद्वीप दिया होता है, लेकिन सटीक उत्तर लागुना डेल कार्बोन ही है)।

02 अक्षांशीय स्थिति और प्रमुख जलसंधियां

इस सेक्शन में दक्षिण अमेरिका की परीक्षा-उपयोगी अक्षांशीय रेखाओं और दक्षिणी छोर के प्रमुख समुद्री मार्गों को अलग से रखा गया है, ताकि पहले सेक्शन की मूल जानकारी साफ और हल्की रहे।

2.1 अक्षांशीय स्थिति: भूमध्य रेखा एवं मकर रेखा

दक्षिण अमेरिका का राजनैतिक मानचित्र — भूमध्य रेखा और मकर रेखा सहित देशों की स्थिति
दक्षिण अमेरिका राजनैतिक मानचित्र — भूमध्य रेखा और मकर रेखा से गुजरने वाले देशों को साथ-साथ देखें

(अ) भूमध्य रेखा: यह महाद्वीप के उत्तरी भाग के 3 देशों से गुजरती है (पश्चिम से पूर्व के क्रम में):

  1. इक्वाडोर: इसकी राजधानी क्विटो भूमध्य रेखा के बिल्कुल ऊपर/समीप स्थित है।
  2. कोलंबिया
  3. ब्राज़ील: इसका शहर 'मकापा' भूमध्य रेखा पर ही स्थित है।

(ब) मकर रेखा: यह महाद्वीप के मध्य-दक्षिणी भाग के 4 देशों से गुजरती है (पश्चिम से पूर्व के क्रम में):

  1. चिली
  2. अर्जेंटीना
  3. पराग्वे
  4. ब्राज़ील
सुपर इम्पोर्टेन्ट फैक्ट
  • ब्राज़ील विश्व का एकमात्र ऐसा देश है जहाँ से भूमध्य रेखा और मकर रेखा दोनों गुजरती हैं।

2.2 प्रमुख जलसंधियां

टिएरा डेल फुएगो और दक्षिणी दक्षिण अमेरिका का मानचित्र — मैगलन जलसंधि, बीगल चैनल, केप हॉर्न और ड्रेक पैसेज सहित
टिएरा डेल फुएगो क्षेत्र — मैगलन जलसंधि, बीगल चैनल, केप हॉर्न और ड्रेक पैसेज की स्थिति
  • मैगलन जलसंधि:
    • स्थिति: यह दक्षिण अमेरिका की मुख्य भूमि को सबसे दक्षिणी द्वीप 'टिएरा डेल फुएगो' से अलग करती है।
    • यह अटलांटिक महासागर और प्रशांत महासागर को जोड़ती है; इसकी खोज प्रसिद्ध नाविक फर्डिनेंड मैगलन ने की थी।
  • ड्रेक पैसेज:
    • स्थिति: यह दक्षिण अमेरिका के सबसे दक्षिणी बिंदु 'केप हॉर्न' को अंटार्कटिका महाद्वीप से अलग करता है।
    • यह दुनिया के सबसे तूफानी और खतरनाक समुद्री रास्तों में से एक है। यह भी प्रशांत और अटलांटिक महासागर को जोड़ता है।
  • बीगल चैनल:
    • यह टिएरा डेल फुएगो द्वीप समूह के बीच स्थित एक संकरा जलमार्ग है, जो चिली और अर्जेंटीना के बीच सीमा बनाता है।

03 क्षेत्र 1 — सुदूर पश्चिमी तटीय पट्टी और मरुस्थल

3.1 दक्षिण अमेरिका के चार भौगोलिक प्रदेश — परिचय

दक्षिण अमेरिका का भौतिक मानचित्र — अटाकामा मरुस्थल, एंडीज़ पर्वत, अमेज़न वर्षावन और प्रमुख भौतिक प्रदेश
दक्षिण अमेरिका का भौतिक मानचित्र — अटाकामा मरुस्थल, एंडीज़, अमेज़न बेसिन और प्रमुख प्रदेश

राहत की दृष्टि से दक्षिण अमेरिका महाद्वीप को पश्चिम से पूर्व की ओर चार प्रमुख भौगोलिक प्रदेशों में बाँटा जाता है। आगे के चार सेक्शन (03 से 06) में इन्हें क्रमशः विस्तार से पढ़ेंगे:

  1. सुदूर पश्चिमी तटीय पट्टी एवं मरुस्थल: प्रशांत महासागर और एंडीज़ पर्वतमाला के बीच स्थित संकरा तटीय मैदान, हम्बोल्ट जलधारा और अटाकामा मरुस्थल।
  2. पश्चिमी पर्वतीय प्रदेश: एंडीज़ पर्वतमाला, उसकी प्रमुख चोटियाँ व ज्वालामुखी, तथा अंतर्पर्वतीय पठार व झीलें।
  3. मध्यवर्ती विशाल मैदान: ओरिनोको, अमेज़न और ला प्लाटा — इन तीन नदी बेसिनों से बना विशाल निचला मैदानी भाग।
  4. पूर्वी उच्च भूमि एवं दक्षिणी पठार: गुयाना का पठार, ब्राज़ील का पठार, प्रमुख जलप्रपात और पेटागोनिया का पठार।

अब हम क्षेत्र 1 — सुदूर पश्चिमी तटीय पट्टी एवं मरुस्थल का विस्तृत अध्ययन शुरू करते हैं। यह दक्षिण अमेरिका का सुदूर पश्चिमी भाग है, जो प्रशांत महासागर और एंडीज़ पर्वतमाला के बीच एक बहुत ही संकरी पट्टी के रूप में स्थित है।

क) प्रशांत महासागर का संकरा तटीय मैदान

  • विस्तार: यह कोलंबिया से लेकर दक्षिण में चिली तक एक बहुत ही पतली मैदानी पट्टी के रूप में फैला है।
  • भौगोलिक बाधा: पूर्व में एंडीज़ पर्वतमाला की सीधी ढलान के कारण यह मैदान बहुत अधिक चौड़ा नहीं हो पाया है।

ख) पेरू या हम्बोल्ट की जलधारा

इस पूरे पश्चिमी तट का भूगोल, जलवायु और मरुस्थलों का निर्माण 100% इसी जलधारा पर निर्भर है:

