महादेवी वर्मा
जीवन, काव्य, गद्य और प्रमुख पंक्तियाँ — परीक्षा-केंद्रित revision के लिए क्रमबद्ध नोट्स।
जीवन-परिचय
- जन्म
- 26 मार्च 1907, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश।
- मृत्यु
- 11 सितंबर 1987, इलाहाबाद।
- प्रभाव
- बौद्ध धर्म + महात्मा गांधी।
- प्रयाग महिला विद्यापीठ
- प्रधानाचार्य एवं कुलपति।
- संपादन
- ‘चाँद’ पत्रिका।
साहित्यिक पहचान
छायावाद के चार प्रमुख स्तंभ
जयशंकर प्रसाद · सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ · सुमित्रानंदन पंत · महादेवी वर्मा
उपाधियाँ / प्रसिद्ध संबोधन
- आधुनिक मीराप्रसिद्ध संबोधन
- “हिंदी के विशाल मंदिर की सरस्वती”सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
- “छायावाद की सर्वश्रेष्ठ कवयित्री”हजारी प्रसाद द्विवेदी
पुरस्कार एवं सम्मान
पद्म भूषण
साहित्य अकादमी फेलोशिप — प्रथम महिला।
ज्ञानपीठ पुरस्कार — ‘यामा’ के लिए।
पद्म विभूषण — मरणोपरांत।
काव्य-संग्रह
यामा · 1940
चार काव्य-संग्रहों का संयुक्त संकलन:
- नीहार — महादेवी वर्मा का प्रथम काव्य-संग्रह।
- रश्मि
- नीरजा — सेकसरिया पुरस्कार।
- सांध्यगीत
अन्य प्रमुख काव्य-कृतियाँ
दीपशिखा
सप्तपर्णा
अग्निरेखा — मरणोपरांत प्रकाशित।
गद्य रचनाएँ
रेखाचित्र
- अतीत के चलचित्र
समाज के शोषित एवं साधारण पात्रों का चित्रण। प्रमुख पात्र — रामा, बिंदा, सबिया।
- स्मृति की रेखाएँ
‘भक्तिन’ इसी संग्रह की प्रसिद्ध रचना है — NCERT; UKSSSC में 2 बार पूछा गया।
संस्मरण
- पथ के साथी
समकालीन साहित्यकारों के संस्मरण।
- मेरा परिवार
नीलकंठ — मोर (NCERT) · गौरा — गाय · सोना — हिरणी · दुर्मुख — खरगोश · गिल्लू — गिलहरी (NCERT)।
- मेरे बचपन के दिन
सुभद्रा कुमारी चौहान के साथ छात्र-जीवन की स्मृतियाँ।
निबंध एवं आलोचना
श्रृंखला की कड़ियाँ — महिला समस्याएँ एवं नारी-विमर्श; NCERT में उल्लिखित।
क्षणदा
साहित्यकार की आस्था
संकल्पिता
अन्यआपदा · भारतीय संस्कृति के स्वर
प्रमुख पंक्तियाँ
“मैं नीर भरी दुख की बदली”
“तुमको पीड़ा में ढूँढा, तुमको मिलेगी पीड़ा”
“मधुर-मधुर मेरे दीपक जल!”
NCERT
“प्रियतम का पथ आलोकित कर!”
NCERT
“जाग तुझको दूर जाना!”
NCERT
“सब आँखों के आँसू उजले, सबके सपनों में सत्य पला!”
NCERT
“बया हमारी चिड़िया रानी! तिनके लाकर महल बनाती।”
NCERT