अलंकार
अतिशयोक्ति अलंकार

अर्थालंकार

अतिशयोक्ति अलंकार

अतिशयोक्ति अलंकार की परिभाषा, पहचान और उदाहरण

अतिशयोक्ति अलंकार

अतिशयोक्ति अलंकार की परिभाषा, पहचान और उदाहरण

'अतिशय' (बहुत अधिक) + 'उक्ति' (कथन) → जहाँ किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थिति का वर्णन इतना बढ़ा-चढ़ाकर किया जाए कि वह लोक-मर्यादा या वास्तविकता (Reality) की सीमा को पार कर जाए — वहाँ अतिशयोक्ति अलंकार होता है।

💡 पहचान ट्रिक

कोई निश्चित वाचक शब्द नहीं होता। पंक्ति पढ़ने पर यदि लगे कि बात 'लॉजिक या विज्ञान' के एकदम विपरीत है या सरासर असंभव है — तो अतिशयोक्ति

⚡ उत्प्रेक्षा से अंतर: उत्प्रेक्षा में 'मनो/जनु' वाचक होते हैं और संभावना होती है। अतिशयोक्ति में ऐसा कोई वाचक नहीं — बात सीधे असंभव होती है।

1
UKPSC/UPTET
हनुमान की पूँछ में, लगन न पाई आग।
लंका सगरी जल गई, गए निसाचर भाग॥

पूँछ में आग लगने से पहले ही पूरी लंका जल गई और राक्षस भाग गए। असंभव बात: आग लगने से पहले ही जलना।

2
MPPSC/Sub-Inspector
आगे नदियाँ पड़ी अपार, घोड़ा कैसे उतरे पार।
राणा ने सोचा इस पार, तब तक चेतक था उस पार॥

प्रताप अभी सोच ही रहे थे कि नदी कैसे पार करें — तब तक चेतक उस पार पहुँच गया। असंभव बात: सोचने से भी तेज़ घोड़े का दौड़ना।

3
UPSSSC/UPTET
देखि सुदामा की दीन दसा, करुना करिके करुनानिधि रोये।
पानी परात को हाथ छुयो नहिं, नैनन के जल सों पग धोये॥

कृष्ण इतने रोए कि परात का पानी छुआ ही नहीं — आँसुओं से ही सुदामा के पैर धो दिए। असंभव बात: केवल आँसुओं से पैर धुलना।

4
Screenshot PYQ
इतना रोया था मैं उस दिन,
ताल-तलैया सब भर डाले।

इतना ज़्यादा रोया कि आस-पास के सारे तालाब आँसुओं से भर गए। असंभव बात: रोने से तालाब भरना।

5
UP RO-ARO
देख लो साकेत नगरी है यही।
स्वर्ग से मिलने गगन में जा रही॥

साकेत (अयोध्या) की इमारतें इतनी ऊँची हैं कि आसमान में जाकर स्वर्ग से मिल रही हैं। असंभव बात: इमारतों का स्वर्ग तक पहुँचना।

6
UK TGT-PGT
वह शर इधर गाण्डीव गुण से भिन्न जैसे ही हुआ।
धड़ से जयद्रथ का उधर सिर छिन्न वैसे ही हुआ॥

तीर छूटते ही — उसी क्षण जयद्रथ का सिर धड़ से अलग हो गया। असंभव बात: तीर छूटने और लगने के बीच का समय शून्य।

7
State PCS
लहरें व्योम चूमती उठतीं।

समुद्र की लहरें इतनी ऊँची उठ रही हैं कि आसमान को चूम रही हैं। असंभव बात: लहरों का आकाश छूना।

8
BPSC
भूप सहस दस एकहिं बारा।
लगे उठावन टरहिं न टारा॥

दस हज़ार राजाओं ने एक साथ शिव-धनुष उठाना चाहा — फिर भी वह हिला नहीं। असंभव बात: एक धनुष पकड़ने के लिए 10,000 लोगों का एक साथ खड़ा होना।

9
UKSSSC
बाण नहीं पहुँचे शरीर तक,
शत्रु गिरे पहले ही भू पर।

तीर दुश्मन के शरीर तक पहुँचे भी नहीं — दुश्मन पहले ही डर कर गिर गए। असंभव बात: बाण लगने से पहले शत्रु का गिरना।

10
UKPSC Practice
कढ़त साथ ही म्यान तें, असि रिपु तन तें प्रान।

म्यान से तलवार बाहर निकलते ही — दुश्मन के प्राण निकल गए। असंभव बात: वार से पहले ही प्राण निकलना।

11
TGT Hindi
इत आवत चलि जात उत, चली छसातक हाथ।
चढ़ी हिंडोरे सी रहै, लगी उसासन साथ॥

विरह में कमजोर नायिका — साँस लेती है तो 6-7 हाथ आगे, साँस छोड़ती है तो 6-7 हाथ पीछे जाती है। असंभव बात: साँस से पेंडुलम की तरह झूलना।

12
UP TGT
पत्रा ही तिथि पाइये, वा घर के चहुँ पास।
नित प्रति पून्यौ ही रहै, आनन ओप उजास॥

नायिका के चेहरे की चमक से घर के आस-पास हमेशा पूर्णिमा जैसी रोशनी — असली तिथि पंचांग से जाननी पड़ती है। असंभव बात: चेहरे की चमक से हर रात पूर्णिमा होना।