  • प्रकृति: यह प्रशांत महासागर में दक्षिण (अंटार्कटिका) से उत्तर (भूमध्य रेखा) की ओर बहने वाली एक ठंडी जलधारा है।
  • मरुस्थल का निर्माण: ठंडी जलधारा होने के कारण इसके ऊपर की हवा ठंडी और भारी हो जाती है। भारी हवा ऊपर नहीं उठ पाती, जिससे वाष्पीकरण नहीं होता। वाष्पीकरण न होने के कारण यहाँ बादल नहीं बनते और वर्षा नहीं होती। इसी कारण इस तट पर दुनिया के सबसे सूखे मरुस्थलों का निर्माण हुआ है।
  • आर्थिक महत्व (मत्स्य पालन और गुआनो): इस ठंडे पानी में मछलियों का सबसे पसंदीदा भोजन 'प्लैंकटन' भारी मात्रा में पाया जाता है, इसलिए पेरू का यह तट दुनिया के सबसे बड़े मछली पकड़ने वाले क्षेत्रों में से एक है।
एग्जाम पॉइंट
  • यहाँ मछलियों को खाने वाले पक्षियों की बीट तटों पर जमा हो जाती है, जिसे 'गुआनो' कहा जाता है — यह नाइट्रोजन और फास्फोरस से भरपूर एक प्राकृतिक और अत्यंत कीमती उर्वरक है।
  • अल-नीनो का प्रभाव: हर 3 से 7 साल में यह ठंडी जलधारा अस्थायी रूप से गर्म जलधारा में बदल जाती है (जिसे अल-नीनो कहते हैं)। तब यहाँ अचानक भारी वाष्पीकरण होता है और इस सूखे मरुस्थल में बाढ़ आ जाती है।

ग) अटाकामा मरुस्थल

हम्बोल्ट जलधारा और एंडीज़ पर्वत की वृष्टि छाया के संयुक्त प्रभाव से यह मरुस्थल बना है:

  • विस्तार: इसका मुख्य विस्तार उत्तरी चिली और दक्षिणी पेरू के तट पर है।
  • विश्व का सबसे शुष्क मरुस्थल: यह पूरी दुनिया का सबसे सूखा मरुस्थल है, जहाँ दशकों तक बारिश की एक बूँद नहीं गिरती।
  • अरीका: उत्तरी चिली के अटाकामा मरुस्थल में स्थित इस शहर को 'विश्व का सबसे शुष्क स्थान' माना जाता है। यहाँ पानी की इतनी कमी है कि इसे 'प्रेत नगर' भी कहा जाता है।
खनिज संसाधन — Super Important for Exams
  • नाइट्रेट: अटाकामा मरुस्थल विश्व में प्राकृतिक नाइट्रेट के सबसे बड़े भंडारों के लिए प्रसिद्ध है, जिसका उपयोग उर्वरक और बारूद/विस्फोटक बनाने में होता है।
  • आयोडीन और तांबा: यह क्षेत्र तांबे के भारी उत्पादन के लिए जाना जाता है।
  • चुक्वीकामाता: चिली के अटाकामा क्षेत्र में स्थित यह खान दुनिया की सबसे बड़ी तांबे की खानों में से एक है, इसी कारण इसे 'विश्व की तांबा राजधानी' कहा जाता है।

04 क्षेत्र 2 — पश्चिमी पर्वतीय प्रदेश

तटीय मरुस्थलों को पार करते ही दक्षिण अमेरिका की सबसे प्रमुख भौगोलिक संरचना शुरू होती है।

एंडीज़ पर्वतमाला का मानचित्र — कोटोपैक्सी, चिम्बोराजो, ओजोस डेल सलाडो, माउंट एकांकागुआ, बोलीविया का पठार (आल्टिप्लानो), टिटिकाका व पोपो झील सहित
एंडीज़ पर्वतमाला — प्रमुख चोटियाँ, ज्वालामुखी, अंतर्पर्वतीय पठार व झीलें

क) एंडीज़ पर्वतमाला

यह दुनिया की सबसे लंबी और हिमालय के बाद दूसरी सबसे ऊँची पर्वत श्रृंखला है।

  • निर्माण: यह एक 'नवीन वलित पर्वत' है। इसका निर्माण प्रशांत महासागर की 'नाज्का प्लेट' और 'दक्षिण अमेरिकी प्लेट' (महाद्वीपीय प्लेट) के आपस में टकराने से हुआ है।
  • विस्तार और लंबाई: यह विश्व की सबसे लंबी पर्वत श्रृंखला है (लंबाई लगभग 7,000 से 7,200 किलोमीटर)।
  • 7 देशों से विस्तार: यह उत्तर से दक्षिण तक कुल 7 देशों से होकर गुजरती है — वेनेज़ुएला, कोलंबिया, इक्वाडोर, पेरू, बोलीविया, चिली और अर्जेंटीना।
  • परीक्षा बिंदु — सेक्रेड वैली: सेक्रेड वैली (Sacred Valley of the Incas) पेरू में, एंडीज़ पर्वतमाला के कुस्को क्षेत्र में स्थित है।

ख) प्रमुख पर्वत चोटियाँ और ज्वालामुखी (उत्तर से दक्षिण क्रम)

एंडीज़ पर्वतमाला की चोटियाँ और ज्वालामुखी राज्य स्तरीय परीक्षाओं का बहुत लोकप्रिय विषय हैं। इन्हें उत्तर से दक्षिण क्रम में याद करें:

  • कोटोपैक्सी:
    • लोकेशन: इक्वाडोर (भूमध्य रेखा के बिल्कुल पास)।
    • यह दुनिया के सबसे ऊँचे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है (आयोग अक्सर इसे सीधे 'सबसे ऊँचा सक्रिय ज्वालामुखी' मानकर भी प्रश्न बनाता है, इसलिए विकल्प देखकर टिक करें)।
  • चिम्बोराजो:
    • लोकेशन: इक्वाडोर। यह एक सुप्त ज्वालामुखी है।
    • सुपर फैक्ट: पृथ्वी के भूमध्यरेखीय उभार के कारण, इस ज्वालामुखी का शिखर पृथ्वी के केंद्र से सबसे अधिक दूरी पर स्थित बिंदु है (यानी यह अंतरिक्ष के सबसे करीब है, माउंट एवरेस्ट से भी ज्यादा)।
  • ओजोस डेल सलाडो:
    • लोकेशन: चिली और अर्जेंटीना की सीमा पर।
    • यह विश्व का सबसे ऊँचा सक्रिय ज्वालामुखी है।
  • माउंट एकांकागुआ:
    • लोकेशन: यह अर्जेंटीना में स्थित है (चिली सीमा के बिल्कुल पास)।
    • विशेषता: यह एंडीज़ पर्वतमाला की सर्वोच्च चोटी (ऊँचाई लगभग 6,960 मीटर) है।
    • एग्जाम फैक्ट: एशिया (हिमालय) के बाहर, यह पूरी दुनिया (तथा पश्चिमी और दक्षिणी गोलार्ध) की सबसे ऊँची चोटी है। यह एक मृत/शांत ज्वालामुखी का भी बहुत अच्छा उदाहरण है।

