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रूपक अलंकार
रूपक अलंकार की परिभाषा, पहचान और उपमा से अंतर
जहाँ उपमेय (प्रस्तुत) और उपमान (अप्रस्तुत) के बीच के सारे अंतर को समाप्त करके उन्हें एक ही मान लिया जाए, वहाँ रूपक अलंकार होता है। इसमें उपमेय पर उपमान का 'अभेद आरोप' किया जाता है — अर्थात एक वस्तु को दूसरी वस्तु का रूप ही दे दिया जाता है।
💡 एग्जाम मास्टर ट्रिक — रूपक पहचान
① उपमेय-उपमान के बीच योजक चिह्न (-) होता है — जैसे: चरण-कमल, भव-निसा, ज्ञान-आँधी
② वाचक शब्द (सा, सी, सम, सरिस, जैसे) बिल्कुल नहीं होते।
③ अर्थ करने पर बीच में 'रूपी' शब्द निकलता है — जैसे: चरण रूपी कमल।
उपमा vs रूपक — मुख्य अंतर
| बिंदु | उपमा | रूपक |
|---|---|---|
| वाचक शब्द | सा, सी, से, सम, सरिस होते हैं | बिल्कुल नहीं होते |
| अंतर | उपमेय-उपमान अलग रहते हैं | दोनों को एक मान लिया जाता है |
| पहचान शब्द | जैसे, सम, सरिस | रूपी (अर्थ में छिपा होता है) |
| उदाहरण | मुख चंद्रमा 'सा' सुंदर | शशि-मुख (मुख = ही चंद्रमा) |
1
UKSSSC/UPTET"चरन कमल बंदौ हरिराई।"
| उपमेय | उपमान | भावार्थ (रूपी) |
|---|---|---|
| चरन (चरण) | कमल | श्री हरि के 'कमल रूपी चरणों' की वंदना करता हूँ। |
2
UKPSC RO-ARO"मैया मैं तो चंद्र खिलौना लैहौं।"
| उपमेय | उपमान | भावार्थ (रूपी) |
|---|---|---|
| चंद्रमा | खिलौना | बाल-कृष्ण कहते हैं — हे माता! मैं 'चंद्रमा रूपी खिलौना' ही लूँगा। |
3
UPSSSC VDO"अंबर पनघट में डुबो रही, तारा घट ऊषा नागरी।"
| उपमेय | उपमान | भावार्थ (रूपी) |
|---|---|---|
| अंबर, तारा, ऊषा | पनघट, घट, नागरी | ऊषा रूपी स्त्री, आकाश रूपी पनघट में, तारा रूपी घड़ों को डुबो रही है (तारे छिप रहे हैं)। |
4
Sub-Inspector/UKSSSC"पायो जी मैंने राम रतन धन पायो।"
| उपमेय | उपमान | भावार्थ (रूपी) |
|---|---|---|
| राम नाम | रतन धन | मीराबाई — मैंने 'राम के नाम रूपी' अनमोल रत्न-धन प्राप्त कर लिया। |
5
UK TGT-PGT"उदित उदयगिरि मंच पर, रघुबर बाल पतंग।"
| उपमेय | उपमान | भावार्थ (रूपी) |
|---|---|---|
| उदयगिरि (पर्वत), रघुबर (राम) | मंच, बाल पतंग (सूर्य) | उदयाचल रूपी मंच पर राम रूपी बाल-सूर्य उदित हुए। |
6
UP Police"शशि-मुख पर घूँघट डाले।"
| उपमेय | उपमान | भावार्थ (रूपी) |
|---|---|---|
| मुख (चेहरा) | शशि (चंद्रमा) | उस नायिका ने 'चंद्रमा रूपी मुख' पर घूँघट डाला हुआ है। |
7
TGT Hindi"विषय वारि मन मीन भिन्न नहिं होत कबहुँ पल एक।"
| उपमेय | उपमान | भावार्थ (रूपी) |
|---|---|---|
| विषय, मन | वारि (जल), मीन (मछली) | 'मन रूपी मछली' विषय-वासना रूपी 'जल' से एक पल भी अलग नहीं होती। |
8
UKPSC"मन सागर मनसा लहरि, बूड़े बहे अनेक।"
| उपमेय | उपमान | भावार्थ (रूपी) |
|---|---|---|
| मन, मनसा (इच्छा) | सागर, लहरि | 'मन रूपी सागर' और इच्छाएँ उसकी 'लहरें' — इसमें अनेक लोग डूब गए। |
9
UP RO-ARO"राम कृपा भव-निसा सिरानी।"
| उपमेय | उपमान | भावार्थ (रूपी) |
|---|---|---|
| भव (संसार की मोह-माया) | निसा (रात) | राम की कृपा से 'भव (संसार) रूपी निसा (रात)' समाप्त हो गई — अज्ञान का अंधकार मिटा। |
10
UPTET"संतौ भाई आई ग्यान की आँधी रे।"
| उपमेय | उपमान | भावार्थ (रूपी) |
|---|---|---|
| ग्यान (ज्ञान) | आँधी | कबीर — मेरे जीवन में 'ज्ञान रूपी आँधी' आ गई, जिसने सारे भ्रम उड़ा दिए। |
11
BPSC"मुख-कमल समीप सजे थे, दो किसलय दल पुरैन के।"
| उपमेय | उपमान | भावार्थ (रूपी) |
|---|---|---|
| मुख (चेहरा) | कमल | 'कमल रूपी मुख' के पास कान ऐसे सजे थे जैसे कमल के पत्ते। |
12
VDO"भज मन चरन कँवल अविनासी।"
| उपमेय | उपमान | भावार्थ (रूपी) |
|---|---|---|
| चरन (चरण) | कँवल (कमल) | मीराबाई — हे मन! अविनाशी के 'कमल रूपी चरणों' का भजन कर। |
13
General Hindi PYQ"प्रेम-सलिल से द्वेष-अनल बुझ जाता है।"
| उपमेय | उपमान | भावार्थ (रूपी) |
|---|---|---|
| प्रेम, द्वेष | सलिल (जल), अनल (आग) | 'प्रेम रूपी जल' से 'द्वेष रूपी आग' बुझ जाती है। |
14
Essay/Literature"दुख हैं जीवन-तरु के फूल।"
| उपमेय | उपमान | भावार्थ (रूपी) |
|---|---|---|
| जीवन | तरु (वृक्ष) | दुख इस 'जीवन रूपी वृक्ष' पर खिलने वाले फूल हैं — दुख आना स्वाभाविक है। |
⭐ परीक्षा में सर्वाधिक पूछे
चरन-कमल · भव-निसा · ग्यान की आँधी · मन-सागर · राम रतन धन