आधुनिक भारत · Governor-General Series · 05

सर जॉर्ज बार्लो

वेलेजली के विस्तारवाद के बाद अहस्तक्षेप की वापसी, वेल्लोर विद्रोह और कार्यवाहक प्रशासन के मूल नोट्स।

कार्यकाल1805–1807
स्थितिकार्यवाहक GG
मुख्य नीतिNon-Intervention
वेल्लोर विद्रोह1806
01

परिचय एवं त्वरित सार

Acting Governor-General  |  एकमात्र कार्यवाहक GG

एकमात्र Acting GG जिसे लंदन ने स्थायी GG मानने से इनकार किया। वेल्लोर विद्रोह (1806) — भारत का पहला सिपाही विद्रोह — इनके कार्यकाल की अमिट पहचान है।

1805
नियुक्ति वर्ष
1807
कार्यकाल समाप्त
2 वर्ष
कार्यकाल
1806
वेल्लोर विद्रोह
1-Minute Master Cheat Sheet
बार्लो — एकमात्र Acting GG जिसे Court of Directors ने स्थायी GG का दर्जा देने से इनकार किया। कार्यकाल: 1805–1807। मुख्य पहचान: वेल्लोर विद्रोह 1806 + राजघाट संधि + Non-Intervention
Top 3 Exam Facts: (1) वेल्लोर विद्रोह = 1857 से पहले का पहला संगठित सिपाही विद्रोह (2) बार्लो = एकमात्र Acting GG जिसे स्थायी दर्जा नहीं मिला (3) कॉर्नवालिस कोड का असली मसौदाकार = जॉर्ज बार्लो
पुनरावर्तन
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पृष्ठभूमि — बार्लो कौन थे?

Global Context (1805): नेपोलियन पूरे यूरोप पर हावी था। वेलेज़ली की आक्रामक नीतियों से कंपनी का खजाना खाली था। लंदन का आदेश — खर्च कम करो।
करियर की यात्रा
1762जन्म — इंग्लैंड
  • सर जॉर्ज हिलारो बार्लो का जन्म 1762 में हुआ।
  • 1778 में कंपनी के Writer के रूप में भारत आए — Civil Service से शुरुआत।
1793कॉर्नवालिस कोड का असली मसौदाकार
  • प्रसिद्ध कॉर्नवालिस कोड (1793) का विस्तृत मसौदा बार्लो ने तैयार किया।
  • न्यायिक, प्रशासनिक और पुलिस सुधारों का यह लिखित संग्रह था।
Exam Trap: कॉर्नवालिस कोड का श्रेय कॉर्नवालिस को, पर असली Draftsman = जॉर्ज बार्लो। State PCS में बार-बार पूछा जाता है।
अक्टूबर 1805Acting GG — कॉर्नवालिस की मृत्यु के बाद
  • कॉर्नवालिस की 5 अक्टूबर 1805 को गाज़ीपुर में मृत्यु।
  • परिषद के वरिष्ठ सदस्य के रूप में बार्लो स्वतः Acting GG बन गए।
  • Court of Directors ने स्थायी GG का दर्जा देने से मना किया → लॉर्ड मिंटो प्रथम नियुक्त।
परीक्षा ट्रैप

बार्लो इकलौते Acting GG थे जिन्हें लंदन ने कभी स्थायी GG नहीं माना

पुनरावर्तन
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विदेश नीति — Non-Intervention U-Turn

वेलेज़ली ने जो विस्तार किया था, बार्लो ने उसे पलटा। लंदन का आदेश था — युद्धों का खर्च कम करो। बार्लो ने इसे शाब्दिक रूप से लागू किया।
राजघाट की संधि (Treaty of Rajghat — 1805)
1805होल्कर से शांति — जसवंत राव होल्कर
  • जनरल लेक भरतपुर किला नहीं जीत पाया — ब्रिटिश प्रतिष्ठा को झटका।
  • बार्लो ने होल्कर के साथ राजघाट संधि (1805) से युद्ध खत्म किया।
  • शर्त: चंबल नदी के उत्तर का क्षेत्र अंग्रेजों को; होल्कर को बाकी वापस।
1806Subsidiary Alliances का परित्याग
  • नई Subsidiary Alliances करने से परहेज
  • फारस और अफगानिस्तान से वेलेज़ली-काल की संधियाँ रद्द कीं।
Exam Trap — बार्लो बनाम वेलेज़ली

वेलेज़ली = Subsidiary Alliance का प्रचार; बार्लो = Subsidiary Alliance का परित्याग। यह U-Turn बार-बार पूछा जाता है।

नीति का समग्र मूल्यांकन
फायदे
  • कंपनी के खजाने में राहत
  • नए युद्धों से बचाव
  • होल्कर से शांति
नुकसान
  • भारतीय राजाओं ने कमज़ोरी समझा
  • फ्रांसीसी खतरा बना रहा
  • मिंटो को बाद में सुधारना पड़ा
पुनरावर्तन
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वेल्लोर विद्रोह — 10 जुलाई 1806