ग) अंतर्पर्वतीय पठार और प्रमुख झीलें

जब कोई पठार चारों ओर से या दो तरफ से पर्वत श्रेणियों से घिरा होता है, तो उसे 'अंतर्पर्वतीय पठार' कहते हैं।

  • बोलीविया का पठार:
    • विस्तार: यह एंडीज़ पर्वतमाला की दो समानांतर श्रेणियों के बीच मुख्य रूप से बोलीविया (और कुछ हिस्सा पेरू) में स्थित है।
    • तिब्बत के पठार के बाद यह दुनिया का दूसरा सबसे ऊँचा पठार है।
    • सबसे ऊँची राजधानी: बोलीविया की राजधानी ला पाज़ इसी पठार पर स्थित है — यह विश्व की सबसे अधिक ऊँचाई पर स्थित राजधानी है।
    • खनिज: यह पठार अपने टिन के विशाल भंडारों के लिए विश्व विख्यात है। यहाँ स्थित 'पोटोसी' खान ऐतिहासिक रूप से चाँदी और टिन के लिए मशहूर रही है।
बोलीविया का भौतिक मानचित्र — अल्टिप्लानो पठार, टिटिकाका झील, ला पाज़ और प्रमुख पर्वत सहित
बोलीविया का भौतिक मानचित्र — अल्टिप्लानो पठार और टिटिकाका झील

इसी पठार पर स्थित प्रमुख झीलें

  1. टिटिकाका झील:
    • लोकेशन: यह पेरू और बोलीविया की सीमा पर (बोलीविया के पठार पर ही) स्थित है।
    • यह विश्व की सबसे ऊँची नौगम्य झील है (यानी इतनी ऊँचाई पर होने के बावजूद इसमें बड़ी नावें और स्टीमर चलाए जा सकते हैं)। इसे 'हनीमून लेक' भी कहा जाता है।
  2. पोपो झील:
    • लोकेशन: यह पूरी तरह से बोलीविया में (टिटिकाका के दक्षिण में) स्थित है।
    • यह एक खारे पानी की उथली झील थी। वर्तमान में ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के कारण यह झील लगभग पूरी तरह से सूख चुकी है (जो इसे करंट अफेयर्स से जोड़ता है)।

05 क्षेत्र 3 — मध्यवर्ती विशाल मैदान

एंडीज़ पर्वतमाला (पश्चिम) से नीचे उतरकर और पूर्वी पठारों (पूर्व) के बीच का जो विशाल निचला हिस्सा है, उसे 'मध्यवर्ती मैदान' कहते हैं। इसका निर्माण मुख्य रूप से महाद्वीप की तीन बड़ी नदियों (ओरिनोको, अमेज़न और ला प्लाटा तंत्र) द्वारा लाई गई मिट्टी (जलोढ़) से हुआ है। जलवायु के आधार पर इसे तीन प्रमुख नदी बेसिनों और उनके विशेष वन/घास के मैदानों में बाँटा जाता है।

दक्षिण अमेरिका के मध्यवर्ती मैदानों का मानचित्र — लानोस, सेल्वास, ग्रान चाको व पम्पास सहित ओरिनोको, अमेज़न, पराग्वे, पराना व उरुग्वे नदी तंत्र
मध्यवर्ती मैदान के तीन नदी बेसिन व वनस्पति क्षेत्र — लानोस, सेल्वास व पम्पास

क) उत्तरी भाग: ओरिनोको नदी बेसिन और 'लानोस'

  • विस्तार: इसका मुख्य विस्तार वेनेज़ुएला और कुछ हद तक पूर्वी कोलंबिया में है।
  • ओरिनोको नदी: यह वेनेज़ुएला की सबसे प्रमुख नदी है (इसी की सहायक नदी पर विश्व का सबसे ऊँचा 'एंजेल जलप्रपात' स्थित है)।
  • लानोस: ओरिनोको नदी बेसिन में फैले घास के मैदानों को 'लानोस' कहा जाता है — भूमध्य रेखा के करीब होने के कारण ये उष्णकटिबंधीय सवाना प्रकार के घास के मैदान हैं, जहाँ लंबी घास और बीच-बीच में छितरे हुए पेड़ पाए जाते हैं।
  • आर्थिक महत्व: यह क्षेत्र पशुपालन और पेट्रोलियम/तेल के विशाल भंडारों (विशेषकर वेनेज़ुएला की माराकाइबो झील के पास) के लिए जाना जाता है।

ख) मध्य भाग: अमेज़न नदी बेसिन और 'सेल्वास'

भूमध्य रेखा के दोनों ओर विस्तृत अमेज़न नदी बेसिन दक्षिण अमेरिका का मध्यवर्ती हृदय स्थल है। क्षेत्रफल और अपवाह तंत्र की दृष्टि से यह विश्व का सबसे विस्तृत नदी बेसिन है।

1. अमेज़न नदी तंत्र

  • उद्गम एवं अपवाह: इसका उद्गम पेरू स्थित एंडीज़ पर्वतमाला से होता है। यह पूर्व दिशा में प्रवाहित होते हुए अटलांटिक महासागर में अपने जल का विसर्जन करती है।
  • जल आयतन: जल धारण क्षमता और चौड़ाई के दृष्टिकोण से यह विश्व की विशालतम नदी है (लंबाई में यह नील नदी के पश्चात द्वितीय स्थान पर है)।

2. जलवायु एवं प्राकृतिक वनस्पति

  • भूमध्यरेखीय जलवायु: भूमध्य रेखा के निकटतम स्थिति होने के कारण यहाँ वर्ष भर उच्च तापमान और उच्च आर्द्रता बनी रहती है। यहाँ प्रतिदिन अपराह्न (दोपहर बाद) तीव्र संवहनीय वर्षा होती है, जिसे भौगोलिक शब्दावली में 'चार बजे की वर्षा' कहा जाता है।
  • सेल्वास: अमेज़न बेसिन (मुख्यतः ब्राज़ील) में विस्तृत विश्व के सबसे सघन और सदाबहार भूमध्यरेखीय वर्षावनों को ही 'सेल्वास' कहा जाता है।
  • पृथ्वी के फेफड़े: वैश्विक पारिस्थितिकी में इनका अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है। ये वन अकेले भूमंडल की लगभग 20% ऑक्सीजन का उत्सर्जन करते हैं, अतः इन्हें 'पृथ्वी के फेफड़े' की संज्ञा दी जाती है।
  • बाल्सा: यहाँ विश्व की सबसे हल्की लकड़ी वाली वनस्पति 'बाल्सा' पाई जाती है।
  • रबर का उद्गम स्थल: प्राकृतिक रबर का मूल स्थान अमेज़न बेसिन ही है। अमेज़न नदी के तट पर स्थित मनौस शहर ऐतिहासिक रूप से रबर एकत्रीकरण और निर्यात का प्रमुख केंद्र रहा है।

