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आधुनिक भारतीय इतिहास के अध्यायवार हिंदी नोट्स

भारत में यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों के आगमन से लेकर ब्रिटिश सत्ता के विस्तार, भारतीय राज्यों के प्रतिरोध और 1857 की क्रांति तक सभी उपलब्ध अध्याय एक क्रमबद्ध अध्ययन-पथ में।

कुल उपलब्ध सामग्री: 26 अध्याय। पहले घटनाक्रम समझें, फिर गवर्नर-जनरल और युद्धों की तुलना करें तथा अंत में 1857 के कारण, प्रसार, दमन और परिणाम पढ़ें।

⚓ भारत में यूरोपीय शक्तियां

📜 बंगाल में ब्रिटिश सत्ता का उदय

🏛️ गवर्नर-जनरल: कालक्रमानुसार अध्ययन

वारेन हेस्टिंग्स (1772–1785)प्रशासनिक सुधार, युद्ध और मुकदमा लॉर्ड कॉर्नवालिस (1786–1793)स्थायी बंदोबस्त, सेवाएं और न्याय सुधार सर जॉन शोर (1793–1798)अहस्तक्षेप नीति और उत्तराधिकार विवाद लॉर्ड वेलेजली (1798–1805)सहायक संधि और साम्राज्य विस्तार सर जॉर्ज बार्लो (1805–1807)अहस्तक्षेप और वेल्लोर विद्रोह लॉर्ड मिंटो प्रथम (1807–1813)अमृतसर संधि और विदेश नीति लॉर्ड हेस्टिंग्स (1813–1823)मराठा शक्ति का अंत और प्रेस नीति जॉन एडम एवं लॉर्ड एमहर्स्ट (1823–1828)प्रेस अध्यादेश और प्रथम बर्मा युद्ध लॉर्ड विलियम बेंटिक (1828–1835)सामाजिक, शैक्षिक और प्रशासनिक सुधार लॉर्ड ऑकलैंड (1836–1842)प्रथम अफगान युद्ध और शिक्षा नीति लॉर्ड एलनबरो (1842–1844)सिंध विलय और ग्वालियर अभियान लॉर्ड हार्डिंग प्रथम (1844–1848)प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध और संधियां लॉर्ड डलहौजी (1848–1856)विलय नीति, रेल, डाक और सार्वजनिक निर्माण

⚔️ भारतीय राज्य और ब्रिटिश विस्तार

🔥 1857 की क्रांति

सुझाया गया अध्ययन क्रम

  1. यूरोपीय कंपनियों और बंगाल में कंपनी सत्ता की स्थापना समझें।
  2. गवर्नर-जनरलों को कालक्रम और उनकी प्रमुख नीतियों के साथ पढ़ें।
  3. मराठा, मैसूर और सिख युद्धों की संधियों व परिणामों की तुलना करें।
  4. अंत में 1857 के कारण, प्रसार, दमन, विफलता और परिणाम जोड़कर दोहराएं।

संकलन एवं संपादन: Deepak Singh Jethi · अंतिम अद्यतन: 16 जुलाई 2026