1857 से 51 साल पहले — यही वेल्लोर विद्रोह की अहमियत है। सीधे धार्मिक भावनाओं पर आघात का नतीजा।
विद्रोह के कारण — धर्म पर चोट
कारण 1नई सैन्य टोपी (Round Hat) का विवाद
  • मद्रास सेना के कमांडर सर जॉन क्रैडॉक ने नई गोल टोपी (Round Hat) पहनने का आदेश दिया।
  • हिंदू सिपाहियों को लगा: ईसाई धर्म की पहचान है।
  • मुस्लिम सिपाहियों को भी आपत्ति: पगड़ी (Turban) की परंपरा के विरुद्ध।
कारण 2तिलक और दाढ़ी पर प्रतिबंध
  • हिंदू सिपाहियों के माथे पर तिलक (Caste Marks) पर रोक।
  • मुस्लिम सिपाहियों की दाढ़ी और मूंछ पर नए नियम।
  • दोनों समुदायों में धर्म परिवर्तन का भय
कारण 3टीपू सुल्तान के पुत्रों की उपस्थिति
  • टीपू के बेटों को वेल्लोर किले में नज़रबंद रखा गया था।
  • उन्होंने असंतुष्ट सिपाहियों को भड़काया और संगठित किया।
  • विद्रोह में किले पर टीपू का झंडा फहराया गया।
Key Connection: टीपू के बेटों की उपस्थिति ने इसे राजनीतिक रंग भी दिया — 1857 का पूर्वाभास।
विद्रोह — 10 जुलाई 1806
भोर 2 बजेअचानक विद्रोह
  • वेल्लोर किले में 1500 भारतीय सिपाहियों ने विद्रोह किया।
  • 200 से अधिक ब्रिटिश सैनिक मारे गए — अनेक सोते हुए।
दमनकर्नल गिलेस्पी का आगमन
  • कर्नल रॉबर्ट रोलो गिलेस्पी ने अर्काट से घुड़सवार सेना लेकर कुछ घंटों में विद्रोह दबाया।
  • 800 से अधिक विद्रोही सिपाही मारे गए।
1806 बनाम 1857 — तुलना
पहलूवेल्लोर 18061857 महाविद्रोह
स्थानवेल्लोर किला, तमिलनाडुमेरठ से शुरू — All India
कारणटोपी, तिलक-दाढ़ी + टीपू के बेटेचर्बी वाले कारतूस + अन्य
विस्तारLocalNational Level
दमनकर्ताकर्नल गिलेस्पीजनरल नील, हैवलॉक
समयकुछ घंटे14 महीने (1857-58)
ऐतिहासिक महत्व

यह साबित हुआ कि सिपाहियों की धार्मिक भावनाओं से छेड़छाड़ खतरनाक है। इसी सबक को 1857 में अंग्रेजों ने नज़रअंदाज़ किया।

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घरेलू नीति — Caretaker Administration

बार्लो का केवल 2 वर्ष (1805-1807) का caretaker कार्यकाल था। घरेलू सुधार सीमित हैं, पर परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण।
वित्तीय संयम — Retrenchment Policy
  • वेलेज़ली के काल में युद्ध व्यय अत्यधिक बढ़ गया था।
  • नए युद्धों पर पूर्णतः रोक लगाई।
  • Subsidiary Alliances के तहत खर्च कम करने के प्रयास।
बार्लो का कुल मूल्यांकन
क्या सही किया
  • कंपनी खर्च में कमी
  • युद्धों से विराम
  • विद्रोह दबाकर स्थिरता
  • कॉर्नवालिस कोड का योगदान
क्या गलत हुआ
  • गैर-हस्तक्षेप = कमज़ोरी का संदेश
  • वेल्लोर की पूर्व चेतावनियाँ नज़रअंदाज
  • भारतीय राजाओं का भरोसा घटा
State PCS Angle: बार्लो एक transition figure थे — वेलेज़ली की आक्रामकता और मिंटो की सतर्क कूटनीति के बीच की कड़ी। सबसे बड़ी विरासत: वेल्लोर विद्रोह (1806) — 1857 का पूर्वाभास।
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अंतिम सार-सारणी

क्षेत्रमुख्य घटना/नीतिवर्षपरीक्षा ट्रैप
पहचानActing GG — कॉर्नवालिस की मृत्यु के बाद स्वतः नियुक्तअक्टूबर 1805स्थायी GG नहीं — लंदन ने मिंटो को भेजा
पूर्व योगदानकॉर्नवालिस कोड (1793) का मसौदा तैयार किया1793मसौदाकार = बार्लो; श्रेय = कॉर्नवालिस को
विदेश नीतिराजघाट संधि — होल्कर से शांति; Subsidiary Alliance रद्द1805वेलेज़ली की नीति का U-Turn
वेल्लोर विद्रोहभारत का पहला सिपाही विद्रोह — 1857 से 51 साल पहले10 जुलाई 1806दबाया: कर्नल गिलेस्पी; कुछ घंटों में
परिणामधार्मिक आदेश वापस; मद्रास गवर्नर बनाया1807GG से हटाए नहीं; मद्रास भेजे गए
पुनरावर्तन
अगला अध्यायलॉर्ड मिंटो प्रथमकार्यकाल: 1807–1813 · मुख्य अधिनियम: Charter Act 1813