3. ब्राज़ील के उष्णकटिबंधीय घास के मैदान

अमेज़न वर्षावनों (सेल्वास) के दक्षिणी सीमांत और ब्राज़ीलियन उच्च भूमि के क्षेत्रों में वर्षा की मात्रा अपेक्षाकृत कम होने के कारण सवाना तुल्य वनस्पतियों का विकास हुआ है। अकादमिक दृष्टिकोण से इन्हें दो प्रमुख पारिस्थितिक क्षेत्रों में वर्गीकृत किया जाता है:

  • कम्पोस: यह मुख्य रूप से ब्राज़ील के मध्य-दक्षिणी और पूर्वी पठारी भागों में विस्तृत एक उष्णकटिबंधीय सवाना घास का मैदान है। भौगोलिक रूप से यह वेनेज़ुएला के 'लानोस' के ही समतुल्य है, जहाँ मध्यम ऊँचाई वाली घास के साथ छितरे हुए वृक्ष पाए जाते हैं।
  • सेराडो: यह ब्राज़ील का एक अत्यंत विस्तृत और पारिस्थितिक रूप से महत्वपूर्ण उष्णकटिबंधीय सवाना क्षेत्र है। यह सवाना पारिस्थितिकी तंत्र अपनी विशिष्ट एवं स्थानिक जैव विविधता के लिए विश्व स्तर पर प्रसिद्ध है।

ग) दक्षिणी भाग: ला प्लाटा नदी बेसिन

दक्षिण अमेरिका के ला प्लाटा बेसिन, ग्रान चाको और पम्पास का क्षेत्रीय मानचित्र
ला प्लाटा बेसिन, ग्रान चाको और पम्पास — दक्षिणी मध्यवर्ती मैदान का क्षेत्रीय वितरण

अमेज़न बेसिन के दक्षिण में महाद्वीप का दूसरा सबसे बड़ा नदी तंत्र स्थित है।

  • नदी तंत्र का निर्माण: यह बेसिन मुख्य रूप से तीन बड़ी नदियों — पराना, पराग्वे, और उरुग्वे नदियों से मिलकर बना है।
  • रियो डे ला प्लाटा: जब ये तीनों नदियाँ आपस में मिलकर अटलांटिक महासागर में गिरती हैं, तो एक बहुत चौड़ा मुहाना बनाती हैं, जिसे 'रियो डे ला प्लाटा' कहा जाता है (अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स और उरुग्वे की राजधानी मोंटेवीडियो इसी मुहाने के तट पर स्थित हैं)।

इस ला प्लाटा बेसिन को यहाँ की प्राकृतिक वनस्पति के आधार पर दो बेहद महत्वपूर्ण हिस्सों में बाँटा जाता है:

1. ग्रान चाको — दलदली और वन क्षेत्र

  • विस्तार: यह मुख्य रूप से बोलीविया, पराग्वे और उत्तरी अर्जेंटीना के बीच फैला हुआ एक विशाल मैदान है।
  • प्रकृति: यह एक गर्म, दलदली और घनी झाड़ियों/जंगलों वाला क्षेत्र है, जहाँ गर्मियों में भारी बारिश होती है और सर्दियों में सूखा पड़ता है।
  • शिकारियों की भूमि: अपनी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और जंगली जीवों की अधिकता के कारण इसे ऐतिहासिक रूप से 'शिकारियों की भूमि' कहा जाता है।
  • क्वेब्रेको वृक्ष: यहाँ पाए जाने वाले इस पेड़ का स्पेनिश में अर्थ है "कुल्हाड़ी तोड़ने वाला", क्योंकि इसकी लकड़ी दुनिया की सबसे कठोर लकड़ियों में से एक है। इस पेड़ से 'टैनिन' प्रचुर मात्रा में निकाला जाता है, जिसका उपयोग चमड़ा उद्योग में होता है।

2. पम्पास — शीतोष्ण घास के मैदान

  • विस्तार: इसका मुख्य विस्तार अर्जेंटीना और कुछ हिस्सा उरुग्वे में है।
  • प्रकृति: मकर रेखा के दक्षिण में होने के कारण ये शीतोष्ण घास के मैदान हैं (उत्तरी अमेरिका के 'प्रेयरी' और यूरेशिया के 'स्टेपी' की तरह)।
  • अर्जेंटीना का हृदय: कृषि और पशुपालन का केंद्र होने के कारण इसे अर्जेंटीना का हृदय स्थल कहा जाता है।
पम्पास के एग्जाम-ग्रेड स्पेशल फैक्ट्स
  • अल्फा-अल्फा घास: यहाँ की एक फलीदार और अत्यधिक पौष्टिक घास है, जिसे खाकर यहाँ के मवेशी बहुत जल्दी मोटे और हट्टे-कट्टे हो जाते हैं — इसी कारण अर्जेंटीना विश्व में गोमांस और मांस का एक बहुत बड़ा निर्यातक देश है।
  • गेहूँ की चंद्राकार पेटी: पम्पास की मिट्टी (लोयस मिट्टी) बहुत उपजाऊ है, यहाँ गेहूँ की बहुत बड़े पैमाने पर खेती होती है।
  • एस्टेंसिया: यहाँ पशुओं को पालने के लिए बनाए गए बहुत बड़े-बड़े फार्म/बाड़े।
  • गाउचो: इन फार्मों में मवेशियों की देखभाल करने वाले मजदूरों (काउबॉय) को स्थानीय भाषा में 'गाउचो' कहा जाता है।

06 क्षेत्र 4 — पूर्वी उच्च भूमि और दक्षिणी पठार

इस क्षेत्र को उत्तर से दक्षिण की ओर तीन प्रमुख पठारों और उन पर स्थित जलप्रपातों में बाँटकर पढ़ेंगे:

