भारत में यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों के आगमन से लेकर ब्रिटिश सत्ता के विस्तार, भारतीय राज्यों के प्रतिरोध और 1857 की क्रांति तक सभी उपलब्ध अध्याय एक क्रमबद्ध अध्ययन-पथ में।
कुल उपलब्ध सामग्री: 26 अध्याय। पहले घटनाक्रम समझें, फिर गवर्नर-जनरल और युद्धों की तुलना करें तथा अंत में 1857 के कारण, प्रसार, दमन और परिणाम पढ़ें।