अलंकार
यमक अलंकार

शब्दालंकार

यमक अलंकार

यमक अलंकार की परिभाषा, पहचान और परीक्षा-उपयोगी उदाहरण

यमक अलंकार

यमक अलंकार की परिभाषा, पहचान और परीक्षा-उपयोगी उदाहरण

जहाँ काव्य में एक ही शब्द की दो या दो से अधिक बार आवृत्ति हो, परंतु प्रत्येक बार उसका अर्थ सर्वथा भिन्न हो, वहाँ यमक अलंकार होता है।

📌 सूत्र: एक शब्द + दो बार + भिन्न अर्थ | वाचक: शब्द की पुनरावृत्ति
यमक में शब्द एक ही रहता है — अर्थ बदलता हैश्लेष में शब्द एक बार आता है — अर्थ एक साथ कई होते हैं
1
उदाहरण ⭐ UKPSC Favourite
कनक कनक तें सौ गुनी, मादकता अधिकाय।
वा खाए बौराय जग, या पाए बौराय।
शब्द प्रथम अर्थ द्वितीय अर्थ
कनक स्वर्ण / Gold — जिसे पाने से मद चढ़ता है धतूरा / Datura — जिसे खाने से मद चढ़ता है
2
उदाहरण RO/ARO
काली घटा का घमंड घटा।
शब्दप्रथम अर्थद्वितीय अर्थ
घटा वर्षा ऋतु के काले बादल कम होना / क्षीण होना
3
उदाहरण
तीन बेर खाती थी वे तीन बेर खाती हैं।
शब्दप्रथम अर्थद्वितीय अर्थ
बेरबार / आवृत्ति — तीन बारएक प्रकार का फल (Berries)
4
उदाहरण UKSSSC VDO
जेते तुम तारे, तते नभ में न तारे हैं।
शब्दप्रथम अर्थद्वितीय अर्थ
तारेउद्धार करना / भवसागर से पार लगानाआकाश के नक्षत्र (Stars)
5
उदाहरण UPTET
माला फेरत जुग भया, फिरा न मन का फेर।
कर का मनका डारि दे, मन का मनका फेर॥
शब्दप्रथम अर्थद्वितीय अर्थ
मनकामाला का दाना (Bead)हृदय का / मन के विचारों का
6
उदाहरण
कहे कवि बेनी, बेनी ब्याल की चुराई लीनी।
शब्दप्रथम अर्थद्वितीय अर्थ
बेनीरीतिकालीन कवि 'बेनीप्रसाद'बालों की चोटी (Braid)
7
उदाहरण UPPCS
तो पर वारौं उरबसी, सुनु राधिके सुजान।
तू मोहन के उरबसी, ह्वै उरबसी समान॥
शब्दअर्थ
उरबसी (तीन अर्थ)प्रथम: स्वर्ग की अप्सरा 'उर्वशी'
द्वितीय: उर (हृदय) + बसी (निवास करना)
तृतीय: गले में पहना जाने वाला एक विशिष्ट आभूषण
8
उदाहरण
सूर सूर तुलसी ससी, उडुगन केशवदास।
शब्दप्रथम अर्थद्वितीय अर्थ
सूरकवि 'सूरदास' जीसूर्य (Sun)
9
उदाहरण
सारंग ले सारंग चली, कर सारंग की ओट।
सारंग झीनो पाइके, सारंग कर गई चोट॥
शब्दअर्थ
सारंग (5 प्रयोग)1. दीपक
2. सुंदरी / स्त्री
3. आँचल / पल्लू
4. हवा
5. दीपक

अर्थ: एक सुंदरी एक जलते हुए दीपक को अपने आँचल की ओट (सहारा) में लेकर जा रही थी। लेकिन आँचल का कपड़ा झीना (पतला) पाकर हवा ने उस पर चोट की और दीपक को बुझा दिया।