दक्षिण अमेरिका के पूर्वी उच्च भूमि व दक्षिणी पठारों का मानचित्र — गुयाना का पठार, ब्राज़ील का पठार, एंजेल व इगुआजु जलप्रपात, पेटागोनिया का पठार व मरुस्थल सहित
तीन प्रमुख पठार — गुयाना का पठार, ब्राज़ील का पठार व पेटागोनिया का पठार, प्रमुख जलप्रपातों सहित

क) गुयाना का पठार

यह महाद्वीप के उत्तर-पूर्व में स्थित एक बहुत ही प्राचीन और कठोर चट्टानी पठार है।

  • विस्तार: इसका फैलाव मुख्य रूप से वेनेज़ुएला, गुयाना, सूरीनाम और फ्रेंच गुयाना में है।
  • टेपुई: इस पठार पर कुछ विशेष प्रकार के पहाड़ पाए जाते हैं जिनका शिखर बिल्कुल मेज़ की तरह सपाट होता है, जिन्हें 'टेपुई' कहा जाता है (जैसे — माउंट रोराइमा)।
  • खनिज: यह पठार मुख्य रूप से सोने, हीरे और बॉक्साइट के भंडारों के लिए प्रसिद्ध है।

ख) प्रमुख जलप्रपात

पूर्वी पठारों की सीधी और खड़ी ढलान के कारण जब नदियाँ यहाँ से नीचे गिरती हैं, तो विशाल जलप्रपातों का निर्माण करती हैं:

  • एंजेल जलप्रपात:
    • लोकेशन: यह वेनेज़ुएला में गुयाना के पठार पर स्थित है।
    • नदी: यह चुरून नदी पर स्थित है (चुरून नदी, कोरोनी नदी की सहायक है, जो अंततः ओरिनोको नदी में मिल जाती है)।
    • यह 979 मीटर की ऊँचाई के साथ विश्व का सबसे ऊँचा जलप्रपात है।
  • इगुआजु जलप्रपात:
    • लोकेशन: यह ब्राज़ील और अर्जेंटीना की सीमा पर स्थित है।
    • नदी: इगुआजु नदी (पराना नदी की सहायक)।
    • यह विश्व के सबसे चौड़े और सबसे ज्यादा जल-आयतन वाले जलप्रपातों में से एक है।

ग) ब्राज़ील का पठार

यह दक्षिण अमेरिका का सबसे विशाल पठार है, जो ब्राज़ील के मध्य और पूर्वी हिस्से में फैला है। आयोग का यह सबसे पसंदीदा सेक्शन है:

  • मिट्टी और कॉफी: इस पठार पर ज्वालामुखीय चट्टानों के टूटने से विशेष लाल-काली मिट्टी बनी है जिसे 'टेरा रोक्सा' कहते हैं — यह मिट्टी कॉफी उत्पादन के लिए विश्व में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है।
  • फजेंडा: ब्राज़ील में कॉफी के विशाल बागानों को 'फजेंडा' कहा जाता है।
  • साओ पाउलो: इसे ब्राज़ील की कॉफी मंडी या आर्थिक राजधानी कहा जाता है।
  • सैंटोस बंदरगाह: साओ पाउलो के पास स्थित यह बंदरगाह विश्व भर में कॉफी निर्यात का केंद्र है, इसलिए इसे 'विश्व का कॉफी बंदरगाह' कहा जाता है।
  • खनिज: ब्राज़ील का पठार उच्च कोटि के लौह अयस्क के लिए प्रसिद्ध है — यहाँ 'इटाबिरा' और 'कराजास' जैसी विश्व प्रसिद्ध लौह अयस्क खानें स्थित हैं (इसके अलावा मीनास गेराइस क्षेत्र मैंगनीज के लिए भी प्रसिद्ध है)।

घ) पेटागोनिया का पठार एवं मरुस्थल

पूर्वी उच्च भूमि के सुदूर दक्षिण में (अर्जेंटीना के दक्षिणी हिस्से में) पेटागोनिया का पठार स्थित है।

  • शीत मरुस्थल: अटाकामा (गर्म मरुस्थल) के विपरीत, पेटागोनिया एक ठंडा मरुस्थल है।
  • मरुस्थल बनने का कारण: यह एंडीज़ पर्वतमाला के पूर्वी हिस्से में पड़ता है। पश्चिमी हवाएँ एंडीज़ से टकराकर सारी बारिश चिली की तरफ कर देती हैं और जब वे हवाएँ पहाड़ पार करके पूर्व में पेटागोनिया तक पहुँचती हैं, तो वे पूरी तरह सूख चुकी होती हैं। साथ ही, यहाँ तट पर 'फ़ॉकलैंड की ठंडी जलधारा' भी बहती है, जो वाष्पीकरण रोकती है।
  • आर्थिक महत्व: ठंडा और शुष्क होने के कारण यहाँ कृषि नहीं होती, लेकिन यह क्षेत्र भेड़ पालन और ऊन उत्पादन के लिए पूरी दुनिया में बहुत प्रसिद्ध है।

07 दक्षिण अमेरिका का अपवाह तंत्र

एंडीज़ पर्वतमाला दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर एक विशाल दीवार की तरह खड़ी है। इसी कारण यह महाद्वीप के लिए ‘महान जल-विभाजक’ का काम करती है। महाद्वीप की अधिकांश बड़ी नदियाँ एंडीज़ या पूर्वी पठारों से निकलकर पूर्व की ओर बहती हैं और अटलांटिक महासागर में गिरती हैं।

1. अमेज़न नदी तंत्र

अमेज़न केवल एक नदी नहीं, बल्कि विश्व का सबसे विशाल नदी-तंत्र है।

  • वास्तविक उद्गम: अमेज़न सीधे ‘अमेज़न’ नाम से नहीं निकलती। पेरू के एंडीज़ से निकलने वाली मारान्योन और उकायली नदियों के मिलने के बाद संयुक्त धारा अमेज़न कहलाती है। उकायली–अपुरीमाक तंत्र को इसकी मुख्य स्रोत धारा माना जाता है।
  • मुहाना: यह पूर्व की ओर बहते हुए ब्राज़ील में विषुवत रेखा के निकट अटलांटिक महासागर में एक विशाल मुहाना और द्वीपीय डेल्टा क्षेत्र बनाती है।
  • जल-आयतन: जल-प्रवाह और बेसिन के आकार की दृष्टि से यह विश्व की सबसे बड़ी नदी है। महासागरों में पहुँचने वाले कुल नदी-जल का लगभग पाँचवाँ भाग अमेज़न से आता है।
  • लंबाई: पारंपरिक परीक्षा-स्रोतों में इसे नील के बाद विश्व की दूसरी सबसे लंबी नदी माना जाता है; आधुनिक मापन में दोनों की लंबाई को लेकर मतभेद मिलता है।
  • मडेरा: जल-प्रवाह की दृष्टि से अमेज़न की सबसे बड़ी सहायक नदियों में से एक है।
  • मनौस बंदरगाह: अमेज़न बेसिन में रबर संग्रह का ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध केंद्र है।
कासिकियारे नदी मानचित्र — ओरिनोको नदी को रियो नेग्रो के माध्यम से अमेज़न नदी तंत्र से जोड़ने वाली प्राकृतिक वितरिका
कासिकियारे नदी मानचित्र — ओरिनोको को रियो नेग्रो के माध्यम से अमेज़न नदी तंत्र से जोड़ने वाली प्राकृतिक वितरिका
परीक्षा संकेत
  • रियो नेग्रो अमेज़न की प्रमुख बायीं-तटीय सहायक नदी है, जबकि मडेरा प्रमुख दायीं-तटीय सहायक है।

2. ओरिनोको नदी तंत्र

यह उत्तरी दक्षिण अमेरिका की सबसे महत्त्वपूर्ण नदी प्रणालियों में से एक है।

  • प्रवाह: यह गुयाना उच्चभूमि के सिएरा परिमा क्षेत्र से निकलकर मुख्यतः वेनेज़ुएला में बहती हुई अटलांटिक महासागर में विशाल डेल्टा बनाती है।
  • घास के मैदान: यह नदी वेनेज़ुएला और कोलंबिया के उष्णकटिबंधीय लानोस घास के मैदानों से होकर गुजरती है।
  • कासिकियारे: यह एक अनोखी प्राकृतिक वितरिका है जो ओरिनोको को रियो नेग्रो के माध्यम से अमेज़न नदी तंत्र से जोड़ती है। यह प्राकृतिक नदी-द्विभाजन का विश्व प्रसिद्ध उदाहरण है।
  • एंजेल जलप्रपात: विश्व का सबसे ऊँचा निर्बाध जलप्रपात चुरून नदी पर स्थित है; चुरून, कारराओ की सहायक है और कारराओ आगे कोरोनी नदी में मिलती है।

3. ला प्लाटा नदी बेसिन

यह अमेज़न के बाद दक्षिण अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा नदी बेसिन है और ब्राज़ील, बोलीविया, पराग्वे, उरुग्वे तथा अर्जेंटीना के बड़े भाग को अपवाहित करता है।

ला प्लाटा नदी बेसिन का मानचित्र — पराना, पराग्वे, उरुग्वे और रियो डे ला प्लाटा तंत्र सहित
ला प्लाटा नदी तंत्र — पराना, पराग्वे, उरुग्वे तथा रियो डे ला प्लाटा का विस्तृत अपवाह मानचित्र
  • पराना नदी: यह इस तंत्र की मुख्य नदी है। पराग्वे नदी इसकी प्रमुख सहायक नदी है।
  • इताइपु बाँध: पराना नदी पर ब्राज़ील और पराग्वे की सीमा पर स्थित है। इसकी स्थापित क्षमता 14,000 मेगावाट है और वर्तमान क्षमता-क्रम में यह विश्व की तीसरी सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना है।
  • इगुआज़ु नदी: पराना की सहायक नदी है, जिस पर ब्राज़ील–अर्जेंटीना सीमा के निकट प्रसिद्ध इगुआज़ु जलप्रपात स्थित है।
  • रियो डे ला प्लाटा: पराना और उरुग्वे नदियों के मिलने से अटलांटिक तट पर बहुत चौड़ा, फनल-आकार का मुहाना बनता है। पराग्वे नदी पहले पराना में मिलती है।
  • प्रमुख राजधानियाँ: अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स और उरुग्वे की राजधानी मोंटेवीडियो इसी मुहाने के विपरीत तटों पर स्थित हैं।

4. महाद्वीप की अन्य महत्त्वपूर्ण नदियाँ

  • मैग्डेलेना नदी: कोलंबिया की सबसे प्रमुख नदी है। यह उत्तर की ओर बहकर कैरेबियन सागर में गिरती है; इसकी घाटी कॉफी, कृषि और पेट्रोलियम क्षेत्रों के लिए प्रसिद्ध है।
  • साओ फ्रांसिस्को नदी: पूरी तरह ब्राज़ील के भीतर बहने वाली सबसे लंबी नदी है। विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ने के कारण इसे ब्राज़ील की ‘राष्ट्रीय एकता की नदी’ कहा जाता है।
  • कोलोराडो नदी (अर्जेंटीना): एंडीज़ से निकलकर अटलांटिक की ओर बहती है और सामान्यतः पम्पास तथा पेटागोनिया के बीच प्राकृतिक संक्रमण-सीमा मानी जाती है।
  • चुबूत और नेग्रो नदियाँ: दोनों अर्जेंटीना के पेटागोनिया क्षेत्र से पूर्व की ओर बहते हुए अटलांटिक महासागर में गिरती हैं।

5. विशेष जल-संरचना — माराकाइबो झील

  • स्थिति: वेनेज़ुएला के कैरेबियन तट पर स्थित है और एक संकरे जलमार्ग द्वारा वेनेज़ुएला की खाड़ी से जुड़ी है।
  • आकार: परंपरागत भौगोलिक वर्गीकरण में क्षेत्रफल की दृष्टि से इसे दक्षिण अमेरिका की सबसे बड़ी झील माना जाता है; समुद्र से जुड़े होने के कारण इसे खारे जल की लैगून/खाड़ी भी कहा जाता है। टिटिकाका महाद्वीप की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील और विश्व की सर्वोच्च नौगम्य झील है।
  • पेट्रोलियम: माराकाइबो बेसिन दक्षिण अमेरिका के सबसे पुराने और महत्त्वपूर्ण पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्रों में से एक है तथा वेनेज़ुएला की अर्थव्यवस्था में इसकी ऐतिहासिक भूमिका रही है।

08 महासागरीय जलधाराएँ व स्थानीय पवनें

जलवायु और मरुस्थलों का निर्माण पूरी तरह इन्हीं जलधाराओं पर निर्भर है।

विश्व की महासागरीय जलधाराओं का मानचित्र — दक्षिण अमेरिका की पेरू, फ़ॉकलैंड और ब्राज़ील जलधाराओं सहित
विश्व की महासागरीय जलधाराएँ — दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर पेरू/हम्बोल्ट, पूर्वी तट पर ब्राज़ील और फ़ॉकलैंड जलधारा देखें

क) ठंडी जलधाराएँ

  • पेरू या हम्बोल्ट जलधारा:
    • तट: पश्चिमी तट (प्रशांत महासागर) पर उत्तर की ओर बहती है।
    • प्रभाव: इसी के कारण दुनिया के सबसे सूखे 'अटाकामा मरुस्थल' का निर्माण हुआ है। यह मछलियों (प्लैंकटन) के लिए वरदान है, जिससे पेरू मत्स्य पालन में अग्रणी है।
  • फ़ॉकलैंड की जलधारा:
    • तट: पूर्वी तट (अटलांटिक महासागर) पर अर्जेंटीना के बगल से बहती है (अंटार्कटिका से आती है)।
    • प्रभाव: इसके कारण (और वृष्टि छाया प्रभाव से) अर्जेंटीना में 'पेटागोनिया के शीत मरुस्थल' का निर्माण हुआ है।

ख) गर्म जलधाराएँ

  • ब्राज़ील की जलधारा:
    • तट: ब्राज़ील के पूर्वी तट (अटलांटिक महासागर) पर बहती है (भूमध्य रेखा से नीचे की ओर आती है)।
    • मत्स्य पालन का केंद्र: जहाँ अर्जेंटीना के तट के पास गर्म ब्राज़ील जलधारा और ठंडी फ़ॉकलैंड जलधारा आपस में मिलती हैं, वहाँ घना कोहरा छा जाता है — यह जगह मछलियों के भोजन के पनपने के लिए दुनिया की सबसे बेहतरीन जगह बन जाती है, जिससे यह तट एक बड़ा मत्स्य ग्रहण क्षेत्र है।
अल-नीनो व ला-नीना — अति महत्वपूर्ण
  • अल-नीनो: यह कोई स्थायी जलधारा नहीं है। हर 3 से 7 साल में पेरू तट की ठंडी जलधारा अस्थायी रूप से गर्म हो जाती है, जिसे अल-नीनो कहते हैं। इससे पेरू/चिली के सूखे मरुस्थलों में बाढ़ आ जाती है, लेकिन इसका भारत के मानसून पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और भारत/ऑस्ट्रेलिया में सूखा पड़ता है।
  • ला-नीना: यह अल-नीनो की उल्टी स्थिति है — इसमें पेरू तट का पानी सामान्य से अधिक ठंडा हो जाता है। यह भारतीय मानसून के लिए वरदान साबित होता है और भारत में अच्छी बारिश होती है।

ग) स्थानीय पवनें

आयोग अक्सर हवाओं का नाम देकर उनकी प्रकृति (गर्म/ठंडी) और देश का मिलान करवाता है:

पवनप्रकृतिस्थान
पैम्पेरोअत्यधिक ठंडी और शुष्क, अंटार्कटिका से आती हैअर्जेंटीना व उरुग्वे के पम्पास घास के मैदान
ज़ोंडागर्म और शुष्क — उत्तरी अमेरिका की 'चिनूक' व यूरोप की 'फॉन' के समान, बर्फ पिघलाकर अंगूर के बागानों को फायदा पहुँचाती हैअर्जेंटीना (एंडीज़ की पूर्वी ढलानें)
Williwawठंडी और बेहद तूफानी, समुद्री जहाज़ों के लिए खतरनाकमैगलन जलसंधि व टिएरा डेल फुएगो
सुराज़ो / फ्रियाजेमठंडी ध्रुवीय पवन — अमेज़न के गर्म जंगलों में अचानक कड़ाके की ठंड लाती हैपेरू, बोलीविया व ब्राज़ील (अमेज़न बेसिन तक)

09 दक्षिण अमेरिका के घास के मैदान

एग्जाम में घास के मैदानों को हमेशा दो श्रेणियों में बाँटकर पूछा जाता है: उष्णकटिबंधीय (गर्म) और शीतोष्ण (ठंडे)।

विश्व के घास के मैदानों का मानचित्र — दक्षिण अमेरिका के लानोस, कैम्पोस, सेराडो, ग्रान चाको और पम्पास सहित
विश्व के घास के मैदान — दक्षिण अमेरिका में लानोस, कैम्पोस/सेराडो, ग्रान चाको और पम्पास की स्थिति देखें

क) उष्णकटिबंधीय घास के मैदान

  • लानोस: मुख्य रूप से वेनेज़ुएला और कुछ हिस्सा कोलंबिया में (ओरिनोको नदी बेसिन) — सवाना प्रकार के गर्म घास के मैदान, पेट्रोलियम भंडारों व पशुपालन के लिए प्रसिद्ध।
  • कैम्पोस: ब्राज़ील के पठार के दक्षिणी हिस्से में — यहाँ ऊँची घास और छोटे झाड़ीदार पेड़ पाए जाते हैं।
  • सेराडो: ब्राज़ील का विशाल मध्य भाग — यह दुनिया के सबसे अधिक जैव-विविधता वाले सवाना क्षेत्रों में से एक है।
  • ग्रान चाको: उत्तरी अर्जेंटीना, पराग्वे और बोलीविया — गर्म और दलदली वन/घास क्षेत्र, 'शिकारियों की भूमि', यहाँ सबसे कठोर लकड़ी वाला 'क्वेब्रेको' वृक्ष पाया जाता है।
दक्षिण अमेरिका के वनस्पति और घास के मैदानों का मानचित्र — लानोस, सेराडो, चाको, कैम्पोस, पम्पास और पैटागोनिया सहित
दक्षिण अमेरिका के घास के मैदान — लानोस, सेराडो, चाको, कैम्पोस और पम्पास की स्थिति

ख) शीतोष्ण घास के मैदान

  • पम्पास: मुख्य रूप से अर्जेंटीना और उरुग्वे — इन्हें अर्जेंटीना का 'हृदय स्थल' कहा जाता है।
पम्पास एग्जाम फैक्ट्स
  • यहाँ 'अल्फा-अल्फा' नामक अत्यधिक पौष्टिक घास पाई जाती है, जिससे यहाँ के मवेशी बहुत तगड़े होते हैं (इसीलिए अर्जेंटीना मांस निर्यात में आगे है)।
  • उपजाऊ लोयस मिट्टी के कारण इसे 'गेहूँ की चंद्राकार पेटी' भी कहते हैं।
  • यहाँ के पशुपालकों/काउबॉय को 'गाउचो' कहा जाता है।
कन्फ्यूजिंग जोड़े
  • लानोस बनाम पम्पास: लानोस गर्म/उष्णकटिबंधीय (वेनेज़ुएला) हैं, जबकि पम्पास ठंडे/शीतोष्ण (अर्जेंटीना) हैं।
  • सेराडो बनाम कैम्पोस: दोनों ब्राज़ील में हैं — सेराडो मध्य भाग का जैव-विविध सवाना है, कैम्पोस पठार के दक्षिणी हिस्से की ऊँची घास है।

10 दक्षिण अमेरिका के प्रमुख खनिज एवं खानें

दक्षिण अमेरिका खनिजों के मामले में बेहद धनी है। आयोग सीधा खान का नाम और देश पूछता है:

खनिज / संसाधनप्रमुख देश/क्षेत्रएग्जाम-ग्रेड विशेष तथ्य
तांबाचिली'चुक्वीकामाता' खान दुनिया की सबसे बड़ी तांबे की खान है — 'विश्व की तांबा राजधानी'।
पेट्रोलियमवेनेज़ुएला, कोलंबिया'माराकाइबो झील' बेसिन में तेल का विशाल भंडार। वेनेज़ुएला के पास विश्व का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है।
मैग्डेलेना नदी घाटी: कोलंबिया का प्रमुख पेट्रोलियम क्षेत्र।
लौह अयस्कब्राज़ीलब्राज़ील के पठार पर 'इटाबिरा' व 'कराजास' की खानें विश्व प्रसिद्ध हैं — कराजास विश्व की सबसे बड़ी लौह अयस्क खदानों में से एक है।
लिथियमअर्जेंटीना, बोलीविया, चिलीदक्षिण अमेरिका का 'लिथियम त्रिकोण' अर्जेंटीना, बोलीविया और चिली के उच्च पठारी/लवणीय क्षेत्रों में फैला है। बोलीविया का 'सालार दे उयुनी' विश्व का सबसे बड़ा नमक का मैदान व महत्वपूर्ण लिथियम भंडार है।
टिनबोलीवियाबोलीविया के पठार पर स्थित 'पोटोसी' खान ऐतिहासिक रूप से टिन व चाँदी के लिए मशहूर।
नाइट्रेटचिलीउत्तरी चिली का अटाकामा मरुस्थल प्राकृतिक नाइट्रेट उत्पादन में विश्व में एकाधिकार रखता है।
बॉक्साइटगुयाना व सूरीनाममहाद्वीप के उत्तरी तट पर स्थित ये दोनों देश बॉक्साइट (एल्युमिनियम का अयस्क) के बड़े उत्पादक हैं।

11 प्रमुख जनजातियाँ और प्रजातियां

दक्षिण अमेरिका में मूल निवासियों और यूरोपीय/अफ्रीकी लोगों के मिलने से नई प्रजातियों का निर्माण हुआ है। पीसीएस में इनकी 'मैचिंग' बहुत पूछी जाती है:

क) मिश्रित प्रजातियां

  • मेस्टिज़ो: यूरोपीय (स्पेनिश/पुर्तगाली) + मूल अमेरिकी के रक्त मिश्रण से बनी प्रजाति (दक्षिण अमेरिका में इनकी जनसंख्या सबसे ज्यादा है)।
  • मुलाटो: यूरोपीय (श्वेत) + अफ्रीकी (अश्वेत) के मिश्रण से बनी प्रजाति।
  • ज़ैम्बो: अफ्रीकी (अश्वेत) + मूल अमेरिकी के मिश्रण से बनी प्रजाति।

ख) प्रमुख मूल जनजातियाँ

  • इंका सभ्यता: यह कोई एक जनजाति नहीं बल्कि कोलंबस के आने से पहले एंडीज़ पर्वतमाला (मुख्यतः पेरू) की एक विशाल और बहुत विकसित सभ्यता थी। पेरू में स्थित माचू पिचू इनका ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध नगर है।
  • केचुआ और आयमारा: ये एंडीज़ पर्वतमाला (पेरू, बोलीविया, इक्वाडोर) में रहने वाली सबसे बड़ी जीवित मूल जनजातियाँ हैं — इंका लोगों के ही वंशज मानी जाती हैं।
  • यानोमामी: अमेज़न वर्षावनों (मुख्यतः ब्राज़ील और वेनेज़ुएला की सीमा पर) में रहने वाली एक बहुत ही एकांतवासी और खूंखार जनजाति।
  • मापुचे: मध्य और दक्षिणी चिली तथा अर्जेंटीना में रहने वाली प्रमुख जनजाति — इन्होंने स्पेनिश आक्रमणकारियों का बहुत कड़ा विरोध किया था।

12 दक्षिण अमेरिका की झलक — Quick Revision

सबसे हाई-यील्ड सुपरलेटिव तथ्यों की एक-नज़र तालिका — रिवीज़न से ठीक पहले इसे देखें:

श्रेणीतथ्य
सबसे बड़ा देशब्राज़ील (~50% क्षेत्रफल)
सबसे छोटा स्वतंत्र देशसूरीनाम
सबसे बड़ा स्थलरुद्ध देशबोलीविया
सबसे ऊँची राजधानीला पाज़ (बोलीविया)
सबसे ऊँची चोटीमाउंट एकांकागुआ — 6,960m (अर्जेंटीना)
सबसे ऊँचा सक्रिय ज्वालामुखीओजोस डेल सलाडो (चिली-अर्जेंटीना सीमा)
सबसे शुष्क मरुस्थलअटाकामा मरुस्थल (चिली-पेरू)
दूसरा सबसे ऊँचा पठारबोलीविया का पठार
सबसे ऊँची नौगम्य झीलटिटिकाका झील (पेरू-बोलीविया)
जल-आयतन में सबसे बड़ी नदीअमेज़न नदी
सबसे ऊँचा जलप्रपातएंजेल जलप्रपात — 979m (वेनेज़ुएला)
सबसे बड़ी तांबे की खानचुक्वीकामाता (चिली)
सबसे बड़ा लिथियम/नमक भंडारसालार दे उयुनी (बोलीविया)
सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडारवेनेज़ुएला
सबसे दक्षिणी शहर (विश्व)उशुआइया (अर्जेंटीना)
सबसे निचला बिंदुलागुना डेल कार्बोन — -105m (अर्जेंटीना)
भूमध्य रेखा व मकर रेखा दोनों से गुजरने वाला एकमात्र देशब्राज़ील
दोनों महासागरों (प्रशांत+कैरेबियन) को छूने वाला देशकोलंबिया